कनाडा से आई देसी चूत का मजा- 2

(Canada Se Aayi Desi Chut Ka Maja- Part 2)

रवि स्मार्ट 2020-09-12 Comments

This story is part of a series:

हम दो लड़के, दो लड़कियां चुदाई का मजा लेने जयपुर गये. पहले दिन सुबह ही दोनों लड़कियों ने हमारे लौड़े चूस कर हमें बुरी तरह से तड़पा दिया. हमने इसका बदला कैसे लिया?

नमस्कार दोस्तो, मैं आपका अपना रवि अपनी कहानी का अगला भाग आपके लिए लेकर आया हूं.
मेरी कहानी के पिछले भाग
कनाडा से आई देसी चूत
में आपको मैंने बताया था कि मेरी एक पुरानी दोस्त गीत कुछ दिन पहले कनाडा से लौटी थी.

उसके साथ चुदाई का मजा लिये हुए मुझे दो साल हो गये थे. जब वो आई तो मुझसे घूमने के लिए कहने लगी. मैं अपने दो और दोस्तों संजय और नेहा के साथ मिलकर उसके साथ जयपुर घूमने गया.

वहां पर होटल में मैं और मेरे दोस्त ने दोनों लड़कियों को नंगी करके चूसना शुरू कर दिया. मैं नेहा की चूचियां दबाते हुए उसके होंठों को पी रहा था और संजय गीत की चूत में उंगली करते हुए उसके बोबे चूस रहा था.

अब आगे:

फिर मैंने नेहा के होंठों को छोड़ा और गीत का हाल देख कर बोला- गीत डार्लिंग, थोड़ा कंट्रोल रख जानेमन, अभी तो शुरूआत भी नहीं हुई है.
नेहा अपने मम्मे को पकड़ कर मेरे मुंह में देती हुई बोली- ओह, तो और शुरूआत कैसे होती है?

संजय गीत के मम्मे को होंठों से निकालता हुआ बोला- आज तुम दोनों की डबल चुदाई होगी, बताओ पहले कौन चुदेगी?
गीत पीछे घूम कर नेहा की तरफ़ देखती हुई नेहा को बोली- अरे साली, ऐसे तो ये साले दोनों हमारी गांड की माँ चोद देंगे.

नेहा भी तुरंत बोली- कोई बात नहीं, उससे ज्यादा हम इन्हें तड़पा देंगी.

मैंने अब नेहा के मम्मों के ऊपर जीभ घुमा कर और उसके पेट से लेकर नीचे चूत तक आस-पास जीभ घुमा कर नेहा को तड़पा दिया था.

मैंने अब नेहा को दोनों टांगें उठाने को बोला और अपनी जीभ सीधे उसके क्लिट पर रख दी.
मेरा ये अंदाज़ देख कर गीत फिर नेहा से बोली- धार मार दे रवि की जीभ पर!

गीत की बात का जवाब देते हुए मैंने कहा- हाँ जरूर साली, मुझे तो अच्छा लगेगा.
मैं गीत की तरफ़ देख कर बोला- याद है न तुझे जब तू मेरी जीभ पर ही पिघल गयी थी और फिर तेरी चूत ने एकदम बरसात कर दी थी?

नेहा मेरे सिर को पकड़ कर अपनी चूत पर दबाते हुए बोली- ओह्ह सच में? क्या ऐसा ही हुआ था?
संजय अब तक गीत के पेट और मम्मों को चूस रहा था और उसकी बांहों के ऊपर से भी चुसाई कर रहा था. इधर मैं पूरी तरह नेहा की चूत चुसाई शुरू कर चुका था.

मैंने अपनी जीभ को नेहा की चूत के अंदर डाल दिया था और पूरी तरह नेहा की चूत को चूस रहा था जिससे नेहा मचलने लगी थी और उसके मुंह से मजेदार सिसकारियां भी निकलने लगीं थीं. संजय ने भी गीत की दोनों टांगों को ऊपर उठाया और उसके चूतड़ों के नीचे एक तकिया रखकर उसकी गांड को थोड़ा ऊँचा किया.

हमारे इस तरह चूतें चूसने से दोनों लड़कियां सिसकारने लगी थीं और दोनों बहुत उत्तेजित हो गयी थीं. मैं और संजय दोनों लड़कियों की चूतों को चूसे जा रहे थे और उन्हें मज़ा दे रहे थे.

फिर मैं संजय का इशारा पाकर नेहा को छोड़ कर गीत के पास चला गया और मेरी जगह संजय ने सम्भाल ली. अब हम दोनों लड़कियों को आपस में बदल चुके थे.

अब मैंने अपनी जीभ को गीत की चूत में डाल दिया जिससे गीत बहुत जोर से सिसकारने लगी और ऊपर से मैंने गीत की चूत के होंठों को अपने होंठों से लॉक कर दिया. मैं अपनी जीभ को उसकी चूत में उतार कर उसकी चूत को जीभ से कुरेदने लगा.

गीत इससे मचल गयी और मज़े से छटपटाने लगी और कहने लगी- ओह … उफ्फ्फ … यहीं पर पिघला दोगे क्या? ऊंह्ह … सी … सी … आह्ह … उफ्फ!

मैंने कुछ देर उसकी चूत को चूसने के बाद उसकी चूत को छोड़ा और एक बार अपने हाथों से उसके जिस्म को मसलने लगा. फिर उसके बाद मैंने उसे बेड पर बिठा दिया. इधर संजय ने भी नेहा की चूत और मम्मों को चूस चूस कर उसकी सिसकारियां निकलवा दी थीं.

अब हमने दोनों लड़कियों को एक साथ लाइन में बिठा दिया और मैं और संजय उनके सामने खड़े हो गये. अब तक हम दोनों भी पूरे के पूरे नंगे हो चुके थे. दोनों लड़कियां हमारे लौड़ों को अपने हाथों में लेकर उनका मुआइना करने लगीं.

गीत ने मेरे लौड़े को अपने हाथ में पकड़ा और अपनी जीभ को मेरे लंड की नोक पर टच कर दिया जिससे मैं सिहर उठा.
तभी नेहा संजय के लंड पर जीभ से थूक लगाते हुए बोली- अब हम बदला लेंगीं.

इधर गीत ने मेरे लौड़े को जीभ से चाटना शुरू कर दिया था और वो कभी मेरे लंड की नोक पर जीभ रख कर उसे चाटती हुई लंड के नीचे टट्टों तक चाट लेती और वैसे ही जीभ को वापस ले जाकर फिर लंड पर थूक छोड़ती हुई लौड़े की नोक पर जीभ लगा देती.

अब वो कभी कभी मेरा लौड़ा अपने होंठों में लेकर उसे मुंह के अंदर ले जाती और जैसे ही धीरे धीरे लंड को मुंह से बाहर निकालती तो पूरा लंड थूक से गीला कर देती.

गीत के इस तरह लंड चूसने से मेरे मुंह से कामुक सिसकारियां निकलने लगी थीं- उम्ह्हह्ह … सीसी … उफफ … साली चुदक्कड़ बेबी … चोद दिया मेरा लंड उफ्फ … अह्ह्ह … सी सी सी सी … अह्ह्ह … डार्लिंग।

दोस्तो, गीत लंड चूसने में इतनी माहिर थी कि उसका मुकाबला कोई नहीं कर सकता था. वो मेरे लंड को हाथ में पकड़ कर बहुत सेक्सी अंदाज़ में लौड़ा चूसे जा रही थी. इधर नेहा भी संजय का लंड अपने हाथ में लेकर चूस रही थी और संजय भी लंड चुसाई से मदहोश होकर सिसकारने लगा था.

मैंने गीत के सिर को अपने हाथों में पकड़ लिया और अपने लंड को उसके मुंह में घुसाने लगा. गीत ने मुझे इशारा किया कि मैं उसका सिर छोड़ दूँ. किंतु मुझे बहुत ज्यादा उत्तेजना होने लगी थी. लग रहा था कि अगर उसने दो मिनट लंड और न छोड़ा तो शायद मैं उसके मुंह में ही खल्लास हो जाऊंगा.

ये सोच कर मैंने फिर गीत का सिर छोड़ दिया और इधर संजय के लंड का बुरा हाल था. उसके लंड की नोक से लेकर उसके टट्टों के ऊपर तक नेहा की जीभ घूम रही थी. नेहा संजय को बुरी तरह से तड़पा रही थी.

हम दोनों का हाल एक ही था.
तभी संजय बोला- उफ्फ्फ … अह्ह्ह … सी सी … साली छोड़ … अब तेरी जवानी का उद्घाटन करूँ डार्लिंग … अह्ह्ह … सी … सी … सी … उफ्फ्फ … चोद दूंगा तुझे साली रंडी, मेरे लंड को छोड़ दे अब।

संजय की बात सुन कर गीत ने अपने मुंह से मेरा लंड बाहर निकाला और बोली- उफ्फ्फ … सालों पहली बरसात तो हमने अपने मुंह में ही लेनी है. तभी तो लम्बी रेस चलेगी.

ये कहते हुए उसने नेहा को आँख मारी और फिर से मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया और उन्होंने हमारे लौड़ों को पकड़ कर हमारे दोनों के लौड़े बिल्कुल पास पास कर लिए. अब नेहा और गीत एक साथ मिल कर हम दोनों के लौड़े चूसने लगीं.

अब गीत ने मेरा लंड छोड़ कर संजय का लौड़ा पकड़ लिया और नेहा उठ कर घूमी और मेरी तरफ़ आ गयी. मेरा लंड अब नेहा ने अपने मुंह में ले लिया.

वाओ … क्या मस्त नज़ारा था, नेहा की चुसाई भी गीत से कोई कम नहीं थी.

नेहा मेरा पूरा का पूरा लंड अपने मुंह में लेती और लंड को मुंह के अंदर ही रख कर अपनी जीभ को लंड के चारों और घुमाती और फिर लंड की नोक के ऊपर जीभ रख कर अपने होंठों में लौड़े को भींच कर धीरे धीरे लंड मुंह से बाहर निकालती.

उसकी इस क्रिया से मेरा सारा बदन सिहर जाता था. उधर बगल में ही बिल्कुल पास ही गीत भी संजय का लौड़ा पूरे चुदाई के अंदाज़ में चूसती जा रही थी. तब संजय ने अपना एक हाथ मेरे हाथ में दे दिया और हम दोनों ने एक दूसरे का हाथ पकड़ लिया.

संजय का दूसरा हाथ गीत के कंधे पर था और मेरा हाथ भी नेहा के कंधे पर था क्योंकि सिर को पकड़ने से उन दोनों ने हमें मना कर दिया था. वो हमारी लंड चुसाई अपने अंदाज़ में करना चाहती थीं.

अब नेहा मेरे लौड़े पर अपनी जीभ से लार टपका टपका कर उसकी चुसाई कर रही थी जिससे मेरा लंड स्खलित होने के करीब पहुंच चुका था.
मैंने एक बार फिर उन्हें कहा- उफ्फ … रुक जाओ बेबी … अह्ह्ह ह्ह … सी … सी … सी … रुक … जा साली।

तभी नेहा मेरे लंड को मुंह से बाहर निकाल कर बोली- नहीं जानू. एक बार हमें भी पिला दो अपनी जवानी का जूस।
ये कहकर उसने तुरंत फिर से मेरे लंड के टोपे पर उसके सुराख के बिल्कुल ऊपर जीभ रख कर ऐसे अंदाज़ में घुमाई कि मैं बर्दाश्त न कर पाया.

मैंने अपने दोनों हाथों से नेहा का सिर थाम लिया मगर नेहा ने अपने दोनों होंठों के बीच मेरे लंड को लॉक कर लिया और अपनी जीभ को मेरे लौड़े के छेद के ऊपर बहुत स्पीड में घुमा दिया.

उसके इस अंदाज से मैं बुरी तरह से तड़प गया और नियंत्रण खोकर मेरे लंड ने पहली पिचकारी नेहा की जीभ के ऊपर उसके मुंह में छोड़ दी. नेहा ने तुरंत अपना मुंह खोल दिया और मेरे झड़ रहे लंड के सुराख के ऊपर अपनी जीभ रख दी. जिससे मेरे लंड की पिचकारी सीधे उसकी जीभ के ऊपर गिरने लगी.

नेहा ने नीचे से मेरे टट्टों को पकड़ रखा था और मुझे ऐसे बुरी तरह तड़प कर झड़ता हुआ गीत और संजय भी देख रहे थे. तभी अचानक संजय भी मुझे झड़ता देख कर उत्तेजित हो गया और उसने भी अपना वीर्य गीत के मुंह में छोड़ दिया.

उसने कुछ वीर्य गीत के मुंह में निकाल कर अपना झड़ रहा लौड़ा बाहर खींचना चाहा जिससे उसके लंड से निकल रहे वीर्य की पिचकारी गीत के चेहरे पर उसके होंठों और गाल पर गिर गयी.

जब मैंने गीत को इस अंदाज़ में देखा तो मैंने गीत को एक स्माइल दी और उसे आँख मार कर हाथ से इशारा किया कि बहुत मस्त लग रही हो! इधर मेरा झड़ चुका लौड़ा अभी भी नेहा के मुंह में था और नेहा उसे चूसे जा रही थी.

कुछ देर ऐसे ही लंड चूसने के बाद हम सभी अलग अलग हुए और नेहा बाथरूम में भाग गयी.
गीत मेरी तरफ देखती हुई बोली- कैसे लगा हमारा अंदाज़?
मैंने भी गीत को हाथ से इशारा करते हुए कहा- सुपर डार्लिंग.

गीत मेरे पास हो गयी और मेरा झड़ चुका लौड़ा अपने हाथ में लेकर देखने लगी और उसके टॉप के ऊपर जीभ रख कर लंड को किस करने लगी. कुछ देर ऐसे ही मेरा लंड गीत ने चूसा और जैसे ही नेहा बाथरूम से बाहर आई तो गीत बाथरूम में चली गयी.

नेहा अब अपना मुंह धो कर आई थी और उसके आते ही मैंने उसे एक किस की और नेहा ने दूसरी किस संजय को भी की. हमें भी काफी मज़ा आया था. हम दोनों एक बार थक से गये थे और लंड डिस्चार्ज होने की वजह से अभी चूत चोदने के लिए लंड में इतनी जल्दी तनाव आना कठिन था.

चूत चोदने के लिए लौड़ों का खड़ा होना जरूरी था इसलिए मैंने संजय को बोला- लगता है अब सालियों की एक बार फिर से चूत चुसाई करनी पड़ेगी.
तभी संजय भी मेरी हाँ में हाँ मिलाता हुआ बोला- हां, इनको भी चूस चूस कर एक बार डिस्चार्ज करवाते हैं.

नेहा जो अभी अभी वॉशरूम से आई थी और टॉवल से अपना चेहरा साफ़ कर रही थी, हमारी बात सुन कर बोली- कोई बात नहीं डार्लिंग, तुम चूसने वाले बनो, हम तो चुसवाने के लिये कब से तैयार हैं.

उसकी बात सुन कर संजय ने उसे हाथ से पकड़ कर बेड पर खीँच लिया और बोला- आ साली, पहले तेरी ही चूसता हूँ, ज्यादा गर्म है न तू? बहनचोद।

ये बोलकर संजय ने उसको बेड पर लिटाया और उसकी दोनों टाँगें चौड़ी करके उसकी चूत के बीच अपनी जीभ रख दी. ऐसा करते देख मैंने भी नेहा के मम्मों को हाथ में लिया और उसकी एक चूची को अपने होंठों में ले लिया. हम दोनों ही नेहा की चुसाई कर रहे थे.

गीत अभी तक वाशरूम से नहीं आई थी. नेहा भी हमारी चुसाई के मज़े लेती हुई बोली- चूसो सालों, मेरी जवानी तो कब से तुम्हारी चुसाई के लिए तड़प रही है.
मैंने उसकी चूचियां चूसते हुए कहा- कोई बात नहीं डार्लिंग, आज तेरी चुसाई और चुदाई के सारे सपने पूरे कर देंगे.

इतने में ही पीछे से गीत भी आ गयी और हम तीनों को इस तरह देख कर बोली- सालों, पांच मिनट का इंतज़ार नहीं हो सकता था क्या?
मैंने उसको भी बेड पर खींचते हुए कहा- नहीं जानेमन, तुमने जैसी चुसाई हमारी की है, अब हमने भी तो बदला लेना है. बदले के लिए इंतज़ार नहीं, मौका देखा जाता है.

कहते हुए मैंने उसे बेड पर खीँच लिया और उसको नेहा के पेट के ऊपर क्रॉस की तरह लिटा दिया. मैंने गीत की चूचियों पर किस करना शुरू कर दिया और कुछ देर उसकी चूचियां चूसने के बाद मैं भी उसकी चूत चुसाई पर आ गया.

उसकी दोनों टांगों को फैला कर मैं उसकी चूत का दाना चूसने लगा जिससे गीत सिसकारने लगी और उसके नीचे पड़ी नेहा भी संजय के द्वारा चूत चुसाई करने से सिसकारने लगी. अब दोनों लड़कियों को इतना मजा मिल रहा था कि दोनों मज़े से जोर जोर से सिसकार रही थीं.

हम दोनों मर्दों की जीभ भी तेज तेज उनकी चूतों की चुसाई करने में लगीं थीं. इस तरह हमने कुछ देर तक उन दोनों की चूतें चूसीं और फिर उनको एक लाइन में लिटा दिया. मैंने संजय को इशारा किया तो संजय नेहा को छोड़ कर गीत के मम्मों को चूसने लगा.

फिर मैं नीचे से गीत के चूतड़ उठा कर उसकी चूत की चुसाई करने लगा. मैं अपनी जीभ गीत की चूत के अंदर तक ले जाता और फिर अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर ही घुमाने की कोशिश करता जिससे गीत की चूत पिघलने लगी थी.

मैं अपनी जीभ उसकी चूत से निकाल कर उसकी चूत के उपरी लाल रंग के भाग और जी स्पॉट तक रगड़ता और चूत और गांड के बीच के भाग तक जीभ को घुमाता और वहां तक अपनी जीभ से उसकी चूत गीली कर देता.

उसके बाद मैं फिर जीभ से रगड़ता हुआ जीभ को उसकी चूत के अंदर उतार देता. इधर दूसरी ओर ऊपर से संजय भी उसके एक मम्मे को हाथ से दबा कर दूसरी चूची पर जीभ घुमा रहा था.

कभी कभी वो उसका स्तन अपने होंठों में ले लेता और सारा चूचा होंठों में लेने का यतन करता. ऐसे ही उसका दूसरा स्तन भी अपने मुंह में ले लेता और कभी कभी अपनी जीभ को गीत के दोनों मम्मों के बीच में घुमाता.

हम दोनों मर्द अकेली गीत को चुसाई का मज़ा दे रहे थे और नेहा हम दोनों को ऐसा करते हुए पास से देख रही थी. गीत जोर जोर से सिसकारियां ले रही थी.
गीत को सिसकारियां लेते हुए देख कर नेहा बोली- ये साली तो गयी अब!

अब मैंने फिर से अपनी जीभ गीत की गीली चूत के ऊपर से रगड़ते हुए उसकी चूत के अंदर उतार दी और हमारे ऐसा करने से गीत शायद बहुत ज्यादा उत्तेजित हो रही थी.

वो सिसकारते हुए बोली- उईई … उफ़… स.स…स … उफ्फ्फ … अह्ह्ह … चो…द … दो… चुद ग…यी … अह्ह्ह … अह्ह्ह … उफ्फ … उफ्फ्फ … अह्ह्ह … सीई … आह्ह।

इस तरह से मदहोशी भरी सिसकारियों के साथ ही गीत ने अपनी चूत से पिचकारी छोड़ दी और उसकी धार सीधी मेरी जीभ पर गिरी. मैंने उसका और ज्यादा पानी निकालने के लिए अब जीभ को और तेज कर दिया ताकि उसका स्खलन हो जाए.

संजय ने भी उसके मम्मों पर अपनी जीभ की स्पीड बड़ा दी थी और गीत अपनी चूत से एक के बाद एक धार मेरे मुंह में छोड़ती जा रही थी. उसकी चूत का कुछ पानी बाहर भी गिर रहा था. मगर मैं भी गीत को उसके झड़ने का पूरा मज़ा देना चाहता था इसलिए मैं उसकी चुसाई बिना रुके करता जा रहा था.

गीत सिसकारते हुए झड़ती ही जा रही थी और बोल रही थी- उफ्फ्फ्फ़… आआह्ह्ह्ह… सीसी … सी … सीई … चो..द … दि..या सा..लों … माँ … चो…द … दी मेरीईई फुद्दी की… आह्ह।

कहते हुए उसने अपनी आखिरी धार भी मेरे मुंह के ऊपर ही छोड़ दी और गीत ने अपनी टांगों और शरीर को कस लिया था. ऐसा उसके झड़ने की वजह से हुआ था. जैसे ही गीत शांत हुई तो मैंने गीत की चूत से मुंह को हटाया और पास पड़े रुमाल से अपना मुंह साफ़ किया.

संजय ने भी गीत के मम्मों को छोड़ दिया था. जैसे ही गीत साइड को हुई तो मैंने बेड से नीचे उतर कर हमारे पास खड़ी नेहा को बेड पर खींच लिया और उससे कहा- तू इधर आ साली … तेरी चूत को भी डिस्चार्ज करेंगे बहनचोद।

संजय ने भी नेहा के बड़े मम्मों को पकड़ लिया और मैंने गीत जैसे ही नेहा की चूत को चुसना शुरू कर दिया. मैं नेहा की चूत और गांड के बीच में अपनी जीभ घुमा देता और नेहा के बड़े बड़े मम्मों को संजय सम्भाल रहा था.

वो उसकी चूचियों पर अपनी जीभ फिराता और कभी कभी उसके मम्मों को अपने होंठों में लेकर चूसता और कभी उसके गोल गोल मम्मों पर जीभ घुमा देता. संजय के थूक से नेहा के मम्में गीले हो चुके थे.

इधर नेहा के नीचे मैंने उसके चूतड़ों को पकड़ कर अपने थूक से उसकी चूत को गीला कर दिया था और कुछ उसकी चूत पहले से ही गीली थी. हम दोनों के ऐसे चुसाई करने से नेहा भी ज्यादा देर टिक न पायी.

गीत जैसे ही वो भी तड़पती हुई अपनी चूत का पानी छोड़ गयी. जैसे ही नेहा शांत हुई तो मैंने उसको छोड़ा और मैं भी वाशरूम में चला गया. मैं जैसे ही वाशरूम से मुंह धो कर वापस आया तो देखा कि संजय, गीत और नेहा तीनों बैठे हुए बातें कर रहे थे.

गीत बोल रही थी- बहुत मज़ा आया यार, आज तो बस आसमान घुमा दिया.
नेहा कह रही थी- जब रवि की जीभ नीचे घूम रही थी तब मैं तो बस उड़ रही थी.
संजय- हाल हमारा भी यही था, जब तुमने हमारे लौडों को चूसा था.

मैंने भी वाशरूम से आकर उनकी बातों में शामिल होते हुए कहा- गीत का झड़ना भी लाजवाब था यार, साली की पिचकारी ऐसे निकल रही थी जैसे कोई प्रेशर पंप से प्रेशर दे रहा हो.
गीत बोली- अरे वो पम्प ही तो था न नीचे लगा हुआ.

ऐसे हम बातें कर रहे थे तो संजय बोला- अब अगला प्लान क्या है?
नेहा बोली- हम तो रेडी हैं, आप बताओ?
गीत ने कहा- थोड़ा सा रेस्ट कर लें, फिर करते हैं.
मैंने भी कहा- हां, पहले थोड़ा रेस्ट कर लेते हैं.

हम सभी बेड पर लेट गये. दोनों लड़कियां हम दोनों के बीच में लेट गयीं. सबसे पहले संजय लेटा. उसकी तरफ मुंह करके गीत लेट गयी और उसकी गांड से गांड मिला कर नेहा लेटी थी. नेहा की तरफ़ मुंह करके मैं लेटा हुआ था.

मैंने और संजय ने दोनों लड़कियों को अपनी आगोश में लिया हुआ था. हम चारों कुछ देर लेट कर सोने की कोशिश कर रहे थे. मगर नींद चारों में से किसी को भी नहीं आ रही थी.
पांच-सात मिनट तक लिपटे हुए पड़े रहने के बाद मैंने फिर से नेहा के होंठों को अपने होंठों में लेकर चूसना शुरू कर दिया.

कहानी अगले भाग में जारी रहेगी.
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