वाइफ शेयरिंग क्लब में मिली हॉट माल की चुदायी- 1

(Choot m Lund Ki Kahani)

चूत म लंड की कहानी में पढ़ें कि वाइफ स्वैप क्लब में एक भाभी ख़ास मुझसे चुदाई करवाने ही आयी थी. उसके पति को एक गोरी लड़की देकर मैं उसकी बीवी को रूम में ले गया.

सभी पाठकों को मेरा कामवासना भरा नमस्कार. दोस्तों मेरा नाम अनिकेत है. मैंने अपनी पिछली चूत म लंड की कहानी में अपना नाम बदल कर बताया था.

मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ. सर्व प्रथम में आप सभी पाठकों का शुक्रिया अदा करना चाहूँगा. आप सबकी वजह से में आप लोगों को अपनी सेक्स कहानी बताने का अवसर मिला.

जैसा कि आप लोगों ने मेरी तीन चार कहानी अन्तर्वासना पर छप चुकी है. मैं अपनी पिछली कहानी का लिंक दे रहा हूँ.
मौसी ने अपनी भानजी की चुदाई करायी
आप इस लिंक पर जाकर मेरी इस सेक्स कहानी का मजा ले सकते हैं.

पिछली कहानी में आपने जो पढ़ा था, आज उसी कड़ी की एक और चूत म लंड की कहानी लिख रहा हूँ.

वैसे तो आप सब लोग मेरे में जानते ही हैं. और जो नहीं जानते हैं. उनको इस रसीली कहानी सुनाने से पहले में अपने बारे में बता देता हूँ. मेरी लम्बाई छह फिट है और मैं छह फुट का कसरती शरीर का मालिक हूँ. मेरी उम्र 23 साल है और मेरे लंड की लम्बाई 7 इंच है. इसकी मोटाई 3 इंच है.

दोस्तो, मैं हमेशा से एक बुर्के में छुपी लड़की या औरत को चोदना पसंद करता हूँ. क्योंकि एक तहजीब में छिपी औरत के साथ एक वाइल्ड सेक्स एक अनोखे सुख की प्राप्ति देता है.

मैंने एक क्लब अपने कुछ क्लाइंट्स के कहने पर शुरू किया था. जिसमें पार्टनर को अदल बदल कर हम सभी चुदायी करते थे. इसमें मुझे पार्टनर रखने की जरूरत नहीं पड़ी थी. क्योंकि ये क्लब शुरू मैंने ही शुरू किया था, तो जो माल मुझे भा जाती थी, मैं उसके साथ चुदायी का नंगा नाच खेल लेता था.
मेरी इस बात से किसी को कोई ऐतराज भी नहीं होता था.

कुछ दिन बाद एक सुन्दर सुशील औरत मुझे दिखी जो काफी शरमा रही थी. इसे मैं पहले भी चोद चुका था. ये महिला ज्यादा गोरी तो नहीं थी, इसके शरीर की कसावट इतनी मस्त थी. ऐसा लगता था कि उसका हर अंग काफी मेहनत करके बनाया गया हो. उसके चुचे बिल्कुल गोल और 36 के नाप के थे. गांड 38 की और कमर 32 की थी.

वो उस दिन सलवार सूट में आयी थी. उसका सूट एकदम चुस्त था, जिसमें वो इस समय मुझ पर मानो बिजलियां गिरा रही थी.

वो मुझे देख कर मुस्कुरायी तो मैं उसके करीब आ गया.
मैंने आश्चर्य जताते हुए उससे पूछा- आज पति के साथ यहां कैसे?
पूजा- तुम्हें सरप्राइज देने आयी हूँ.
मैं- पर तुम्हें किसने बताया कि हम लोग इस बार तुम्हारे शहर में मिलने वाले हैं.
पूजा- उसी ने, जिसने हमें पहली बार मिलवाया था.

उसके पीछे अनामिका को खड़ी देख कर मैं सब समझ गया. पिछली बार अनामिका ही पूजा को मुझसे चुदवाने लाई थी.

फिर मैंने उसके पति समीर से पूछा- आप लोगों को यहां आने की जरूरत क्यों पड़ी, जबकी आपके पास तो पूजा जैसा ख़ास तराशा हुआ हुस्न है.
मेरी इस बात पर उसने बहुत ही बेतुका जवाब दिया कि हम दोनों कुछ नया करना चाहते थे, इसलिए हम इस क्लब से जुड़े.

मैंने उसकी झांटें सुलगाने के लिए उसी के सामने पूजा को चूमते हुए कहा कि ओके तुम कुछ नया देखो. और बुरा न मानो तो क्या पूजा को एक दिन के लिए अपना साथी बना सकता हूँ. इसके बदले में तुम कोई भी विदेशी माल चुन सकते हो.

विदेशी चुत के नाम से तो उसका लंड फुदकने लगा और बिना सोचे समझे उसने हां कह दिया.

फिर हमारे बीच थोड़ी बात होने लगी. जिसमें मैंने पूजा को अपनी कामुकता जगाने वाले बुर्का की फैंटेसी के बारे में बताया.

जिस पर उसके पति ने बताया कि जब हम दोनों घर से निकले थे, तो मैं अपनी वाइफ को बुर्का पहना कर यहां लाया था. वो अभी भी इसके बैग में है.

मैंने पूजा की तरफ देखा, तो उसने मुस्कुराते हुए अपने बैग से बुर्का निकाल कर मुझे पकड़ा दिया.

मैंने पूजा को वो बुर्का वापस दे दिया और कहा- इसे पहनो. वो अपने सूट के ऊपर बुर्का पहनने लगी.
मैंने कहा- ऐसे नहीं, अपने कपड़े उतार कर सिर्फ ब्रा पैंटी के ऊपर ही बुर्का पहनो.

ओके कहते हुए वो बाथरूम की तरफ जाने लगी, तो मैंने उसे रोक कर यहीं पहनने को कहा.

वो शरमा गई. तो मैंने उसे अपनी बांहों में खींचा और उसकी गांड को भींच कर मसल दिया.
उसे मेरे कड़क लंड का एहसास हुआ, तो बदले में उसने भी मुझे होंठों पर चूम लिया.

उस समय मुझसे रहा नहीं गया, तो मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खींच दिया और उसकी जालीदार पैंटी पर दो उंगलियां रख के सहला दिया. वह गरमा गई और अपने होंठों को भींच कर कुर्ती भी खोलने लगी. कुछ ही पलों में वो सबके सामने सिर्फ ब्रा पैंटी में आ गई थी.

फिर उसने जल्दी से बुर्का पहन लिया.

दोस्तो, बुर्के की खास बात ये है कि वो हुस्न में अन्दर से चांद सा निखार दे देता है.

उसके बुर्का पहनते ही मैंने पूजा को अपनी गोद में उठा लिया और उसके पति के सामने अपनी कार में बैठा कर अपने होटल के रूम पर ले आया.

कमरे में आते ही मैंने उसका हाथ पकड़ कर नहाने के लिए बाथरूम में खींच लिया. अन्दर मेरे साथ वो मेरे होंठों से फिर से चिपक गई थी. उसके होंठों मुझसे चिपक कर मानो ये जता रहे थे कि वो न जाने कितने दिन से मेरे लंड के लिए प्यासी है.

वो मेरे कान में सरसराते हुए बोली- पहले एक बार ठंडा कर दो प्लीज़.
मैंने उसे दिलासा दी और बुर्के को जोर से खींच दिया, जिससे वो ऊपर से फट गया.

बाकी उसने खुद ब खुद खोल दिया. मैंने शॉवर ऑन कर दिया और उसकी चुत को सहलाने लगा. वो बेसब्र सी होकर मेरी शर्ट को खींचने लगी, जिससे नीचे के बटन टूट गए. फिर वो खुद अपने हाथों से शर्ट खोलने लगी. शर्ट के बाद पैंट की बारी आयी, तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और उससे अपना पैंट मुँह से खोलने को कहा.

पूजा- मैं इसे कैसे मुँह से खोल सकती हूँ?
मैं- मेरी जान, जरा अपनी जीभ निकाल कर फिराओ और चैन को दांतों से पकड़ कर खोल दो न!

पूजा मेरे पैंट के ऊपर से ही अपनी जीभ निकाल कर मेरे लंड पर जीभ चलाने लगी. मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कोई मेरे लंड को ऊपर से सहला रहा हो.

फिर पूजा ने अपने दांत से चैन खींच कर खोल दी. मैंने अंडरवियर नहीं पहनी थी तो मेरा लंड फुदक कर एकदम से बाहर आ गया और सीधे पूजा की नाक पर जा लगा.
वो एकदम से चिहुंक गई.

मैं- लंड कैसा लगा?
पूजा- जैसे रॉड को गर्म करके कठोर कर दिया हो.
मैं- तो इस रॉड पर अपनी जुबान फेर कर इसे थोड़ा चिकना भी कर दो.
पूजा- मुझे मुँह में लेना नहीं पसंद है.
मैं- जान … लंड के टोपे को चूस कर तो देखो.
वो मेरी तरफ देखते हुए मुस्कुराने लगी- मानोगे नहीं?

मैं हंस दिया.

फिर पूजा ने अपनी नाक मेरे टोपे पर लगा दी और लंड सूंघने लगी. फिर जीभ को न के बराबर बाहर निकाल कर टोपे को छुआ और वापस अन्दर कर ली.

उसकी जीभ की नोक ने लंड के सुपारे पर मानो बिजली का करंट लगाया था. मुझे नशा चढ़ गया था.

मैंने उसके एक निप्पल को जोर से पकड़ कर ऊपर की ओर खींचा, जिससे उसने दर्द भरी ‘आआह . … आच्च …’ करने के लिए मुँह खोला. बस उतनी देर में मेरा लंड उसके मुँह में पनाह ले चुका था.

पूजा के बाल पकड़ के मैंने लंड आगे पीछे करते हुए उसके मुँह में धक्के मारने शुरू कर दिए. वो बहुत छुड़ाने की कोशिश कर रही थी. पर सारी कोशिशें बेकार थीं. क्योंकि मैं लंड उसके मुँह से बाहर तक ला ही नहीं रहा था. मैं उसके गले में झटके दे रहा था.

उसकी सांसें रुकने लगीं और आंख लाल होकर उनमें से पानी आने लगा. वो छटपटाने लगी थी. तो मैंने उस पर रहम करते हुए शॉवर चला दिया. लंड भी थोड़ा बाहर कर लिया. ताकि वो लंड चुसाई का मजा ले सके.

लेकिन औरत अपनी पर आ जाए तो कुछ भी कर सकती है. पूजा ने मेरे टट्टे दबा दिए. इससे मेरी पकड़ ढीली हो गयी. उसने तुरंत अपना मुँह मेरे जकड़ से हटा लिया. मुझे दर्द की वजह से काफी गुस्सा आया, तो मैंने उसकी नाक बंद कर दी और शॉवर की तरफ उसका मुँह कर दिया. पानी भरने की वजह से उसे सांस लेने में तक़लीफ़ हुई, तो उसने खुद अपने हाथ से लंड सहलाना शुरू कर दिया.

अब मैंने खुद उसे अपनी पकड़ से आजाद कर दिया.

पूजा- बस लंड ही चुसवाओगे … या नीचे लगी आग में भी कुछ कर पाओगे?
मैं- तुम लंड चूस कर इसे गीला तो करो … तेरी चुत का भुर्ता तो मैं बना ही दूंगा.

पूजा ने मेरे हाथ को अपनी चुत के होंठों पर रखते हुए हल्का सा दबा दिया. पर चुत के बीच में लगी हुई वो जालीदार पैंटी मुझे बिल्कुल नहीं भा रही थी, तो मैं उसकी पैंटी को उतारने की बजाए उसकी नेट को फाड़ दिया. इससे पैंटी चुत के सामने से फट गई और पूजा की चुत की क्लिट मेरे हाथ में आ गई.

उधर पूजा जोश में आ चुकी थी. वो मेरे लंड के सुपारे को अपने मुँह में अच्छे से जीभ फिरा-फिरा कर चूस रही थी.

मैं- तुम्हारी चुत के बाल बहुत बड़े हो गए हैं.
पूजा- तो तुम शेव क्यों नहीं कर देते?
मैं- जरा पैर उठाकर मेरे कंधे पर रख लो.

पूजा एक आखिरी बार जोर से लंड मुँह में दबाया और खड़ी हो गई.

मैं नीचे की ओर झुक कर बैठ गया. उसने मेरे कंधे पर अपनी जांघें रख दीं और अपनी चुत का मुँह मेरे सामने परोस दिया. उसकी चुत से ऐसी भीनी सी खुशबू आ रही थी कि दिल मस्त हो गया.

मैंने पहले तो चुत को पानी से धोया … फिर शेविंग क्रीम से अच्छे से चुत पर झाग बनाया. फिर रेजर को चुत की झांटों पर फिराने लगा. सबसे पहले उसकी चुत की फांकों को उंगलियों की मदद से फैलाते हुए उसके ऊपर के बाल साफ किए. फिर चुत की पंखुड़ियों को खींचते हुए बगलों के बाल साफ कर दिए.

अब उसकी चुत की झांटों के सारे बाल साफ हो चुके थे. मैंने चुत को पानी से धो दिया, तो वो चमचमा उठी थी. हालांकि अभी भी थोड़े थोड़े बाल चुत की चमक पर हल्का सा दाग महसूस करा रहे थे. तो मैंने ब्लेड बदल कर सिर्फ पानी डाला और उन बालों पर अच्छे से रेजर फिरा कर साफ़ कर दिया.

अब चुत एकदम दुल्हन की चुत जैसी लग रही थी. मानो अभी पार्लर से अपना मेकअप करवा कर आयी हो.

‘म्हुउउन..’ एक किस करके अब हम दोनों ने अच्छे से नहा लिया.

फिर मैं पूजा को गोद में उठा कर बाहर लाया और टॉवल से उसे अच्छे से सारा पानी पौंछने लगा.

हम दोनों को कुछ भूख लगने लगी थी. मैंने पूजा से पूछा- खाना बाहर चल कर खाना है … या बाहर से मंगवाना है?

पूजा ने रूम पर ही मंगाने का कह दिया. मैं अभी खाना ऑनलाइन ऑर्डर कर ही रहा था कि पूजा के फोन पर उसके पति का फोन आ गया.

उससे बात हुई, तो उसके पति ने कहा- खाना हम सारे मिल कर किसी होटल में खाएंगे.
फोन काटने के बाद पूजा ने ये बात मुझसे कही.

वैसे मुझे तो कोई परेशानी थी ही नहीं. तब भी मैंने मुँह बनाते हुए कहा- क्या यार … मुझे आज तुम्हारे जिस्म पर खाना रख कर चाट चाट कर खाना था और तुम वहां जाने की बात कर रही हो.

इस पर पूजा ने मुझे एक फ़्रैंच किस देते हुए अलग होकर कहा- आज कुछ खास करते हैं.

उसकी इस बात से मेरे भी दिमाग में एक ख़ास मस्ती सूझने लगी.

फिर हम लोग जाने के लिए तैयार हो ही रहे थे कि मैंने पूजा से कहा- क्यों ना हम एक दूसरे को कपड़े पहनाएं.

उसकी जंगली बिल्ली जैसी हंसी से मैं कुछ समझ नहीं पाया और वो उसी पल मेरे लंड को सहलाने में लग गई.

फिर उसने मेरे मुँह को अपने होंठों में दबा कर साफ सुर में मना कर दिया और मैं लटका सा मुँह लेकर अपने कपड़े पहनने में लग गया.

मैंने पैंट और शर्ट पहन लिए और पूजा ने एक जालीदार पैंटी उसके साथ ब्रा का सैट पहन लिया. उसके ऊपर बदन में कसा हुआ लॉन्ग पार्टी टाइप वन पीस पहन लिया. इस ड्रेस में वो कयामत लग रही थी. उसका ये वन पीस पीछे से खुला हुआ था और नीचे से घुटने से थोड़ा लूज था. साथ ही ये उसकी उठी हुई गांड पर एकदम चिपका हुआ था, जिससे उसकी गांड का निखार काफी बढ़ रहा था.

फिर हम लोग साथ में रूम से नीचे तक आए. मैंने होटल की कार फिर से ले ली और खुद ड्राइव करने के लिए चाभी ली. मैं कार पार्किंग से लेकर आया.

मेरी साइड की सीट पर पूजा बैठ गयी और हम लोग एक आलीशान होटल में गए. जहां उसका पति, नीना (विदेशी लड़की) के साथ पहले से मौजूद था. हम लोग आपस में गले मिले, फिर अन्दर की ओर आ गए. जहां अंधेरा ही था … पर वहां रोशनी के लिए बिजली के दिए लगा रखे थे … और धीमी रोशनी जला रखी थी.

हम लोगों ने पीछे की तरफ जाकर एक टेबल ले ली, जिस पर हम चार आराम से बैठ सकते थे.

हम लोग कुछ इस तरीके से बैठे थे कि आगे पूजा और समीर … और उनके सामने मैं और नीना थे. कार्नर में पूजा उसके सामने में, फिर समीर और उसके सामने नीना.

उधर समीर और पूजा धीरे धीरे कुछ बात करने लगे. मैंने और नीना ने आर्डर लिखवा दिया.

दोस्तो, अब मैं अगली बार इस सेक्स कहानी को कुछ ऐसे अंदाज में पेश करूंगा, जिससे आपके लंड चुत की मलाई छूटे बिना नहीं रह सकेगी.
आप मुझे मेल करना न भूलें. मेरी चूत म लंड की कहानी से जुड़ी कोई भी जानकारी के लिए मुझसे सम्पर्क कर सकते हैं.
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चूत म लंड की कहानी का अगला भाग: वाइफ शेयरिंग क्लब में मिली हॉट माल की चुदायी- 2

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