गांव की कमसिन कली की चुत का मजा- 2

(Indian Desi Sex Girl Kahani)

इंडियन देसी सेक्स गर्ल की कुंवारी बुर को उसके मामा ने फाड़ा. उस लड़की ने खुद मुझे अपनी पहली चुदाई की कहानी सुनाई. आप भी पढ़ कर मजा लें.

मैं पासवान अंकल … एक बार फिर से गांव में मेरी पड़ोसन बहू की बेटी की चुत चुदाई की कहानी में स्वागत है.
इंडियन देसी सेक्स गर्ल कहानी के पिछले भाग
गांव की कमसिन कली की चुत जंगल में चोदी
में अब तक आपने पढ़ा कि मैं अपनी पड़ोसन बहु रीना की बेटी जवान बेटी शालू की चुदाई जंगल में कर चुका था.
मैं समझ रहा था कि ये सीलपैक है लेकिन उसकी चुत खुली हुई थी. उसने पहली बार किसका लंड लिया था, ये मैंने जब उससे पूछा तो उसने मुझे अपने मामा से चुदने के बारे में बताया.

अब आगे इंडियन देसी सेक्स गर्ल की कहानी:

शालू- एक दिन घर के सभी लोग किसी शादी में चले गए थे. उस दिन मामा ने मुझे बढ़िया-बढ़िया चीजें खिलाईं. उस रात मामा मेरे मम्मों को भी सहलाने लगे.

थोड़ी देर बाद उन्होंने मुझसे पूछा कि मज़ा आ रहा है!
मैंने हां में सर हिला दिया.

उन्होंने मेरी कच्छी को निकाल दिया और पूछा कि पूरा मज़ा लोगी!
मैंने फिर से सर हिला दिया.

मामा ने मेरी शर्ट को भी उतार दिया और मुझे अपनी तरफ घुमाते हुए मेरे होंठों को चूसना शुरू कर दिया. अपनी जीभ को मेरे मुँह में डाल कर जीभ से मेरे मुँह की चुदाई करने लगे.

थोड़ी देर के बाद उन्होंने मेरी चूची को मुँह में भर लिया और चूसने लगे.
मेरे जिस्म में सिहरन सी दौड़ गई थी.

अब वह मेरी चूचियों को बारी-बारी से चूसते हुए अपने एक हाथ से मेरी बुर को सहलाने लगे.
मैं तो मज़े से आसमान में उड़ने लगी. मेरी बुर भी पानी छोड़ने लगी … मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था.

अब उन्होंने भी अपने सारे कपड़े उतार कर मुझे अपने से चिपका लिया.
मेरा पूरा बदन मस्ती से भर गया.

उन्होंने मोबाइल निकाला और उसमें एक ब्लू फिल्म लगा दी. उसमें एक लड़का एक लड़की को चोदने के लिए तैयार कर रहा था.
मैं भी मज़े से देखने लगी.

फिर ब्लू फिल्म में चुदाई शुरू हुई.

इधर मामा कभी मेरी चूची को दबाते, सहलाते, बुर को उंगली से कुरेदते.

यह सब करते-करते मोबाइल में चुदाई की फिल्म खत्म हो गई.

उन्होंने मुझसे पूछा- ये खेल खेलोगी? बहुत मज़ा आएगा.

मज़े, मस्ती में सराबोर होने के कारण मैंने हामी भर दी.

उन्होंने मुझे अपने पैरों की तरफ कर 69 का आंकड़ा बनाते हुए मेरे मुँह में अपना लंड डाल दिया और चूसने के लिए बोला.
मैंने उनके लंड पर जीभ लगाते हुए लंड चूसना शुरू कर दिया.

तभी उनकी जीभ मुझे अपनी कमसिन बुर पर महसूस हुई. मेरी कमर अपने आप उनके मुँह से चिपक गई.
जोश जोश में मैंने उनका पूरा लंड मुँह में ले लिया.
अब मैं अपने मुँह से उनके लंड को चोद रही थी और वो अपनी जीभ से मेरी बुर चोद रहे थे.

ऐसा काफी देर तक चला.

फिर उन्होंने मुझसे कहा- मेरा लंड बुर में लोगी … और ज्यादा मज़ा आएगा.

मैंने कुछ भी नहीं सोचते हुए हां कह दिया. हालांकि इसका मुझे भी बाद में अफसोस भी हुआ.

उन्होंने मुझे सीधा करके मेरी छोटी सी बुर को अपने लंड से कुरेदा.
मस्ती से मैंने अपनी कमर को ऊपर उठा दिया.

उन्होंने एक हाथ की दोनों उंगलियों से मेरी बुर की फाकों को खोला, दूसरे हाथ से लंड बुर की छेद में सैट कर दिया.
मामा ने मेरे पैरों को कंधे पर रख कर जोर से बुर में लंड को पेल दिया.
मेरी बुर को फाड़ता हुआ मामा का लंड बुर में घुस गया.

दर्द से मेरी बुर फट गई.
मैंने उन्हें अपने ऊपर से हटाने का असफल प्रयास किया पर उन्होंने मुझे दोहरा कर दिया और मेरे ऊपर चढ़ गए.

थोड़ी देर तक मामा वैसे ही रहे.
तब तक लंड को बुर ने अपने अन्दर आत्मसात कर लिया था.

उन्होंने लंड बाहर खींचा … और फिर जोर से पेल दिया.
मेरी चीख निकल गई.

यह क्रम दो मिनट तक चला, फिर तो मुझे भी मज़ा आने लगा.
मैंने भी कमर उठा-उठा कर मस्ती से चुत चुदवाना शुरू कर दिया.

कुछ देर बाद उन्होंने मुझे ऊपर कर दिया और मुझे चोदने के लिए कहा.
मैंने भी कमर को ऊपर किया. लंड की नोक तक चुत बाहर निकाली और फच से पूरा लंड बुर में ले लिया.
ऐसा ही बार बार करते हुए मैं मामा को चोदने लगी.

भगवान कसम दादू बहुत मज़ा आ रहा था. अचानक उन्होंने मुझे नीचे पटक दिया और मेरे ऊपर चढ़ गए.
अब वो जोर जोर से मेरी चुत चोदने लगे.

मेरे मुँह से भी निकलने लगा- आह उफ और जोर से मामा … पेलो मामा जोर से पेलो … फ़ाड़ दो मेरी बुर को आह चोदो और चोदो.

मेरी मादक आवाजें निकल रही थीं कि मामा भी चिल्लाने लगे- आह … लो शालू पूरा लंड खा जाओ … आह ऐसी बुर नहीं मिली आज तक … बड़ी मस्त बुर है शालू तुम्हारी.

वे लंड चुत में पेलते रहे.

तभी मुझे अपने अन्दर से कुछ गिरने जैसा लगा.
मामा जी भी झड़ गए, उनका गर्म लावा मेरी बुर को सराबोर कर रहा था.

तभी मेरी बुर ने भी पानी छोड़ दिया. मैंने मामा को जोर से चिपका लिया और मामा ने मुझे जोर से जकड़ लिया.
हम दोनों चिपके ही सो गए.

हमारी नींद तब खुली जब किसी ने दरवाजा खटखटाया.

मैं हड़बड़ा कर उठी और मामा को जगाया. मैं कपड़े पहन कर दूसरे कमरे में जाकर सो गई.

मेरी मां आ चुकी थीं.

बस उस दिन एक गलती मुझसे हो गई थी … मैं जल्दी में कच्छी पहनना भूल गई थी. वो मामा के बिस्तर पर ही रह गई थी जो मां की निगाहों में आ गई.
उस रात हम दोनों ने ख़ूब मज़े किए थे.

उसके बाद फिर से चुदाई का मौका नहीं मिला. पर किस, दूध मसलना, लंड पकड़ना सेक्सी क्रियाएं चलती रहीं.

एक दिन जब मामा मेरे होंठ चूसते हुए मेरी चूचियां मसल रहे थे, तब मां ने देख लिया था.
उसी दिन मां ने मामा को भगा दिया और उसी दिन से मैं चुदवाने के लिए तड़प रही थी.

ऊपर से आप मम्मी को चोदते थे … तब भी मेरी बुर की आग भड़क जाती. मैं तभी से आपसे चुदवाने की ताक में थी. आज अरमान पूरा हो गया. दादू आपको जब भी चोदना हो … बताइएगा.

मैंने कहा- ठीक है … पर अब घर से बाहर चुदाई नहीं करूंगा. मैं प्रयास करूंगा कि तुम मां और बेटी को एक साथ घर में चोदूं.
शालू भी हंस कर बोली- हां दादू अब तो मम्मी भी आपके लंड से चुदवाती हैं और उन्हें मेरी चुदाई की बात भी मालूम है.

मैंने कहा- हां अब रीना और तुझे एक साथ एक ही बिस्तर पर चोदूंगा.
शालू किलकारी मारती हुई बोली- दादू सच में मम्मी के साथ मुझे आपसे चुदवाने में मजा आ जाएगा. कभी मैं आपका लंड चूसूँगी और मम्मी चुत चुदवाएंगी, तो कभी मम्मी लंड चूसेंगी और मैं आपसे चुदूंगी.

मैं हंसा- तू तो काफी जानकार हो गई शालू. मगर एक ही बार में लंड मुँह में और चुत में कैसे जाएगा.
वो भी सोचती हुई बोली- अरे हां ये तो मैंने सोचा ही नहीं. चलो किसी ब्लूफिल्म में तीन की चुदाई देख कर बताऊंगी कि हम तीनों में खेल कैसे हो सकेगा.
मैंने उसे चूमते हुए कहा- मुझे सब मालूम है कि तुम दोनों को एक साथ कैसे चोदना है.

जंगल से चुदाई के बाद शालू मेरे साथ वापस आ गई.

घर आते समय कपड़े बदल कर आई थी.

अब तो साली पूरी छिनाल हो गई थी, सब जानती थी. फिर एक मौका मुझे उसके घर में ही मिला. उस दिन उनके घर में मां बेटी के अलावा कोई नहीं था. इसलिए उसकी मां ने सोने के लिए मुझे बुला लिया. रीना खुद चुदने के फिराक में रहती थी.

मैंने भी प्लान बना लिया. आज मां के बगल में लेटा कर बेटी को चोदूंगा.

मैं बाजार से गर्भनिरोधक गोली और नींद की दो गोली ले आया.

जब उसके घर पहुंचा तो मैंने शालू को बता दिया कि वह पहले ही खाना खाकर अपने कमरे में चली जाए. फिर आधे घंटे बाद मां की चुदाई का मज़ा ले.

प्लान के अनुसार ही सब चल रहा था. खाने के बाद उसकी मां दो गिलास दूध ले आई. मैंने उसे पानी लाने को भेजा तो बोली कि दूध पी लो … पानी क्या दारू पीने के लिए मंगा रहे हो.
मैंने कहा- नहीं, पानी तो ऐसे ही लाकर रख लो, बाद में जरूरत पड़ेगी.

वो पानी लेने चली गई.

मैंने उसके दूध में नींद की गोली मिला दिया.
वह जैसे ही आई, मैंने उसे बांहों में भर लिया और उसे जांघों पर बैठा कर उसकी मस्त चूचियों का सहलाने लगा.
वह भी झुक कर मेरे होंठों को चूसने लगी.

दस मिनट तक यही चला.
फिर मैंने उसका गिलास उठा कर उसके होंठों से लगा दिया.

एक सांस में उसने गिलास खाली कर दिया.
फिर उसने मुझे अपने हाथों से दूध पिलाया.

अब मैंने उसे पूरी नंगी कर दिया. उसने भी मेरे कपड़े उतार दिए.
हम दोनों नंगे एक दूसरे की बांहों में थे.

मैं उसके दूध पीने लगा, वह मेरे लंड को सहलाने लगी.

थोड़ी देर में वह चुदने के लिए मचल गई.

वो- बहुत दिन से चुदाई नहीं हुई है … मेरी बुर तुम्हारे लंड के लिए तरस रही है चाचा … पहले मुझे चोद दो.

मैंने उसे मेज पकड़ कर खड़ा कर दिया और एक पैर कुर्सी पर रखवा दिया. फिर उसकी चूत में एक ही झटके में पूरा लंड पेल दिया.
वह चीख पड़ी.

अब रीना बहु की चुदाई एक्सप्रेस चल पड़ी.

फिर उसने कहा कि अब अपनी गोद में उठा कर चोदो.
उसने मेरे गले में बांहों को डाल कर पैरों से मेरी कमर को लपेट लिया. मैंने लंड को चूत के मुहाने पर लंड टिका कर उसकी कमर को कसके पकड़ कर जोर का धक्का मारा.
पूरा लंड चूत को चीरते हुए घुस गया. वह मेरे गले में झूलते हुए अपनी कमर आगे-पीछे करती हुई मुझे चोद रही थी.

फिर मुझे जोश आया तो उसे बिस्तर पर गिरा कर दोनों पैरों को कंधे पर रख कर चूत में लंड को पेल दिया और जोर जोर से पेलने लगा.

थोड़ी ही देर में वह झड़ने लगी. उसकी चूत के पानी की गर्मी से मेरे लंड ने भी लावा उगल दिया.
फिर मैं उसे अपने से लिपटाते हुए लेट गया.

दस मिनट में उसके खर्राटे बजने लगे.

मैं उठा और अपनी पैंट की जेब से हाफ निकाल कर पहले दो पैग खींचे और एक सिगरेट सुलगा कर शालू के पास चला गया.

वह बिस्तर पर बिना कपड़ों के पसरी थी; अपनी मस्त चूचियों को अपने ही हाथों मसल रही थी.

उसने मुझे देखा तो किलकारी मारती हुई उठी और मेरे हाथ से सिगरेट लेकर पीने लगी.
साली सर्वगुण सम्पन्न हो गई थी.

उसने झट से मुझे अपने बिस्तर पर खींच लिया और मेरे होंठों से अपने होंठ सटा कर रस चूसने लगी.
फिर मैंने धीरे से झुक कर उसके एक चूची को मुँह में ले लिया.

वो- आह दादू अब जल्दी से लंड डाल दो, मेरे पूरे बदन में आग लगी है.
उसने कहा, तो मैंने उसे चूम कर कहा- यहां नहीं रानी … तुझे तुम्हारी मां के बगल में लिटा कर चोदूंगा.

मेरे मुँह से शराब की गंध महसूस करके बोली- दादू मुझे भी पिलाओ न!
मैंने कहा- चल कमरे में चलते हैं … उधर बोतल में बची है, पी लेना.

मैं उसे अपने गोद में उठा कर दूसरे कमरे में ले गया और उसकी मां की बगल में लिटा दिया.

कमरे में आकर मैंने गिलास में दारू का पैग बनाया और उसे दे दिया.
उसने एक ही सांस में खींच कर सिगरेट से स्वाद ठीक कर लिया.

अब मैंने उसके पैरों को कंधे पर रख कर लंड को बुर के छेद पर सैट करके जोर से लंड को बुर में पेल दिया.
उसकी बुर पानी से भरी हुई थी इसलिए लंड जड़ तक बिना किसी परेशानी के बुर में घुस गया.

वह कुछ ही देर में अकड़ गई. मैं उसे घचा-घच चोदने लगा. अब वह भी नीचे से कमर उठा कर चुदवाने लगी.

दस मिनट तक मैंने उसे चोदा, फिर उसे छोड़ कर उसकी नींद में सोई मां की चूत में लंड डाल दिया और उसे चोदने लगा.

शालू को पकड़ कर उसके मुँह में उसकी मां की चूचियां पकड़ा दीं.
वह अपनी मां की चूचियां चूस रही थी. मैं उसकी मां की चूत चोद रहा था.

फिर मैंने उसे उसकी मां के ऊपर पेट के बल लिटाया, तो वह अपनी मां के शरीर से चिपक गई.
मैंने पीछे से उसकी चूत में लंड डाला और चोदने लगा. कभी उसकी मां की बुर चोदता, कभी शालू की. शालू की चूत चोदते चोदते मैं उसकी चूत में ही झड़ गया.

रात भर मैं दोनों की चूत को बारी बारी से चोदता रहा.

इस बीच रीना के ऊपर से नींद की गोली का असर खत्म हो गया था, तो रीना को भी मालूम हो गया था कि उसकी बेटी मुझसे चुद रही है.
उसने कुछ नहीं कहा और दोनों मां बेटी मेरे लंड से चुदाई का मजा लेने लगीं.

यह सब कुछ वर्षों तक चलता रहा. दो बार मैंने दोनों मां बेटी का गर्भपात कराया. बस इसी तरह से चुदाई की गाड़ी चलती रही.

आपको इंडियन देसी सेक्स गर्ल सेक्स कहानी कैसी लगी, बताने के लिए मुझे मेरी मेल आईडी पर मेल करें.
[email protected]
धन्यवाद

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