तनहा औरत को परम आनन्द दिया-1

(Tanha aurat Ko Param Aanand Diya- Part 1)

दोस्तो, अन्तर्वासना वेब साइट के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार! मैं बहुत साल से इस वेबसाइट पर से चुदाई की कहानियाँ पढ़ता आया हूँ या यों कहूँ कि बिना चुदाई की कहानिया पढ़े ना तो मेरा दिन पूरा होता है और ना ही रात… अब तो हाल ऐसा है कि जब तक मैं कोई चुदाई की कहानी ना पढ़ लूं, तब तक रात को नींद भी नहीं आती मुझे.

अपनी कहानी शुरू करने से पहले मैं सबसे पहले अन्तर्वासना को धन्यवाद करना चाहूँगा जिन्होंने मेरी सेक्स कहानी को आप लोगों के पढ़ने लायक समझा और प्रकाशित किया. साथ साथ मैं अन्तर्वासना के एक वरिष्ठ और उत्कृष्ट लेखक श्री सुकांत शर्मा जी को भी धन्यवाद कहना चाहूँगा जिन्होंने कामुक कहानी लिखने की कला नाम से एक लेख लिखा. वो लेख पढ़ने के बाद ही मुझे अपनी कहानी को लिखने की हिम्मत हुई. इससे पहले मैं बहुत ही दुविधा में था कि कहानी कैसे लिखूँ? कहाँ से शुरू करूँ? इत्यादि.

आज मैं आप लोगों को मेरी और मेरी एक क्लाइंट की कहानी सुनाने जा रहा हूँ, यकीन मानो दोस्तो, यह मेरी सच्ची सेक्स कहानी है और यह कहानी पढ़ कर आपको भी बहुत मज़ा आएगा. वैसे दोस्तो … यह मेरी पहली कहानी है तो अगर कोई ग़लती हो जाए तो प्लीज़ माफ़ कर देना.

मेरा नाम आर्यन कुमार है, उम्र 28 साल है, मैं मुंबई का रहने वाला हूँ. मेरी बॉडी भी बहुत अच्छी है, हाइट 6 फीट, वजन 80 किलो और चेहरा भी अच्छा ख़ासा है. वैसे तो मैं एक सॉफ्टवेयर डेवेलपर हूँ पर थोड़ा ज्यादा पैसा और एंजोयमेंट के लिए मैं प्लेबाय का काम भी साइड बाइ साइड करता हूँ.

मेरे बारे में जानने के बाद कुछ पाठक यह भी सोच रहे होंगे कि मेरे इस काम में तो मैंने कई औरतों के साथ सेक्स किया होगा तो यही कहानी क्यों लिख रहा हूँ. क्योंकि दोस्तो, इस औरत के साथ मुझे पैसा, प्यार अपनापन सब मिला, इसलिए ही मैं यह कहानी लिख रहा हूँ.

अब आप लोगों का ज्यादा समय ना लेते हुए मैं अपनी कहानी पर आता हूँ. दोस्तो, यह कुछ डेढ़ महीने पहले की बात है. उस दिन मैं दोपहर में घर पर ही कोई काम कर रहा था, तभी मुझे किसी अज्ञात नंबर से व्हाट्सप्प पर मेसेज आया- हेल्लो!
मैंने भी हेलो लिख कर रिप्लाई कर दिया.

थोड़ी देर बाद फिर उसी नंबर से मुझे एक फोटो मिला और उसके अगले मेसेज में नाम अदिति (काल्पनिक) और पता लिखा मिला.
मैं फोटो देख कर ही समझ गया कि यह फोटो नकली है; फिर भी मैंने फोटो के हिसाब से सामने वाली की तारीफ़ में एक मेसेज कर दिया और अगले मेसेज में उनसे मुझे मेसेज करने का कारण पूछा.
फिर उन्होंने बताया कि मेरे बारे में उनकी एक सहेली ने बताया है उन्हें … और उन्हें मेरा नंबर भी उनकी सहेली ने दिया है इसलिए मेसेज किया.
मैंने पूछा- कब मिलना है आपको?
तो उन्होंने बोला कि 1-2 दिन में बताएँगी सोच कर.
मैंने भी ओके लिख कर रिप्लाई कर दिया.

अगले दिन करीब शाम को 5 बजे मुझे फिर उसी नंबर से मेसेज आया- हेलो.
मैंने भी वही रिप्लाई कर दिया.
फिर उन्होंने मुझसे मेसेज में ही पूछा- क्या मेरी कोई फोटो आपके पास है या नहीं?
मैंने भी रिप्लाई किया- मैं अपने किसी भी क्लाइंट की डीटेल्स जैसे फोटो पता या फिर मोबाइल नंबर नहीं रखता. कॉन्वर्सेशन पूरी होने के बाद या मीटिंग के बाद मैं सब डेलीट कर देता हूँ.

मेरे रिप्लाई करने के थोड़ी देर बाद ही मुझे 2-3 फोटो और अगले मेसेज में नाम- पूर्वी शर्मा (काल्पनिक), पता लिखा मिला.
दोस्तो ये फोटो असली थे और नाम भी.

सामान्यतया मैं ऐसे ही किसी की तारीफ नहीं करता; पर फोटो देख कर मेरी उंगलियाँ अपने आप ही उनकी तारीफ़ में शब्द ढूँढने लगी और जो समझ में आया, टाइप करने लगी.
मैंने उनसे कॉल करने को बोला तो बोली कि अभी वो अपने पति के साथ एयरपोर्ट पर हैं. बाद में मेसेज या कॉल करने को बोल कर वो ऑफलाइन हो गयी और मैं भी अपने काम में लग गया.

सच कहूँ तो दोस्तो … मन काम में लग ही नहीं रहा था उनकी फोटो देख कर. फिर भी जैसे तैसे दिन बीतते गये और मैं अपने दोनों कामों में बिज़ी रहा.
फिर 3-4 दिन बाद मुझे उनका कॉल आया और मुझसे पूछा- आज आप फ्री हैं क्या?
मैंने भी हाँ बोल दिया.

उसके बाद उन्होंने मुझे अपना पता मेसेज किया और मुझे 8 बजे तक पहुँचने को बोल कर फोन रख दिया. मुझे उनकी बातों से पता चल गया कि वो थोड़ी नर्वस थी शायद इसीलिए उन्होंने फोन जल्दी कट कर दिया.

अगले दिन मैं बताए गये टाइम और पते पर पहुँच गया. उनकी बिल्डिंग के पास पहुँच कर मैंने उन्हें मेसेज किया. थोड़ी देर बाद ही उनका कॉल आया और उन्होंने मुझे उपर आने को बोला.
और साथ में यह भी बोला कि मुझे नीचे सेक्यूरिटी के पास उनके घर का नंबर नहीं बताना है और एक दूसरे घर का नंबर बोलने को बोला.
मैं समझ सकता था कि उन्होंने ऐसा क्यों करने को बोला मुझे.
मैंने भी वैसा ही किया, जैसा उन्होंने मुझे बोला था करने को.

थोड़ी देर बाद मैं उनके घर के सामने पहुँच गया, सच कहूँ तो दोस्तो … मेरे मन में बहुत से सवाल चल रहे थे उस समय … जैसे कि क्या ये उतनी सुंदर होंगी जैसी ये फोटो में दिखती हैं और क्या इन्होंने जो फोटो मुझे भेजा था, क्या वो सब असली थे या नहीं?
मन में सवाल लिए हुए मैंने उनके घर के दरवाजे की घंटी बजाई. थोड़ी देर बाद ही उन्होंने दरवाजा खोला.

उस समय उन्होंने इधर दरवाजा खोला और उधर मेरा मुंह खुला का खुला रह गया. यही कोई 26-27 साल की एकदम गोरी औरत थी वो … फिगर करीब 34-30-34 होगा उनका. उस टाइम उन्होंने लाल रंग की साड़ी और काला ब्लाउज पहना था. माथे पर लाल रंग की ही छोटी सी बिंदी और होंठों पर गहरे लाल रंग की ही लिपस्टिक लगायी थी. उनको देख कर ऐसा लग रहा था कि जैसे कोई अप्सरा सफेद रंग के कपड़ों के बजाय लाल और काले रंग के कपड़े पहने खड़ी हो मेरे सामने!

मैं अभी उनको ऊपर से नीचे देख ही रहा था कि उन्होंने खुद ही मुझसे पूछा- आप आर्यन हो ना?
मैं स्वीकृति में सिर्फ़ अपना सर ही हिला सका.

फिर वो मुझे अंदर आने को बोलकर खुद दरवाजे के साइड में खड़ी हो गयी. मैं अंदर गया और जाकर एक तरफ खड़ा हो गया. तब तक उन्होंने दरवाजा बंद किया और मेरे पास आकर मुझे सोफे पर बैठने को बोला और खुद किचन में पानी लेने चली गयी.

उनका घर 2 बेडरूम किचन और हॉल वाला था. उन्होंने अपने घर को भी अपने ही जैसा सजाया था.

थोड़ी देर बाद वो मुझे किचन से पानी का ग्लास लाते दिखी. उस समय मेरे मन में बहुत ही अजीब सवाल चल रहा था कि अगर इन्होंने लाल साड़ी और काला ब्लाउज पहना है तो ब्रा और पैंटी किस रंग की होगी लाल या काली?

तभी उन्होंने मेरा ध्यान तोड़ते हुए पानी लेने को बोला. मैंने पानी का ग्लास प्लेट से उठा लिया और एक सिप पीकर रख दिया.

थोड़ी देर इधर उधर की बातें करने के बाद मैंने उनसे उनके पति और शादी के बारे में पूछा.
पूर्वी- मेरी शादी नवम्बर 2015 में हुई थी और मेरे पति शिप पर इंजिनियर हैं अमेरिका में. (थोड़ा उदास होते हुए) वो साल में 6 महीने यहाँ रहते हैं और 6 महीने शिप पर.

दोस्तो, मैंने मन में ही हिसाब लगाया तो समझ में आया कि ज़्यादा से ज़्यादा ये सिर्फ़ 6-.8 महीने ही अपने पति के साथ रह पाई हैं और अभी तक इनकी चुदाई भी ठीक से नहीं हो पाई है. सच कहूँ तो मुझे उनके पति पर बहुत ही तरस आ रहा था उस समय कि ऐसी जवान और खूबसूरत जवानी को छोड़कर वो वहाँ अमेरिका में जॉब कर रहा है. और थोड़ी दया इन पर भी आ रही थी कि क्या फायदा ऐसी जवानी का जिसे कोई भोगने वाला ही ना हो.
और खुद पर गर्व महसूस कर रहा था कि आज एकदम मस्त जवान भाभी को चोदने का मौका मिल रहा है. मेरे मन में तो उस वक्त लडडू फूट रहे थे … फिर भी मैं एकदम सामान्य बना रहा.

थोड़ी देर साधारण बातों के बाद …
पूर्वी- आप स्मोकिंग या ड्रिंकिंग करते हैं?
मैं- नहीं, मैं इन सब चीजों से दूर ही रहता हूँ. और आप?
पूर्वी- मैं जब कॉलेज में थी तब 1-2 बार दोस्तों के साथ बियर पी थी पर जब से शादी हुई है तब से कुछ भी नहीं.
मैं- ओके. आज आपको पीना है क्या?
पूर्वी- अगर आप भी लेते तो थोड़ा मैं भी पी लेती.
मैं- आप पियो … मैं आपके साथ बैठ कर आपको कंपनी देता हूँ.
पूर्वी- (स्माइल करते हुए) साथ बैठने से कंपनी नहीं मिलती.
मैं- एक काम कीजिए, मेरे लिए कोई एनर्जी ड्रिंक मंगा लो. फिर तो आपको कंपनी मिल जाएगी ना?
पूर्वी मुस्कुराती हुई- हम्म!

उसके बाद उन्होंने अपने मोबाइल से किसी शॉप पर फोन लगाया और खुद के लिए एक स्ट्रॉंग बियर और मेरे लिए एक एनर्जी ड्रिंक का ऑर्डर किया.
फिर मेरे पास आकर बैठते हुए पूछा- आपने डिनर किया या नहीं अभी तक?
मैं- अभी तक तो नहीं, वैसे भी मैं रात को 10-30 बजे तक डिनर करता हूँ.
पूर्वी- उस टाइम तक तो आप मेरे साथ रहोगे, तो डिनर कब करोगे?
मैं- यहाँ से फ्री होने के बाद किसी होटल या रेस्टोरेंट में खा लूँगा.
पूर्वी- मैंने भी अभी तक कुछ बनाया नहीं है अपने लिए तो मैं एक काम करती हूँ आपके लिए और खुद के लिए खाना बाहर से ही ऑर्डर कर देती हूँ. हम साथ में बैठकर डिनर करेंगे.
मैं- ठीक है.

वो फिर अपने फोन से ही खाने का ऑर्डर देने लगी और मुझसे पूछा- क्या खाओगे आप?
तो मैंने भी बोल दिया- आप जो खिला देंगी, खा लेंगे.
पूर्वी मुस्कुराती हुई- ओके.

थोड़ी देर बाद ही दरवाजे की बेल बजी.

पूर्वी एक कमरे की तरफ इशारा करती हुई- आप उस बेडरूम में जाकर बैठो, मैं पार्सल लेकर आती हूँ.
मैं- ओके.

उसके बाद मैं उनके बेडरूम में जाकर बैठ गया. उन्होंने अपना बेडरूम भी अच्छे से मेंटेन रखा था, बेड को और कमरे को देख कर लगता ही नहीं था कि ये यहाँ पर अकेली रहती हैं. बेड पर हल्के गुलाबी रंग की चादर बिछी थी जो देखने में बहुत ही अच्छा लग रहा था. मैं भी बेड को देख कर मन में ही सोचने लगा कि आज इस बेड की और मेडम की हालत खराब करके ही जाऊँगा.

थोड़ी देर बाद ही वो मुझे हाथ में प्लास्टिक की थैली लेकर आती दिखी जिसमें बियर और एनर्जी ड्रिंक था. मैंने उनके हाथ से थैली लेकर वहीं पास के टेबल पर रख दी. फिर वो रसोई में चली गयी और 2 ग्लास लेकर आयी, मुझे ओपनर देते हुए और बियर की बोतल की तरफ इशारा करती हुई बोली- आप इसे खोलो, तब तक मैं कुछ खाने को लाती हूँ.
मैं- फुल पार्टी करने का इरादा लग रहा है आपका!
पूर्वी- ऐसा मौका बार बार मिलता भी तो नहीं ना…
मैं- हम्म्म.

मैंने बियर की बोतल का ढक्कन खोल कर एक ग्लास को बियर से भर कर साइड में रख दिया.

थोड़ी ही देर बाद पूर्वी कुछ चिप्स और नमकीन लेकर आई और उसी टेबल पर रख दिये.
मैं- साइड में रखने के लिए ये सब लेकर आयी हैं या खाएँगी भी?
पूर्वी- हाँ खाएँगे भी … पर आपने अपने लिए ग्लास तो भरा ही नहीं?
मैं- मैं तो ऐसे ही केन से ही पी लूँगा.
पूर्वी- नहीं, आप भी ग्लास में भर कर पियोगे, तब मुझे कंपनी मिलेगी.
मैं- ओके, जैसा आप बोलो.

मैंने अपने लिए भी ग्लास भर लिया एनर्जी ड्रिंक से और उनकी तरफ ग्लास उठाते हुए चियर्स बोला. उन्होंने भी अपना ग्लास उठाया और मेरे ग्लास से हल्का सा टच करा कर चियर्स बोला और धीरे से मुस्कुरा दी.
ऐसा लग रहा था जैसे दो बेवड़े मस्त पार्टी करने बैठ रहे हैं.

अभी हमने 3-4 घूंट ही पिये होंगे कि फिर से दरवाजे की घंटी बजी. हमें समझ में आ गया कि हो ना हो … यह खाने का पार्सल आया है.
पूर्वी- आप कंटिन्यू रखो, मैं पार्सल लेकर आती हूँ.
मैं- हम्म्म…

वो उस कमरे के बाहर खाना लेने चली गयी और मैं पीछे से उनको जाते हुए देखने लगा, क्या चाल थी उनकी … दोनों कूल्हे ऐसे मटका मटका कर चल रही थी जैसे मुझे न्योता दे रही हो.

थोड़ी ही देर में पूर्वी ने खाने का पार्सल लाकर मेज पर रख दिया और अपना ग्लास उठाते हुए- खाना कब खाना है?
मैं- अभी जो कर रहे हैं, इसे पूरा करने के बाद देखते हैं.
पूर्वी- हम्म्म.

सच कहूँ तो अब मुझसे भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था, मन कर रहा था कि कितनी जल्दी इनको अपनी बांहों में भर लूं!
पर इस प्रोफेशन में आप अपने मन से कुछ भी नहीं कर सकते.

इतने में उन्होंने अपना पूरा ग्लास खाली कर दिया और ज़ोर से खांसने लगी … शायद लास्ट वाला घूँट थोड़ा ज़्यादा हो गया उनके लिए. मैं भी थोड़ा घबरा गया और उठ कर उनकी पीठ को हल्के हाथ से सहलाने लगा. उनका ब्लाउज भी लो कट वाला था जिस वजह से मेरा हाथ उनकी आधी खुली पीठ पर लग रहा था. थोड़ी देर रब करने के उनकी खांसी कम हो गयी तो मैं उनके पास ही बैठ गया.
फिर वो मेरी तरफ देख कर हल्के से मुस्कुराई, मैंने भी मौके फ़ायदा उठाते हुए अपने होंठ उनके होंठों पर रख दिये. पहले तो वो थोड़ा हैरान रह गयी, फिर खुद को संभालते हुए वो भी मेरा साथ देने लगी. यही चुम्बन कब स्मूच में बदल गया, पता ही नहीं चला.
थोड़ी देर किस और स्मूच करने के बाद मैंने उन्हें उठा कर बेड पर लिटा दिया और उनके ऊपर आकर उन्हें फिर से किस करना शुरू कर दिया और इस बार वो पूरा साथ दे रही थी.

किस करते करते ही मैं अपना हाथ थोड़ा नीचे उनके चुचियों तक लेकर आया और हल्के से दबाना शुरू कर दिया और वो हल्की हल्की सिसकारियाँ लेने लगी. मैंने धीरे धीरे उनके ब्लाउज के हुक खोलने शुरू कर दिया और कुछ ही सेकेंड में ब्लाउज निकाल कर साइड में फेंक दी.

जैसा मैंने सोचा था, उन्होंने वैसा ही काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी जो उनकी गोरी और गुलाबी चुचियों को संभाल रही थी और मुझे बिगाड़ रही थी. फिर मैंने उनकी कमर के नीचे से हाथ डाल कर ब्रा का हुक खोल दिया और उनकी चुचियों को आज़ाद कर दिया और उनके चूचों को चूसने लगा और काटने लगा.

वो मस्ती में ‘उउहह.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… आह.. जान.. मुझे मसल दो.. मेरी चुचियों को खा जाओ.. आअह बहुत मज़ा आ रहा है…’ किये जा रही थी.
फिर मैंने उनकी साड़ी उतार दी और उनकी नाभि चाटता हुआ पैंटी तक आ पहुँचा, उन्होंने पैंटी भी काले रंग की पहनी थी जो कि अब उनके रस से गीली हो चुकी थी, मैंने अपने होंठों से उनकी पैंटी उतार दी. दोस्तो उनकी एकदम गुलाबी और क्लीन चूत देख कर मैं खुद को रोक ही नहीं पाया और उनकी चुत चाटने लगा.

मैं लगातार उनकी चुत चाटे जा रहा था. वो सिसकारियाँ ले ले कर बोल रही थी- आह … हाँ और … और कसके चाटो…
आख़िर उनकी चुत का बाँध टूट गया और कुछ पल के लिए वो निढाल हो गई.

थोड़ी देर बाद उन्होंने मुझे भी कपड़े निकालने को बोला… मैं तो कब से इस वक़्त का इंतजार कर रहा था जैसे उन्होंने बोला मैंने फटाफट अपने सारे कपड़े निकाल फेंके.
मेरे लंड को देख कर वो हैरान होकर बोली- आपका तो काफ़ी बड़ा है.

दोस्तो बाकी लेखकों की तरह मेरा लंड कोई 8-10 इंच लंबा और 3-4 इंच मोटा तो नहीं हैं फिर भी 6 इंच लंबा और ढाई इंच मोटा ज़रूर है. और तो और दोस्तो … किसी भी लड़की या औरत को आप लंड की लंबाई या मोटाई से संतुष्ट नहीं कर सकते, अगर संतुष्ट कर सकते हैं तो सिर्फ़ और सिर्फ़ अपने परफॉर्मेंस से!

जब उन्होंने ऐसा बोला तो मुझे थोड़ी हैरानी हुई और मैंने उनसे पूछा- आपके पति का कितना बड़ा और मोटा है?
फिर वो अपने हाथ की उंगलियों से गोलाई बनाते हुए और दूसरे हाथ से लंबाई बताते हुए बोली- उनका तो बस इतना सा ही है मतलब यही कोई 4 इंच लंबा और 2 इंच मोटा.

उनका चेहरा देख कर मुझे थोड़ी हँसी सी आ गयी. उन्होंने मुझसे मेरी हँसी का कारण पूछा तो मैंने बस ऐसे ही बोल कर बात को टाल दिया.
मैं- आपने कभी मुंह में लिया है?
पूर्वी- क्या?
मैं अपने लंड की तरफ इशारा करते हुए- इसे …
पूर्वी- हाँ, एक बार मेरे पति के कहने पर लिया था पर मुझे अच्छा नहीं लगा था.
मैं- ओके.

अब मैंने उनकी कमर के नीचे एक तकिया लगाया जिससे उनकी चुत ऊपर उठ गई, मैं लंड उनकी चुत पे रगड़ने लगा, वो तड़प उठीं, बोलीं- प्लीज़, अब इसे मेरी चूत में डाल दो!
तभी मैंने एक धक्का मारा. मैंने एक ही बार में मेरा आधा लंड उनकी चुत में पेल दिया. वो ‘उउई म्म्म्मा उउह मर गई.. उउ उउफ उउ.. उउईई..’ करके चिल्ला उठी.

फिर मैंने दूसरा धक्का मारा. इस बार मेरा लंड उनकी चुत में पूरा अन्दर चला गया. पहले तो वो तोड़ा कसमसाई फिर मुझे वैसे ही रुकने बोला. मैं भी एक अच्छे बच्चे की तरह उनकी बात मानते हुए रुक गया.
फिर वो बोली- मैं तुम्हारे लंड को अपने अंदर थोड़ी देर महसूस करना चाहती हूँ.
मैं- ओके.

फिर वो कभी अपनी चूत की फांकों को सिकोड़ लेती तो कभी ढीला छोड़ देती… कुछ देर ऐसा करने के बाद वो अपनी कमर धीरे धीरे खुद ही ऊपर नीचे करने लगी. मैं समझ गया कि अब पूर्वी क्या चाहती है और मैं भी लंड की धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा और अपनी स्पीड भी बढ़ाने लगा.
मैं हमेशा ही कंडोम का इस्तेमाल करता हूँ जिस वजह से ‘कहीं कंडोम निकल ना जाए’ इस बात पर ध्यान जाता है और इस वजह से चुदाई भी थोड़ा ज़्यादा देर चलती है.

अब शुरू हुई असली चुदाई की दौड़ … वो मस्ती में बोले जा रही थी- अह.. और जोर से.. आहह बहुत मज़ा आ रहा है जान.. अया… उम्म्म.. उहह और जोर से..

करीब 15 मिनट बाद मैंने उन्हें कुतिया बनाने को बोला और पीछे जाकर उनकी चूत में पूरा लंड पेल दिया और तेज़-तेज़ शॉट मारने लगा. उनकी गांड भी एकदम गुलाबी थी जिसे देख कर मन किया कि इसका भी छेद बड़ा कर दूँ! पर मेरी मजबूरी थी कि मैं अपने आप से कुछ भी नहीं कर सकता था. फिर भी मैंने ऐसे ही चान्स मारने के लिए अपनी उंगली पर थोड़ा थूक लगाया और उनकी गांड के छेद को रब करने लगा.

पूर्वी मस्ती में मेरी तरफ देखती हुई- यह क्या कर रहे हो तुम?
मैं- बस आपको यौनसुख देने की कोशिश कर रहा हूँ; आपने कभी एनल सेक्स किया है?
पूर्वी- नही, मैंने सुना है कि वहाँ बहुत दर्द होता हैं.
मैं- अगर आप किसी कुशल आदमी के साथ ट्राई करेंगी तो पहली बार जितना दर्द सेक्स करते समय होता हैं उससे बहुत कम दर्द एनल सेक्स करते टाइम होता हैं.

पूर्वी- आपने कभी किसी के साथ किया है?
मैं- मैंने अपने लगभग सब क्लाइंट के साथ एनल सेक्स किया है वो भी उनकी मर्ज़ी से और अब सब अपनी मर्ज़ी से हर बार करवाती हैं.
पूर्वी- ओके.

दोस्तो इस दौरान उनकी चूत की चुदाई चल ही रही थी … थोड़ी देर बाद उनका शरीर ऐंठने लगा और वो झड़ गईं. थोड़ी देर बाद मैं भी झड़ गया.. और उनके ऊपर ही लेट गया.
फिर हम दोनों उठे और साथ में बाथरूम में गए और फ्रेश होकर बाहर आ गए. उसके बाद हमने साथ में डिनर किया.

उस रात हमने ढाई बार सेक्स किया. आप सोच रहे होंगे कि ये ढाई बार कैसे होता है?
मैं बताता हूँ … 2 बार तो मेरा पानी निकला पर तीसरी बार जल्दी निकल ही नहीं रहा था और पूर्वी काफ़ी थक चुकी थी. और तीसरी बार में बीच में ही मुझे रोक दिया और बोली- आज मैंने लाइफ में पहली बार ऐसा सेक्स किया है कम से कम 4-5 बार मेरा पानी निकला है आज. तुम सच में बहुत अच्छा सेक्स करते हो.

फिर थोड़ी उदास होती हुई बोली- आज तक सिर्फ़ एक बार ही मेरे पति ने एक रात दो बार सेक्स किया था मेरे साथ … और हर बार 10 मिनट के अंदर ही उनका पानी निकल जाता है. आज तक कभी वो मेरा पानी नहीं निकाल पाए. मेरी कई सहेलियाँ मुझे बताती हैं कि उनके पति कई बार उनको 2-2, 3-3 बार चोदते हैं और कोई कोई बोलती है कि उनके पति उन्हें कभी कभी एक एक घंटे तक चोदते हैं. सच कहूँ तो तब मुझे लगता था कि वो सब ऐसे ही कुछ भी बोलती थी. क्यूंकि मेरे पति आज तक कभी 10 मिनट से ऊपर कर ही नहीं पाए तो मुझे लगता था कि बस चुदाई करने और करवाने का इतना ही समय होता होगा. पर आज तुमसे मिल कर लग रहा है कि मेरी सहेलियाँ शायद सच ही कहती होंगी मुझसे… सच में उनके पति 2-3 बार या काफी देर तक चोदते होंगे उन्हें … अगर मुझे आपके बारे में पहले पता होता तो फर्स्ट टाइम सेक्स भी मैं आपके साथ ही करती.

मैंने भी सोचा कि जब मैं दरवाजे जैसी चूत वालियों की भी चीखें निकलवा देता हूँ तो उनकी चूत तो लगभग कुंवारी थी मेरे लिए…
मैं- हम्म्म!
मैं बहुत तक गयी हूँ और मुझे नींद आ रही है.
इतना बोल कर वो बेड पर लेट गयी और मैं अपने खड़े लंड को सहलाता ही रह गया, अब ज़ोर ज़बरदस्ती तो कर नहीं सकता था तो चुपचाप उन्हें देखता ही रह गया … बहुत ही मासूम लग रही थी वो उस समय …

जब हमारी बात हुई थी मीटिंग के लिए … तब सिर्फ़ 3 घंटे के लिए ही तय हुई थी… मैंने घड़ी की तरफ देखा तो रात 11-30 बज रहे थे… और पूर्वी गहरी नींद में सो चुकी थी. मैं सोचने लगा कि अब मैं क्या करूँ? पूर्वी को जगाऊँ या ऐसे ही निकल जाऊं?
यही सब सोचते सोचते पता नहीं कब मुझे भी नींद आ गयी और मैं भी सो गया.

सुबह मुझे लगा कि जैसे कोई मुझे जगा रहा है, आँख खोलकर देखा तो पूर्वी थी.
मैं उठते हुए- सॉरी मेडम, रात को कब आँख लग गयी पता ही नहीं चला.
पूर्वी- इट्स ओके … मुझे भी नहीं पता चला रात को!
पूर्वी- अच्छा आप चाय लेंगे या कॉफी?
मैं- कुछ भी चलेगा…
पूर्वी- ओके…

इतना बोलकर वो रसोई में चली गयी और मैं बाथरूम में फ्रेश होने चला गया.

मैं बाथरूम से सीधे बेडरूम में गया और अपने कपड़े पहनने लगा. अभी तक मैंने सिर्फ़ बनियान और अंडरवीयर ही पहना था और जीन्स पहनने ही जा रहा था तभी पूर्वी हाथ में चाय का कप लिए अंदर आयी और मुझे कप पकड़ाते हुए और नज़रे नीचे किए हुए बोली- क्या हम एक बार और कर सकते हैं?
सच कहता हूँ दोस्तो … उनकी उस अदा पर तो दिल ही आ गया.
मैं उनकी तरफ देख कर मुस्कुराया वो अभी भी नज़रें नीचे ही किए हुए थी.

मैंने उनके हाथ से कप लेकर साइड वाली टेबल पर रख दिया और उनका हाथ पकड़ते हुए उन्हें अपनी तरफ खींच लिया … और उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिये. उन्होंने भी भरपूर साथ दिया मेरा… अब वो मुझसे एकदम खुल चुकी थी. मैंने करीब 20-25 मिनट तक उन्हें अच्छे से चोदा और वो भी मज़े लेकर चुदवाती रही.
उसके बाद हम दोनों साथ में नहाए भी.

फिर मैं वहाँ से निकलने लगा तो उन्होंने मुझे दरवाजे के पास रुकने को बोला और दूसरे कमरे में चली गयी, मैं उनके आने का इंतजार करने लगा.
करीब 3 मिनट बाद वो कमरे से आई और मेरा हाथ पकड़ कर हाथ में पैसे देते हुए बोली- ये आप सुबह और रात तक जो मेरे साथ रुके उसके लिए…

मैंने उनका दायाँ हाथ अपने हाथ में लिया और पैसे उनकी हथेली पर पैसे रखते हुए बोला- आज तक मैं जिस भी क्लाइंट के साथ गया या जाना पड़ा वहाँ मुझे एक मशीन की तरह समझा गया या समझा जाता है… आज पहली बार आपसे साथ मुझे खुद के लिए मशीन वाली फीलिंग नहीं आई बल्कि मुझे लगा जैसे या तो मैं अपने गर्लफ्रेंड के साथ हूँ या अपनी वाइफ के साथ… आपने मुझे मशीन नहीं बल्कि अपना पार्ट्नर समझा… इसलिए मैं ये पैसे नहीं ले सकता.

पूर्वी मासूमियत से- कुछ तो ले लो यार …
मैंने उन्हें कमर में हाथ डाल कर अपनी ओर खींच लिया और स्मूच करने लगा. उन्होंने अपने हाथों का घेरा बना कर मुझे कस कर पकड़ लिया और मेरा साथ देने लगी. करीब 2-3 मिनट स्मूच करने के बाद मैं खुद को उनसे अलग करते हुए बोला- यह रहा मेरी रात और सुबह के एक्सट्रा टाइम का मेहनताना.
पूर्वी स्माइल करते हुए- जल्दी ही आपसे फिर मिलूंगी.
मैं- मैं भी आपसे मिलने का इंतजार करूँगा.
इतना बोल कर मैं वहाँ से निकल गया.

पिछले डेढ़ महीने में अभी तक वो मुझसे 5-6 बार मिल चुकी है, कभी घर पर तो कभी होटेल में … और हमने हर बार कम से कम 2 बार सेक्स किया. मैंने उनके साथ एनल सेक्स भी किया और अब तो हर बार वो खुद ही गांड मरवाने के लिए तैयार रहती हैं.

दोस्तो, आपको यह कहानी कैसी लगी मुझे बताना ज़रूर.. आपके मेल का इंतजार रहेगा. इस सच्ची कहानी को लेकर आपकी कोई सुझाव या प्रतिक्रिया हो तो प्लीज़ मुझे [email protected] पर ज़रूर मेल करें. मेरे जैसे नये नवेले लेखकों के लिए आप सभी पाठकों के सुझाव ही प्रोत्साहन का काम करते हैं और हमारा हौसला बढ़ाते हैं.

आगे की कहानी: तनहा औरत को परम आनन्द दिया-2

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