उफनती जवानी की हॉट सेक्सी स्टोरी

(Ufanti Jawani Ki Hot Sexy Story)

दोस्तो, सभी फैली हुई चूतों को मेरे खड़े लंड प्रणाम. मैं विक्की जालंधर वाला, फिर से आपकी सेवा में हाजिर हूँ.
कई साल पहले मेरी एक हॉट सेक्स स्टोरी इन हिंदी
रसीली चूत में मेरा लवड़ा
अन्तर्वासना पर आई थी.

नए दोस्तों को मैं अपने बारे में बता दूं कि मैं पंजाबी मुंडा हूँ. मेरी हाइट 5 फुट 11 इंच की है और 7 इंच का मस्त मोटा हथियार है. ये चुत की चीरफाड़ स्पेशल लंड है. मैं एक स्लिम बॉडी वाला हूँ और यहाँ मेरा अपना बिज़नेस है. मैं बिज़नेस के साथ जॉब भी करता हूँ.

ये हॉट सेक्स स्टोरी इन हिंदी एकदम सच्ची है, जो अभी थोड़े महीने पहले ही मेरे साथ घटित हुई थी.

हुआ यूं कि मैं गूगल की एक फ्री चैट साइट पर टाइम पास करने के लिए चैटिंग करता रहता था. उधर एक दिन मेरी बात मानसी से हुई जिसकी आईडी हमेशा मानसी (25) के नाम से होती थी.

चूंकि मानसी मुझे एडल्ट चैट साइट पर मिली थी, तो हमारी ओपन सेक्स पर ही बात हुई और हम दोनों ने अपनी पहली ही सेक्स चैट में अपने आपको ठंडा कर लिया.

उस दिन उसी साइट पर ऐसे ही थोड़े दिन हमारी बात हुई और हमने एक दूसरे को फेवरेट लिस्ट में एड कर लिया.

अब डेली उस जगह पर मिलने मुश्किल था, तो हम दोनों ने फेसबुक आईडी पर चैट शुरू कर दी और बात आगे बढ़ती बढ़ती गई.

बात इतनी आगे आ गई थी कि हमारे मोबाइल नम्बर भी एक्सचेंज हो गए और हम फ़ोन पर बात करने लगे. वो सेक्स की बहुत प्यासी लड़की थी. उसकी उम्र 26-27 के आस-पास की थी. उसका कहना था कि वो शादी नहीं करना चाहती है. ऐसे ही अपनी ज़िंदगी के मज़े लेना चाहती है.

फिर एक दिन हम दोनों ने मिलने का प्रोग्राम तय किया.

उसने अपने बारे में बताया था कि वो चंडीगढ़ के पास से है, तो उसने मुझे मिलने के लिए चंडीगढ़ ही बुलाया था.

वो चंडीगढ़ से नजदीक कोई बीस किलोमीटर दूर हरियाणा के एक कस्बे से थी. हम दोनों का ही चंडीगढ़ कोई जान पहचान का नहीं था, तो मिलने के लिए वो मुझे यहां बुला लेती थी.

उस दिन मैं जालंधर से चला और चंडीगढ़ के सेक्टर 43 के बस स्टैंड पर उसके बताए हुए समय से पहले ही पहुंच गया.
चूंकि मैं समय का बड़ा पाबन्द हूँ और मुझे कहीं पर देर से जाना बिल्कुल भी पसंद नहीं है.

मेरे पहुंचने के बाद वो एक घंटे देरी से पहुंची. वो एक घंटा मेरे लिए बहुत मुश्किल से कटा था. मैंने इस एक घंटे को बस स्टैंड पर लड़कियों को देखते हुए गुज़ारा था. वैसे चंडीगढ़ की गर्ल्स होती बहुत कांटा माल हैं.

जब मानसी आयी, तो बस स्टैंड पर हम दोनों ने एक दूसरे को पहली बार देखा. वो 5 फुट 2 इंच हाइट की मस्त लौंडिया थी. उसके बाल काफी लम्बे थे. कोई 32 इंच की नोकदार चूचियां थीं. उसकी 28 इंच की कमर और 34 इंच की हाहाकारी गांड थी. उसके फिगर की ये नापें मुझे बाद में उसे नंगा करने पर पता चली थीं.

सच्ची कहूँ तो मानसी बहुत सुन्दर लग रही थी. वो मुझसे मिली और फिर हम दोनों कहीं जाने का प्लान बनाने लगे.

मैं मूवी का बोल रहा था, जबकि वो कह रही थी कि होटल में रूम ले लेते हैं.

मुझे चंडीगढ़ का कुछ ज्यादा पता नहीं था, तो थोड़ा डर लग रहा था. मगर उसके बार बार कहने पर मैंने एक ऑटो वाले से बात की और उसने हमें एक पास के ही होटल में छोड़ दिया. जहां हमने फोर्मल्टी पूरी करके एक रूम ले लिया.

अन्दर जाकर मैंने मानसी को अपनी बांहों में भरा और हम दोनों एक दूसरे के ऊपर ऐसे टूट पड़े, जैसे जन्मों के प्यासे हों.

आह मानसी भी क्या मस्त लड़की थी. होंठों के चुम्बन में हमारी जीभें एक दूसरे की जीभों से खेल खेल रही थीं. हम दोनों ने दस मिनट लम्बा किस किया. मैं और वो किस में खोए हुए थे. मैं किस के साथ साथ उसकी गांड को भी मसल रहा था.

मानसी बीच बीच में ‘उफ्फ अहह ओह्ह …’ की आवाज़ कर रही थी.
कसम से बहुत मज़ा आ रहा था.

किस के बाद हमने थोड़ा ब्रेक लिया और एक दूसरे से थोड़ी बात की. बातचीत के साथ साथ हम एक दूसरे की बॉडी के साथ खेल भी रहे थे.

उसने टाइट जींस और पिंक टॉप पहना हुआ था. थोड़ी देर के बाद हम फिर शुरू हो गए. इस बार मैं उसके ऊपर आ गया और उसके माथे पर किस करने लगा. मैं मानसी के माथे के बाद उसके सारे चेहरे पर हर जगह किस करता रहा.

कुछ देर बाद हमारे होंठ आपस में मिल गए थे. होंठों के चुम्बन के साथ इस बार मैं उसके मम्मों को टॉप के ऊपर से ही मसलने लगा. कुछ ही देर में मानसी बिन पानी मछली की तरह तड़फ रही थी.

अब मैं उसकी गर्दन पर किस करने लगा था और लवबाईट करने लगा. उसके बाद मैं उसके कान के नीचे के भाग को चूसने चाटने लगा.

इससे वो एकदम से कामुक हो गई और उस समय उसके मुँह से वासना से बिलबिलाती हुई आवाजें आने लगीं- ‘उह्ह्ह आह ओह्ह यस विक्की. आह मेरी जान … क्यों तड़फा रहे हो.
मैं उसको पागलों की तरह किस कर रहा था और वो मेरे बालों को पकड़ कर नोंच रही थी.

इसके बाद मैंने उसके टॉप को मय ब्रा के ऊपर उठा कर मम्मों को नंगा कर दिया. उसके एक दूध को मैंने अपने मुँह में भर लिया था और जोर जोर से खींचते हुए चूसने लगा था.

अब तो मानसी पागल हुए जा रही थी. वो ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी- विक्की मेरी जान … आह खा जाओ इनको..

मैंने उसका टॉप उतार दिया. उसके दोनों कबूतर पिंक पैड वाली ब्रा में से झांकते हुए बहुत सुन्दर लग रहे थे. मैंने उसकी ब्रा की तारीफ़ की.
तो उसने बताया कि वो आज ये नई ब्रा और पैंटी स्पेशली मेरे लिए पहन कर आयी थी. ये सैट वो सिंगापुर टूर से लेकर आयी थी.

सच में मानसी क्या क़यामत लग रही थी. मैंने उसके मम्मों को, लगभग हट चुकी ब्रा में से ही चूसना और काटना शुरू कर दिया, जिससे वो और तड़फने लगी थी.

मैंने कुछ देर बाद उसकी जींस को भी उतार दिया और उसकी फुद्दी को पैंटी के ऊपर से मसलने लगा. साथ ही एक निप्पल को होंठों में दबा कर पीने लगा.

उसके एकदम दूध से सफ़ेद मम्मों के ऊपर ब्राउन रंग के निप्पल सच में क़यामत को भी मात कर रहे थे.

इसके बाद मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और ब्रा हटा दी. अब उसके दोनों चुचे हवा में फुदकने लगे थे. मैं उसके दोनों मम्मों को बारी बारी से चूसने लगा.

लोग सच ही कहते हैं कि सेक्स के खेल में आदमी एक बार घुस जाए, फिर उसको इसके अलावा किसी चीज़ का मज़ा नहीं आता. चाहे लौंडिया के मम्मों में दूध नहीं हो, पर चूसने में बड़ा मज़ा देते हैं.

मैंने कई मिनट तक उसके दोनों मम्मों को बारी बारी से चूसा और काटा, जिससे उसके दोनों चुचे सुर्ख लाल हो गए थी और कहीं कहीं लव बाईट भी बन गए थे.

मैं धीरे मानसी के नीचे किस करता चला गया और उसकी मरमरी जांघों पर किस करने लगा. धीरे धीरे मैं उसकी चुत को पैंटी से ऊपर से ही चाटने लगा और बाईट कर रहा था.

मुझे चुत चाटना और उसके साथ खेलना बहुत पसंद है. उसकी चुत को मैंने दस मिनट तक लगातार चाटा और वो इस बीच एक बार झड़ भी गयी.

जितनी देर मैं मानसी की बॉडी के साथ खेल रहा था, उसकी आंखें एक बार भी नहीं खुली थीं. वो ऐसे मदहोश पड़ी थी, जैसे किसी ने बहुत ज्यादा नशा कर लिया हो.

जब उसकी चुत का पानी खलास हो गया तो उसने मुझे ऊपर खींच लिया और मेरे होंठों पर होंठ रख कर अपनी चुत का पानी चाटने लगी.

फिर उसने मेरे कपड़े खोल कर मुझे भी नंगा कर दिया और खुद मेरे ऊपर आकर मेरी बॉडी पर किस करने लगी.

अहह क्या फीलिंग्स थी. उस टाइम बहुत मज़ा आ रहा था. वो सेक्स की पूरी खिलाड़िन थी. उसने मेरी छाती की घुंडियों चूस चूस कर लाल कर दिया और मेरे निप्पलों पर बाईट करके निशान भी डाल दिए. उनमें बड़ा दर्द होने लगा था और बहुत मज़ा भी आ रहा था.

इसी बीच वो अपनी चुत को मेरे लंड पर रगड़ रही थी. मैं भी बिन पानी के मछली की तरह तड़फ रहा था.

फिर वो धीरे धीरे नीचे किस करते हुए मेरी टांगों के बीच में आ गयी. मेरे लंड महाराज तो पहले ही मानसी की चुत की गर्मी से पूरे लोहे की रॉड बने हुए थे.

उसने एकदम से खड़े लंड को अपने मुँह में ले लिया और लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी. उसकी लंड चुसाई इतनी बढ़िया थी कि मैं तो पागल हुआ जा रहा था.

उसने बड़ी मस्ती से कोई पांच मिनट मेरे लंड को चूसा. मैं भी उसको बालों से पकड़ कर सारा लंड उसके गले तक उतार देता था और तब तक लंड घुसेड़े रहता था, जब तक कि उसकी आंखें बाहर न आ जाती थीं.

वो जब तक भीख न मांगने लगती थी कि ‘बाहर निकालो.’ तब तक मैं लंड अन्दर ही डाले रहता था.

ऐसे ही कुछ मिनट लंड चूसने के बाद मैंने अपने लंड के ऊपर कंडोम चढ़ा लिया.

आपसे भी मेरी यही सलाह है कि हमेशा सेफ सेक्स करें … चाहे लड़की कोई भी हो.

मैं लंड पर छतरी चढ़ा कर मिशनरी पाजीशन में आ गया. मैंने उसके पैर फैलाए और लंड सैट करके एक ही झटके में पूरा का पूरा लंड उसकी चुत में उतार दिया.

वो तो पहले से ही खेली खायी थी. पर उसको सेक्स किए बहुत दिन हो गए थी तो लंड घुसते ही मानसी दर्द के मारे चिल्ला पड़ी.

मानसी कराहते हुए लंड झेल रही थी. वो बोली तो कुछ नहीं, पर उसकी आंखों में आंसू आ गए थे.

एक बार लंड पूरा अन्दर जाने के बाद मैं धीरे धीरे उसको चोदने लगा.

कुछ देर बाद मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और पूरा रूम हम दोनों की धकमपेल चुदाई की आवाज़ों से गूंजने लगा.

कभी मैं उसके ऊपर … तो कभी वो मेरे ऊपर आ जाती रही. पहले उसे मैंने ऊपर आकर 10-15 मिनट तक ताबड़तोड़ चोदा.

जब मैं थक गया, तो मैंने मानसी को बोला- बेबी, तुम हॉर्स राइडिंग करने आ जाओ.
इतना सुनते ही उसके मुखड़े पर स्माइल आ गयी और वो कहने लगी- हां, मुझको लंड राइडिंग करना बहुत पसंद है.

मैं नीचे लेट गया और वो मेरे ऊपर आकर मेरे लंड को पकड़ कर चुत में सैट करने लगी. उसने मेरा लंड अपनी छूट मैं डाल लिया और जम्प लगानी शुरू कर दी.

उसकी हरेक जम्प के साथ उसके चुचे भी उछल रहे थे, जो अलग ही नज़ारा पेश कर रहे थे. मैंने अपने हाथ आगे करके उसके मम्मों को पकड़ कर मसलना शुरू कर दिया.
जब लड़की लंड की राइडिंग करती है, तो को लंड उसकी चुत के अन्दर तक जाता है, जिसका अहसास का मज़ा ही अलग आता है.

मानसी ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी- आह्ह बेबी यस. बहुत मज़ा आ रहा है.

वो मेरी छाती पर अपने नाख़ून गड़ा रही थी, जिसका मुझे दर्द भी हो रहा था साथ में मज़ा भी आ रहा था.

ऐसे ही थोड़ी देर के बाद मानसी हांफते हुए बोली- जान, मैं थक गयी हूँ. अब कुछ और तरह से करो.
मैंने बोला- मुझे तुम्हारी चुत डॉगी स्टाइल में चोदनी है … तुम कुतिया बन जाओ.

वो भी जैसे रेडी थी, जल्दी से उतर कर झट से डॉगी स्टाइल में आ गयी. उसने अपना सर बिल्कुल नीचे रख लिया और अपनी गांड ऊपर को उठा दी. उसकी छूट अब साफ साफ दिख रही थी. उसकी चुत का पानी चमक रहा था.

मैंने भी नीचे झुक कर पहले उसकी चुत को 2-3 बड़ी बड़ी चुम्मी की और अपनी जीभ उसकी रसीली चुत में डाल कर उसकी चुत के पानी को चाट लिया. जब मैंने अपनी जीभ उसकी चुत में डाली, तो उसकी तेज ‘अहह..’ निकल गयी.

इसके बाद मैंने उसी पोजीशन में पीछे से लंड उसकी चुत में घुसा दिया और ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा.

साथ मैं उसके मम्मों को मसलने लगा वो मस्ती में पागलों की तरह चिल्ला रही थी.. और मैं भी दीवानों की तरह उसकी चुत की चुदाई कर रहा था. मैं उसके चूतड़ों पर ज़ोर ज़ोर से चपेट मार रहा था, जिससे उसके चूतड़ लाल टमाटर की तरह हो गए थे.

मैंने अपने हाथ नीचे करके उसकी चुत का दाना मसलना शुरू कर दिया. एक तो पीछे से मैं ज़ोर से उसकी चुत चुदाई कर रहा था और आगे से उसकी चुत के चने को मसल रहा था. यह ऐसा काम था, जो आग में घी का काम कर रहा था.

और हुआ भी वही … बस 5 मिनट में ही उसकी चुत ने कांपते हुए पानी छोड़ दिया. उसकी चुत का रस मेरे लंड से होते हुए उसकी टांगों पर टपकने लगा. फिर शायद नीचे चादर पर गिर रहा था.

वो बिल्कुल बेहाल होकर गिर गयी थी, पर अभी मेरा नहीं हुआ था. मैं भी उसे तेज़ तेज़ चोदने लगा और अगले दस शॉट में मेरा भी काम खलास हो गया.
मैंने कंडोम को हटा कर सारा पानी अपना उसकी गांड और पीठ पर गिरा दिया. लंड के पानी से उसकी पीठ और गांड पर मालिश कर दी.

उस दिन मैंने उसको अलग अलग पोज़ मैं एक घंटे में दो बार चुदाई की और वापस आने के लिए तैयार हो गए.

हम दोनों को जल्दी ही वहां से आना पड़ा था क्योंकि वो घर पर सहेली के साथ आने का बोल कर आयी थी.

सच कहूँ, तो उस दिन हम दोनों को बहुत मज़ा आया, जो उसने बाद में मुझे बताया था.

मानसी इतनी गर्म लौंडिया थी कि आज भी कभी अगर उसका मूड हॉर्नी हो जाता है. तो वो मुझसे चुद कर अपना पानी निकलवाने के लिए चंडीगढ़ आ जाती है.

वैसे तो वो अक्सर ही मुझे चंडीगढ़ बुला कर चुदाई के मज़े कर लेती थी. पर आजकल उसका भाई ठीक नहीं है, तो वो उसकी देखभाल में बिजी रहती है, इसलिए वो मिल नहीं पा रही है.

मगर जल्दी ही उसकी गांड मारने की ख्वाहिश को भी पूरा करना है. उसकी गांड अभी अनचुदी है. उसके गांड चुदाई की कहानी में जल्द ही लिखूंगा.

आपको मेरी हॉट सेक्स स्टोरी इन हिंदी कैसी लगी, मुझे आपकी मेल का इंतज़ार रहेगा.
विक्की सिंह
मेरी मेल आईडी है [email protected]

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