मेरी बहन और जीजू की अदला-बदली की फैंटेसी-5

(Meri Bahan aur Jiju Ki Adla Badli Ki Fantasy-5)

This story is part of a series:

अब तक की मेरी इस मस्त सेक्स कहानी में आपने पढ़ा कि मैंने सुबह उठते ही अपनी दीदी की चुदाई शुरू कर दी थी. जीज्जू ने भी हमें चुदाई करते देख लिया था.
और चुदाई के बाद मैं सो गया था.
जब मैं उठा तो कमरे में कोई नहीं था.

अब आगे:

मैं भी उठ कर अपने कमरे में चला गया और फ्रेश होकर बाहर हॉल में आ गया.

वो तीनों नाश्ता कर रहे थे. दीदी ने मुझे बुलाया, मैं भी आलिया के पास जाकर बैठ गया. मैं नाश्ता करते समय आलिया को तंग करने लगा. मैं उसकी जांघों पर हाथ घुमाने लगा.

आलिया- राज स्टॉप इट.
चित्रा- क्या हुआ?
आलिया- देखो न भाभी … आपका भाई तंग कर रहा है.
दीदी- राज … मेरी ननद को परेशान मत कर.
मैं- दीदी मैं आपकी ननद को नहीं, अपनी होने वाली गर्लफ्रेंड को तंग कर रहा हूं.

तभी आलिया ने मेरी ओर देखा.
मैं- आलिया मेरे साथ डेट पर चलोगी?
आलिया मेरी बात सुनकर मुझे देखकर सेक्सी स्माइल करने लगी.

जीजा जी- हम दोनों भी तुम लोगों के साथ आएंगे, क्योंकि मैं तुम्हारी दीदी को कितने दिनों से डेट पर नहीं ले गया हूँ.
चित्रा- ठीक है, हम सभी तैयार हो जाते हैं और फिर घूमने चलते हैं.

कुछ ही देर में हम चारों ने नाश्ता खत्म कर लिया और तैयार होने के लिए अपने अपने रूम में चले गए.

जब हम तैयार होकर रूम से बाहर आए, तब मैं उन दोनों को नजर भर कर देखता ही रह गया. उन दोनों ने ऐसा ड्रेस पहना था, जिसे देखकर कोई भी घायल हो जाएगा. उन दोनों को देख कर लग रहा था कि मानो दो अप्सराएं धरती पर आ गई हों.

मैंने उन दोनों की तारीफ़ की, तो दोनों ने ही मुझे थैंक्स कहा.

फिर हम चारों कार में बैठकर घर से निकल गए. दीदी और जीजा जी आगे बैठे थे और हम दोनों पीछे बैठे थे.

हम चारों पूरा दिन मुंबई शहर घूमते रहे. उसी शाम को मैंने सही मौका देखकर आलिया को प्रपोज कर दिया. उसने भी मेरा प्रपोजल स्वीकार कर लिया.

उसके बाद हम रात को एक अच्छे होटल में गए और एक एक पैग ले कर डिनर करके वापस घर आने के लिए निकल आए. जीजा जी कार ड्राइव कर रहे थे.

अविनाश- चित्रा, आज तुम किसके साथ सोना पंसद करोगी, अपने भाई के साथ या अपने पति के साथ?

जीजा जी की बात सुनकर हम चारों मुस्कराने लगे.

तभी जीजा ने कार के वाइन शॉप के सामने रोक दी और मुझसे स्कॉच लाने के लिए कहा. मैंने शॉप से स्कॉच की पांच बोटल ले लीं और घर वापस आ गए.

दीदी ने कहा कि पांच की क्या जरूरत थी, अभी घर पर रखी तो थीं.
मैंने कहा- कोई बात नहीं … ये तो लगती रहती हैं.

जब हम घर पर पहुंचे, तब मैंने अन्दर आते ही आलिया को अपनी गोद में उठा लिया.

मैं- जीजा जी, आज आप दीदी के साथ मजा करना, आज की रात मैं अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बिताऊंगा.
इतना कहकर मैं आलिया को अपने कमरे में ले आया. आलिया भी आज मेरा साथ पाकर खुश नजर आ रही थी.

हम दोनों कमरे में आकर किस करने लगे. मैं सुबह से इसी मौके की तलाश में था. कुछ ही देर में आलिया ने मेरी शर्ट उतार दी और हम दोनों मस्त होकर रोमांस करने लगे. इस समय दोनों तरफ आग लगी हुई थी और मेरा लंड भी खड़ा हो गया था.

कुछ ही मिनट में हम दोनों के कपड़े उतर गए थे और मैंने आलिया को बेड पर पटक दिया.

मैं आलिया के ऊपर चढ़कर उसके बदन को चूमने लगा. इस समय मैं इतना गर्म हो गया था कि उसकी गर्दन पर लवबाईट का निशान देने लगा था. आलिया भी मुझे चूमे काटे जा रही थी. अगले दो पल बाद मैंने आलिया की ब्रा को निकाल दिया और उसके मम्मों को चूमने लगा. उसके कातिलाना मम्मों को दबाते हुए मसलने लगा.

आलिया कामुक आवाजें कर रही थी- आहह उह आह!

कुछ देर मम्मों का मजा लेने के बाद मैंने उसकी गीली पैंटी भी निकाल दी और आलिया की चुत को चाटने लगा. आलिया अपनी आंखें बंद करके चुत चुसाई का मजा ले रही थी.

कुछ पल बाद मैंने उसकी चुत चाटना बंद कर दिया, जिससे वो समझ गई कि अब चुत में लंड जाएगा.

आलिया- राज, प्लीज़ कंडोम तो लगा लो.
मैं- लगाना पड़ेगा?
आलिया- यस.
मैं- ओके.

फिर मैं अपने खड़े लंड के साथ दीदी के कमरे में गया, जहां जीजा जी दीदी को पेल रहे थे. मेरे अन्दर आने से वो दोनों डिस्टर्ब हो गए और मेरी ओर देखने लगे.

जीजा जी- क्या हुआ साले साहब अपनी दीदी की याद आ गई?
मैंने मजाक करते हुए कहा- मेरे पास आपकी बहन चुदने को बेकरार है. मैं कंडोम लेने आया था, वो आपकी बहन कंडोम के बिना चोदने नहीं दे रही है. आप चुदाई जारी रखें.

दीदी की टांगें हवा में उठी थीं और जीजा जी का लंड उनकी चुत में घुसा हुआ था. दीदी मेरी ओर देखकर सेक्सी स्माइल करने लगीं. तभी जीजा जी वापस लंड पेलने लगे और मैं वहां से कंडोम लेकर चला आया.

मैंने रास्ते में ही लंड पर कंडोम चढ़ा लिया और अपने लंड को सहलाते हुए कमरे में आ गया. उधर आलिया अपनी चुत में उंगली कर रही थी.
उसकी चुदास देख कर मैं उसके ऊपर चढ़ गया और पूरी ताकत के साथ धक्का लगा कर उसे चोदने लगा.

आलिया मेरे हर झटके को सहते हुए सीत्कार कर रही थी और चुदाई का मजा ले रही थी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… राज … या या … फक मी … फक आहह ओह राज … यू आर सो हार्ड. आई एम कमिंग!

वो झड़ गई मगर मैं उसे चोदता रहा. दस मिनट की लगातार चुदाई के बाद हम दोनों झड़ गए और मैंने कंडोम निकाल कर डस्टबिन में फेंक दिया.

चुदाई के बाद मैं आलिया से चिपककर उसके बदन से खेलने लगा.

वो मुझसे प्यार भरी बातें करने लगी. कुछ ही देर में फिर से आग लग गई और अबकी बार मैंने आलिया को घोड़ी बना दिया.

आलिया डरने लगी- राज … गांड में नहीं, प्लीज दर्द होता है.
मैं- इस बार नहीं होगा.
आलिया- लेकिन राज!?

तब तक मैंने आलिया की गांड को पकड़ कर धक्का लगा दिया था, जिससे थोड़ा सा लंड अन्दर घुस गया और आलिया कराह उठी.

मैं अब धीमे धीमे से धक्का लगाने लगा. आलिया कामुक आवाजें करने लगी थी. उसे गांड मराने में मजा आने लगा था. मैंने धीरे धीरे करके पूरा लंड गांड में ठूंस दिया. वो भी हल्के दर्द के बाद लंड का मजा लेने लगी.

अब मैं आलिया की कमर को पकड़ कर तेजी से उसकी गांड चोदने लगा, जिससे आलिया की आवाजें बढ़ गईं, लेकिन वो बस दर्द को सहते हुए मजा ले रही थी. क्योंकि उसे पता था कि मैं नहीं रुकूँगा.

सच में आलिया गांड बहुत मस्त थी. मैं उसकी पीठ पर चढ़ कर उसके मम्मों को मसलता हुआ उसकी गांड को मस्ती से चोद रहा था.

कुछ देर बाद मैं झड़ गया और बेड पर लेट गया. इस बार लंड पर कंडोम नहीं लगा था, जिस वजह से मैंने लंड का सारा गरम माल उसकी गांड में खाली कर दिया. वो अपनी गांड को सहलाते हुए कांप रही थी.

आलिया- ओहह गॉड … कितना कड़क है तुम्हारा, अन्दर तक मथ कर रख देते हो.

हम दोनों पूरी तरह से थक चुके थे. मैं बेड पर लेट गया … और वो बाथरूम चली गई. उसके बाद हमने फिर रात को एक बार फिर से चुदाई की और थक कर सो गए.

सुबह जब मैं उठा, तब आलिया कमरे में नहीं थी. इसलिए मैं फ्रेश होकर बाहर आ गया. दीदी और वो दोनों डाइनिंग टेबल पर बैठकर नाश्ता कर रही थीं.

मैं- गुड मॉर्निंग लेडीज.
दीदी- गुड मॉर्निंग.

मैं आलिया के गाल पर किस करके उसके पास बैठ गया, लेकिन जीजा जी कहीं दिख नहीं रहे थे.

मैं- दीदी जीजा जी कहीं दिख नहीं रहे?
दीदी- वो जरूरी काम से ऑफिस चले गए हैं.
मैं- दीदी थैंक्यू सो मच.
दीदी- किसलिए?
मैं- आपकी वजह से मुझे इतनी हॉट गर्लफ्रेंड जो मिल गई.

तभी आलिया मुस्कराते मेरे कंधे पर मजाक में हाथ मारने लगी.

दीदी- थैंक्यू तो मुझे आप दोनों को कहना चाहिए. आप दोनों की वजह से हमारी फैंटेसी पूरी हुई है.

फिर इसी तरह बातें करते हुए हम सबने नाश्ता खत्म कर दिया. मैं एक सिगरेट सुलगा कर टीवी देखने लगा. आलिया अपने कमरे में चली गई और दीदी घर का काम करने लगीं. कुछ देर बाद दीदी नहाकर मेरे पास आकर बैठ गईं. इस समय दीदी ने वाइट टी-शर्ट और शॉर्ट पहना हुआ था. हम दोनों फिल्म देखने लगे.

मैं- दीदी इस ड्रेस में आप बड़ी मस्त दिख रही हो.

दीदी ने सेक्सी स्माइल करके कहा- थैंक्स, वैसे तुम भी हमेशा की तरह हैंडसम लग रहे हो.

मैं- दीदी एक बात पूछूं.
दीदी- हां पूछ न.
मैं- यह भाई-बहन की स्वैपिंग का आईडिया किसका था?
दीदी- वो एक्चुली मेरा आईडिया था, मैंने सोचा, थोड़ा प्यार अपने भाई को भी दे दूं.
मैं- थैंक्यू दीदी आप बिस्तर में बड़ी मस्त हो.

दीदी- तू भी बड़ा कड़क है … लेकिन सुन … यह बात हम चारों तक ही सीमित रहनी चाहिए.
मैं- इसके लिए चार्ज लगेगा.
दीदी- कैसा चार्ज?
मैं- अभी तक आपने मेरा लंड नहीं चूसा.
दीदी- तुम्हारे लिए मैं कुछ भी कर सकती हूं.
मैंने लंड सहलाते हुए आंख मारते हुए कहा- तो देर किस बात की है?

दीदी ने मुस्कुराते मेरे सामने घुटने के बल बैठकर मेरा पेन्ट और निक्कर निकाल दिया. जैसे ही दीदी ने मेरे लंड को अपने हाथ में लिया. मेरा लंड तुंरत खड़ा हो गया.

दीदी लंड को सहला कर मुँह में लेकर लॉलीपॉप की तरह चूसने लगीं और मैं कामुक आवाजें करने लगा. दीदी ने मेरी और सेक्सी नजर से देखते हुए अपने मम्मे दबाए. मैं समझ गया और मैंने दीदी की टी-शर्ट को निकाल दिया. उसके बाद मैंने अपनी टी-शर्ट भी निकाल दी.

फिर मैंने दीदी को खड़ा करके उनका शॉर्ट और पैंटी निकाल कर उन्हें सोफे पर 69 में लिटा दिया. मैं दीदी की चुत को चाटने लगा, जिससे दीदी को बहुत मजा आने लगा. वो भी मेरे लंड को चूसने लगीं.

कुछ देर बाद मैंने दीदी को अपनी गोद में बैठा कर उनके गांड पर लंड सैट कर दिया. और जब तक दीदी कुछ समझ पातीं मैंने लंड गांड में घुसा दिया.

दीदी की आह निकल गई और उन्होंने मेरे लंड को झेल लिया. मैं दीदी की कमर पकड़कर उनकी गांड चोदने लगा.
दीदी कामुक आवाजें करती हुई मेरे कंधे पर हाथ रखकर मस्ती से गांड चुदवाने लगीं.

हम दोनों चुदाई की मादक आवाजें निकाल रहे थे. उन आवाजों को सुनकर आलिया बाहर आ गई. वो देखने लगी कि मैं दीदी को अपने लंड पर सवार करके चोद रहा हूँ.

तभी दीदी आलिया तरफ देखकर स्माइल करने लगीं.

दीदी ने आलिया से कहा- एक सिगरेट जला दे यार … गांड में लंड लेने से आज बड़ा मजा आ रहा है.

वो सिगरेट जला कर कश खींचते हुए हमारे पास आकर दूसरे सोफे पर बैठ गई और उसने अपनी उंगलियों में फंसी सिगरेट दीदी को थमा दी. अब दीदी सिगरेट पीते हुए गांड में लंड का मजा ले रही थी.

तभी मैंने देखा कि आलिया मेरी ओर देखकर मुस्करा रही थी. उसके हाथ में एक कैमरा था, जिससे वो हम भाई-बहन की चुदाई की वीडियो रिकॉर्ड कर रही थी. दीदी ने कैमरे की तरफ देख कर अश्लील आवाजें निकाल कर अपने मम्मे हिला दिए. हम दोनों गांड चुदाई करते हुए अपना वीडियो बनवाने लगे. इस समय लंड अन्दर बाहर होने से फच फच की आवाज़ सुनाई दे रही थी.

आलिया- राज, अपनी दीदी को अच्छे से चोदना.
मैं- हां, अगली बारी तुम्हारी है.
आलिया- पहले अपनी दीदी को तो चोद लो.
यह कह कर वो हंसने लगी और उसने दीदी के हाथ से सिगरेट ले ली.

मैं लंबे लंबे झटकों के साथ दीदी को चोद रहा था. दीदी की गांड खुल चुकी थी यानि कल रात जीजा जी ने दीदी की गांड जरूर मारी होगी. आलिया वीडियो रिकॉर्ड करते हुए मुझे उत्साहित कर रही थी.

आलिया- और जोर से चोद राज, कल रात से भाभी तुम्हारा लंड लेने के लिए तरस रही हैं.

मैं और तेजी से दीदी की चुदाई करने लगा. दीदी भी अकड़ने लगी थीं. तभी दो मिनट बाद मैं भी झड़ गया. मैंने आधा माल दीदी की गांड में डाल दिया और बाकी का रस लंड पर ही गिर गया.

दीदी ने नीचे उतर कर घुटने के बल बैठकर मेरे लंड को मुँह में ले लिया और लंड चूसने लगीं. कुछ ही देर में लंड साफ़ हो गया और फिर से खड़ा हो गया.

लंड खड़ा करके दीदी उठ कर मेरे पास बैठ गईं- आलिया मैंने तो अपने भाई से चुदवा लिया. अब तू भी चुदवा ले.
मैं- कम ऑन बेबी … मैं तेरी गांड मारने के लिए तैयार हूँ.

आलिया ने सिगरेट बुझाई और दीदी को कैमरा देकर अपने कपड़े निकाल दिए. वो मेरी गोद में सीने से सीने को लगा कर चढ़ गई और मुझे किस करने लगी.

मैं भी उसका साथ देते हुए किस कर रहा था. मेरा लंड फिर से गांड चोदने के लिए कड़क हो गया था. मैंने आलिया की मक्खन जैसी गांड पर लंड सैट करके घुसा दिया और उसे चोदने लगा. इस बार आलिया उछल उछल कर चुदवा रही थी और दीदी चुदाई रिकॉर्ड कर रही थीं.

आलिया- ओह राज आह … ओह या … फक मी … फक मी हार्ड.

आलिया की बात सुनकर मैंने उसकी कमर पकड़कर उसे बड़ी तेजी से चोदना चालू कर दिया. वो मेरे खड़े लौड़े पर बेहद मस्त उछल रही थी और उसके मम्मे मेरी छाती से जबरदस्त रगड़ खा रहे थे.

कोई पांच मिनट बाद मैं शांत हो गया … लेकिन आलिया अब भी गांड उछाल कर चुद रही थी. मैं उसकी चुत के दाने को मींजने लगा. आखिरकार वो भी शांत हो गई.

वो मेरे लंड से हट कर दीदी के जैसे नीचे बैठ गई और वो भी मेरे लंड को चूसने लगी. उधर दीदी वीडियो रिकॉर्ड कर रही थीं.

फिर आलिया ने खड़े होकर अपने कपड़े उठाए और गांड हिलाते हुए अपने रूम में चली गई. दीदी मेरे पास आकर मेरे लंड को सहलाने लगीं और मैं उनके मम्मों को दबाने लगा.

इतने में मुझे दिल्ली से डैड का कॉल आ गया.

दोस्तो, चुदाई का मजा अभी और भी आना बाकी है. इस मस्त सेक्स कहानी को अगले भाग में आगे की सेक्स कहानी को विस्तार से लिख कर आपके आइटम गरम करूंगा. तब तक आप मुझे मेल कीजिएगा.
[email protected]
कहानी जारी है.

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