दिल्ली की भाभी ने बाउंसर से चुत चुदवा ली

(Indian House wife Sex Kahani)

बाउंसर अमित 2021-04-06 Comments

इंडियन हाउस वाइफ सेक्स कहानी में पढ़ें कि एक लेडी को नाइट क्लब में बाउंसर पसंद आ गया. उसने उससे बात करके कैसे अपनी चूत की आग ठंडी की?

सभी बिंदास आशिक और लंड की दीवानियों को मेरा प्यार भरा सलाम.
मैं एक नाइट क्लब में बाउंसर हूं. मेरी 6 फुट की हाइट और 9 इंच का हथियार है. इसलिए मुझे लड़कियों की कमी कभी नहीं रही.

दिल्ली और मुंबई में मेरे नाइट क्लब का काम है, तो मेरा दोनों जगह आना-जाना लगा रहता है. बहुत सारी औरतें इधर नाईट क्लब में अपनी लाइफ इंजॉय करती हैं.
मेरे साथ भी काफी सारी लड़कियों और भाभियों ने चुदाई का मजा लिया है. उनमें से कुछ मेरे लंड से चुद कर प्रेगनेंट भी हुई हैं.

इस इंडियन हाउस वाइफ सेक्स कहानी में पढ़ें कि मुझे नाइट क्लब में एक साथ में शादीशुदा औरत कैसे मिली और कैसे मैंने उसे दबा कर चोदा.
इसका मजा लेने के लिए आप अपनी चुत में लंड के जगह कुछ डाल लीजिए और लंड वाले लंड हिलाते हुए मजा लीजिएगा.

यह बात तीन साल पहले दिल्ली की है. उस समय मैं उधर के नाइट क्लब में बाउंसर था.

एक दिन वहां एक फिल्म का प्रमोशन होना था.

एक शादीशुदा औरत ने मुझे प्रमोशन खत्म होने के बाद पूछा कि आप किसके साथ आए हैं?
मैंने कहा- नहीं, मैं इधर लोकल का ही हूं और इस क्लब का एक बाउंसर हूँ.

वो बोली- हम्म … आपने बॉडी तो बड़ी अच्छी बनाई है. क्या नाम है आपका?
मैंने कहा- जी अमित … आप जैसी खूबसूरत औरत तारीफ करेगी, तो दिल खुश हो जाता है. वैसे क्या मैं आपका नाम भी जान सकता हूँ?

‘जी मेरा नाम अस्मिता है.’
मैं बोला- सुंदर नाम है.

वो बोली- हमारी जैसी औरतों को आप जैसे मजबूत लोगों का प्यार कहां मिलता है, हम तो बस तारीफ़ करके ही संतुष्ट हो जाते हैं.
मैंने कहा- आप ट्राई तो करो, प्यार भी भरपूर मिलेगा … मेरा तो काम ही यही है.

वो खुश होते हुए बोली- कहां रहते हो?
मैंने कहा- पास में ही मेरा फ्लैट है. मैंने अकेला ही रहता हूँ.

वो बोली- अकेले क्यों रहते हो?
मैंने कहा- अकेला रहने का अवसर नहीं मिलता है. ये फ्लैट तो मैंने आप जैसी खूबसूरत और जरूरतमंद औरतों को रात भर प्यार करने के लिया है. आपको भी कभी प्यार चाहिए तो आ जाना, आपको भी भरपूर प्यार मिलेगा. मेरे फ्लैट पर सारी रात सिर्फ आप और मैं ही रहेंगे.

वो खुश होकर बोली- मतलब बहुत बड़े खिलाड़ी हो!
मैंने कहा- हमारा काम यही है.
वह बोली- ठीक है अपना नंबर दे दो. जब भी मुझे मौका मिलेगा, मैं बता दूंगी.
मैंने नम्बर दे दिया और वो गांड मटकाते हुए चली गई.

अगले दिन मुझे कॉल आया. मैंने हैलो बोला, तो उधर से एक मीठी सी आवाज आई- पहचाना?
मैंने कहा- हां जी पहचान लिया … आप जैसी खूबसूरत आवाज को कौन नहीं पहचानेगा.

वो बोली- क्या कर रहे हो?
मैंने कहा- आपका इंतजार.

वो बोली- सिर्फ मेरा इंतजार या मेरे जैसे औरों का भी!
मैंने कहा- एक से इंतजार का क्या फायदा … जो भी खूबसूरत माल या प्यासी चीज हमारे पास आएगी, हम तो उसे प्यार करेंगे ही. अब जब कुआं खुद हमारे पास चलकर आएगा, तो हम पानी क्यों ना पिएं.

वो खुल कर बोली- खिलाड़ी तो बहुत बड़े लग रहे हो … अब तक कितनी को चोदा है?
मैंने कहा- हमारा काम यही है. दिल्ली मुंबई में आप जैसी ओपन माइंडेड माल मिल जाएं … तो हम उसको रात भर प्यार करते हैं.

वो हंसने लगी और बोली- चलो काफी दिन बाद कोई तगड़ा मर्द मिला.
मैंने कहा- इसीलिए मैं इस काम में हूं … शादीशुदा औरत को चोदने का जो मजा आता है … और जितनी जल्दी वह राजी हो जाती है, इतनी जल्दी कुंवारी औरत नहीं राजी होती.

वो बोली- हां यह बात तो है … लेकिन हमें भी तो अपने घर का डर होता है कि कहीं किसी को पता ना चल जाए.
मैंने कहा- अनाड़ी से चुदोगी तो टेंशन तो रहेगी ही. इसलिए खिलाड़ी से चुदो … किसी को शक भी नहीं होगा और जवानी के पूरे मजे भी ले लोगी.

वो हंसने लगी और बोली- सच में जितना सोचा था … तुम उससे ज्यादा बड़े खिलाड़ी हो.
मैंने कहा- तुम्हारी जैसी ही एक औरत ने मुझे उम्र से पहले ही खिलाड़ी बना दिया था.

वो बोली- अच्छा … कौन थी!
मैंने कहा- वो मेरी क्लास की टीचर थी. उससे इश्क में पड़ गया और फिर बस हवस इतनी बढ़ गई और इतना तजुर्बा हो गया कि ज्यादातर जिस भी औरत या लड़की पर लाइन मारी है, उसने चुदवाने से मना नहीं किया.

वो बोली- अच्छा … ऐसा क्या सिखाया उसने!
मैंने कहा- वो एक शादीशुदा औरत थी … उसका पति कुवैत में था, तो मुझे ट्यूशन पढ़ाने के बहाने अपने घर बुलाया और अपनी हवस पूरी की. मुझे भी वहां से चुदाई का चस्का चढ़ गया. तभी से मैंने अपनी बॉडी पर भी बहुत मेहनत की और मस्त बॉडी बना ली. अब मुझे औरतों की कोई कमी नहीं है.

अस्मिता बोली- चलो मुझे खुशी है कि कॉलेज के बाद अब मुझे अपनी लाइफ इंजॉय करने का पूरा मौका मिलेगा.
मैंने कहा- वह तो तुम्हारे ऊपर डिपेंड करता है … अगर तुम खुलकर साथ दोगी और एक दूसरे को समझने में थोड़ा टाइम लगाओगी … तो मजा भी खूब आएगा. तुम ये उम्मीद मत करना कि मैं सिर्फ तुम्हें ही टाइम दूंगा क्योंकि मुझे पता है शादीशुदा औरतें मुझे इतना टाइम नहीं दे सकतीं. मैं भी उनकी लाइफ में नहीं घुस सकता … क्योंकि उनकी प्राइवेसी का खतरा रहता है. और वैसे भी आज के जमाने में एक से एक बढ़कर चीज उपलब्ध हैं, तो क्यों ना लाइफ के मजे लिए जाएं.

अस्मिता बोली- चलो जल्दी मुलाकात होगी.

इस तरह हमारी बातों का सिलसिला चलता रहा.

उसने एक दिन बताया- मैं चाहती हूं कि तुम मुझे अच्छे से चोद दो.
मैंने कहा- उसकी टेंशन मत लो यार. मुझे अच्छे से पता है कि शादीशुदा औरत को कैसे प्यार किया जाता है. वो सब तुम मेरे पर छोड़ दो. एक बार मेरे लंड के नीचे तो आओ … फिर तुम्हें बताता हूं कि औरत को कैसे चोदा जाता है.

अस्मिता बोली- वो तो तुम्हें देख कर ही पता चलता है कि तुम कितने बड़े चोदू हो.
मैंने कहा- मेरे लिए तो मकसद है ही बस लाइफ एंजॉय करना है. जवानी के मजे लो और दो.

अस्मिता बोली- यार अमित, मेरे घर पर मेरी सास रहती है. और रात को पति होता है. तो मैं कैसे अपनी प्यास बुझाऊं?
मैंने कहा- देखो अस्मिता, मार्केट जाने के बहाने दिन में दो-तीन घंटे के लिए मेरे पास आ जाओ. इससे किसी को शक भी नहीं होगा.

अस्मिता बोली- वाह यार अमित … तुमने तो मेरी टेंशन एक सेकंड में ही हल कर दी.
मैंने कहा- यह मेरा तजुर्बा है कि शादीशुदा औरत को किस टाइम पर और कहां चोदना है. इसलिए तो मैंने कहा अगर औरत मुझे अपना टाइम देती है, तो मैं उसे चोदने के रास्ते में अपने आप बना लेता हूं.

अस्मिता हंसने लगी और बोली- अमित, अब तो कल ही मैं तुमसे अपनी खुजली खत्म करने आ जाऊंगी.
मैं बोला- हां मुझे पता है शादीशुदा रंडी को कैसे चोदा जाता है, तू एक बार मिल तो सही … कैसे तेरी चूत और गांड का भोसड़ा बनाता हूं.

अस्मिता हंसने लगी और बोली- तुमने मेरे अन्दर की रंडी को जगा दिया.
मैंने कहा- जो औरत अपने पति से संतुष्ट ना हो, तो रंडी ही हो जाती है. मैं अच्छे से जानता हूं कि ऐसी रंडी को कैसे चोदा जाता है.

अस्मिता बोली- चलो कोई बात नहीं, अब तू मुझे अपनी रंडी समझ ले, लेकिन कैसे भी करके मेरी प्यास बुझा दे.
मैंने कहा- जब भी तेरी चुत में खुजली हो … तो याद कर लेना. मेरा काम ही है तेरी जैसी रंडी की चुत की आग शांत करना है.

अस्मिता हंसते हुए बोली- तो तू पूरा रंडीबाज भी है. चुदने के बाद कौन सी औरत की आग कम होती है … उल्टा तूने मुझे मेरे कॉलेज के दिन याद करवा दिए. अब तो कंट्रोल ही नहीं हो रहा. बहुत जी ली शराफत की जिंदगी, अब मैं भी अपनी लाइफ में पूरा इंजॉय करूंगी.
मैंने कहा- किसने रोका है … जब भी खुजली हो, आ जाना.

अस्मिता बोली- अच्छा … तुम मुझे व्हाट्सएप पर अपना लोकेशन भेजो, कल ही मिलती हूं.
मैंने लोकेशन भेज दी.

अस्मिता बोली- अच्छा अब मैं फोन रखती हूँ. मेरी सास शक करेगी कि इतनी देर किससे बात कर रही हूं. कल मिलेंगे.
मैंने कहा- मुझे इंतजार रहेगा तेरी चूत और गांड का.
अस्मिता हंसते हंसते बोली- बाय मेरे लंड.

इस तरह से अब मेरे और अस्मिता के बीच तू तेरा करके बात होने लगी थी.

अगले दिन दोपहर को 1:00 बजे मैं सो रहा था, तभी मेरी डोल बेल बजी. मैंने गेट खोला … तो सामने अस्मिता खड़ी थी.

उसे देख कर मैं मुस्कुरा कर बोला- आखिर तेरी जवानी तुझे मेरे पास ले ही आई.
मैंने उसे अन्दर खींचा और झट से गेट बंद करके उसे अपनी गोद में उठा लिया.

अस्मिता को चूमते हुए मैं उसे बेड पर ले गया. कमरे में जाते ही मैंने अपने कपड़े उतारे और उसकी साड़ी को एक ही झटके में हटा दी. ब्लाउज और पेटीकोट खोल कर उसकी ब्रा और पैंटी उतार दी.
जब तक वह कुछ समझ पाती, मैंने उसके होंठ से होंठ मिला लिए और उसके होंठों की प्यास अपने होंठों से बुझाने लगा.

अब मैंने उसे कसके पकड़ लिया और उसकी चुत में अपनी उंगली डाल दी.
मेरी उंगली उसकी गीली चुत में सट से घुस गई और उसकी एक मीठी आह निकल गई.

मैंने एक उंगली को चार पांच बार अन्दर बाहर किया तो उसकी टांगें खुल गईं. मैंने अब उसकी चुत में दूसरी उंगली भी डाल दी और जोर-जोर से उंगलियों से उसकी चुत चोदने लगा.

अस्मिता मस्त होने लगी और उसके मुँह से सीत्कार फूटने लगी. फिर मैंने एक हाथ से उसके एक बूब को पकड़ा और जोर से दबाने लगा. इतने में ही वो गर्म हो गई और मेरा लंड भी खड़ा हो गया.

मैंने ज्यादा टाइम खराब ना करते हुए उसे सीधा लिटाया और अपना खड़ा लंड उसकी चुत में डाल कर जोरों से उसे चोदने लगा.

मैं पूरी ताकत के साथ उसे चोद रहा था और वो भी मेरे साथ हूँऊन हुऊं करते हुए गांड उठाने लगी.

उसकी कामुक आवाजें एकदम से तेज हो गई और शरीर इठ गया.
लगभग 5 मिनट की चुदाई में ही उसने अपनी चुत का पानी छोड़ दिया और निढाल होकर लेट गई.

मैंने उसकी चुत के गीलापन महसूस करके समझ लिया था कि अभी इसे ऐसे चोदने में मजा नहीं आएगा. मैंने लंड चुत से खींच कर उसे उल्टा लेटने को बोला.

वो औंधी हो गई. मैं उसकी गांड के छेद में एक उंगली डाली और जब तक वो कुछ समझ पाती मैंने बड़ी तेजी से उसकी गांड में उंगली अन्दर तक चलानी शुरू कर दी.
उसकी आह आह मर गई की आवाज निकल रही थी मगर मैं लगा रहा और उसकी गांड खोल दी.

वो समझ गई थी कि अब उसकी गांड का बैंड बजने वाला है. मैंने भी बिना उससे पूछे अपना लंड सीधा उसकी गांड में पेल दिया और फुल स्पीड से उसकी गांड मारने लगा.
वो दर्द से कलप रही थी लेकिन मेरा एक हाथ उसके मुँह पर जमा था जिससे उसकी तेज आवाज में चीख नहीं निकल पा रही थी.

हालांकि वो पहले भी गांड मरा चुकी थी इसलिए उसका दर्द कुछ ही पलों बाद गायब हो गया और वो अपनी गांड में लंड का मजा लेने लगी.

लगभग 15 मिनट के बाद मैंने उससे पूछा- मेरा रस निकलने वाला है … कहां डालूं बेबी?
वो बोली- मेरे मुँह में.

फिर मैंने अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया और वह मजे से पूरा वीर्य गटक गई.

अस्मिता चुदने के बाद बोली- वाह अमित तू तो पूरा रंडीबाज निकला, जितना मैंने सोचा था तू तो उससे ज्यादा मजे देने वाला निकला. लेकिन हरामखोर मेरी गांड थोड़ी आराम से मार लेता.
मैं बोला- क्यों … तुझे गांड मराने में मजा नहीं आया … साली गांड तो फटी हुई थी.

अस्मिता मुस्कुरा कर बोली- हां मेरे राजा … मजा तो बहुत आया, लेकिन अब चलने में दिक्कत होगी.
मैंने कहा- टेंशन मत ले … मेरे पास उसका भी इलाज है. अभी ये बता कि तेरे पास कितना टाइम है?

अस्मिता बोली- अमित ज्यादा से ज्यादा 15 मिनट रुक पाऊंगी.
मैंने कहा- ठीक है, ऐसा कर … गर्म पानी में नहा ले. तब तक मैं तेरे लिए हल्दी वाला दूध लाता हूँ. उससे तेरा दर्द कम हो जाएगा. फिर तुम एक पेनकिलर ले कर चली जाना, तेरे को बिल्कुल भी दर्द नहीं होगा. ये मेरा आजमाया हुआ नुस्खा है, मैंने बहुत सी कुंवारी चूत और गांड मारने के बाद उनको यह सब दिया था, तो उनको बिल्कुल भी दर्द नहीं हुआ.

अस्मिता खुश होकर पूरे भाव से मेरे गले से लग गई और बोली- मेरे राजा तूने तो मुझे अपना दीवाना बना लिया.
वो नंगी ही गांड मटकाते हुए और लंगड़ी चाल से बाथरूम में चली गई.

इतने में मैं गर्म दूध में हल्दी डालकर तैयार कर लाया और साथ में पेन किलर दवाई भी प्लेट में रख दी.
अस्मिता नहा कर बाहर आई और मैंने उसे खुद गर्म दूध पिलाया. फिर अपने हाथों से उसे साड़ी पहनाई और उसे जाने के लिए रेडी कर दिया.

वो मेरे गले लग कर चली गई.

उसी रात को हमारी व्हाट्सएप पर चैट हुई, तो अस्मिता बोली- अब क्या बहाना बनाऊं?
मैंने कहा- इस बार मार्केट जाने का बहाना बनाना … और जो भी सामान लाना हो, मुझे एक दिन पहले व्हाट्सएप कर देना. मैं वो सामान खरीद कर रख लूंगा.

अस्मिता हंस पड़ी और बोली- तू तो पूरा खिलाड़ी है … कितनी औरतों के साथ यह आइडिया इस्तेमाल कर चुका है?
मैंने बोला- मेरे पास आईडिया तो बहुत हैं. जैसे जिसके हालात होते हैं … वैसा सैट कर देता हूँ. कोई टीचर है तो उसे अलग टाइम पर चोदना पड़ता है. किसी को कार में चोदना पड़ता है, किसी को उसके सहेली के घर पर पलना होता है. सब सिचुएशन के हिसाब से मैनेज करना पड़ता है.

अस्मिता ने दो दिन बाद मैसेज किया कि यह सामान लाकर रख लेना. मैं कल 1:00 बजे आ जाऊंगी.
मैंने कहा- ठीक है एक बात और बताओ!

वो बोली- क्या?
मैंने कहा- अपना साइज बताओ, मैं तुम्हारे लिए कुछ स्पेशल गिफ्ट लाकर रख लूंगा. तुझे वो ड्रेस पहननी पड़ेगी.
वो हंस कर बोली- ठीक है.

उसने अपना साइज बताया 36-34-38 और हाइट 5 फुट 6 इंच. वो बोली- क्या ड्रेस लाओगे?
मैंने कहा- वह सरप्राइज है.

फिर वह लगभग 1:15 बजे दोपहर को मेरे फ्लैट पर आ गई. मैंने उसे गले से लगाया और उसकी गांड में उंगली डाल दी.
उसने भी लंड मसल दिया और हम दोनों मुस्कुरा दिए.

वो बोली- क्या है मेरा सरप्राइज गिफ्ट?
मैंने उसे एक गाउन दिया और बोला- यह तुम्हारा सरप्राइज गिफ्ट है. ये तुम्हारे लिए ही मैंने लिया है. इसे बाथरूम में जाकर पहनना और मेरे सामने फिर आना.

वो गाउन देख कर बोली- यार ड्रेस तो अच्छी है … लेकिन मैं इसे घर पहन कर नहीं जा सकती.
मैंने कहा- इसी लिए तो यहां पहनने को बोला है. मेरे सामने पहन आओ.

अस्मिता बाथरूम में गई और ड्रेस पहन कर बाहर आ गई.
जैसे ही वह बाहर आई, मैं उस पर टूट पड़ा और दीवार के साथ सटाकर उसके गाउन ऊपर करके एक साथ दो उंगलियां उसकी चूत में डाल दीं.
जब तक वह समझ पाती, मैंने उसको गोदी में उठाया और गोद में ही लटका कर उसकी चुत में अपने लंड से ताबड़तोड़ हमले कर डाले.

अस्मिता भी पूरा मेरा साथ दे रही थी, लगभग 20 मिनट तक उसे अपनी गोद में लताके हुए चूत फाड़ने के बाद मैंने उसे गोदी से नीचे उतारा.
वह हांफते हुए बिस्तर पर लेट गई और बोली- आह … आज तो मजा आ गया. बड़े दमदार हो यार तुम!

मैंने उसके बाद एक रोमांटिक गाना लगाया ‘भीगे होंठ तेरे … प्यासा दिल मेरा ..’ और उसके साथ डांस स्टार्ट किया.
मैं उसकी कमर पर हाथ रख कर स्टेप बाय स्टेप डांस करने लगा. हम दोनों इधर से उधर कमर हिलाते हुए डांस करते रहे.

अस्मिता मेरे सीने को चूम कर बोली- अगली बार तुम्हारे साथ मूवी देखने जाऊंगी.
मैंने बोला- कुछ काम हस्बैंड के साथ भी कर लिया करो.

वो हंस कर बोली- भैन का लौड़ा हस्बैंड अगर मेरी फीलिंग को समझता, तो एक शादीशुदा औरत आज तुम्हारी बांहों में ना होती. तुम चाहे कितनी औरतों को चोदो … लेकिन यह अस्मिता अब सिर्फ तुम्हारी है.

मैंने कहा- ठीक है. मैं तुम्हें इमोशनली और फिजिकली प्यार तो दूंगा ही … लेकिन उम्मीद मत करना कि अमित सिर्फ तुम्हारा रहेगा.
अस्मिता बोली- मुझे फर्क नहीं पड़ता तुम कहीं भी मुँह मारने जाओ, लेकिन मुझे जब भी टाइम चाहिए, तुम्हें देना होगा.

मैंने कहा- ठीक है, मुझे मंजूर है. अगर तुम अच्छे से टाइम दोगी … तो मैं औरों को टाइम कम कर दूंगा.
अस्मिता मेरे गले से लगकर कर रोने लगी और बोली- मेरी किस्मत में तुम्हारा प्यार हमेशा हमेशा के लिए क्यों नहीं हो सकता?

मैंने कहा- ज्यादा जज्बाती मत बनो. तुम शादीशुदा हो और मैं पूरा हरामखोर हूँ … तो मेरे लिए ज्यादा प्यार मत दिखाओ.
मेरी इस बात पर अस्मिता हंस पड़ी और बोली- यह दिल तो तुम्हारा ही है. तुम कैसे भी हो, मगर सिर्फ मेरे लिए हो.
मैंने कहा- ठीक है, जब तक मेरे पास टाइम है … मैं दूंगा.

वो मेरी गर्दन से झूल गई.

मैंने उससे कहा- अच्छा अब जाओ … तुम्हारा ज्यादा लेट होना सही नहीं होगा.

अगली बार मैंने उसे मिनी स्कर्ट में ले जाकर मूवी दिखाई और बाद में वो अपने कपड़े चेंज करके अपने घर चली गई.

ऐसे ही अस्मिता हर बार मेरे सामने एक कॉलेज गर्ल की तरह रहती … और घर पर एक इंडियन हाउस वाइफ की तरह बनी रहती.

अस्मिता शुरू में तो कंडोम से चुदी थी लेकिन पिछले दो साल से बिना कंडोम के चुद रही थी. इस वजह से उसका तीन बार अबॉर्शन भी कराना पड़ा.

दोस्तो, ये अस्मिता की इंडियन हाउ सवाइफ सेक्स कहानी आपको कैसी लगी. अपने विचार मुझे नीचे लिखी ईमेल आईडी पर भेज सकते हैं.
[email protected]

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