स्टूडेंट की बहन की सीलपैक चुत की अगन- 1

(Chudai ki Aag Ki Kahani)

चुदाई की आग की कहानी में पढ़ें कि एक नई जवान हुई लड़की की सेक्स की प्यास किस हद तक जा सकती है. सेक्स का मजा लेने के लिए उसने अपने भाई का सहारा लिया.

मेरे एक स्टूडेंट ने होम वर्क नहीं करने का एक ऐसा कारण बताया, जिसे सुनकर मैं हिल गया.
वो क्या मसला था, आइए इस चुदाई की आग की कहानी में मजा लेते हैं.

दोस्तो, मैं राहुल जयपुर राजस्थान का रहने वाला हूँ. पेशे से मैं फिजियोथेरेपिस्ट हूँ और पिछले 5 वर्ष से सिर्फ महिलाओं के शरीर की मसाज करके उनको खुश करता हूँ.

जब तक सेक्स का पूरा मजा ना मिले, जिंदगी अधूरी सी लगती है.
ये बात मैं अपने अनुभव से बोल रहा हूँ, जो मुझे इन पांच साल में मिला. बात कुछ लंबी ना हो जाए, इसलिए फिलहाल इस सेक्स कहानी पर लौट आते हैं.

मैं अन्तर्वासना का एक नियमित पाठक हूँ. यहां लेखकों की आपबीती सुनकर लंड खड़ा तो होता ही है, साथ में उनकी चुदाई के किस्से सुनकर बहुत ही ज्यादा आनन्द मिलता है.

मेरी ये चुदाई की आग की कहानी तब की है, जब मैं कॉलेज में था. मैं दिल्ली में रूम लेकर रहता था. जेब खर्च के लिए बच्चों को ट्यूशन पढ़ा दिया करता था.

मैं आरव नाम के 18 वर्षीय लड़के को उसके घर ट्यूशन पढ़ाने जाता था. आरव के मम्मी पापा सरकारी नौकरी में थे, वो दोनों शाम को घर आ पाते थे. मैं कॉलेज से सीधा आरव के घर उसे पढ़ाने चला जाता था.

उस वक्त घर पर आरव के अलावा उसकी बहन होती थी, जिसकी उम्र 20 साल की रही होगी. वो बारहवीं कक्षा में थी और दो बजे स्कूल से वापस आ जाती थी.

आरव पढ़ने में अच्छा था.

एक दिन मैंने देखा उसका होम वर्क नहीं हुआ था, जो मैं उसे ट्यूशन में देता था.

मैंने बोला- आरव काम क्यों नहीं किया तुमने!
आरव जबाव में कुछ नहीं बोला, बस रोने लग गया.

मैंने बोला- चुप होकर बताओ नहीं तो मम्मी को बोल दूंगा.
मेरी धमकी से वो डर गया और बोला- सर मम्मी को मत बोलना, वो बहुत मारेंगी.

मैं- ठीक है, नहीं बोलूंगा … बताओ क्यों नहीं किया.
वो डरता हुआ बोला- पायल दीदी ने नहीं करने दिया.

मैं- क्यों … दीदी ने बोला था कि काम मत करो!
आरव- सर दीदी गंदी है … वो मेरी सुसु को अपने मुँह में लेती है … और अपनी सुसु को मुझे चूसने को बोलती है.

मैं उसकी इस बात जो सुनकर एकदम से चौंक गया कि ये क्या कह रहा है? फिर मैंने सोचा कि इसके सामने पायल को डांटना सही नहीं रहेगा.

मैंने आरव से बोला- तुम अपनी दीदी को मेरे पास भेज दो और अपने रूम में जाकर कल का काम पूरा करो.
वो अपने सर को हां में हिलाने लगा.

मैंने कहा- और सुनो अपनी दीदी की बात को भूल जाओ, ये बात किसी को मत बोलना.
वो पायल को बुलाने चला गया.

थोड़ी देर में पायल आई और बोली- आपने बुलाया मुझे?
मैं- बैठो यहां.

वो पास में ही बैठ गई.

मैं- जो मैं बात करने जा रहा हूँ, उसको बिना डरे बताना.
पायल- जी बोलिए.

मैं- पायल मुझे आरव ने बताया तुमने कल उसके साथ क्या किया.

ये सुनकर वो बुरी तरह सहम गयी और घबराने लगी.

मैंने उसे शांत कराते हुए कहा- तुम डरो नहीं … मैं किसी को कुछ नहीं बताऊंगा. मैं समझ सकता हूँ कि अब तुम जवान हो गई हो. तुम्हें एक ऐसे साथी की जरूरत है, जो तुम्हारी हर इच्छा को पूरी कर सके.

पायल बड़े ध्यान से मेरी बात सुन रही थी.

मैं- तुम कोई दोस्त बना लो … उसके साथ ये सब करना.

मेरी बात सुनकर अब वो थोड़ी खुल गयी थी. वो बोली- मुझे बाहर के लड़कों से डर लगता है … कहीं मम्मा को पता लग गया, तो वो मुझे मार ही देंगी. फिर मेरी सहेलियां बोलती हैं कि पहली बार में बहुत दर्द होता है.

मैं- ये बात तुम सही बोल रही हो, जल्दी किसी पर यकीन करना इतना आसान नहीं होता है. पहला सेक्स उसके साथ करन चाहिए, जो यकीन करने लायक हो. रही बात दर्द की … तो अगर प्यार से सेक्स किया जाएगा, तो दर्द नहीं होता है.

मेरी बात सुनकर वो सोच में पड़ गयी. फिर बोली- क्या आप कोई ऐसा लड़का बता सकते हैं, जिस पर यकीन किया जा सके.

मैं उसकी बात सुनकर चुप रहा. मैं खुद ही उसे चोदने के मूड में था.

वो मेरी आंखों में झांकते हुए बोली- सर मैं आपसे एक बात पूछ सकती हूँ?
मैं- हां बोलो ना!

वो बोली- मेरी एक सहेली ने मुझे एक वीडियो दिखाया था. उसमें एक अंग्रेज था. उस फिल्म में उसका ‘वो ..’ बहुत बड़ा था. क्या फिल्मों में उनके इतने बड़े बड़े अंग कैमरे से कर देते हैं.

मुझे उसकी बात से हंसी आ गई और मैंने हंसते हुए ही बोला- ऐसा नहीं है … वो सच में ही इतने बड़े होते हैं. औसतन लिंग की लंबाई 7 इंच की होती है … कुछ की 9 इंच तक भी हो सकती है.

मुझे हंसते देख कर पायल भी अब मुझे खुलने लगी थी.
वो कौतूहल से पूछने लगी- तो इतना बड़ा छोटे से छेद में कैसे जाता होगा!
मैं- जब किसी के साथ सेक्स करोगी, तो सब पता लग जाएगा.

पायल ने एक कदम आगे बढ़ कर कहा- क्या मैं आपका वो देख सकती हूँ.
मैं- मेरा क्या … नाम बोलो उसका.

वो शर्माते हुए बोली- उंह … आप समझ जाओ ना … आपका वो … दिखाओ न.
मैं- नाम नहीं जानती क्या उसका!

वो- आपका लिंग.
मैं- अच्छा, तुम्हें मेरा लिंग देखना है.. ओके … तुम खुद निकाल कर देख लो.
वो- आप ही निकाल कर दिखा दो ना प्लीज!

मैंने अपनी जींस का बटन और चैन खोल कर लंड बाहर निकाल दिया.

वो मेरा फूला हुआ लंड देख कर बोली- हाआ … इतना बड़ा … ये तो फिल्म जितना ही है. क्या मैं इसे हाथ लगा कर देख लूं!
मैं बोला- हां, जो तुम्हारा मन करे, कर सकती हो.

वो खुश होकर मेरे लंड को हाथ में लेकर देखने लगी. उसके कोमल हाथों के छूने से मेरा लंड फुंफकारने लगा. वो बहुत प्यार से मेरे लंड को निहार रही थी.

फिर बोली- क्या मैं इसे किस कर सकती हूँ.
मैंने बोला- जो तेरा मन करे, कर लो.

उसने जैसे ही अपने रसीले होठों से लंड के सुपारे को चूमा, मुझे करंट सा लग गया.
फिर उसने अपने मुँह में मेरा लंड लॉलीपॉप की तरह चूसना शुरू कर दिया.

मैं उसके लंड चूसने से आंखें बंद करके मजे लेने लगा.

अब आरव के आने का डर हो गया था मगर मुझे उसकी अनचुदी चूत को देखने का भी मन था.

इसलिए मैंने उसे रोकते हुए कहा- पायल ये लंड अब तुम्हारा ही है. बाद में जितना मन हो चूस लेना. अभी आरव के आने का डर है. अभी तुम मुझे भी तो अपनी प्यारी चूत को देखने दो.

इतना सुनकर उसने अनमने मन से मेरा लंड चूसना बंद कर दिया.

मैंने उसे सोफे पर बिठाया और उसका पजामा उतार कर घुटने तक निकाल दिया.
पायल ने लाल रंग की पैंटी पहनी हुई थी. उसकी टांगें दूध जैसी सफेद और एकदम मक्खन सी मुलायम लग रही थीं.

मैंने उसकी पैंटी उतारी, तो उसने गर्दन झुका कर अपनी आंखें बंद कर लीं. आआआह … क्या मस्त चुत थी हल्का गुलाबी रंगत लिए हुए थी.
उसे शायद अपनी बुर पर बाल रखना पसंद नहीं था, इसलिए इलाका एकदम साफ था.

मुझसे रहा नहीं गया, मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर रख दिया … इससे वो एकदम से उछल पड़ी.

मैंने बोला- आंखें बंद करके मजे लो.

उसने आंखें बंद कर लीं और मैं अपनी जीभ को चूत पर घुमा घुमा कर चूसने लगा.
मैं कभी चूत के दाने को होंठों में लेकर आईसक्रीम की तरह चूसता, तो कभी जीभ को छेद में हल्का सा घुसा कर चूसता.

अब उसने अपने हाथों से मेरा सिर चूत पर दबा दिया था.
मैं समझ गया कि इसका पानी निकलने वाला है.
मैं और जोर से चुत को चूसने लगा.

तभी उसके पैर अकड़ से गए और उसने अपना पानी निकाल दिया.

वो कमर को झटके दे दे कर चुत से पानी झाड़ती रही और मैं चुत का नमकीन रस चूसता चला गया.
पूरी तरफ से स्खलित हो जाने के बाद वो निढाल हो गई और सोफे पर लेट गई.

मैंने उसका पजामा पहना दिया और उसके पास बैठ गया.

तभी उसने उठ कर मुझे गले से लगा लिया. उसके नर्म मम्मे मेरी छाती में गड़ने लगे थे.

मैं उसे चूमता हुआ बोला- मजा आया पायल?
वो मेरे गले से लगे हुए बोली- हां … बहुत अच्छा लगा.

मैंने उसके दूध दबाए और बोला- ये तो बस शुरूआत है, जब तुम्हारी प्यारी चूत में मेरा लंड जाएगा न … तो तुम्हें इससे भी ज्यादा मजा आएगा.

वो अपने दूध मसलवाते हुए नशीली आवाज में बोली- तो अभी ही डाल दो ना अपना लंड … प्लीज.
मैंने उसके होंठों पर किस करते हुए बोला- जान … जल्दीबाजी में ये सब करने में मजा नहीं आएगा. मैं तुम्हें बहुत प्यार से पूरा मजा देकर चोदूंगा और अभी आरव के भी आने का डर है.

वो बोली- अभी मेरे बूब्स और दबाओ न प्लीज़ … और बताओ मुझे कब चोदोगे?

मैंने उसके टॉप को ऊपर किया और ब्रा हटाकर एक मम्मे के निप्पल को अपने होंठों के बीच दबा लिया.

वो आह करते हुए मुझे अपने सीने में दबा कर बोली- आह जोर से चूसो बड़ा मजा आ रहा है.
मैंने उसके गुलाबी निप्पल को खींचते हुए चूसना चालू कर दिया.

वो बोली- हां बताओ न … मुझे कब चोदोगे?
मैंने दूध चूसना छोड़ कर उसके निप्पल को अपनी दो उंगलियों की चुटकी में पकड़ा और मींजता हुए बोला- एक काम करते हैं … मुझे मालूम है कि तुम पढ़ने के लिए अपनी फ्रेंड दीपाली के घर जाती हो. अगर तुम उसे पटा लो, तो तुम उसके घर ना जाकर मेरे पास आ सकती हो.

पायल- हां, मुझे दीपाली के सारे राज पता हैं, मैं उससे कह दूंगी, तो वो मॉम को बोल देगी कि मैं उसके घर में हूँ. वैसे भी मॉम को पता है कि मैं रात को पढ़ने उसके घर जाती हूँ … बस कल ही नहीं गई थी.

मैं- फिर ठीक है, तुम मेरे रूम पर आ जाना. बाहर आकर मुझे फोन कर देना. रात को हम दोनों प्यार से पूरा मजा लेंगे.

पायल मुस्कुरा दी.

उसने मेरे होंठों से अपने होंठ मिला दिए और हम दोनों ने एक लम्बा स्मूच किया और अलग हो गए.
पायल की आंखों में वासना का नशा साफ़ झलक दिख रहा था. वो मुझे छोड़ना ही नहीं चाहती थी.

मगर मुझे मालूम था कि ये इसका पहली बार का सेक्स है इसलिए इसे ऐसा लग रहा है. मैं तो खेला खाया था मगर मैंने भी अब तक कुंवारी चुत का उद्घाटन नहीं किया था तो मुझे भी उसको चोदने की मस्ती चढ़ रही थी.

हम दोनों के बीच सब कुछ तय हो गया था … बस अब तो आज की रात नयी चूत का उद्घाटन करना शेष था.

मैं आरव को पढ़ा कर रास्ते से मेडिकल से कंडोम के दो पैकेट लेकर कमरे की तरफ जाने लगा.

तभी मुझे कुछ याद आया और मैंने अगले जनरल स्टोर से कुछ चॉकलेट के पैक लिए और अपने रूम पर आ गया.

मैं मन में सोच रहा था कि आज रात को सीलपैक गुलाबी चूत मिलेगी … वो भी पूरी रात चोदने के लिए … ये सोच सोच कर मेरा लंड पागल हो रहा था.

दोस्तो, कैसे मैंने सील पैक चूत को चोदा ये चुदाई की आग की कहानी मैं अगले भाग में विस्तार से लिखूंगा. आपके मेल से मुझे लेखन में प्रेरणा मिलेगी, अपने सुझाव जरूर भेजिएगा.
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चुदाई की आग की कहानी का अगला भाग: स्टूडेंट की बहन की सीलपैक चुत की अगन- 2

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