आखिर मेरे बेटे का बाप कौन है- 8

(Delivery Boy Sex Kahani)

डेलिवरी बॉय सेक्स कहानी में पढ़ें कि पड़ोसी लड़के ने मुझे सेक्स में चरम तक नहीं पहुंचाया तो मुझे लंड की जरूरत थी. तभी फ़ूड डिलीवरी बॉय आया तो …

यह कहानी सुनें.

दोस्तो नमस्कार!
मैं आपकी अपनी चुदक्कड़ मधु आप लोगों का दिल से शुक्रिया अदा करती हूँ कि आप लोग मुझे इतना ज्यादा प्यार दे रहे हैं मेल करके और इंस्टाग्राम पर बातें करके.

इस बार मैं आपको इस सेक्स सीरीज का आखिरी भाग डेलिवरी बॉय सेक्स कहानी लिख रही हूँ.
आप पिछले भाग
बर्थडे बॉय से चुदकर मैं प्यासी रह गयी
में मुझे डिलीवरी बॉय से चुदाई की कहानी में चुदासा छोड़ आए थे.

उसी से आगे डेलिवरी बॉय सेक्स कहानी:

मैंने डिलीवरी बॉय से सीढ़ी पर ही चुदने का प्लान बना लिया. लिफ्ट के कारण कोई सीढ़ी से आता जाता नहीं था.

मैं बोली- ठीक है तो ट्राई तो करनी पड़ेगी.
वो बोला- जरूर मैडम.

मैं एकदम खुलकर बोली- पहला शॉट सीढ़ी पर ही मारो, अगर ताकत पसन्द आयी … तो अन्दर भी बुलाऊंगी.
वो बिल्कुल तैयार हो गया.

मैं बोली- पहले अपना हथियार को दिखाओ … देखूँ तो दम है कि नहीं.

बस फिर क्या था. एक ही झटके में वो नंगा हो गया और उसका मोटा लंड भन्नाता हुआ बाहर निकल आया.
जिसे देखकर मैं और मेरी चुत काफी खुश हो गई.

उसका लंड 8 इंच का रहा होगा और 3.5 इंच मोटा. मुझे उसका लंड देख कर एकदम से आग लग गई और मुझे रुका ही नहीं गया.
मैंने उसे उंगली के इशारे से करीब आने को कहा.

वो आया और उसने मेरी टॉवल को एक झटके में हटाकर मुझे नंगी कर दिया.
हम दोनों अब पूरी तरह नंगे हो चुके थे.

इतने में वो मेरी चूचियों को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा. मैं भी अपनी चूची अपने हाथ से पकड़ कर उससे चुसवाने लगी. वो मेरी दूसरी चूची को चूसने लगा.

कुछ देर बाद मुझे उसकी चूची चुसाई से चुत में आग भड़कने लगी.

तो मैं बोली- ओ हैलो … ये सब और नहीं. अब तुम सीधे मेरी चूत में झटका मारो. मुझे ताकत चैक करनी है.
वो बोला- मैडम, थोड़ा सा मूड तो बना लेने दो.

मैं थोड़ी अकड़ कर बोली- इतना टाइम नहीं है. तुम जाओ, मुझे फालतू का नाटक नहीं चाहिए.
वो घिघियाते हुए बोला- प्लीज मैडम ऐसा मत करो … मैं सीधे आपकी चूत ही फाड़ता हूँ. आप यहां बैठ जाओ.

उसने सीढ़ी की तरफ इशारा करते हुए बोला.
फिर मैं उसके बताई हुई सीढ़ी पर बैठ गयी.

वो बोला- मैडम लंड तो आप मुँह में लोगी नहीं … तो थोड़ा सा हाथ से ही मसल दो ताकि अच्छे से कड़क हो जाए.

मैंने जैसे ही उसके लंड को अपने हाथ में लिया तो वो तो पहले से ही कड़क था लेकिन मेरे हाथ लगने से वो एकदम कड़क रॉड हो गया.

मैं लंड मसलने लगी. लेकिन मेरी चूत अभी भी लंड के लिए तरस रही थी.

फिर मैं बोली- अब बहुत हो गई. पहले चुदाई करो.
वो बोला- मैडम, सूखा लंड डालने पर आपको बहुत दर्द होगा.

मैं बोली- रुको, मैं क्रीम लेकर आती हूँ.
वो बोला- रहने दीजिए मैडम.

उसने अपना बैग उठाया.

तो मैं बोली- तुम क्रीम लेकर चलते हो क्या?
वो बोला- नहीं मैडम.

उसने एक पार्सल निकाला और फाड़ दिया. उसका पता देखा तो मेरे ही अपार्टमेंट वाले शर्मा जी का था.

तभी मैंने देखा कि वो उसमें से गुलाब जामुन निकाल रहा है.

मैं चौंकते हुए बोली- अभी ये क्यों निकाल रहे हो.
वो बोला- मैडम गुलाब जामुन के रस से लंड अच्छे से अन्दर चला जाएगा.

मैं बोली- अच्छा .. वो कैसे!
वो बोला- अभी देखो.

इतने में उसने गुलाब जामुन का रस लिया और मेरी चूत पर लगाने लगा. उसका हाथ जैसे ही मेरी चूत पड़ा.

मैं सिहर गयी … और वो भी भांप गया.

वो बोला- लगता है मैडम काफी देर से भट्टी गर्म है.

उसने एक गुलाब जामुन लिया और मेरी चूत में डालने लगा.

मैं देख कर बोली- ये क्या कर रहे हो?
वो बोला- मैडम, बस आप देखती जाओ. आपको बहुत मजा आएगा.

लेकिन मुझे तो अभी लंड लेने की तलब थी, मैं बोली- जल्दी करो … कोई भी आ सकता है.

वो मेरी चूत में गुलाब जामुन धकलने लगा, जिससे गुलाब जामुन टूट गया और उसका कुछ अंश मेरी चूत में भी चला गया.

वो बोला- मैडम आपकी चूत थोड़ी सी चूस लूं.
मैं बोली- नहीं … जल्दी से अपने लंड की ताकत दिखाओ.

लेकिन वो नहीं माना और उसने मेरी चूत को अपने मुँह में भर लिया जिससे मैं बिल्कुल पागल हो गयी थी.
वो मेरी चूत को चुभर चुभर कर पिए जा रहा था. उसने शायद गौतम का वीर्य भी पी चूस लिया था.

मैंने उसको अलग किया और थोड़े गुस्से में बोली- मेरी चूत भी फाड़ोगे या मैं जाऊं?

वो खड़ा हुआ और अपने लंड को मेरी चूत पर टिका दिया.
मैं बोली- हां यार … लंड तो सूखा ही है.

अब मैंने उसके लंड पर गुलाब जामुन का रस अच्छे से लगाकर मालिश की.

फिर एक गुलाब जामुन उसके लंड पर तोड़ कर अच्छे से मसल दिया. लंड चिकना हो गया तो मैं बोली- चलो अब डालो.
वो बोला- क्या बात है मैडम. कंडोम की जगह गुलाब जामुन से काम चलाओगी.

उसने मेरी चूत पर निशाना लगाया और एक जोरदार झटका दे मारा. जिससे आधा लंड चुत के अन्दर चला गया.
इससे मुझे थोड़ी सी पीड़ा हुई.

उसने फिर से एक जोरदार कोशिश की और पूरा लंड मेरी चूत की सीमा रेखा तोड़ कर अन्दर चला गया.
लंड ने मेरी बच्चेदानी को एक प्यारी सी पप्पी दे दी.

मैं दर्द से चिहुँक गयी लेकिन इस दर्द में मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

अब वो अपने लंड को आगे पीछे करने लगा. मुझे एक अलग तरह की अनुभूति हो रही थी.

मेरे चूत में गुलाब जामुन के दाने चले गए थे, जिसके कारण मेरी चूत में दर्द के साथ गुदगुदी भी हो रही थी.
मैं अब दर्द भूल चुकी थी और वो झटके पे झटके मार रहा था. मेरी प्यासी चूत उसके हर धक्के का स्वागत कर रही थी.

उसको सीढ़ी पर चोदने में दिक्कत हो रही थी. फिर उसने मुझे दीवार के सहारे खड़ा कर दिया और मेरी एक टांग उठाकर फिर से मेरी चूत में अपना लौड़ा डाल कर मेरी चूत फाड़ने लगा.
मैं भी उसके हर धक्के को खूब एन्जॉय कर रही थी और मस्ती के सागर में डूबकर गोते लगा रही थी.

वासना से मेरी मुँह से सिसकारियां निकलने लगी थीं- आह आह … मस्त सर्विस देता है … आह चोद माँ के लौड़े.

मैं इस वक्त पूरी तरह से खो चुकी थी. वो बीच बीच में मेरी चूचियों को अपने मुँह ले लेता था.

करीब 5 मिनट तक वो मुझे ऐसे ही चोदता रहा.
फिर उसने अपना लंड मेरी चूत से निकाला और मुझे सीढ़ी पर झुकाकर घोड़ी बना दिया, फिर से मेरी चूत में अपना लंड डालकर आगे पीछे करने लगा.

मैं उसके हर झटके को एन्जॉय कर रही थी.

वो अपनी फुल स्पीड में मेरी चूत फाड़े जा रहा था.
मैं भी गांड हिला हिलाकर उसका साथ दे रही थी.

सीढ़ी पर फचा फच की आवाजें गूंज रही थीं. मैं पूरी बेशर्मी से अपनी चूत की गर्मी सीढ़ी पर निकलवा रही थी.

इतने में मेरी चूत ने गर्मी निकालने का संकेत भेजा और अब मैं अपनी गांड और जोर जोर से हिलाने लगी.

मैं बोलने लगी- आह और तेज और तेज फाड़ दो … मेरी चूत को … बना दो इसका भोसड़ा.

वो भी शायद झड़ने को आ गया था. वो भी मेरी बातों का जवाब बात से और गांड हिलाने का जवाब अपने तेज धक्कों से देने लगा.

अब वो बोलने लगा- बिल्कुल मैडम जी, आज आपकी चूत फाड़ दूँगा.
वो और तेज तेज झटके मारने लगा.

इसी दौरान मेरी चुत ने अपनी गर्मी निकाल दी.

अब वो भी झड़ने को आ गया. वो अपना लंड निकालते हुए पूछने लगा- मैडम जी, मेरा निकलने वाला है. कहां डालूं?

मैंने सोची कि यार अभी तो मैं अपने होने वाले बच्चे के मिशन पर हूँ.

तो मैं बोली- चूत में डालो, मैं मैनेज कर लूंगी.

ये बात सुनते ही उसके चेहरे पर ख़ुशी आ गई. उसने वो बिना देरी किए एक बार फिर से मेरी चूत में लंड डाला और फुल जोश में जोर जोर से मेरी चूत के छितरे उड़ाने लगा.

करीब 5 मिनट बाद मेरी बच्चेदानी पर एक जोरदार पिचकारी की धार लगी.
मेरी बच्चेदानी ख़ुशी से मारे वीर्य को अपने अन्दर लेने लगी.

अब उसकी स्पीड में थोड़ी सी कमी आ गयी थी और उसने धीरे धीरे करके अपनी सारी गर्मी मेरी चूत रूपी समुन्दर में छोड़ दिया.

वो झड़ कर मेरे ऊपर थोड़ा सा लुढ़क गया. मेरी चूत से उसका स्पर्म मेरी टांगों से होते हुए जमीन पर गिरने लगा.

तभी मैंने उसे उठाया और बोली- अब उठ जाओ.
वो ऐसे शान में खड़ा हुआ जैसे मानो कोई जंग जीत कर आया हो.

फिर वो बोला- थैंक्यू मैडम … आपको सर्विस देकर मजा आ गया.
मैं हंसते हुए बोली- आज तो अच्छी टिप मिल गयी तुम्हें!

वो बोला- मैडम मुझे तो आज इंसान में जन्म लेने का फल मिल गया. आप जैसी हुस्न की देवी की चुदाई करके मेरा जन्म सफल हो गया.

उसकी इस बात पर मैं थोड़ी सी मुस्कुरा दी.
उसका वीर्य मेरी चूत से निकल कर मेरी जांघों से होते हुए जमीन पर फैल रहा था.

वो बोला- थैंक्यू मैडम.
मैं बोली- अब क्यों थैंक्यू!

वो मेरी चूत की तरफ इशारा करते हुए बोला- मेरे स्पर्म को अपनी इस प्यारी चूत में लेने के लिए.
मैं बोली- ओह्ह.

वो बोला- आप बोलो तो इसे साफ कर दूँ!
मैं बोली- सीधे क्यों नहीं कहते कि एक राउंड से तुम्हारा मन नहीं भरा है.

वो हंस कर बोला- मैडम, आपसे किसी का मन कभी भर सकता है क्या. अगर आप मौका दें तो दुबारा …
फिर मैं बोली- ठीक है. अन्दर आ जाओ.

इसके बाद उस बंदे ने पूरी रात मेरी चूत और गांड की अच्छे से बैंड बजायी.
हर बार उसका वीर्य मेरे बच्चे की पैदाइश में हिस्सेदार बना.

तो दोस्तो, मैं उम्मीद करती हूं कि आप लोगों को मेरी सेक्स कहानी पसन्द आयी होगी.
इस सीरीज की सारी सेक्स कहानी आपको कैसी लगीं.

आप लोगों ने मेरे बेटे के असली बाप के बारे में पूछा था, तो मैं जब तक प्रेग्नेंट हुई थी, तब तक इन्हीं सब लोगों से मैं जमकर चुदती रही थी.
अब मेरे सवाल का जवाब आप लोग दें कि आखिर मेरे बेटे का बाप इन आठों में कौन है.

मेरे पति या मेरा भाई. मेरे जीजू या वो डॉक्टर … या मेरे पति के वो दोनों दोस्त या गौतम या वो डिलीवरी बॉय.

मैंने सारी सेक्स कहानी आपको बता दी है. अब ये आप लोगों का फर्ज है कि आप लोग ही मुझे बताएं कि मेरे बेटे का जन्म किसी एक के कारण हुआ है या फिर इन आठों के अथक चुदाई के परिणाम से मेरे बेटे की उत्पत्ति हुई है.

आप लोग डेलिवरी बॉय सेक्स कहानी पर अपनी राय मुझे कमेंट्स में बताएं.
इमेल नहीं दी जा रही है.

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