योग के बहाने भोग तक का सफर- 1

(Sex Chudai Kahani Hindi Me)

सनी वर्मा 2021-05-23 Comments

सेक्स चुदाई कहानी हिंदी में पढ़ें कि चुदाई की शौकीन पत्नी को जब पति का लंड कम पड़ने लगे तो वो चूत की खुजली बाहर के लंड से मिटाने की सोचती है.

दोस्तो, लॉकडाउन के बाद ज़िंदगी की गाड़ी वापस पटरी पर आ ही रही थी कि एक बार फिर से कोरोना ने इस गाड़ी पर ब्रेक लगाने शुरू कर दिये हैं.
आप सबसे विनती है कि अपने घरों में ही रहें और स्वयं को सुरक्षित रखने के साथ ही दूसरों को भी सुरक्षित रखें.

आपने मेरी लॉकडाउन की कहानियों को पसंद किया, आपके मेल मिलते रहे, अच्छा लगा।

अब मैं आपके लिए अपनी नयी सेक्स चुदाई कहानी हिंदी में लाया हूं. उम्मीद है आपको पसंद आयेगी.

आज की कहानी प्रकाश और अनीता की है।

प्रकाश की सर्राफ़ा बाज़ार में पुरानी शॉप थी. ज्वेलरी और ब्याज का बड़ा काम था। आस पास के गावों में उसका ब्याज का व्यापार खूब चलता था। पैसे की कोई कमी नहीं थी।

उनका एक ही बेटा था. उसे भी प्रकाश की बहन, जो देहारादून में रहती थी, अपने साथ ले गईं और एक नामी स्कूल में दाखिला करा दिया।
दिन भर शॉप पर बैठने का काम था और खाने पीने का शौक भी, तो प्रकाश शुगर का मरीज़ हो गया।

डॉक्टर ने रोज कम से कम पाँच किलोमीटर पैदल घूमने को कहा।

लॉकडाउन में घूमना तो बंद था, बाजार भी बंद था तो प्रकाश और अनीता को दिन रात सेक्स सूझता था।
अनीता बहुत सेक्सी और भरे बदन वाली थी।

गोरा रंग, भारी मम्में और दिमाग में हर समय सेक्स- ये था अनीता का मिजाज़।
अपनी किटी पार्टियों और व्हाट्सएप्प पर अनीता के नॉनवेज जोक्स की धूम रहती थी।
अनीता बहुत खुशमिजाज़ होने के कारण हर एक को अपना दोस्त जल्दी बना लेती थी।

प्रकाश तो हरदम उसके आगे पीछे ही घूमता रहता था।
बस एक काम प्रकाश अनीता को नाराज कर के करता था. वो था हफ्ते में दो बार ड्रिंक करना।
वो जमकर देर रात तक अपने जिगरी दोस्त विजय के साथ पीता और फिर अक्सर वहीं सोफ़े पर पसर जाता।

दारू पार्टी हमेशा उनके घर पर ही होती थी. विजय प्रकाश के मुक़ाबले कम पीता था, इसलिए रात को खुद ड्राइव करके घर चला जाता।
उनकी पार्टी के दिन अनीता या तो देर रात तक बाजार में घूमती या अपने बेडरूम को बंद करके पॉर्न मूवी देखती।

उसके पास उस रात के साथी उसके सेक्स टोयज़ होते थे। प्रकाश भी रात को बेडरूम में न आकर ड्राइंग रूम में ही सो जाता था।
बाकी के दिनों में प्रकाश और अनीता की सेक्स लाइफ बहुत रोमांचक होती थी।

अनीता की कामवाली सुबह 8 बजे आती और शाम का खाना बनाकर 7 बजे चली जाती थी।
प्रकाश भी शॉप से 7 बजे तक आता था, दोनों साथ बाथटब में आधा घंटा मस्ती करते थे।

नहाते समय अनीता बीयर ले लेती थी तो दोनों टब में लेटकर बीयर का मजा लेते थे।
अनीता को सिगरेट की लत लग गयी थी पर उसने प्रकाश से वादा कर लिया था कि वो एक दिन में पाँच से ज्यादा सिगरेट नहीं पीएगी।

बाथटब में लेटे लेटे वो एक सिगरेट जरूर पीती थी। नहाने के बाद दोनों कभी बहुत हल्के कपड़ों में लॉन्ग ड्राइव पर निकल जाते या फिर बिना कपड़ों के पॉर्न मूवी देखते।

अनीता को 69 में सेक्स करना बहुत पसंद था।
उसका चूसने का रसीला अंदाज प्रकाश को दीवाना बना देता था।

प्रकाश पक्का चोदू था, वो सेक्स पावर बढ़ाने के लिए सप्लिमेंट्स भी लेता था। उसने अपनी नसबंदी करवा ली थी तो अनीता को कोई डर भी नहीं था।

वो जब अनीता की टाँगें चौड़ी कर उसकी चुदाई करता तो अनीता तो निहाल हो जाती। उसको अनीता के मम्में बहुत पसंद थे; वो उन्हें चूस चूसकर लाल कर देता था।

शुरू में तो अनीता को दर्द होता था मगर अब बिना चूत और मम्में चुसवाए अनीता की चुदाई पूरी नहीं होती थी।

प्रकाश दिन में शॉप पर अन्तर्वासना सेक्स स्टोरी खूब पढ़ता और रात को अनीता को चटकारे लेकर सुनाता।

वो अक्सर अनीता से कहता कि एक बार ग्रुप सेक्स करते हैं, मगर अनीता हँसकर टाल देती।
हालांकि उसने भी थ्रीसम और ग्रुप सेक्स की पॉर्न मूवी खूब देखी थीं।

यही नहीं बल्कि अपनी जवानी के दौर में अनीता अपनी छोटी बहन, जो उससे मात्र डेढ़ साल छोटी थी, के साथ लेस्बियन रह चुकी थी। दोनों एक दूसरे के साथ खूब रगड़ा रगड़ी कर चुकी थीं।

अनीता की छोटी बहन सुप्रिया शादी के बाद से बैंकॉक में रह रही थी और खुले सेक्स चुदाई का आनंद ले रही थी।
दोनों बहनें अपने अनुभव शेयर करती थीं। अनीता को सारे सेक्स टॉयज़ उसी ने दिये थे।

एक बार अनीता उसके पास 15 दिनों के लिए रहकर आ चुकी थी।
वहाँ उसने सुप्रिया और उसके पति की खुल्लम खुल्ला चुदाई देखी थी।
एक रात तो नशे में सुप्रिया और उसके पति ने उसके सामने ही चुदाई की और उसे भी आमंत्रित किया।

उस दिन एक बार तो अनीता का मन किया कि वो भी उनकी चुदाई में शामिल हो जाये, तो वो उनके बीच चूमा चाटी में शामिल भी हो गयी।
सुप्रिया ने उसकी चूत चाटी और सुप्रिया के पति ने उसके मम्में चूसे।

बात इससे आगे बढ़ती कि उससे पहले हिंदुस्तानी संस्कारों और ग्लानि ने अनीता को दूसरे कमरे में जाने के लिए मजबूर कर दिया और वो बात वहीं पर रुक गयी।

अगली सुबह सुप्रिया ने इस हरकत के लिए उससे माफी मांगी।
मगर वापस आने से पहले वो एक बार सुप्रिया के साथ मसाज पार्लर में न्यूड मसाज करवा आई थी।

तब से उसके और सुप्रिया के बीच सेक्सी बातें बढ़ गयी थीं।

अभी पिछले महीने प्रकाश ने एक नवयुवक बैंक मैनेजर रमण को ऊपर दो कमरे किराये पर दे दिये थे।
रमण बहुत हंसमुख और अच्छे व्यक्तित्व का था।

ऊपर जाने का रास्ता बिल्कुल अलग से था, मगर अपनी सुविधा के लिए प्रकाश ने एक जीना अंदर से भी बना रखा था जो हमेशा अब बंद ही रहता था।

रमण की पत्नी गर्भवती थी और अपनी ससुराल में जालंधर ही रहती थी। रमण खाना बाहर ही खाता था और सुबह का नाश्ता अपने आप बना लेता था।
वो रात को लेट ही आता था।

घर का ऊपर वाला जीना बाहर से होने के कारण रमण के कारण प्रकाश व अनीता को कोई व्यवधान नहीं होता था।

प्रकाश को गप्पें मारने के लिये रमण के रूप में एक दोस्त मिल गया था।
वो कभी कभार रमण को नीचे बुला लेता था. फिर तीनों खाना साथ खा लेते थे।

बस उस वक्त अनीता को कपड़े थोड़े से तमीजदार पहनने पड़ते थे।

अब रमण को रहते हुए यहां डेढ़ महीना हो गया था। उसकी और अनीता की शर्म भी धीरे धीरे खुलने लगी थी।

रमण आकर्षक व्यक्तित्व का था और बहुत बातूनी था। वो पंद्रह दिनों में एक बार जालंधर जाता और पंद्रह दिनों की चुदाई का कोटा पूरा करके लौटता था।

बाकी के दिनों में वो पॉर्न मूवी और अपना हाथ जगन्नाथ कर लेता।
रमण का बदन कसरती था। वो सुबह रोजाना एक घंटा योगा और कसरत करता था।

वैसे तो अनीता और रमण की कोई नजदीकी नहीं थी, पर सुबह जब एक बार अनीता लॉन में जाती तो रमण ऊपर बालकनी में कसरत कर रहा होता।
दोनों एक दूसरे को देखकर मुस्कराते और नमस्ते का आदान प्रदान होता।

वो बात अलग थी कि रमण का लंड अनीता के बिना ब्रा के मम्में देख कर टाइट हो जाता था और अनीता भी मन ही मन उसके कसरती बदन की तारीफ करती।
हंसी हंसी में कई बार रमण ने अनीता से कहा भी था कि भाभी आप भी सुबह योगा किया करो, मैं सिखा दूँगा।

अब प्रकाश ने भी मॉर्निंग वॉक पर जाना शुरू कर दिया था। उसे पूरा एक घंटा लगता था वापस आने में।
अनीता उसे बाहर लॉन में ही टहलती मिलती।
दोनों फिर साथ ही अंदर आते थे।

प्रकाश को सुबह की चाय अनीता के साथ ही पीनी अच्छी लगती थी।
मगर उसे एक और भी सनक थी कि अनीता रात की ही मिनी नाइट ड्रेस में उसके बगल में बैठे।
तो अनीता को अपना गाउन उतारना पड़ता था।

वहीं प्रकाश भी टी शर्ट उतार कर ही बैठता था। वो चाय पीते पीते अनीता को छेड़ता रहता था।
इस बीच अगर कोई फोन आ जाये तो प्रकाश उसे नहीं अटेण्ड करता था।

अनीता भी एक सिगरेट उस समय जरूर पीती थी। प्रकाश इस पर कोई आपत्ति नहीं करता था।
प्रकाश एक के बाद दूसरी चाय पीकर ही उठता था तो अनीता फ्लास्क में दो तीन कप चाय लेकर ही बैठती थी।

अगर मूड बनता तो प्रकाश एक सेशन फटाफट सेक्स का भी कर लेता था।
अनीता सेक्स के दौरान बहुत चिल्लाती थी और सेक्सी चुदाई की बातें बोलती थी।
बस उसकी यही अदा प्रकाश को उसका दीवाना बनाए रखती थी।

हालांकि जब से रमण आया था, अनीता को अपनी आवाज धीमी रखनी पड़ती थी.
मगर कैसे भी हो, रमण ने एक बार प्रकाश को टोक ही दिया था कि भाईसाहब … आराम से कर लिया करो, क्यों भाभीजी को ज्यादा तकलीफ देते हो!

इस पर प्रकाश ने हंस कर कह दिया कि बिना चीखे-चिल्लाये तेरी भाभी का पानी निकलता ही नहीं।
ये बात फिर हंसी में आयी-गयी हो गयी थी।

जब से प्रकाश ने घूमना शुरू किया था, सुबह का सेक्स तो लगभग बंद ही हो गया था उनका।

अब रात को भी प्रकाश जल्दी सोने के चक्कर में रहता था। अब अनीता तो दिन में भी सो लेती थी और फिर बेड पर धमाल भी कम हो गया तो अनीता को जल्दी नींद कैसे आती?

इसलिए अनीता प्रकाश के सोने के बाद मोबाइल पर सेक्स स्टोरी पढ़ती या पॉर्न देखती। अब वो अपनी चूत की आग उंगली से बुझाती, क्योंकि वाइब्रेटर से प्रकाश की आँख खुल जाने का डर रहता।

कुल मिलाकर अब अनीता की सेक्स की भूख बुझती नहीं थी।
वो कई बार अब प्रकाश को बेड पर आते ही फोरप्ले से उत्तेजित करती और सेक्स के लिए उकसाती।

कभी सुबह की चाय के समय बिना कपड़ों के आ जाती थी। कुल मिलाकर अब उसको सेक्स के लिए प्रकाश को उकसाना पड़ता था और किसी तरह उसकी चुदाई हो जाती थी.

उस दिन सुबह जब अनीता उठी तो उसे सेक्स की तलब लगी हुई थी.
वो रात को बिना कपड़ों के सोई थी लेकिन प्रकाश उसके मम्में चूसता चूसता उनींदा हो गया था, तो उसने अनीता से वादा किया कि कल रात वो दोनों जमकर सेक्स करेंगे और अगले दिन वो सुबह घूमने नहीं जाएगा।

उनके बीच ये तय हुआ कि शनिवार की रात को घमासान सेक्स चुदाई होगी और रविवार को प्रकाश घूमने नहीं जाया करेगा।
पहले शनिवार को दारु पार्टी होती थी, उसके लिए अब सन्डे की रात तय हुई।

तो सुबह उठकर अनीता ने एक सिगरेट सुलगाई और छल्ले उड़ाते उड़ाते उसने रमण से गप्पें लड़ाने का प्लान बनाया।

वो आज बाहर बिना ब्रा-पैंटी के घुटनों तक की मिडी पहन कर आई थी। लॉन में ईज़ी चेयर पर पैर रख कर आँख बंद करके लेट गयी।

ऊपर रमण वर्जिश कर रहा था। रमण इस जॉब से पहले मुंबई में पार्ट टाइम जिम ट्रेनर था। उसे जिम का अच्छा तजुरबा था।
आकर्षक व्यक्तित्व होने से जिम में लेडिज क्लाइंट को सिखाना उसी की ज़िम्मेदारी थी।

शादी तय होने के बाद उसे वो जॉब छोड़ना पड़ गया था और अब वो इधर इंदौर में जॉब कर रहा था. रमण ने ऊपर से झाँका।
अनीता का गोरा बदन, पैरों और हाथ में रेड नेल पेंट, खुले शॉर्ट घुंगराले बाल… कुल मिलाकर एक अल्हड़ मस्त सी लड़की लग रही थी वो!

रमण ने प्यार से उसे गुडमॉर्निंग बोला। रमण ने उसे जूस पीने के लिए ऊपर आमंत्रित किया।

प्रकाश को आने में अभी आधा घंटा था तो अनीता बोली- चेंज करके आती हूँ.
रमण ने हंसकर कहा- आ जाइए … आप इस समय अपनी उम्र से काफी छोटी लग रही हैं।

अनीता हंस पड़ी और अंदर जाकर ब्रा पैंटी पहनकर अंदर के जीने से ऊपर आ गयी।
उसने मेन गेट बंद कर लिया था।

आज वो पहली बार अकेली ऊपर आई थी।

रमण ने ऊपर एक छोटा सा जिम बना रखा था और दो मशीनें लगा रखी थीं।

सबसे पहले अनीता ने अपना वजन चेक कर लिया और बोली- लॉकडाउन में मेरा वजन बढ़ गया है.
रमण ने उससे कहा कि वो भी ऐसा कहना चाह रहा था, पर अनीता बुरा न मान जाये इसलिए नहीं कहा।

फिर उसने अनीता को दोनों मशीनों पर वर्कआउट करना सिखाया और दो-तीन योग क्रियाएँ बतायीं।
रमण ने अनीता को कहा कि वो अगर मन लगाकर एक महीना लगातार वर्क आउट करे और डाइट कंट्रोल करे तो उसे वजन में काफी फर्क नजर आएगा और चेहरे पर भी निखार बढ़ जाएगा।

रमण ने मस्का मारते हुए कहा कि अनीता तो वैसे ही बहुत खूबसूरत है, और निखर जाएगी।
ये सुनकर अनीता के गाल लाल हो गए।

रमण ने उसे जूस पीने को दिया।

अनीता का मन कर रहा था कि वो मशीनों पर एक्सरसाइज़ करे, मगर मिडी में वो ऐसा नहीं कर सकती थी।
वो तो अच्छा हुआ कि वो ब्रा पैंटी पहन आई थी।

प्रकाश के आने का समय भी हो रहा था इसलिए वो रमण को थैंक्स बोलकर और ये कह कर कि वो प्रकाश से बात करके उसे बताएगी, फिर वहां से आ गयी।
रमण ने उसे एक चॉकलेट गिफ्ट किया।

अनीता खुशी खुशी नीचे आई और फटाफट चाय बनाकर प्रकाश का इंतजार करने लगी।

आज वो बहुत मूड में थी. थोड़ी देर में ही प्रकाश आ गया।
अनीता ने प्रकाश के आते ही अपने कपड़े उतार दिये और प्रकाश के भी उतरवा दिये।
प्रकाश बोला कि चाय तो बना लेती पहले?

अनीता बोली- पहले मेरी चूत को अपना दूध पिलाओ फिर तुम्हें चाय मिलेगी।
वह सिगरेट सुलगा कर सोफ़े पर टाँगें चौड़ी कर लेट गयी और छल्ले उड़ाने लगी।
प्रकाश एक आज्ञाकारी बच्चे की तरह उसकी चूत चूसने के लिए नीचे झुका।

मगर ये क्या …. चूत में जीभ लगाते ही उसे चॉकलेट का स्वाद आया!
अनीता ने अपनी चूत में चॉकलेट भर रखी थी।
प्रकाश चटकारे ले लेकर पूरी जीभ अंदर घुसा घुसाकर चॉकलेट का मजा लेने लगा.

उसके मुंह में ढेर सारी चॉकलेट आ गयी थी तो उसने ऊपर उठ कर अनीता के मुंह से अपना मुँह लगाकर थोड़ी चॉकलेट उसके मुँह में डाल दी।
अनीता ने पास रखी चॉकलेट अपने मम्मों पर भी लगा ली।

अब प्रकाश उसके मम्मों पर टूट पड़ा। अनीता ने प्रकाश को सोफ़े पर धक्का दिया और थोड़ी सी चॉकलेट उसके लंड पर लगा दी और फिर उसका लंड पूरा अपने मुंह में ले लिया।

आज वो पूरे मूड में थी।
वो इतने ज़ोर शोर से लंड चूस रही थी कि प्रकाश बौखला गया। वो बोला- छोड़ दे इसे, नहीं तो तेरे मुँह में ही निकल जाएगा इसका लावा!
अब अनीता प्रकाश के ऊपर चढ़ गयी। उसने लंड अपनी चूत में कर लिया और लगी करने उसके लंड की घुड़सवारी।

वो उछल उछलकर मजे ले रही थी। प्रकाश उसके गोरे मम्में मसल रहा था।
तभी एक झटके से दोनों का एक साथ हो गया। आज दोनों को चरमसुख की प्राप्ति हुई।
वहीं रखे तौलिये से दोनों ने एक दूसरे को पौंछा।

फिर अनीता ने चाय सर्व की।
चाय पीकर प्रकाश नहाने चला गया और अनीता उसके लिए टिफ़िन और नाश्ता बनाने किचन में घुस गयी।

नाश्ता कराते समय अनीता ने प्रकाश से जिम करने के लिए पूछा तो प्रकाश ने सहर्ष हाँ कर दी।

दिन में अनीता ने रमण को फोन करके बताया कि सुबह से वो उसके साथ ही वर्क आउट करेगी।
रमण की राय पर उसने अपने लिए ड्रेस, योगा मेट और छोटा तौलिया बाजार से खरीद लिया।

वो आज बहुत खुश थी. लौटते समय उसने पार्लर से वेक्सिंग, फेशियल, पैडिक्युर और मैनिक्युर भी करा लिया. घर आकर उसने अपनी चूत की भी वेक्सिंग कर ली।
आज वो रात को बेड पर प्रकाश को पूरा निचोड़ना चाहती थी।

उसने नेल पैंट का गुलाबी रंग का नया शेड लगाया जो उसकी चमकती त्वचा पर बहुत खिल रहा था।
वो मार्केट में से कुछ गुलाब के फूलों की पंखुड़ी भी खरीद लायी थी।

शाम को डिनर तैयार करके उसने बीयर की दो केन ठंडी कर ली, फिर बाथटब को भरकर उसमें गुलाब जल की शीशी को डाल दिया. ऊपर से गुलाब की पंखुड़ियां डाल दीं.

आज रात उसने पहनने के लिए एक फूलदार प्रिंटेड ब्रा-पैंटी सेट चुना।

प्रकाश को पकौड़ी बहुत पसंद थीं तो उसने पनीर और प्याज़ की पकौड़ी भी कच्ची करके रख लीं।

अनीता ने सेक्स चुदाई और ठुकाई का पूरा माहौल तैयार कर लिया था. अब वो बस प्रकाश के आने का इंतजार कर रही थी.
बहुत दिनों के बाद आज वो खुलकर चुदना चाह रही थी.

कहानी पर अपनी राय देने के लिए आप मुझे नीचे दी गयी ईमेल पर मैसेज करें. आपकी प्रतिक्रियाओं के सहयोग से कहानी को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
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सेक्स चुदाई कहानी हिंदी में अगला भाग: योग के बहाने भोग तक का सफर- 2

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