किस्सा ए दफ्तरी चुदाई- 3

(Garam Aurat Sex Story)

राजेश्वर 2021-02-03 Comments

गर्म औरत सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि मेरे दफ़्तर की जूनियर स्टाफ लेडी ने मुझे खुश करने के लिए मेरे कमरे में आ गयी. मैंने उसकी चूत की चुदाई कैसे की?

मेरी गर्म औरत सेक्स स्टोरी के पिछले भाग
जूनियर लड़की को चुदाई के लिए नंगी किया
में आपने पढ़ा कि मेरे दफ़्तर की जूनियर स्टाफ लेडी ने मुझे खुश करने के लिए मेरे कमरे में आयी. मैंने उसे नंगी करके उसके साथ ओरल सेक्स का मजा लिया.

मैं यामिना के पाँव की ओर आ गया और उसके घुटनों को थोड़ा चौड़ा करते हुए मोड़ दिया.
मैंने यामिना की सुन्दर चूत के पहली बार दर्शन किये.

मैंने अपने लौड़े को थोड़ा चूत के आस पास के हिस्सों का चुम्बन करवाया और क्लिटोरियस पर रगड़ा.
यामिना का शरीर मारे उत्तेजना के बार बार झटके खा रहा था.

जब उससे सहन नहीं हुआ तो मुझसे बोली- सर, प्लीज, अब डालो न!

अब आगे की गर्म औरत सेक्स स्टोरी:

मैंने उसी वक्त लण्ड को अंगूठे और दो उंगलियों की सहायता से यामिना की चूत के छेद में दबाया, लण्ड का सुपारा पक से चूत में बैठ गया.
मैं अपने घुटनों के बल पर यामिना के ऊपर थोड़ा झुका और यामिना की चूत में धीरे धीरे लण्ड डालने लगा.
लण्ड चूत की गर्म दीवारों को फैलाते हुए अति आनन्द का अहसास दिलाते हुए बच्चेदानी के छेद पर जा लगा.

यामिना के मुँह से एकदम आह … की आवाज निकली और उसने अपनी चूत को नीचे से ऊपर उठाकर मेरे लण्ड को जकड़ लिया.

मैंने यामिना की जांघों को फैलाया और उसकी चूत में लण्ड को चलाने लगा.
यामिना के मुँह से अजीब अजीब आवाजें आने लगी. कभी वह इसससस … की आवाज निकालते हुए मज़े से अपना सांस अंदर लेती तो कभी आआआआ … की आवाज निकालती.

मैं यामिना की चूत में जबरदस्त तरीके से अपना लौड़ा चला रहा था और साथ ही साथ उसकी भारी, गोरी चूचियों को कभी हाथों से मसल रहा था और कभी चूस रहा था.
यामिना मेरे नीचे लेटे लेटे मेरी कमर को अपनी ओर खींचे जा रही थी.

तभी यामिना का फोन बजने लगा.
फोन में किसी सुन्दर सी लड़की की फ़ोटो आई.

यामिना ने मुझे चुप रहने का इशारा किया और फोन ले लिया.
मैं लण्ड अंदर किये किये यामिना के पेट से चिपक गया और उनकी बातें सुनने लगा.

यामिना ने फोन स्पीकर पर कर लिया.
यामिना- हाँ, फ़लक बोल?

फ़लक- मम्मा, आज लेट कैसे हो गई? आई नहीं अभी तक?
यामिना- हाँ, आज आफिस में रुकना पड़ा है, साहब की मीटिंग थी, इसलिये?

फ़लक- ये आपका सांस क्यों उखड़ा हुआ है?
यामिना ने मेरी आँखों की ओर देखा और बोली- वो … मैं..मैं.. जरा तेज तेज चल कर नीचे से कुछ सामान ले कर आई थी, तू बन्द कर मैं काम कर रही हूँ.
और यामिना ने फोन काट दिया.

इन बातों से मेरा ध्यान चुदाई से हट गया था इसलिए लण्ड थोड़ा सुस्त हो गया, और मूड भी चेंज हो गया.

मैं यामिना के ऊपर से उतर कर साइड में लेट गया.
यामिना बोली- मजा इतना आ रहा था कि टाइम का तो ध्यान ही नहीं रहा, आओ.

मैं- किसका फोन था?
यामिना- बेटी का.

मैं- अच्छा यामिना, तुम्हारी लड़की का नाम क्या है?
यामिना- फ़लक!
मैं- क्या वह तुम जैसी है या …
यामिना- मुझ से भी ऊपर है.

यह कह कर यामिना ने अपने फोन में फ़लक की तीन चार फ़ोटो मुझे दिखा दी.

फ़ोटो देखते ही मेरे होश उड़ गए, लड़की क्या थी कयामत थी. बहुत ही सुंदर गोल चेहरा, बड़े बड़े मम्मे, भरा हुआ शरीर!
और एक फोटो में तो फ़लक ने बहुत ही छोटी नायलॉन की निक्कर पहनी थी जिसमें से उसके मोटे गोरे पट और सुड़ौल टांगें दिखाई दे रही थीं.

मैंने उस फ़ोटो को ज़ूम किया तो देखा कि सामने से निक्कर के अंदर से फ़लक की चूत की दोनों मोटी फाँकें अलग से दिखाई दे रही थी.
मेरा लण्ड एकदम से फिर झटके खाने लगा.

यामिना ने फोन रख दिया और मेरे लण्ड पर हाथ फिराने लगी.

मैं उसी वक्त नए जोश से यामिना के ऊपर चढ़ गया और जबरदस्त तरीके से फ़लक का विचार मन में ला कर फिर से चोदने लगा.

अचानक यामिना ने अपनी टाँगों को छत की ओर उठा कर चौड़ा कर लिया और मुझे बोली- जोर … जोर से करो, चोद चोद … कर फाड़ दो … मेरी चूत को, हाय सर … पहले … कहाँ थे … मेरी तो जिन्दगी … ही सँवार दी आपने. हाय सर … बताओ … मैं … इसके बदले … आपके लिए … क्या कर सकती हूँ?

यामिना का सारा शरीर मेरे चोदने से हिल रहा था और वह झटके खा खा कर बोल रही थी, उसकी सांसें फूल रही थी.

मेरा तजुर्बा है कि औरत चुदते हुए जब अपनी चरम सीमा पर होती है तो उसे किसी भी बात के लिए मनाया जा सकता है.

मैंने कहा- यामिना, मुझे तो बस सुन्दर और सेक्सी लड़कियाँ चोदने का शौक है.
यामिना- मैं पूरा कर दूँगी, बताओ कौन चाहिये, लिली … ?

मैं- लिली तो साली पहले से ही चुदी हुई है, उसे तो बस कानी करने के लिए चोदना है?
यामिना- लिली, चुदी हुई नहीं है, उसका आदमी तो मन्द बुद्धि है, तभी तो वह सब पर भड़कती रहती है.

मैंने अपनी चुदाई की रफ्तार जारी रखी और यामिना को जगह जगह से नोचता काटता रहा.

तब मैंने चोदते चोदते यामिना का साथ पड़ा फोन खोला और फ़लक की छोटी निक्कर वाली फ़ोटो खोल ली और यामिना पर टूट पड़ा.
यामिना- हिलती हुई, उखड़ी सांस से बोली- फोन.. में … क्या … देख.. रहे हो?
मैं- फ़लक की फ़ोटो.

यामिना- जब … आएगी … तो देख लेना.
मैं- यामिना, इसे मैं अपने हाथों से कंपनी की रेड यूनिफॉर्म पहनाऊँगा.

यामिना चुदते चुदते, हिलते हुए मेरी आँखों में देखकर मुस्कराई और आंखों के इशारे से सहमति दे दी और बोली- पहना … देना.

यह सुनते ही मैंने यामिना की चूत में एक जोर का शाट मार दिया, यामिना के मुँह से आह … निकल गई.
मैं- उसे गोद में बैठा सकता हूँ?
यामिना ने फिर आह … आह..करते हुए कहा- बैठा लेना …

मैं- कोई प्रॉब्लम तो नहीं करेगी, तुम समझा देना.
यामिना- ठीक है.

उसकी तरफ से पॉजिटिव रिस्पांस मिलने के बाद मेरा जोश बढ़ गया और मैंने यामिना की चूत में 10-12 जोर जोर के झटके मारे.
यामिना- आप में तो फ़लक की फ़ोटो देखकर नया जोश भर गया, अब जान ही निकलोगे क्या?

मैंने यामिना की ऐसी चुदाई की कि यामिना का पोर पोर रस में भीग गया.

तभी यामिना ने अपनी टाँगों को कस कर मेरी कमर से लपेट लिया और जोर से आ..आ.. आ..आ.. करके झर गई और उसने मेरी गर्दन में अपनी बाहें लपेटते हुए मुझे जोर से चूमा और फिर निढाल हो गई.

मैं अभी यामिना को घोड़ी बना कर और चोदना चाहता था इसलिए एकबार चुदाई फिर रोक दी और लण्ड अंदर किये किये यामिना के पेट और चुचों पर लेट गया.
एक मिनट बाद यामिना बोली- मुझे बाथरूम जाना है.

मैंने यामिना की चूत से लण्ड खींच लिया और उसके ऊपर से उतर गया.
यामिना की जांघें चुदाई के रस से चिपड़ी हो गईं थीं.
वह बाथरूम चली गई.

जब वापिस आई तो मैंने उसे खड़े खड़े बांहों में भर लिया. उसने मेरी छाती पर अपना सिर रख दिया.

मैंने उसकी कमर पर हाथ फिराते हुए पूछा- कैसा लगा?
यामिना- बहुत ही अच्छा लगा, सच कहूँ तो ये शादी, रिश्ते सब कुछ बकवास है, यदि जिन्दगी की सच्चाई है तो वह है अपने मनपसंद आदमी से चुदना.

मैंने यामिना को घुमा कर अपना लौड़ा उसके चूतड़ों की गहरी घाटी में अड़ा दिया और अपने दोनों हाथों से उसकी 36 साइज की चूचियों को धीरे धीरे सहलाने लगा.

यामिना फिर से गर्म होने लगी लेकिन उसने कहा- सर, अब बस करें … मुझे देर हो रही है.
मैं- तुमने घर बोल तो दिया कि ऑफिस में हो, और अभी मेरा तो छूटा ही नहीं है.

यामिना- चलो, आप अपना कर लो, लेकिन डिस्चार्ज कहाँ करोगे?
मैं- तुम्हें कहाँ अच्छा लगता है?

यामिना- अच्छा तो चूत के अंदर ही लगता है लेकिन कोई प्रॉब्लम न हो जाये?
मैं- मैं जब तुम्हें घर छोड़कर आऊंगा तो केमिस्ट से गोली लेकर दे दूंगा, खा लेना.

यामिना- ठीक है, तो क्या आप मुझे छोड़कर आओगे?
मैं- हाँ, कार से छोड़ आऊँगा.
यामिना- ठीक है, फिर आराम से करते हैं.

मैंने यामिना को बेड के किनारे पर घोड़ी बनने को कहा, वह घोड़ी बन गई.

अब मेरे सामने पहली बार उसके गोल, गोरे, चिकने, सुन्दर चूतड़ और कत्थई रंग लिए गाँड का चुन्नटों वाला सुन्दर छेद था.

मैंने यामिना के चूतड़ों और कमर पर हाथ फिराया, कुछ देर उसकी कमर पर झुककर अपनी छाती चूतड़ों पर और ठुड्डी उसकी कमर पर रखी और अपने दोनों हाथों से उसकी गोल चूचियों को सहलाया.

ऐसा करने से यामिना के मुँह से आआ आआ .. निकलने लगा.
यामिना- सर, आपने ये इतने अच्छे तरीके कहाँ से सीखे हैं?

मैं जैसे ही यामिना की कमर पर अपनी ठुड्डी और होंठ रगड़ता था यामिना आ..आ.. आ..आ.. करके कमर को नीचे की ओर झुका लेती थी.

कुछ ही मिनटों में यामिना बोली- सर, डालो अब.
मैंने यामिना की गाँड और चूत पर अपना लौड़ा घिसाना शुरू किया.

चूत की दोनों मोटी फाँकें आपस में चिपकी हुई और बाहर को निकल कर उभरी हुई थीं.

जब मैंने दोनों फाँकों के बीच लण्ड को अपने हाथ से पकड़कर ऊपर नीचे चलाना शुरू किया तो पानी छोड़ने से चिकना हुआ छेद दिखाई देता था.
यामिना लण्ड लेने के लिए अपनी गाँड को हिला देती थी.

मैंने अपने बायें हाथ की उंगली और अंगूठे से चूत को खोला और उसमें लण्ड का सुपारा अंदर डाल दिया.
उसकी चूत ने उसी वक्त लण्ड को गप्प से निगल लिया.

मैंने अपने दोनों हाथ यामिना के चूतड़ों पर रखे और चुदाई शुरू की.
अपने दोनों हाथों से मैंने यामिना की कमर के पतले हिस्से को पकड़ा और स्पीड बढ़ा दी.

जैसे ही स्पीड बढ़ी यामिना हर झटके पर आगे जाने लगी जिसे मैंने जोर से पकड़े रखा.

यामिना तरह तरह की आवाजों से मुझे जोश दिलाती रही … आह … आह..उऊऊ … आई … आई … जोर से … और जोर से … आह … हाय … मर गईं … आह … फाड़ दो!

मैंने अपना एक पाँव बेड पर रखा और यामिना के चूचों को हाथ नीचे करके निचोड़ने लगा.
जैसे ही मैं लण्ड को बाहर खींचता तो हर बार चुदाई का कुछ पानी बाहर निकल कर यामिना की जाँघों की ओर आने लगता था.

कुछ ही देर में यामिना आ … आ … आ … करती हुई झड़ने लगी और मेरे नीचे से निकल कर बेड की ओर पसरने लगी.

मैंने उसकी जांघों में हाथ डाल कर उसे जकड़े रखा और चोदता रहा.
यामिना ने अपनी चूचियों को बेड पर टिका लिया जिससे उसकी गाँड और चूत मेरे लौड़े के पूरे निशाने पर आ गई और मैं लगातार उसे ठोकता रहा.

अन्त में मेरे लण्ड से वीर्य की गर्म पिचकारियाँ निकलने लगीं और मैंने यामिना की चूत को वीर्य से पूरा लबालब भर दिया.

जैसे ही मेरी पकड़ कुछ ढीली हुई यामिना बेड पर पसर गई और मैं भी पीछे से चूत में लण्ड फंसाये फंसाये उसकी कमर पर लेट गया.

चुदाई का सेशन पूरा हुआ. यामिना और मैं थक कर चूर हो चुके थे.
कुछ देर उसके ऊपर रुकने के बाद मैं साइड में लुढ़क गया.

यामिना भी सीधी हो गई. हम दोनों लंबे लंबे सांस ले रहे थे.
कुछ देर बाद यामिना उठी तो उसकी चूत, जांघें और चूतड़ वीर्य और चूत के रस से लिबड़े हुए थे.

यामिना चौड़ी टांगें करती हुई बेड से उतर कर बाथरूम गई और आकर चुपचाप कपड़े पहनने लगी.
मैंने भी कपड़े पहने और यामिना को छोड़ने के लिए उसे कार में ले चला.

रास्ते में आई पिल लेकर उसे दे दी.

मैंने यामिना से कहा- यामिना, आज तुमने बहुत मज़ा दिया.
यामिना- यही बात मैं आपसे कहने वाली थी, मुझे पहली बार ऐसे चोदा गया है कि पोर पोर शान्त हो गया है.

मैं- यामिना, फ़लक से कहना कि कल ट्रेनी की एप्लीकेशन दे दे, फिर मैं उसे किसी दिन बुला कर उसका इंटरव्यू ले लूँगा और फिर अपॉइंटमेंट लेटर बना दूँगा.
यामिना- ठीक है सर!

मैं- लेकिन जबतक अपॉइंटमेंट लेटर नहीं बनता तब तक यह बात किसी को भी नहीं पता लगनी चाहिए, क्योंकि कई बार बात बिगड़ जाती है.
यामिना- जी बिल्कुल सही कह रहे हैं.
मैं- मैंने चुदाई करते हुए कुछ और भी कहा था, याद है या भूल गई?

यामिना मेरी ओर देखकर मुस्करा दी और आँख और गर्दन के इशारे से उसने जता दिया कि उसे याद है.

मैंने यामिना को उसके घर से थोड़ा पीछे एक पेड़ के नीचे अंधेरे में उतार दिया और एक किस करके उसे जाने दिया.

एक हफ्ते बाद मैंने यामिना की लड़की फ़लक का इंटरव्यू लेकर उसे अपॉइंटमेंट लेटर दे दिया और उसने वहीं जॉइन कर लिया.

उधर मैंने अगले दिन से ही लिली की उपेक्षा शुरू करके उसकी जूनियर लड़की रेशमा को महत्व देना शुरू कर दिया जिससे लिली बिल्कुल परेशान हो गई थी.

लिली मेरे नीचे लेटी या नहीं और फ़लक का इंटरव्यू मैंने कैसे लिया यह सब जानने के लिए आपको मेरी अगली कहानी का इंतजार करना होगा.
अब यह गर्म औरत सेक्स स्टोरी यहीं समाप्त होती है.
पढ़ने के लिए धन्यवाद.

लेखक के आग्रह पर इमेल आईडी नहीं दिया जा रहा है.

इससे आगे की कहानी: किस्सा ए दफ्तरी चुदाई- 4

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