पुराने शौक नए साथी- 1

(College Sexy Girl Ki Kahani)

सनी वर्मा 2021-11-22 Comments

कॉलेज सेक्सी गर्ल की कहानी में पढ़ें कि दो सहेलियां आपस में लेस्बियन सेक्स करके अपनी अन्तर्वासना को कैसे दबाती थी. एक लड़की की शादी हुई तो फिर क्या हुआ?

दोस्तो, आप लोग ने मेरी कहानियाँ बहुत पसंद करते हैं, इस बात का अंदाज़ आप लोगों से मिले मेल्स से होता है।

बहुत लोग मेरी कहानियों का हिस्सा बनना चाहते हैं या किरदारों से जुड़ना चाहते हैं.
उन्हें यह समझना चाहिए की मेरी अधिकांश कहानियाँ में किसी सत्य घटना को थोड़ा परिवर्तित करके कहानी का रूप दिया गया होता है या आप जैसे पाठकों के अपने अनुभव को मैं उनके आग्रह पर कहानी के शब्दों में पिरो देता हूँ।

पर इसका तात्पर्य यह नहीं कि पाठक उन कहानियों के किरदार से या मुझसे व्यक्तिगत रूप से जुड़ जाएँ, हम और आप तो केवल मेल्स के माध्यम से ही जुड़ सकते हैं।

हाँ, आपके हर प्रश्न का उत्तर मैं मेल से देने का अवश्य प्रयास करता हूँ।

मेरी पिछली कहानी थी: जिस्म की भूख

आज की कॉलेज सेक्सी गर्ल की कहानी शीना और पारुल की है।
दोनों बचपन की सहेली हैं, कक्षा पाँच से इंटर तक दोनों हॉस्टल में साथ ही रहीं।

उसके बाद शीना तो फेशन डिजाइनिंग का कोर्स करने दिल्ली चली गयी और पारुल इंजीनीयरिंग की कोचिंग के लिए दिल्ली ही गयी।
यहाँ भी दोनों पीजी में साथ ही रहीं।

शीना का दो साल का कोर्स था पर डेढ़ साल बाद ही उसकी शादी तय हो गयी।
तो जैसे तैसे कोर्स पूरा करते ही उसकी शादी हो गयी।

पारुल का सफर लंबा था, सपने ऊंचे … उसने अपने अथक प्रयास से आई आई टी क्लीयर किया, उसके बाद एक साल का जॉब किया कुल मिला कर अपना करियर सेट करते-करते उसके अपने जीवन के 27-28 साल पार कर लिए।

अब वापिस चलते हैं शीना और पारुल की जवानी के सफर की ओर!

शीना बचपन से ही बला की शोख, सुंदर और चंचल थी।
उसका मन पढ़ने-लिखने में नहीं लगता था।
वो तो भला हो पारुल का जो उसे धक्का दे देकर पढ़वा रही थी।
पर खुराफ़ातों में शीना का कोई मुक़ाबला नहीं।

हाईस्कूल तक आते आते शीना का सेक्स ज्ञान बहुत आगे था।
लेटैस्ट फेशन का हर कपड़ा उसकी अलमारी में होता।

उसको बिगाड़ने में उसके पापा का पूरा रोल था जो उसको अपने बेटे की तरह पालते थे।
शीना की माँ का स्वर्गवास उसके बचपन में ही हो गया था। उसके पिता ने ही उसे माँ बाप दोनों का प्यार दिया था।

उन्होंने बस यही कसम दे रखी थी शीना को कि अगर गलती से भी शीना ने कोई एसा काम कर दिया जिससे उनकी गर्दन झुक गयी तो वे अपने को गोली मार लेंगे।
बस उनके प्यार और इस धमकी की वजह से शीना मजे सारे लेती थी पर उसने कभी एसा काम करने की नहीं सोची जिससे उसके पिता की बदनामी हो।

शीना और पारुल में बहुत प्यार था; सगी बहनों से भी ज्यादा।
जब भी शीना के लिए कोई ड्रेस या कुछ भी आता तो पारुल के लिए भी आता।

पर बाद में पारुल ने शीना के पापा को कह दिया कि उसे कपड़ों का इतना शौक नहीं है; तो वो उसके लिए हमेशा न भेजा करें.

उसकी और शीना कि कद काठी एक सी है तो वो दोनों ही अदल बदल कर कपड़े पहन सकती हैं।

शीना की खुराफ़ातों से पारुल परेशान तो बहुत होती पर उसने कभी भी शीना को अकेला नहीं छोड़ा।

फ़र्क इतना था कि वो पढ़ाई पूरी करके ही सोती और शीना तब तक अपने लेपटॉप पर या मोबाइल में घुसी रहती।
यहाँ तक कि शीना की प्रोजेक्ट फाइल भी पारुल ने ही बनाई।
उसकी तो इंजीनियरिंग और फेशन डेजाइनिंग दोनों हो रही थीं।

शीना और पारुल दोनों सुबह जिम करती थीं तो शरीर से फिट थीं. दोनों की लंबाई 5′ 6″ थी और मम्मे भरे हुए थे।
कुल मिला कर दोनों की फिगर मस्त थी।

शीना को पीजी में आने के बाद तो पर निकल आए थे।
सिगरेट, बियर, पॉर्न मूवी … इन सबमें वो पर्फेक्ट थी और अपने साथ पारुल को भी खींचे हुए थी।

पर पारुल ने उसकी हर डोज़ फिक्स कर रखी थी।
मतलब दिन में दो से ज्यादा सिगरेट नहीं, बीयर हफ्ते में केवल एक बार और पॉर्न तो शीना हर समय ही देखती रहती।

पीजी में किसी भी रात को उसने पारुल को कपड़े पहन कर नहीं सोने दिया।
दोनों नंगी ही चूमा-चाटी कर के चिपक कर सोतीं।

वाशरूम की किवाड़ तो उनके रूम की कभी बंद ही नहीं हुई.
और अब दोनों को एक दूसरे की इतनी आदत हो गयी थी कि नंगे होने का अहसास उन्हें होता ही नहीं था।
दोनों अक्सर साथ ही नहाती।

बस शीना की बदमाशियाँ ज्यादा होती जा रही थीं। उसे बिना चूत में उंगली या वाइब्रेटर किए नींद ही नहीं आती।
यह काम उसे खुद ही करना पड़ता क्योंकि पारुल को पढ़ते समय डिस्टर्बेंस अच्छा नहीं लगता था।

हाँ जिस दिन पारुल जल्दी बेड पर आ जाती तो दोनों एक दूसरे की चूत को खूब चूसतीं।
शीना तो पारुल के मम्मे पकड़ कर ही सोती।

अगर रात को पारुल वाशरूम जाने या पानी पीने के लिए उठती तो उसे अपने आपको शीना से जबर्दस्ती छुड़ाना पड़ता।
पारुल भी शीना के इस प्यार की दीवानी थी।

एक बार तो शीना ने पारुल से कहा था कि वो आपस में ही शादी कर लें.
पर पारुल ने कहा कि समाज इसे नहीं मानेगा और शीना के पिता को भी बहुत दुख होगा.
और फिर पारुल का तो केरियर का सफर बहुत लंबा है।

समझाने पर शीना मान तो गयी पर उसने पारुल से ये वादा ले लिया कि हर तीन महीने में वो दोनों एक दो दिन के लिए मिला करेंगी.
और उन दो दिनों में उनकी अपनी फॅमिली उन्हें डिस्टर्ब नहीं करेगी।

शीना की शादी दिल्ली के ही एक व्यापारी तुषार से तय हुई।

तुषार बेहद आकर्षक और ज़िंदादिल लड़का था।
शीना के पिता ने पारुल को ये ज़िम्मेदारी दी थी कि कहीं शीना तुषार के साथ शादी से पहले ज्यादा अंतरंग न हो जाये।
उन्हें भी शीना की चंचलता से डर लगता था।

तो पारुल ने शीना को तुषार के साथ ज्यादा देर के लिए कभी अकेला नहीं छोड़ा।
तुषार भी समझदार था।

तीनों की आपस में खूब पटती थी। चुम्मा चुम्मी तो अब आम बात है।
शीना जब भी तुषार से मिलती उसे होठों पर ही किस करती.

हाँ तुषार बहुत सहजता से पारुल को गाल पर किस करता।

तीनों के आपस में खूब हंसी मज़ाक होते जो नॉन वेज की सीमा तक चले जाते।

इन सबके बीच भी पारुल अपनी पढ़ाई को डिस्टर्ब नहीं करती।

कभी अगर वो तीनों डिनर पर जाते तो पारुल पूरी रात पढ़ाई करके अपना काम पूरा करती।

शीना ने तुषार को हंस कर कह दिया था कि वो कभी भी उसके और पारुल के बीच नहीं आएगा।

तुषार इन तीन-चार महीनों में शीना और पारुल की अंतरंगता को समझ गया था और वो भी पारुल की केरियर के प्रति ईमानदारी से प्रभावित था।

एक बार तीनों ने वॉटर पार्क का प्रोग्राम बनाया।

पारुल को संकोच हो रहा था क्योंकि वहाँ तो स्विमिंग कॉस्ट्यूम पहनना पड़ता।

पर तुषार और शीना ने जिद की और कहा कि पारुल तो साली लगती है तुषार की … तो उससे क्या शरमाना।
बस वहीं से उनके बीच की सारी शर्म खत्म सी होती गयी।

अब तो मूवी में तुषार और शीना के हाथ एक दूसरे के बदन को खगालते रहते या चूमा चाटी ज्यादा होती तो पारुल उन्हें डिस्टर्ब नहीं करती।

बस हाँ उस रात शीना उसे बिस्तर पर तुषार समझ कर चढ़ी रहती।

पारुल भी भगवान से यही मना रही थी कि बस कैसे भी शीना शादी तक अपने पिता से किए वादे को निभा ले।
शादी से एक महीने पहले तुषार ने दोनों को अपने महरोली वाले फार्म हाउस पर लंच पर बुलाया।

गर्मी ज्यादा थी तो तीनों रूम में बेड पर ही लेट कर गप्पें मार रहे थे।

पारुल वाशरूम जाने के लिए उठी तो शीना से कह कर गयी- अभी आती हूँ कोई बदमाशी मत करना!

पर शीना को न मानना था, न मानी।

जब पारुल लौटी तो शीना और तुषार चिपटे हुए थे।
शीना के कपड़े सब अस्त व्यस्त थे।

पारुल को गुस्सा तो बहुत आया, पर तुषार बोला- पारुल. तुम नाराज मत होना, शीना अब मेरे भी घर की इज्जत है। हम रुक नहीं पाये पर मैं अपनी ज़िम्मेदारी समझता हूँ।

पारुल भी नॉर्मल हो गयी.
शीना ने उसे अपने से चिपटा लिया और बोली- तू मेरी जान है।

रात को बेड पर शीना ने उसे बताया की तुषार बहुत अच्छा लड़का है, वो तो कुछ भी नहीं करना चाह रहा था, मैंने ही उसका लंड उसकी जींस की ज़िप खोल कर निकाल कर चूमा था और तुषार ने उसके मम्मे चूमे, बस इससे ज्यादा कुछ नहीं हुआ।

खैर ऐसे ही दो चार दिन निकल गए।
शीना के चाचा आकर उसको ले गए।

इसके बाद शीना की शादी खूब धूमधाम से हो गयी और उसके बाद शीना और तुषार हनीमून पर स्विट्ज़रलैंड चले गए।

अब चूंकि शीना की ससुराल दिल्ली में ही थी तो वो पारुल से मिलने हर हफ्ते आती, कभी उसे अपने साथ ले जाती, रात को अपने साथ ही सुलाती।

तुषार भी बेड पर एक कोने में सिमट कर सोता।
उसने कई बार कहा की वो अलग रूम में जाकर सो जाएगा तो पारुल और शीना ने उससे कह दिया कि उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।

शीना अब भी पारुल को चिपटा कर ही सोती, अब भी उसके मम्मे दबाती; बस फर्क इतना आ गया था कि रात को सोते सोते कब वो तुषार की बांहों में चली जाती इसका पता सुबह उठने पर ही पड़ता।

पर अब तीनों में कोई हिचक नहीं रह गयी थी. तो शीना और पारुल दोनों के छोटे से नाइट सूट या उनमें से झाँकते मम्मों से तुषार का तो तम्बू तन जाता पर इन दोनों की बेपरवाही में कोई फर्क नहीं था।
वो इंतज़ार करता कि कब पारुल सो जाये और कब वो शीना को खींच ले अपनी तरफ।

शीना को भी अब उसकी लत पड़ गयी थी। शीना को अब बिना तुषार का लंड पकड़े नींद नहीं आती थी।

पारुल तो हर बार ही कहती कि वो नीचे गद्दा बिछा कर सो लेगी ताकि शीना की एक रात खराब न हो.
तो शीना बड़ी बेशर्मी से कह देती- तुषार तो अपना काम पारुल के सोने के बाद कर ही लेता है। बस हाँ अगर कभी बेड ज्यादा हिले या मेरी आवाज ज्यादा निकलें तो तू डरना मत। हाँ अगर कभी तेरा मन करे तो तू भी आ जाना, दोनों मिल कर तुषार से निबट लेंगी।

ये सुन कर पारुल उससे कहती- तू पक्की बेशर्म हो गयी है।

शीना और तुषार ने तीन-चार साल तक बच्चा न करने की सोच रखी थी।

उनकी सेक्स लाइफ बहुत रंगीन थी।
शीना तो कामरस की पंडित थी। उसे कामसूत्र की जानकारी तुषार से ज्यादा थी। कैसे मर्द को पागल बना दिया जाये ये उसे अच्छे से आता था।

तुषार भी मस्त घोड़ा था। उसकी चुदाई इतनी घमासान होती कि शीना भी तृप्त हो जाती।
और तुषार को गांड मारने का बहुत शौक था।

शीना शुरू में तो मना करती, पर अब उसे भी आदत पड़ गयी थी और उसकी गांड का सुराख बड़ा हो गया था।
बाद में तुषार ने उसे बताया कि अपनी हॉस्टल लाइफ में वो और उसका रूम मेट राजीव आपस में एक दूसरे की गांड मारते थे तो तभी से उसे चस्का लग गया।

प्रिय पाठको, यह कॉलेज सेक्सी गर्ल की कहानी 5 भागों में है. आप अपनी राय हर भाग पर मुझे बताते रहें.
धन्यवाद.
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कॉलेज सेक्सी गर्ल की कहानी का अगला भाग: पुराने शौक नए साथी- 2

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