पति के सामने बीवी की दोस्त से चुदाई

(Pati Ke Samne Biwi Ki Dost Se Chudai)

अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा नमस्कार! जैसा की आपने मेरी पिछली
चूत का भूत
और खूब ईमेल भी किये। यह कहानी काल्पनिक है, मनोरंजन मात्र के लिए लिखी गयी है.

मेरा नाम विक्रम है, जयपुर में रहता हूँ. मेरा कद 5 फुट 11 इंच, उम्र 31 वर्ष है। पर ये कहानी मेरी वाइफ रीना की है। जिनकी उम्र 27 वर्ष, रंग सांवला, बूब्स साइज 34B, कद 5 फुट 2 इंच, एकदम दुबला छरहरा कामुक शरीर, जिसको एक बार भी जो देखे वो गच्चा खा जाये की ये लड़की शादीशुदा भी हो सकती है क्या।

सीधा कहानी पे आता हूँ। मेरी पत्नी रीना को पराये मर्दो का लिंग भाने लगा था वो जम कर चूसती चुदती और खूब मज़े लेती, सबसे बुरी बात वो मज़े ले ले कर मुझे रात को चुदाई के वक़्त जोश के साथ बताती. मेरा तो दिमाग ख़राब होने लगा था. एक तरफ तो जोरदार गुस्सा आता खुद पर और रीना पर तो दूसरी तरफ मुझे कामउत्तेजना भी हो जाती. मेरी हालात तो जैसे धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का वाली हो चली थी.

फिर एक दिन एकदम सर्द रात को रीना बोली- क्या जी, आजकल तो आपका चुदाई में मन ही नहीं लगता. दस पंद्रह मिनट में छोड़ देते हो, पहले तो घण्टों लगे रहते थे?
विक्रम ने तैश में बोल ही दिया- पहले तुम भी बाहर का खाना इतना नहीं खाती थी.
रीना- अरे बाबा इतनी सी बात! अभी तो पिछले 2 साल से किसी भी पराये मर्द को छूने नहीं दिया है, पूरी तरह से पवित्र हूँ, चलो मूड बनाओ.

विक्रम ने थोड़ा से सोचते हुए- हम्म अच्छा … इतने महीने से और मैं क्या क्या सोच रहा था!
रीना- क्या क्या सोच रहे थे?
विक्रम- यही कि मेरे साथ तुम्हारा मन नहीं करता … तुम किसी और से … वगैरह वगैरह!
रीना- ना, अब आपको ऐसे धोखा देना अच्छा नहीं लगता जी!

विक्रम- वैसे सच कहूँ तो तुम जब भी पराये मर्द के साथ अपना अनुभव बताती हो तो मुझे कुछ कुछ होने लगता है. अच्छा ही लगता है, सोचता हूँ अगर मैं भी देख पाता तुम्हारी हरकतें!
रीना- नहीं बिल्कुल नहीं! मुझे शर्म आयेगी और अच्छा नहीं लगेगा.
विक्रम- एक बार कोशिश करने में क्या हर्ज़ है? बुरा लगे तो मत करना!

रीना थोड़ी देर तक सोचती हुई- अच्छा ठीक है. पर लाओगे किसको?
विक्रम- वो तुम मुझ पर छोड़ दो. बस दिन और टाइम तय करो.
रीना- नये साल वाली रात, यानि 31 दिसंबर कैसा रहेगा?
विक्रम- ओके ओके, नो प्रॉब्लम!

अब खेल तो खेलना था पर तीसरा खिलाड़ी लायें. कहाँ से किसी दोस्त या परिचित को पकड़े तो बदनामी, किसी अनजान पर भरोसा एक प्रतिशत भी नहीं.

कुछ दिन निकल गए और मैं थोड़ा सा उदास रहने लगा.
फिर रात को रीना पूछने लगी- अब क्यों फिर से ये उदासी?
विक्रम- अरे यार … उस दिन जो सोचा था न्यू ईयर वाली पार्टी … वो शायद हो नहीं पायेगी, मुझे कोई मिला नहीं!

रीना- अरे इतनी सी बात? जाने दो, कोई जरूरी है क्या!
फिर कमरे में एक ख़ामोशी सी छा गयी.

काफी देर की चुप्पी के बाद रीना बोली- एक उपाय तो है. आपको वो याद है आपके कॉलेज का पुराना दोस्त धीरज? आज भी मेरे पीछे पड़ा रहता है. खूब व्हाट्सप्प करता है. मैंने ही उसको भाव नहीं दे रखा, आप बोलो तो?
विक्रम- अरे हाँ हाँ … एकदम सही, यही सही रहेगा, कोशिश करो.

फिर रीना ने अपने मायाजाल से कैसे भी वो धीरज को पार्टी के लिए पटा लिया.
रीना- देखो, धीरज ने हाँ तो बोल दी है न्यू ईयर पार्टी के लिए! पर मैंने उसे यह नहीं बोला कि आप भी रहोगे.
विक्रम- अरे, संभाल लेंगे.

फिर 31 दिसंबर की रात आ ही गयी, पार्टी की पूरी तैयारी थी. शराब कवाब शवाब सबका इंतज़ाम था.
रात को ठीक 8 बजे आज रीना के धीरज आ चुके थे.

धीरज अंदर घुसते ही- हेलो माय स्वीट हार्ट! इतने टाइम बाद … मुझे तो लगा मिलोगी नहीं. लगता है नया साल जबरदस्त होगा इस बार!
रीना- अरे आइये तो अंदर … आगे आगे देखिये होता है क्या.
तभी विक्रम निकल के आया तो धीरज को सांप सूंघ गया.

विक्रम धीरज से हाथ मिलते हुआ- मुझको भूल गया क्या बे?
धीरज ने बड़े भुझे मन से हाथ मिलाया- ओह हेलो विक्रम यार!
विक्रम- अरे जरा टेबल वेबल लगाओ यार … पार्टी शार्टी करते हैं.

रीना ने पूरा माहौल जमा दिया.
फिर तो बोतल खुलने लगी जाम पे जाम.

अचानक से नशे में विक्रम बोला- यार म्यूजिक तो अच्छा है थोड़ा डांस वगरह भी हो जाता तो मज़ा आता!
धीरज- हां क्यों नहीं बिल्कुल … व्हाई नॉट!

रीना ने अपना नाच बोले तो नंगा नाच शुरू कर दिया, माहौल गरमा-गरम हो रहा था.
‘कांटा लगा’ गाना चल रहा था
बंगले के पीछे
हाय
बेरी के नीचे
हाय रे पिया …

रीना मेरे पास आती, साथ में धीरज को घूरती रहती थी. तभी उसने अपना टॉप उतार फेका और सिर्फ लाल ब्रा में थी, धीरज की तो वाट लग रही थी. मैंने रीना के बूब्स दबाने शुरू कर दिया और रीना मेरा लौड़ा ऊपर से पकड़ के हिल्ला रही थी. नशा एकदम जोर से बोल रहा था.

धीरज को कुछ समझ आये पहले, रीना फुदक के धीरज की गोद में चली गयी और उसके चेहरे को पकड़ लिया और लिप किस करने लगी. धीरज को मदहोशी छाने सी लगी.

वो धीरज का लौड़ा पकड़ के हिलाने लगी. धीरज भी मेरी बीवी की चूची दबाने लगा.
और मैं यानि विक्रम अपना लौड़ा निकाल के हिलाने लगा.

फिर रीना घुटने के बल नीचे बैठ गयी. उसने धीरज की ज़िप खोली और लंड को आज़ाद किया. फिर उसे जोर जोर से चूसने लगी.
धीरज हल्के हल्के बोला- आह आह यस बेबी … और चूसो हम्म!

इधर विक्रम भी अपना लंड धीरे धीरे हिलाने लगा, उसे भी जोश चढ़ रहा था.

धीरज ने रीना की लाल ब्रा की स्ट्रिप पकड़ ली और हुक खोल दिया.

अब रीना के बूब्स एकदम से निकल के बाहर आ गए. पर रीना ने हिला हिला के चूसना जारी रखा.
फिर रीना उठी और अपने दोनों बूब्स धीरज के मुँह में लगा दिए. धीरज नशे में मेरी बीवी के चूचुक चूसने लगा, निप्पल को काटने लगा.

रीना- आह आह … मज़ा आ रहा है वॉउ!
मैं भी जोश में अपना लौड़ा हिला रहा था.

कुछ देर बाद मैं उठा और बोला- चल रूम में लेकर चल इसको … आज तो मस्ती करते हैं बे!
धीरज ने रीना को गोद में उठा लिया और बैडरूम में ले जाने लगा. पीछे पीछे विक्रम भी आया.

फिर रूम में जाकर धीरज ने रीना को बेड पे गिरा दिया और उसके ऊपर आकर जोर जोर से चूचे चूसने लगा.
रीना- सिर्फ बूब्स ही चूसेगा? मेरी चुत का क्या?

धीरज फिर धीरे से नीचे आया और रीना की कैप्री उतरने लगा। रीना ने लाल टीशर्ट और नीली केप्री पहनी थी.
धीरज और मैं जीन्स टीशर्ट में थे.

मैं अपनी जीन्स टीशर्ट उतार के सीधा रीना के मुँह पास आ गया और लंड रीना के मुँह में डाल दिया.
और उधर धीरज ने मेरी बीवी की केप्री उतार दी थी.
रीना ने नीली पैंटी पहनी थी.

धीरज बोला- वाह … सब मैचिंग है भाभी जी.

इधर रीना अब मेरा लंड चूस रही थी और धीरज ने पेंटी उतार दी और चुत चाटने लगा था.
पूरा कमरा एकदम कामरस से महक रहा था.

दस मिनट की चुसाई के बाद रीना बोली- अब रहा नहीं जा रहा … सालो चोदो मेरे को!

मैंने धीरज को इशारा किया, धीरज ने कंडोम चढ़ा लिया और मेरी बीवी के ऊपर आ गया. मैंने अपनी बीवी रीना के दोनों हाथ पकड़ लिए. धीरज अपना मोटा लंड रीना की चूत में सेट करने लगा.
रीना बोली- अबे करना है तो कर … नहीं तो भाग साले!
धीरज ने ताव में फच्चाक से पूरा लंड घुसेड़ दिया और बोला- ले साली छिनाल, हैप्पी न्यू ईयर!

और तभी 12 बजे गए थे और नया साल हो चला था. बाहर सब तरफ पटाखे बजने लगे थे और इधर मेरी बीवी की चूत बजने लगी.
धीरज जोर जोर से धक्के मारने लगा. मैंने रीना के दोनों हाथ पकड़ रखे थे.

रीना- और जोर से … और जोर से … आह आह … चोद साले चोद … हैप्पी न्यू ईयर … चोद!

तभी रीना ने मेरे हाथ अपने बूब्स पे रखवा दिए और जोर जोर से मेरा लंड चूसने लगी. धीरज तो रीना की चूत पेलने लगा पूरा लंड अंदर तक डाल डाल के.

करीब आधे घंटे तक धीरज मेरी बीवी की चुदाई करता रहा. तभी उसने एक जोरदार सा झटका दिया और धीरज का पानी निकलने लगा.
उसका छूट गया था और वो साइड में लेट गया वो नशे में खर्राटे मार के सो गया.

तभी रीना बोली- ओह … ये धीरज तो काम करके पड़ गया, पर मेरा तो और करने का मन था.
तभी मैं बोला- अभी तो रात जवान है मेरी जान!
रीना बोली- तू बता … मज़ा आया या नहीं आया?

मैं बोला- क्या बताऊँ … जब तेरी चुदाई हो रही थी तो खूब मज़ा आया रे!
रीना बोली- चल एक एक जाम और हो जाये.
फिर दोनों ने पेग बनाया.

अब रीना घोड़ी बन गयी और बोली- मुझे पीछे से लेने की इच्छा है.
मैं अपना लंड पकड़ के पीछे से आया और चुत में पेलने लगा.
“दे धक्का दे धक्का दे दनादन धक्का … आह आह … ओह ओह … आह … यस बेबी … आई लव … आई लव इट बेबी … फ़क मी हार्ड.. ओह बेबी!” रीना इस तरह से आवाजें निकाल कर मजा ले रही थी.

मैं पूरे जोश में धक्के पेलने लगा. मेरा लंड रीना की बच्चेदानी से टकरा रहा था और वो जोर कर और जोर कर चिल्ला रही थी.
तभी मेरा छूटने लगा और रीना ने मुझे जकड़ लिया.
हम दोनों काफी देर तक चिपके रहे और फिर किस करने लगे.

रीना धीरे से मेरे कान में बोली- हैप्पी न्यू ईयर … अगली बार दो लेने का मन है एक साथ. टवेंटी-टवेंटी खेलना है विक्रम मेरी जान!
विक्रम- बिल्कुल … क्यों नहीं और तुम को भी हैप्पी न्यू ईयर!

आशा है आपको हमारी नयी कहानी पसंद आयी होगी. अपने सुझाव हमारे नीचे दिए गए ईमेल पते पर भेजें.
[email protected]

What did you think of this story??

Comments

Scroll To Top