प्रशंसक दोस्त को सेक्स का मजा दिया

(Fan Dost Ko Sex Ka Maja Diya)

मेरा नाम अदिति है। अन्तर्वासना पर मेरी यह दूसरी कहानी है।
मेरी पहली कहानी
देवर भाभी सेक्स की प्रेम कहानी
अभी अभी कुछ ही दिन हुए प्रकाशित हुई है.

जब मैंने अपनी पहली कहानी लिखी तो मुझे अन्तर्वासना पर से बहुत सारे ईमेल आए. कुछ अच्छे थे और कुछ बहुत बेकार। मैंने सारे अच्छे ईमेल का रिप्लाई किया.
वहां पर से मुझे मेरा एक दोस्त बना। उसने मुझसे बहुत सारी अच्छी-अच्छी बातें की। फिर मैंने उसे अपना कांटेक्ट नंबर भी दे दिया.
यह शुरुआत थी मेरी और उसकी दोस्ती की।

दोस्तो, यह एकदम सच्ची कहानी है। इसमें कुछ भी हेर फेर नहीं है। सीधे जैसी यह घटना मेरे साथ हुई है मैं आपके सामने पेश कर रही हूं। और यह घटना बीते मेरे साथ अभी एक हफ्ता भी नहीं हुआ है.

जब मेरी उससे बात हुई तो उसने मुझसे कहा- भाभी, मुझे आपसे मिलना है। मैं आपके लिए कुछ भी कर सकता हूं।
मैंने कहा- ठीक है, मैं आ जाती हूं आपसे मिलने!
तो दोस्तो यह कहानी मेरे उसके मिलन की है कि कैसे मैंने अपने उस प्रशंसक दोस्त को सेक्स का मजा दिया.

जब मैं उससे मिली तो पहले उसने मुझे बहुत वासना भरी नजरों से देखा और मुझसे कहा- आप बहुत सुंदर हो भाभी जी!
और मेरे पास आकर बैठ गया.

फिर उसने मेरा हाथ पकड़ा और मेरी उंगलियों में अपनी उंगलियों फंसा ली और फिर मुझे पीछे की तरफ बेड पर लेटा दिया और मेरे कपड़े निकालने लगा. मैं उसके सामने थोड़ी देर में ब्रा और पेंटी में आ गई मेरा गोरा बदन उसके सामने था; मेरी जांघें उसके सामने नंगी पड़ी थी।

अब वो मेरी जांघों पर अपना हाथ फिराने लगा और फिर मेरी पेंटी भी उसने निकाल दी। लेकिन मेरे ब्रा अभी मेरे बूब्स को ढके हुए थी.

फिर वो मेरी चूत पर किस करने लगा. मैंने अपनी आंखें बंद कर ली और वह अंदर तक जीभ डाल डाल कर मेरी चूत चाटने लगा. मैं कभी बेड की चादर को अपनी मुट्ठी से पकड़ती, कभी उसके बालों को।

मैं तो पागल सी हुए जा रही थी. मैं धीरे-धीरे उसको अपनी बांहों में भरती जा रही थी।

फिर जब उसने मेरी चूत को चूस कर पूरा गीला कर दिया तो वह धीरे-धीरे किस करते हुए मेरे बूब्स तक आ गया. उसने मेरी ब्रा को एक झटके में मेरे बूब्स से अलग कर दिया और अपने दोनों हाथों से मेरे बूब्स को पकड़कर दबाने और चूसने लगा।

उसने हलके से मेरे बूब्स पर दांत भी गड़ा दिए जिससे मैंने उसे कहा- नहीं बेबी, ऐसा मत करो, दर्द हो रहा है।

तो फिर वह हल्के से अपनी जीभ को मेरे बूब्स के निप्पल पर फिराने लगा. मुझे बहुत मजा आ रहा था उस अपने अजनबी दोस्त के साथ।

फिर उसने अपने लंड को मेरी चूत पर सटाया; धीरे धीरे सारा लंड मेरी चूत में चला गया.

मैंने अपने आपको उसके सीने से लगा लिया और उसका अहसास करने लगी. सच में मुझे बहुत मजा आ रहा था. वह मेरे सारे बदन को दबा रहा था, नोच रहा था. मुझे उसके नीचे पड़े पड़े अपनी चूत में धक्के खाने में बहुत मजा आ रहा था.

बहुत देर तक ऐसे ही चोदने के बाद उसने मेरी दोनों टांगें अपने कंधों पर रख ली और मुझे चोदने लगा. ऐसा करने से उसका सम्पूर्ण लंड मेरी चूत में चला गया जिससे मुझे बहुत दर्द हुआ।
लेकिन थोड़ी देर बाद मुझे मजा आने लगा।

वह अपने दोनों हाथों से मेरे बूब्स को पकड़े हुए था. वह हर धक्के के साथ उनको हिलने नहीं दे रहा था. हर धक्के के साथ मुझे पूर्ण आनंद की अनुभूति हो रही थी। मेरा पानी निकलने वाला था तो मैंने अपनी टांगें उसके कंधों पर से उतार ली और उसकी कोली भर कर पूरे जोर से उसके लंड को अपनी चूत में लेने लगी.

मुझे मजा आने लगा, मेरा पानी निकलने लगा तो उसने अपनी स्पीड और बढ़ा दी और दबाकर मेरा पानी निकाल दिया।

फिर मैंने अपने बदन को ढीला छोड़ दिया और उससे चिपक गई लेकिन वह तो मुझे बराबर चोदे जा रहा था और उसने भी अपना सारा पानी मेरी चूत में ही निकाल दिया।

तब हम दोनों आराम करने के लिए बैठ गए.

10-15 मिनट के बाद उसका लंड फिर से टाइट हो गया तो उसने मुझे फिर से बेड पर लिटा दिया. वो फिर से दोबारा मेरे बदन को चूमने और चाटने लगा। मैं बस अपनी आंखें बंद करके उसका अहसास करती रही।
उस आनंद को मैं कभी भूल नहीं सकती।

और इस बार उसने मुझे घोड़ी बना लिया। मेरी चूत पूरी गीली ही थी तो लंड आराम से पीछे से चूत में चला गया. वो मेरी पीछे से कोली भर कर मेरी चूत में धक्के लगाने लगा।मेरे बूब्स नीचे की तरफ लटक रहे थे. वो पीछे से मेरे बूब्स भी पकड़ रहा था और मेरी पूरी कमर पर अपने हाथ फिरा रहा था.

मुझे बहुत मजा आ रहा था.

फिर वह अचानक से हटा और मेरी कमर पर किस करते हुए नीचे तक की तरफ मेरी गांड पर चला गया. वो मेरी गांड को पीछे से चाटने लगा. घोड़ी बने बने ही मैं उससे अपनी गांड चटवाने लगी।
उसने मेरी गांड और चूत को थूक से भर दिया. मुझे चूत चटवाना बहुत अच्छा लगता है।

अब उसने मेरे बाल भी खोल लिए। मेरे बाल मेरी कमर पर पड़े थे और वह पीछे से मेरी चूत और गांड को चाट रहा था.

फिर दोबारा से उसने अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और तेज तेज धक्के लगाने लगा और मेरे बालों को पकड़कर खींचने लगा।
मुझे थोड़ा दर्द हो रहा था लेकिन मजा भी आ रहा था.

मैंने अपने सर को बेड पर रख लिया और आराम से अपनी गांड को पीछे से उठा लिया. वह धक्के लगा रहा था.

फिर वह पीछे से हटा, मेरे बालों को पकड़कर मुझे ऊपर की तरफ उठाया और अपना लंड मेरे मुंह में दे डाला।

मैं गपागप करके लंड को चूसने लगी क्योंकि मुझे भी चुदाई में आनंद आ रहा था। मैं उसके लंड को चूसे जा रही थी.

बहुत देर तक ऐसे ही लंड चूसने के बाद उसने मुझे फिर से सीधा लेटा लिया और अपने हाथों से अपने मुठ मारते हुए सारा वीर्य मेरी चूचियों पर निकाल दिया।

मैंने उससे पूछा- यह आपने क्या किया? मुझे सारा गंदा कर दिया. अब मुझे नहाना पड़ेगा.
उसने कहा- कोई बात नहीं भाभी जी, जब आप जाओगी तो नहा के चली जाना.

फिर मैंने उसका वीर्य किसी कपड़े से पौंछा।
हम दोनों थक कर एक दूसरे की बाजू में लेट गए.

उसको दो बार मजा आ चुका था लेकिन मुझे अभी एक ही बार आया था और मेरा मन कर रहा था चुदाई का।
तो मैं अपने सर को उसके छाती पर रखकर लेट गई।

फिर हमने कुछ बहुत सारी बातें की।
उसने मुझसे कहा- भाभी, आपके जैसी सेक्स से भरी हुई औरत मुझे कभी नहीं मिली.
मैं बस उसकी तरफ देख कर मुस्कुरा दी।

15-20 मिनट बाद मैं नीचे की तरफ उसके लंड की तरफ चली गई और उसके लंड को अपने हाथों में लेकर अपने हाथों से उसकी मुठ मारने लगी। और फिर उसके लंड को मैंने अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी।
वह भी पूरा आनंद लेने लगा।

फिर मैं उसके ऊपर आ गई और अपने हाथ से उसका लंड पकड़ कर अपनी चूत पर लगाया और पीछे की तरफ हो गई.
पूरा लंड एक ही बार में मेरी चूत में चला गया. मैं उसके ऊपर बैठ कर लंड राइडिंग करने लगी।
और वह नीचे से मेरे बूब्स चूसने लगा.

औरत को इस पोजीशन में हमेशा बहुत ज्यादा मजा आता है और वह बहुत जल्दी झड़ जाती है.
मेरे साथ भी यही हुआ क्योंकि एक तो उसके हाथ मेरी कमर पर चल रहे थे. नीचे से वो मेरे बूब्स को अपने मुंह में लेकर चूस रहा था.
उसका लंड मेरी चूत में धक्के खा रहा था.

क्योंकि ऊपर से बैठकर मैं धक्के मार रही थी तो मुझे बहुत जल्दी मजा आ गया और मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया. मैंने अपने होंठ आनंद के कारण उसके मुंह में दे दिए।

फिर हम कुछ देर के लिए फिर से एक दूसरे से चिपके रहे।

उसने कुछ देर बाद मुझसे कहा- भाभी जी, मुझे आपकी गांड मारनी है, प्लीज मना मत करना!
मैंने उससे कहा- देखो, मैंने आज तक ऐसा नहीं करवाया है. पर तुम्हें मैं मना नहीं कर सकती।

तो उसने मुझे फिर से घोड़ी बनाया और अब अपने मुंह और जीभ से मेरी गांड को चाटने लगा. वह अपनी जीभ को मेरी गांड में घुसाने की कोशिश करने लगा.
जब मेरी गांड पूरी गीली हो गई तो उसने धीरे-धीरे अपना लंड मेरी गांड में डाला।

शुरू में मुझे बहुत दर्द हुआ, मैं बहुत चिल्लाई ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ लेकिन फिर धीरे धीरे दर्द कम हो गया और मुझे मजा आने लगा.

वह जमकर मेरी गांड को चोद रहा था और मैं हल्के हल्के दर्द के कारण चिल्लाए जा रही थी.

लेकिन कुछ देर बाद वह और तेज तेज धक्के लगाने लगा. तो मुझे फिर से दर्द होने लगा और मैं सीधी बेड पर लेट गई.
मैंने उससे कहा- अब मुझसे पीछे और नहीं होगा.

तो उसने मुझे सीधा लिटा लिया और फिर से मेरी चूत में अपना लंड डाल दिया।
हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगे.

वह मुझे चूम और चाट रहा था, मैं उसे चूम और चाट रही थी.

मेरा वह दोस्त जो मुझे अंतरवासना से ही मिला … मैंने अपने आप को पूरी तरह से उसे सौंप दिया और उसके नीचे पड़ी पड़ी बस उसके लंड का अहसास कर रही थी.

बहुत देर तक ऐसे चूत चुदाई करवाने के बाद मुझे भी मजा आ गया और उसका भी पानी निकलने वाला था.
तो उसने कहा- भाभी, मुझे आपको पानी पिलाना है. मैं अपना सारा माल आपके मुंह में निकालना चाहता हूं.

मुझे भी बहुत इच्छा थी उसका पानी पीने की!
तो मैं मुंह खोल कर बेड के नीचे बैठ गई और वह मेरे मुंह पर मुठ मारने लगा.

थोड़ी देर बाद उसने सारा वीर्य मेरे मुंह में निकाल दिया. कुछ माल उसका मेरे गालों और ठोडी पर भी गिरा जिसे मैंने उंगली से चाट लिया. मैं उसका सारा पानी पी गई.

फिर नहाकर मैं अपने घर आने के लिए तैयार हो गई. मैंने उसे कहा- डियर मुझे जाना होगा!
तो उसने कोई फोर्स नहीं किया, कहा- भाभी जी, अब आप जाओ.और कभी मेरी भी जरूरत हो किसी भी काम के लिए तो बेझिझक बोल देना!

मैंने उसे एक किस किया और वापिस अपने घर के लिए आ गई.

दोस्तो, यह मेरी सच्ची सेक्स कहानी है जो मैंने आप लोगों को सुनाई. इसमें मैंने पहली बार अपनी गांड मरवाई. वो भी किसी गैर मर्द से जो मुझे पसंद करता था.
आपको मेरी कहानी कैसी लगी? कृपया ईमेल कर कर जरूर बताएं.
आपकी अपनी प्रिय सखी अदिति
[email protected]

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