अन्तर्वासना से मिली प्यासी चूत की धमाकेदार चुदाई- 2

(Best Indian Sxe Story)

बेस्ट इंडियन सक्सी स्टोरी में पढ़ें कि एक शादीशुदा लड़की के बुलाने पर उसके घर जाकर मैंने उसे सेक्स का लाजवाब मजा दिया. खूब मजा लेकर वो चुदी मुझसे.

हैलो फ्रेंड्स, मैं राज फिर से आपके सामने हाजिर हूँ. मेरी बेस्ट इंडियन सक्सी स्टोरी के पिछले भाग
अन्तर्वासना से मिली प्यासी चूत की धमाकेदार चुदाई- 1
में आपने पढ़ा था कि नैना मेरे सामने अपने शरीर पर केक की क्रीम लपेटे हुए एकदम नंगी खड़ी थी और मुस्कुरा रही थी.

मैं समझ गया था कि मुझे अब क्या करना है.

अब आगे की बेस्ट इंडियन सक्सी स्टोरी:

मैंने उसे वहीं पर उसको खड़ी ही रहने दिया. वो रुक गई और मुस्कुराने लगी. मैं उसके करीब जाकर उसे चूमने और चाटने लगा. मैंने उसे पूरी तरह से चाट कर साफ़ कर दिया और फिर उसे बेड पर लेटा दिया. नैना की टांगों के बीच जो क्रीम लगी हुई रह गई थी, अब मैं उसे बड़े प्यार से चाटे जा रहा था और वो सिसकारियां भर रही थी.

नैना बोले जा रही थी- हां राज चाटो और चाटो … खा जाओ मुझे … मैं आज से तुम्हारी हूं, जो मन करे … करो मेरे साथ आ आह … आह मज़ा आ रहा है आह … करते रहो, खा जाओ मुझे … मेरी प्यास बुझा दो … आह.

मैं किसी कुत्ते सा उसकी चूत को चूसे जा रहा था.

वो अपनी उंगली से अपनी चूत का दाना रगड़ रही थी और बोल रही थी- जोर से चाटो … आ…आह … राज अब बर्दाश्त नहीं होता … प्लीज़ राज मुझे चोद दो … आह … आह … चोद … चो…द … दो मुझे … अपनी रंडी बना लो मुझे.

मैं इस समय एकदम से चूत का भूत बन गया था और उसकी चूत को जोर से चूसने में लगा था. साथ ही मैं अपनी एक उंगली उसकी गर्म चूत के अन्दर बाहर भी करने लगा था.

वो फिर से मस्त हो गई और अपनी गांड उठा कर पटकने लगी. जोर से चिल्लाने लगी- आ … ह… … राज. … मत तड़पाओ चोद डालो मुझ रंडी को..

मगर मैं उसकी एक बात भी सुनने के मूड में नहीं था.

कुछ मिनट बाद जोर जोर से चिल्लाते हुए नैना उछल उछल कर अपनी चूत से पानी निकालने लगी. वो फिर से झड़ने लगी थी और ढेर सारा पानी अपनी चूत से निकाल कर शांत हो गई.

मैं उसका सारा नमकीन पानी चाट चाट कर पी गया और एक उंगली चूत में डाल कर अन्दर बाहर करने लगा. साथ ही उसकी चूत को जीभ से रगड़ने लगा और दूसरे हाथ से उसके मस्त बोबे मसलने लगा.

कुछ ही देर बाद वो फिर से गर्म होने लगी और मचलने लगी. अपनी गांड उठा उठा कर पटकने लगी और चिल्लाते हुए जोर से सिसकारियां ले रही थी.

कुछ ही देर में उससे बर्दाश्त नहीं हुआ तो नैना उछलते हुए गालियां देने लगी- मादरचोद आह … साले लंड क्यों पलता … भैन के लौड़े … आह और जोर से … आह आह … चोद न भोसड़ी के … आह मैं आज से तेरी रंडी, रखैल … सब कुछ हूं. मेरी चूत तेरी गुलाम है … जब मन करे चोद जाया करना.

मगर मैं उसे अभी और तड़पाना चाहता था … क्योंकि असली सेक्स का मजा तब ही मिलता है, जब चुदने की और चोदने की तड़प हद से ज्यादा हो.
मैं दो उंगली उसकी चूत के अन्दर बाहर जोर से कर रहा था, साथ ही अंगूठे से उसकी चूत के दाने को भी रगड़ रहा था.

देर तक वह मस्ती से तड़पती रही चिल्लाती रही.
मैं रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था, एक तो ऐसी गोरी चिकनी लड़की, फिर वह लंड की भूखी हो, तो रुकना कौन चाहेगा. मैं वैसे ही लगा रहा.

करीब दस मिनट बाद नैना जोर से चिल्लाती हुई फिर से झड़ गई, झड़ कर शांत हो गई.

वह अब तक चार बार झड़ चुकी थी. उसकी हालत खराब हो गई थी. फिर भी वो खुशी से मेरी तरफ देखने लगी.

मैंने आंख मारी तो बोली- आपने तो आज गजब कर दिया, मुझे ऐसा मज़ा आज तक नहीं आया, मैं आपकी दासी हूं. बोलिए मेरे लिए क्या हुक्म है?

मैं उसे अपनी बांहों में खींच कर किस करने लगा और जोर जोर से उसके बोबे दबाने लगा.
वो फिर से गर्म होने लगी और जोर जोर से आन्हें भरने लगी. मैं उसे चूमते चाटते उसकी चूत तक पहुंच गया, फिर उसकी चूत को जीभ से रगड़ने लगा.

वह गांड उछालने लगी और बोलने लगी- अब बर्दाश्त नहीं होता, मेरी चूत में आपका लंड डाल कर इसे आशीर्वाद दे दो.

हालांकि मेरे लिए भी बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया था. मगर मैं उसे पूरा मजा देना चाहता था, इसलिए मैं खुद को काबू में किये हुए था.

मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसके मुँह के सामने कर दिया.

मैं बोला- ए मेरी चुदक्कड़ रंडी … चल लंड चूस मेरा.
इतना सुनते ही वह भूखी शेरनी की तरह मेरे लंड पर टूट पड़ी और किसी रंडी की तरह मेरे लंड को चूसने लगी.

मुझे लंड चुसवाने में मज़ा आने लगा. वो एकदम से रुकी और एक चॉकलेट लेकर मेरे पूरे लंड पर लगाने लगी. फिर मेरी तरह देखकर आंख मारी और अपना मुँह खोल कर लंड को मुँह में लेकर जोर जोर से लंड ऐसे चूसने लगी जैसे कोई लॉलीपॉप चूस रही हो.

मुझे और भी मज़ा आने लगा और मेरी कामुक आवाजें निकलने लगीं- आह अह … चूस मेरी रंडी अपने मालिक का लंड … आह चूस ले लंड अपने मुँह में खा ले भैन की लौड़ी रांड.

नैना के सामने तो पोर्न स्टार भी कम लगे, पूरे नशे में होकर बड़े मज़े से लंड चूस रही थी.

उसके ऐसे लंड चूसने से मैं अपना कंट्रोल खो बैठा और मैंने उसका मुँह पकड़ कर दीवार के सहारे लगा दिया. फिर जोर जोर से उसके मुँह में लंड अन्दर बाहर करने लगा.
मेरा पूरा लंड उसके मुँह में आ जा रहा था.

उसकी सांस भी अटक रही थी. उसकी आंखों में पानी आ गया था, पर फिर भी मैं पूरे जोश में उसके मुँह को चोद रहा था. मैं इतना अधिक एक्साइटेड हो गया था कि मैं अपने कंट्रोल से बाहर हो गया था.

मैं अपने आपको रोक ना पाया और दस मिनट बाद ही उसके मुँह में झड़ गया. वह भी बिना लंड बाहर निकाले मेरे लंड का सारा माल गटक गई. लंड खाली करने के बाद मैंने लंड बाहर खींचने की कोशिश की. मगर उसने मेरी कोशिश रोक दी. वो अब भी मेरे लंड को चूस रही थी. उसने मेरे लंड को तब तक चूसा, जब तक कि लंड फिर से खड़ा नहीं हो गया.

जब मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. तो उसने चूस चूस कर अपने थूक से पूरा लंड गीला कर दिया.

फिर मैंने उसे छोड़ दिया. वो चित होकर लेट गई. मैं अपना हथियार उसकी चूत पर रगड़ने लगा. रगड़ने के बाद हल्का हल्का अन्दर डालने लगा और वो अपने मुँह से सिसकारियां निकालने लगी.

मैंने अगले ही धक्के में अपना आधा लंड और दूसरा धक्के में अपना पूरा लंड चूत के अन्दर डाल दिया. वह उछलने लगी और दर्द के मारे तड़पने लगी.

मैंने सोचा कि रंडी को दर्द हो रहा है, तो मैं रुक गया. कुछ देर तक मैं उसे किस करने लगा, उसके बोबे भी मसलने लगा.

वह फिर से मछली की तरह मचलने लगी और बोलने लगी- आ ह आ… … ह … मेरे आका … रुक क्यों गए … चोदिए ना … ये मेरी रंडी चूत आपकी दासी है … इस दासी पर ऐसे रहम नहीं करते सरकार … इस रंडी की चूत पर आपका अधिकार है. ये चूत आपकी दासी है. आप जैसे चाहो वैसे चूत को चोदो … बाकी चूत को तो सहन करना ही होगा … या फिर मज़े लेना होगा, मेरी चूत में अपना लंड डाल कर फाड़ दीजिए … मेरी चूत को इतना चोदिए जब तक आपकी भूख नहीं मिट जाए … चाहे मैं कितना भी चिल्लाऊं, पर आप मत रुकना.

बस फिर से ताबड़तोड़ चुदाई होने लगी.

मैं तेजी से धक्के मारने लगा और वह बोलने लगी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… और जोर से!

करीब 20 मिनट तक मैं उसे इसी आसन में चोदता रहा. फिर मैंने उसको घोड़ी बनने को बोला. वह जल्दी से घोड़ी बन गई और गांड उठा कर लंड का स्वागत करने लगी.

मैंने उसकी चूत में एक साथ पूरा लंड डाल दिया, जिससे उसकी चीख निकल गई.

फिर भी वह बोली कि मुझे कितना भी दर्द क्यों ना हो … पर आप मत रुकना, मेरी चूत को चोद चोद कर फाड़ डालो.

उसकी ऐसी सेक्सी बातें सुनकर मैं और जोश में आ गया और जोर जोर से लंड अन्दर बाहर करने लगा.

नैना चिल्लाने लगी- आह … चोदो और जोर से चोदो … दो … याह … ह … ह … मज़ा आ रहा है ऐसे ही चोदो मेरी चूत को … आज इसकी सारी भूख मिटा दो अ…याह.

मैंने उसकी टांगें ऊपर करके पलंग से नीचे उल्टा लटका दिया और ऊपर से उसकी चूत को बुरी तरह से चोदने लगा. दस मिनट बाद वह चीखती हुई झड़ गई. उसकी आंखों से आंसू आ गए. मैं फिर भी नहीं रुका.

करीब 35 मिनिट तक उसकी अलग अलग आसनों में ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मैंने कहा- मैं झड़ने वाला हूं!
तो उसने कहा- अन्दर ही झड़ जाओ! मेरी चूत को आज अपने लंड के पानी से भर दो, बुझा दो मेरी चूत की प्यास आह चोदो … मैं भी आ रही हूं राजा … और जोर से चोदो … हाय चोदो … आह.

मैं पूरी ताकत से उसकी चूत में धक्के मारते मारते उसकी चूत के अन्दर ही झड़ गया.
मेरे लंड के पानी को अपनी चूत में पाकर नैना मचल उठी और मस्ती में चिल्लाते हुए झड़ गई. मैं अपना लंड उसकी चूत से बिना निकाले उसके ऊपर लेट गया.

हम दोनों काफी थक गए थे. नैना के चहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी. उसकी चूत में तो जैसे पानी का सैलाब आ गया था, ढेर सारा पानी निकल रहा था.

थोड़ी देर बाद नैना उठ कर बाथरूम में गई और थोड़ी देर बाद फ्रेश होकर वापस आ गयी.

वो क्या हसीन लग रही थी यार!
नैना बाथरूम से मेकअप करके आई थी. उस देखकर लग ही नहीं रहा था कि साली अभी मेरे लंड से चुदी है.

उसे देखकर मेरा लंड हरकत में आने लगा, जिसे नैना ने देख लिया था.

नैना बोली- लगता है आपके लंड का मन नहीं भरा.
वो हंसने लगी.
मैंने कहा- मन तो आपका भी नहीं भरा है अभी तक, है न!
नैना बोली- सही कहा आपने. वैसे तो आपके तजुर्बे ने तो मेरी हालत खराब कर दी थी, पर फिर भी मैं आपकी रंडी नैना आपसे चुदने के लिए तो हमेशा तड़पती रहूंगी.

उसकी बातें सुनकर मुझे जोश आ गया और मैंने उठ कर उसको अपनी बांहों में ले लिया.

हम एक दूसरे की आंखों में प्यार से देखने लगे. यूं ही देखते देखते हमारे होंठ फिर से जुड़ गए. हम पागलों की तरह एक दूसरे को किस करने लगे.

थोड़ी देर में मेरा लंड फिर से बड़ा और मोटा हो गया.
मैंने उससे बोला- एक बार फिर करते हैं!

मेरे बोलते ही उसने जल्दी से अपने कपड़े निकाल दिए और मेरा लंड बाहर निकाल कर चूसने लगी.

मुझे मज़ा आ रहा था, वाकयी वो खतरनाक तरीके से मेरा लंड चूस रही थी.

कुछ मिनट की लंड चुसाई के बाद जब मुझे लगा कि मैं झड़ने वाला हूं, तो मैंने उसके मुँह से लंड को बाहर निकाल लिया और उसे उठा कर बेड पर पटक दिया.

फिर उसके पैर चौड़े करके उसकी चूत चूसने काटने लगा.

वह मस्ती में चिल्लाने लगी- हाय मार डाला आज आपने … आ..ह … आ … ई … आह चोदो मुझे … प्लीज़ चोदो नहीं तो मैं मर जाऊंगी.

उसकी गरम बातें सुनकर मैं जोश में आ गया और अपना लंड उसकी चूत पर रख कर एक ही झटके में उसकी चूत में घुसेड़ दिया.

नैना जोर से चिल्लाई- हाय मर गई अ … ह … ई…श … क्या पेला है रे … आह धन्य हो गई मैं तुमसे चुदवा कर … आह चोदो और जोर से चोदो.

मैं उसे धकापेल चोदने लगा. मैंने उसकी पसंद की अलग-अलग पोजीशन में उसे चोदा. नैना ने 5 बार मेरे लंड के पानी स्वाद लेते हुए अपने गले में उतारा.

मैंने उसे रात में बार बार चोदा. फिर मैं उसके अन्दर ही लंड डाल कर सो गया.

फिर जब सुबह नींद खुली, तो मेरा हथियार खड़ा था. मैंने उसे उठाया और एक बार फिर किस करने लगा. एक बार फिर से उसकी चूत में लंड डालकर चुदाई करने लगा. उसे भी सुबह सुबह चुदाई में मजा आने लगा.

करीब 15 मिनट के बाद मैं झड़ गया. फिर मैं उठकर वॉशरूम गया और मुँह हाथ धोकर बाहर आया, तो देखा कि उसने अपने कपड़े पहन लिए थे.

अब मुझे भी कमजोरी फील होने लगी.

मैंने कहा- नैना जी, आज आप अपनी चुदाई से खुश तो हैं?
वह बोली- हां जी … आपने मुझे जबरदस्त वाली खुशी दी है. ऐसी खुशी तो मुझे अब तक सपने में भी नहीं मिली थी.

मैंने मुस्कुराते हुए उसे गले लगाया और जाने के लिए बोला. फिर मैंने उसे गले से लगाया और एक लंबा किस करके चला आया.

दोस्तो, कैसी लगी मेरी ये बेस्ट इंडियन सक्सी स्टोरी आपको … आप मेल करके मुझे बताना. मेरा काम मस्त रहना है और जरूरतमंद की मदद करना है.
मेरी मेल आईडी है [email protected]

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