विधवा भाभी जी की चुदाई का मज़ा

दोस्तो … आप सभी को मेरा नमस्कार. मेरा नाम राज है. यह मेरी तीसरी सेक्स कहानी है एक भाभी जी की चुदाई की!
मेरी पिछली सेक्स कहानी आपने
पड़ोस की मोटी आंटी की चुदाई
पढ़ी थी.

मेरी उक्त सेक्स कहानी को आप सभी लोगों ने पसंद किया. उसके लिये आप सभी का दिल से शुक्रिया.

मैं दिल्ली में रहता हूँ और हिमाचल प्रदेश का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 28 साल है. फिट बॉडी वाला स्मार्ट बंदा हूँ. मैंने अब तक अपनी गर्ल फ्रेंड के साथ और उसकी कजिन सिस्टर के साथ सेक्स किया है.

अभी दो महीने पहले मेरे पास फ़ेसबुक पर एक फ्रेंड रिक्वेस्ट आई. उसका नाम नेहा था. मैंने नेहा की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली और उसे अपने फ्रेंड लिस्ट में जोड़ लिया.
कुछ देर बाद नेहा का मैसेज आया. उसने थैंक्स लिखा था.

मेरी उससे बात होने लगी. मैंने अभी उससे ज्यादा कुछ नहीं पूछा था, बस यूं ही इधर उधर की बातचीत की थी. मुझे लग रहा था कि ये कोई लड़का है जो मुझे चूतिया बना रहा है.

उसकी प्रोफाइल में भी किसी की फोटो नहीं लगी थी, बस एक गुलाब का फूल लगा हुआ था. टाइमलाइन पर भी उसने कुछ ख़ास नहीं लिखा था, जिससे मुझे उसके बारे में जानकारी हो पाए.

फिर यूं ही नेहा के साथ जब मेरी कुछ दिन तक फेसबुक पर बात हुई, तो मुझे उसके बारे में जानकारी हुई.

उसने अपने बारे में मुझे बताया कि वो एक विधवा भाभी जी हैं. उनकी उम्र 29 साल है.

जब मैंने उनसे उनकी फोटो के बारे में पूछा, तो नेहा भाभी जी ने मुझे अपनी तीन फोटो भेज दीं. इन फोटोज में नेहा भाभी जी एक मस्त माल दिख रही थीं. उनकी चूचियां बहुत भरी हुई थीं. नेहा भाभी जी एक हॉट और सेक्सी भाभी जी थीं.

मैंने उनसे उनका साइज़ पूछा, तो भाभी जी ने अपना साइज़ 34-30-36 का बताया. वो मुझसे काफी बिंदास होकर बात कर रही थीं.

नेहा भाभी जी से मैंने उनका फोन नम्बर मांगा.
तो भाभी जी ने हंस कर पूछा- नम्बर किस लिए चाहिए?
मैंने कहा- आपसे बात करनी है.

भाभी जी बोलीं- कैसी बात करनी है?
मैंने कहा- सेक्सी बात करनी है.
नेहा भाभी बोलीं- क्यों?
मैंने भी साफ़ कह दिया- आप अभी प्यासी होंगी. इसलिए आपके साथ गर्म बातें करके आपको मजा देने का मन है.

भाभी जी बोलीं- बातों से क्या ठंडा होना यार!
तो मैंने लिख दिया- एक बार फोन पर बात तो करो. मैं आपको चोद कर भी ठंडा कर दूंगा.
भाभी जी हंसने लगीं.

फिर उन्होंने मुझे अपना व्हाट्सैप नम्बर दे दिया. मैंने उनके व्हाट्सैप नम्बर पर एक ब्लू फिल्म की क्लिप भेज दी और उन्हें उत्तेजित कर दिया.
उनका मैसेज आया कि अभी थोड़ी देर बाद वीडियो कॉल करूंगी.

मैंने ओके लिखा और जल्दी से बाथरूम में जाकर लंड की झांटें साफ़ करके चिकना चोदू बन गया.

कुछ देर बाद भाभी जी का कॉल आया. ये वीडियो कॉल थी.
मैंने फोन उठाया, तो मेरे सामने एक बेहद हसीन लौंडिया मेरे सामने थी.

उसने एक शॉर्ट निक्कर पहना हुआ था. ऊपर एक बिना आस्तीन का टॉप पहना हुआ था जिसका गला एकदम खुला हुआ था. उस टॉप से दूधिया चूचियों के आधे से ज्यादा दर्शन हो रहे थे.

पहले तो सामने एक मस्त गदर माल देख कर मुझे विश्वास ही नहीं हुआ कि ये ही नेहा भाभी जी हैं. लेकिन नेहा भाभी की फोटोज मेरे पास थीं. इसलिए मुझे भरोसा करना पड़ा कि यही नेहा भाभी जी हैं.

उनको देख कर मेरा मुँह खुला का खुला था और मैं उनकी खूबसूरत जवानी को बस आंखों से निहार कर भाभी जी की चुदाई में लगा था.

भाभी जी ने पूछा- क्या हुआ?
मेरे तो मानो कानों में शहद घुल गया था.

मैंने अचकचाते हुए कहा- आह … नेहा भाभी जी आप तो क़यामत हैं. मैं तो आपको देख कर एकदम से भौचक्का रह गया.
भाभी जी हंसने लगीं- अब मुझे जबरन पेड़ पर मत चढ़ाओ!
मैंने कहा- नहीं भाभी, आप बेहद हसीन हैं.
अपना लंड सहलाया मैंने तो भाभी जी बोलीं- दिखा दो … मुझे भी तसल्ली हो जाएगी.

मैंने अपने खड़े लंड को खोल कर उन्हें दिखा दिया. भाभी जी की आंखें भी फ़ैल गईं. वो बोलीं- ये तो बहुत बड़ा और मोटा है.
झट से मैंने लंड पर एक कपड़ा डाल लिया और कहा- बस अब नजर मत लगाओ भाभी जी … सीधे इस्तेमाल करके देख लेना.

उनसे मेरी कुछ देर ही वीडियो कॉल पर बात हुई फिर भाभी जी ने नेटवर्क के चलते वीडियो चैट बंद कर दी और हमारी व्हाट्सैप पर मैसेज के जरिए चैट होने लगी. हम दोनों ने अब मोबाइल से सीधे कॉल लगा कर बात शुरू कर दी.

भाभी जी मेरे होम टाउन की ही रहने वाली थीं.
मैंने उनसे कहा- जल्दी ही मुझे घर आना है, क्या आप मुझसे मिलना पसंद करोगी?
भाभी जी ने हामी भर दी.

कुछ दिन बाद मैं गर्मी की छुट्टियों में अपने घर गया. भाभी जी को मेरे आने की जानकारी थी. हम दोनों का मिलने का प्लान बन गया. मिलने की जगह की बात उठी, तो भाभी जी ने ये मेरे ऊपर छोड़ दिया.

उधर मेरे एक फ्रेंड का रूम है, हम लोग उस रूम पर मिले और दोनों ने बातें कीं. भाभी जी मुझसे काफी इम्प्रेस थीं. मुझे भी भाभी जी को देख कर लग रहा था कि बस अभी पटक कर उनके ऊपर चढ़ जाऊं और भाभी जी की चुदाई कर दूं.

मैंने उनकी काफी तारीफ की.
भाभी जी ने भी हंस कर मुझे आंख मारी और कहा- जल्दी ही मिलती हूँ, तब तसल्ली से तारीफ़ कर लेना.
मैंने कहा- हां लेकिन तब तारीफ़ करने का समय ही कहां होगा.
भाभी जी बोलीं- क्यों?
मैंने कहा- उस समय तो मुझे आपकी सेवा से ही फुर्सत नहीं मिलेगी.
भाभी जी समझ गईं और ‘हट बदमाश..’ कह कर मुस्कुराने लगीं.

कुछ देर बाद भाभी जी चली गईं. ये बस पहली मुलाक़ात थी, जिसमें हम दोनों ने एक दूसरे को सामने से देख कर ख़ुशी जाहिर की थी.

उसी रात को हम दोनों ने फोन पर बात की और एक दूसरे को हॉट बातों और सेक्सी चैट से गर्म कर दिया.

मैंने भाभी जी की याद में लंड हिला कर शांत किया और उन्हें बताया कि भाभी जी मैंने मुठ मार ली है.
भाभी जी ने नाराजगी जाहिर की कि क्या कुछ दिन रुक नहीं सकते थे.
मैंने कहा- आप बता ही नहीं रही हो कि कब मिलना है.

भाभी जी ने दूसरे दिन मिलने का प्लान बना लिया. हम दोनों ने मिलने के लिए एक होटल का कमरा चुना. मैंने एक होटल में रूम बुक कर लिया और उन्हें मैसेज से बता दिया.

सेक्सी भाभी जी की चुदाई का समय आ गया

हम दोनों सुबह दस बजे उस होटल के बाहर मिले, फिर होटल में एक साथ चले गए.
मैंने रूम की चाभी ली और हम दोनों कमरे में चले गए.

कमरे में मैंने चाय मंगाई. हम दोनों ने चाय पीते हुए एक दूसरे से बातें करते हुए माहौल को थोड़ा सामान्य बनाया.

मैं बेड पर लेट गया और मैंने भाभी जी को अपने पास बुलाया. भाभी जी मेरे पास आकर बेड पर बैठ गईं, तो मैंने उन्हें अपने बाजू में लिटा लिया. भाभी जी मेरे साथ लेट गईं, तो मैंने उनकी टांग के ऊपर अपनी टांग रख दी. मैं एक हाथ से भाभी जी के चूचे दबाने लगा. भाभी जी ने मुझे मना किया, पर मैं माना नहीं और भाभी जी के चूचे दबाता रहा.

हालांकि भाभी जी को ये सब अच्छा लग रहा था, मगर नारी सुलभ लज्जा उनको ऐसा करने के लिए बाध्य कर रही थी.

मैंने उनको अपनी तरफ करके उनके होंठों पर किस की, तो भाभी जी ने भी मुझे किस किया. अब हम दोनों एक दूसरे को किस करने में लग गए.

तभी भाभी जी ने कहा- मेरी साड़ी खराब हो जाएगी. मुझे इन्हीं कपड़ों में वापस भी जाना है.
मैंने उनकी तरफ देखा, तो भाभी जी ने उठ कर अपनी साड़ी और ब्लाउज उतार दिया था.

आह … मेरे सामने एक मस्त भाभी जी सिर्फ ब्रा और पेटीकोट में खड़ी थीं.
मैंने उन्हें अपने पास आने के लिए अपनी बांहें पसार दीं.

भाभी जी मेरे सीने से लग गईं. मैंने उनके पेटीकोट का नाड़ा ढीला कर दिया और वे एक लाल रंग की ब्रा पैंटी में मेरे सामने हो गईं.

मैंने लगभग झपटे हुए भाभी जी के मम्मों पर हमला कर दिया. उनके दोनों मम्मों को ब्रा के ऊपर से चूसना शुरू कर दिया.

कुछ ही देर में चुदास चरम पर आ गई और मैंने भाभी जी को पूरा नंगी कर दिया. भाभी जी के चूचे बहुत मस्त थे एकदम टाईट और गोल गोल.

मैंने एक हाथ से भाभी जी का एक दूध पकड़ा और दूसरा मुँह में दबा लिया. भाभी जी ने भी मेरे सर पर हाथ रखा और मुझे अपने दूध पिलाने लगीं. मैं अपने दूसरे हाथ से भाभी जी की चुत में उंगली करने लगा और भाभी जी को मस्त करने लगा.

भाभी जी ‘एयेए आआह एयेए एयेए..’ करके सीत्कारें लेने लगीं. कुछ ही देर में भाभी जी पूरी हॉट हो गईं और लंड को पेंट के ऊपर से ही पकड़ कर हिलाने लगीं.

मैंने झट से अपने कपड़े उतार दिए और नंगा हो गया.

अगले ही पल भाभी जी के हाथ में मेरा गोरा सा कड़क लंड में आ गया था. भाभी जी लंड हिलाने लगीं.
मैंने बोला- भाभी जी मुँह में लेकर चूस लो.
पर भाभी जी ने मना कर दिया.

मैंने जिद की तो भाभी जी बोलीं- पहले तुम मेरी चुत चाटो … तभी मैं चूसूंगी.

69 में होकर मैंने भाभी जी की चुत चाटना शुरू कर दी. मैं भाभी जी की दोनों टाँगों को फैलाकर उनकी सफाचट चुत चाटने लगा. भाभी जी की चुत में से एक मस्त महक आ रही थी, जिससे मैं और भी गर्म हो गया था. मैंने भाभी जी की चुत को पूरी मस्ती से चाटा.

मैंने लंड को उनके मुँह से लगाया, तो भाभी जी भी मेरा लंड चूसने लगीं. मैं भाभी जी में मुँह में अपना लंड डालने लगा. भाभी जी अपनी जुबान से मेरे पूरे लंड को चाटने लगीं … चूसने लगीं.

मैं एकदम से चरम पर आ गया था और मेरे मुँह से कराहें निकलने लगी थीं.

भाभी जी समझ गई थीं कि मैं झड़ने वाला हूँ.

भाभी जी बोलीं कि मेरे मुँह में मत निकलना … तुम मेरी चुत में ही पानी निकालना.
मैंने कहा- वो तो बाद में निकालूंगा. अभी तो तुम हाथ से ही मेरा पानी निकाल दो.

मैं सीधा होकर उनके सामने आ गया, तो भाभी जी ने मेरे लंड की मुठ मार दी. मैंने उनके चूचों पर अपना पानी निकाल दिया.
फिर हम दोनों हंसने लगे.

भाभी जी की चुत और मेरा लंड एकदम ठंडे हो गए थे.

फिर कुछ देर बाद हम दोनों मस्ती करने लगे. दोनों ही फिर से चार्ज हो गए.
भाभी जी बोलीं- इस बार तुम मेरी चुत में ही रस निकाल देना. मेरे को लंड का पानी चुत में लेना बहुत पसन्द है.
मैंने कहा- ठीक है भाभी.

फिर मैंने भाभी जी को खड़ा किया और दीवार के सहारे खड़ा करके मैंने उनकी एक टांग उठा कर अपने कंधों पर रख ली और भाभी जी की चुत में अपना लंड पेल दिया. भाभी जी की मस्त आवाज निकलने लगी. मैं भाभी जी के चुचे चूसने लगा और भाभी जी की चुदाई करने लगा.

कुछ ही देर में हमारी चुदाई मस्ती से धकापेल चलने लगी. मैं पूरा लंड भाभी जी की चुत में पेल कर उनकी चुदाई कर रहा था.

भाभी जी उत्तेजना से मेरे होंठों को ज़ोर ज़ोर से किस कर रही थीं. भाभी जी मेरे कान में बोलीं- जान मुझे बिस्तर पर ले चलो न.
मैंने बिना लंड निकाले उनको बिस्तर पर लिटा दिया और उनकी चुत में लंड जड़ तक पेलने लगा.

भाभी जी ‘आआह … इस्सस्स … आहह.’ करने लगीं. भाभी जी चुदाई से एकदम से मदहोश हो गईं और मेरे गालों को चाटने लगीं.

मैं उनके दूध मसलते हुए उनकी चुत में ताबड़तोड़ लंड पेले जा रहा था, भाभी जी की चुदाई कर रहा था.

भाभी जी की मस्त आहें और कराहें निकल रही थीं- एयेए आअह … इस्स आह … मस्त चोद रहे हो … और ज़ोर से चोद दे … मेरे सनम मुझे मस्त कर दे.

मैं और तेजी से भाभी जी की चुदाई करने लगा. तभी भाभी जी झड़ने लगीं और उन्होंने मेरे को ज़ोर से जकड़ लिया.

वो मुझे चोदने से रोकने लगीं और ‘आह … एयाया … इस्स … रुक जाओ..’ करके कांपने लगीं. मैं धीरे धीरे लंड को आगे पीछे करने लगा.

भाभी जी मदहोश होते हुए झड़ रही थीं.

कुछ देर बाद मैंने ज़ोर ज़ोर से लंड पेलना चालू कर दिया था.

भाभी जी फिर से गर्म हो गईं. वो बोलीं- आह राज रुकना मत पूरा अन्दर तक डाल कर चोदो मुझे … आह बड़ा मजा आ रहा है.

कोई दस मिनट बाद मेरा भी चरम नजदीक आ गया था. मैंने आह करते हुए झड़ने को हुआ. तो भाभी जी ने भी अपनी गांड उठा कर लंड लेना शुरू कर दिया.

कुछ ही पलों में मैं झड़ गया. मेरे लंड का पूरा पानी भाभी जी की चुत में निकल गया. भाभी जी की चुत लंड के पानी से पूरी भर गई थी. भाभी जी की चुत में बहुत दिन बाद लंड की क्रीम भर सकी थी.

भाभी जी की चुत से भी बहुत अधिक क्रीम निकली. मैं देख कर हैरान हो गया कि चुत से भी कहीं इतना पानी निकलता है. मैंने आज से पहले ये सीन कभी नहीं देखा था. मेरी जीएफ़ की चुत से भी जरा सा क्रीम निकलती है.

जब भाभी जी की चुत से मैंने लंड निकाला, तो वीर्य की धार बाहर निकल आई. मेरी पूरी जांघ हम दोनों से रस से सन गई थी.

भाभी जी ने मुझे किस किया और कहा- लव यू राज.
मैंने भाभी जी की चुत में हाथ लगाया, तो चुत हॉट थी और गर्म गर्म रस छोड़ रही थी.

फिर हम दोनों बाथरूम में आ गए.

भाभी जी ने मेरा लंड साफ किया और मेरे लंड को किस करके मुँह में डाल कर चूसने लगीं.

मैंने भी भाभी जी की चुत साफ की और मैंने भी भाभी जी की चुत में अपनी जीभ लगा दी.
भाभी जी की चुत फिर से गर्म हो गई थी.

मैंने भाभी जी को बोला- चुत बहुत गर्म है.
भाभी जी हंस कर बोलीं कि अभी ठंडी कहां हुई … ये चुत तो आपकी दीवानी हो गई मेरे राज बाबू.

फिर मैंने भाभी जी को किस किया और हम दोनों रूम में आ गए.

हम दोनों बेड पर लेट गए. भाभी जी ने मेरा लंड हाथ में पकड़ लिया.

फिर वो बोलीं- मेरे मासिक की डेट आने वाली है, तो एक बार फिर से कर लो. इस समय सेफ टाइम है.
मैं बोला- ठीक है.
भाभी जी बोलीं- इस बार भी रस मेरी चुत में ही डालना … ताकि मेरी चुत भी आपके लंड की तरह गोरी और लाल हो जाए.
मैं भाभी जी की बात सुनकर हंस दिया और भाभी जी से बोला- ठीक है.

फिर मैं भाभी जी की चुत में उंगली करने लगा और वो मेरे लंड को हिलाने लगीं.

मैंने भाभी जी की चुत चाटी और चुत के दाने को मसलने लगा.

भाभी- आह मत तड़फाओ … जल्दी से लंड पेलो न.
मैंने भाभी जी से पूछा- बताओ कैसे चुदना है.
भाभी जी बोलीं- ये आपकी पसंद है … मुझे तो बस लंड चुत में लेना है.

मैं भाभी जी को सोफे पर ले गया. मैंने उनकी एक टांग सोफे पर रखवा दी और दूसरी टांग अपने हाथ में लेकर डॉगी सा बना दिया. फिर अपना लंड चुत में डाल दिया.

इस बार भाभी जी अपनी चुत में मेरा पूरा लंड एक बार में ही ले गईं और ‘सस्स्स्स … आह.’ करने लगीं.
मैं भाभी जी की चुत की चुदाई करने लगा.

कुछ देर बाद भाभी जी की ‘आ आआह निकलने लगी और वो ज़ोर से और कांपने लगीं. मैं भाभी जी को धकापेल चोदता रहा. तभी भाभी जी की चुत से पानी निकल गया. अब चुत से छप छप की आवाज़ आने लगी.

मैं ताबड़तोड़ भाभी जी की चुदाई कर रहा था और किस कर रहा था. फिर मैंने भाभी जी को बेड पर लेटाया और उनकी चुत में लंड डाल कर चुदाई करने लगा.

मेरा लंड क्रीम निकालने वाला था, तो भाभी जी बोलीं कि अन्दर ही डालना.
मैंने कहा- ओके मेरी जान.

मैं भी उनको तेजी से चोदते हुए उनकी चुत में हुए झड़ गया.

भाभी जी अब तक दो बार झड़ चुकी थीं … और निढाल हो गई थीं. हम दोनों चिपक कर सो गए.

थोड़ी देर के बाद हम दोनों उठ कर बाथरूम में जाकर नहाये और बाहर आकर कुछ खाना मंगा कर खाया.

फिर हम दोनों वापस अपने घर आ गए. अब भी हम दोनों के बीच अच्छी दोस्ती है. हम दोनों एक दूसरे की इज्जत करते हैं. और समय मिलने पर हम लोग चुदाई का मजा भी ले लेते हैं.

दोस्तो, ये थी मेरी सच्ची सेक्स कहानी है. आपको ये भाभी जी की चुदाई की कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके ज़रूर बताएं.
मेरी ईमेल आईडी है [email protected]

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