मेरी बहन और जीजू की अदला-बदली की फैंटेसी-19

(Meri Bahan aur Jiju Ki Adla Badli Ki Fantasy-19)

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अब तक की मेरी इस मस्त सेक्स कहानी में आपने पढ़ा था कि समुद्र तट पर मस्ती करने के बाद हम सभी जब खाना खा रहे थे, तब अपनी अपनी पार्टनर के बारे में बता रहे थे.

मैं अपनी बहन चित्रा के मुँह से अपनी मर्दानगी की बात सुनकर गरम हो उठा और अपनी बहन को गोद में लेकर कमरे में चल दिया.

अब आगे..

आकाश- लो एक शेर तो भूखा हो गया.
अविनाश ने आलिया के दूध सहलाते हुए कहा- हां अब हमें भी चलना चाहिए.

मैं दीदी को उठाकर अपने कमरे की ओर ले जा रहा था.

चित्रा- आजकल तुम ज्यादा ही क्रेज़ी हो गए हो.
मैं- सबके मुँह से चुदाई की बात सुनकर मेरा मन होने लगा था.
चित्रा- सब हमारे बारे में सोच रहे होंगे.
मैं- यही ना कि मैं अपनी गर्लफ्रेंड को अन्दर जाकर चोदने वाला हूँ.
चित्रा मुस्करा कर- चल नॉटी कहीं का.

हम दोनों ने कमरे में जाते ही एक दूसरे से खेलना शुरू कर दिया. मैंने दीदी को नीचे उतारा और कमरे का दरवाजा लॉक कर दिया. मैं दीदी के पास जाकर उन्हें किस करने लगा, लेकिन दीदी ने मुझे रोक दिया और मुस्कराने लगीं.

चित्रा- पहले मैं नहा लूं.
मैं- मैं भी साथ चलता हूँ.
चित्रा- नो थैंक्स.

फिर दीदी बाथरूम में चली गईं और मैं बेड पर बैठकर फोन इस्तेमाल करने लगा. मैंने फोन में आज सुबह जो जीजा जी और आलिया की वीडियो रिकॉर्ड की थी, वो देखने लगा और अपने लंड को सहलाने लगा. आलिया जब जीजा जी का लंड चूस रही थी.. तब कितनी सेक्सी लग रही थी.

करीब दस मिनट बाद दीदी एकदम सेक्सी अंदाज में बाहर आ गईं. इस समय दीदी ने सिर्फ लाल रंग की ब्रा और पैंटी पहनी थी. मैंने दीदी को यूं देखा, तो फोन बंद कर दिया. वो अभी फुल मूड में थीं.. क्योंकि इसकी आधी वजह ड्रिंक्स का असर था. मैं झट से खड़ा हो गया और दीदी मेरे पास आ गईं.

मैं- यू आर सो सेक्सी जानू.
दीदी- यू टू माय लव.

हम दोनों चिपककर किस करने लगे और तभी दीदी ने मेरी शर्ट निकाल दी. दीदी ने मेरे बदन को चूमते हुए मुझे बेड पर धक्का दे दिया. अब तक मैं दीदी को बेड पर पटकता था.. मगर आज दीदी मुझे पटकने में लगी थीं. इसका मतलब आज दीदी मस्त चुदाई के मूड में थीं. दीदी ने ड्रावर से वायग्ररा की गोली निकाल कर मुझे दे दी. मतलब आज रात वो जी भर कर अपने भाई से चुदने की मस्ती में थीं.

फिर दीदी ने बड़ी अदा से अपनी ब्रा और पैंटी निकाल दी और मम्मे हिला कर मुझे दिखाने लगीं. मैं लंड सहला कर अपनी बहन के मस्त मम्मों को थिरकता हुआ देख रहा था. फिर दीदी ने बेड पर चढ़कर मेरी शॉर्ट निकाल दिया और साथ ही मेरी निक्कर भी निकाल दी.

मैं दीदी को देख रहा था और वो मेरे खड़े लंड को हाथ में लेकर मुझे सेक्सी स्माइल देकर लंड को मुँह में लेकर चूसने लगीं. चित्रा दीदी बड़े मजे से मेरे लंड को चूस रही थीं और मैं धीमे स्वर से सीत्कार कर रहा था.

वायग्ररा के असर और दीदी के ब्लो जॉब से मेरा लंड बहुत टाइट हो गया था.

करीब पांच मिनट तक दीदी मेरे लंड को चूसती रही थीं. फिर वो मेरे ऊपर चढ़ गईं. मैंने भी अपने खड़े लंड को उनकी चुत पर सैट कर दिया और दीदी की कमर पकड़कर झटका लगा दिया. दीदी ने भी लंड को अपनी चुत में ले लिया था. लंड अन्दर लेते ही दीदी भी गांड उछालकर चुदने लगी थीं. उसी समय दीदी ने मुझे मेरे होंठों पर किस किया. मैं भी उन्हें किस करते हुए धक्का लगाने में जुट गया. इस समय मेरे दोनों हाथ दीदी की मखमली गांड पर जमे हुए थे. कभी मैं जोश के साथ दीदी को धक्का लगाता, तो कभी वो उछलकर लंड से चुदने लगती थीं.

अभी वायग्ररा का फुल असर होने लगा था.. इसलिए मैं दीदी को अपनी बांहों में जकड़कर तेजी से चोदने लगा.

करीब दस मिनट बाद मैंने दीदी को घोड़ी बना दिया और उनके पीछे से उनकी गांड में लंड घुसा दिया. दीदी गांड में लंड लेते ही कराह उठीं.. लेकिन दो ही झटकों में दीदी ने लंड झेल लिया था. अब मैं दीदी की गांड पर चपत लगाकर उनकी गांड मार रहा था.

इस समय दीदी को वाइल्ड सेक्स से बहुत मजा आ रहा था. वो सीत्कार करते हुए गांड पर पड़ने वाली चपत से दर्द को झेल रही थीं. चित्रा बहन के चूचे हवा में झूल रहे थे.

चित्रा- आहहह यस उह ओह फक फक आहहह ओह राज सो गुड. फक माय आस(गांड) हार्ड.. आहहह उम्मह ओ यस या…

मैं बड़ी तेजी से दीदी की गांड को पेल रहा था और वो चुदते हुए जोरों से कामुक आवाजें कर रही थीं.

फिर मैं दीदी को घुमाकर उनकी एक टांग को ऊंची करके लंड चुत में पेलने लगा. दीदी सेक्सी अंदाज से मेरी ओर देखकर चुद रही थीं.

इधर में जीजा जी की बीवी को पेल रहा था, उधर वो मेरी होने वाली बीवी को पेल रहे थे. हम चारों एक दूसरे की बीवी की ठुकाई कर रहे थे.. या यूं कहूँ कि हम चारों मर्द अपनी अपनी बहनों की ठुकाई कर रहे थे.

चुदाई की वजह से कमरे में फच फचफच फच की आवाजें गूंज रही थीं. करीब चालीस मिनट तक मैंने दीदी को बेरहमी से चुदाई की. फिर दीदी के कहने पर मैं उनके मुँह पर झड़ गया और दीदी ने मेरे लंड को चूसकर साफ कर दिया. उनके मुँह पर लंड का माल लगा था, जिस वजह से मेरे लंड का आधा माल उनके मुँह में चला गया था.

हम दोनों को चुदाई के खेल में एसी चालू होने के बावजूद पसीना आ गया था. लंड साफ़ होने के बाद मैं दीदी के पास लेट गया और वो खड़ी होकर बाथरूम चली गईं.

मैंने आज पहली बार इतनी देर तक चुदाई की थी. हम पूरी रात में करीब तीन बार चुदाई की, फिर दोनों एक दूसरे के बदन को चिपककर सो गए.

फिर सुबह के आठ बजे तैयार होकर दीदी ने मुझे उठाया, तब मैंने अपनी बहन चित्रा का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी ओर खींच लिया.

चित्रा- रात का नशा अभी नहीं उतरा है.
मैं- तुम्हें देखकर नशा हो जाता है.
चित्रा- हमें यहां से आज जाना है.. इसलिए अब फ्रेश हो लो.

फिर मैं बाथरूम में जाकर नहाया और कपड़े पहनकर हम दोनों अपना लगेज लेकर कमरे से बाहर आ गए. वहां नीरज और नताशा अपने बैग के साथ खड़े थे. फिर वो चारों भी आ गए. उसके बाद हम वहां से सभी फेरी में बैठकर माले एटोल गए.. जहां हमने पूरे दिन घूमने का मजा लिया. हमने वहां स्कूबा डाइविंग, बोट राइडिंग और वहां के सुंदर लोकेशन घूमे. फिर शाम को हम वापस माले सिटी के अपने पेन्ट हाउस में आ गए. हम सभी बहुत थक गए थे, इसलिए सो गए. सभी लेडीज का आदेश था कि आज रात नो सेक्स. इसलिए हम चारों जैन्टस हॉल में सो गए और वो चारों कमरे में सो गई थीं.

अगले दिन सुबह हम सब उठे और साथ मिलकर ब्रेकफ़ास्ट करने लगे. नाश्ता करते समय हम बात भी कर रहे थे.

अविनाश- दोस्तों अब हमारे पास सिर्फ एक दिन है.. कल सुबह नौ बजे हमारी फ्लाईट है.
चित्रा- अविनाश आज जितना मजा करना है.. कर लो. बाद में सिर्फ एक ही चुत मिलेगी.
अविनाश- मेरे लिए एक चुत भी बस है.

इस बात पर हम सभी हंसने लगे. फिर हम सभी ने नाश्ता खत्म किया.

आकाश- आज जमकर चुदाई करेंगे.
मैं- आज हम सभी नग्न अवस्था में रहेंगे.
नीरज- यस गुड आईडिया.
मैं- जिया मेरे साथ कमरे आना चाहोगी.
जिया ने नीरज तरफ देखकर कहा- अब तुम्हें मना भी नहीं कर सकती.
मैं- नीरज क्या मैं जिया को ले जा सकता हूं.
नीरज- जरूर.
अविनाश- राज जिया को उसके कमरे में ले जाना.. ताकि हम चारों को पता चले कि कौन किसके कमरे में है.
मैं- ओके.. तो जिया चलें?

फिर हम दोनों खड़े होकर उसके कमरे में चले गए. हम सभी अपने नए पार्टनर के साथ कमरे में चले गए.

अब हमारी जोड़ी कुछ इस तरह थीं.

मैं और जिया, अविनाश और नताशा, आकाश और आलिया.. और नीरज व चित्रा थे.

हम सभी कमरों के अन्दर जाते ही लग गए.

मैं जिया के साथ कमरे में आकर उससे चिपक गया. हम दोनों किस करने लगे और जल्दी ही हम दोनों ने एक दूसरे के टी-शर्ट उतार दिए.

जिया ने इस समय ब्लैक रंग की ब्रा पहनी थी. मैंने जिया को घुमाकर उसकी ब्रा को निकाल दिया और जिया के मम्मों को दबाने लगा. वो धीमे से सीत्कार करने लगी.

कुछ मिनट हम दोनों पूरी तरह से नग्न अवस्था में हो गए. फिर मैंने जिया को बेड पर लेटाकर वायग्ररा की गोली खा ली और उसके ऊपर चढ़कर उसे बेरहमी से चोदने लगा.

करीब पचीस मिनट तक मैं जिया के साथ अलग-अलग पोजीशन में चुदाई करता रहा और आखिर में मैं जिया की गांड में ही झड़ गया.

करीब आधे घंटे तक हम दोनों आराम करते रहे. फिर चुदाई के बाद मैंने बाहर आकर देखा, तो सब हमारे आने का इन्तजार कर रहे थे.

जीजा जी ने मेरी तरफ देख कर मुस्कुरा दिया. मैंने कुछ नहीं कहा. हम सभी ने बाहर से खाना आर्डर कर दिया. इस समय हम सभी नग्न अवस्था में थे. कुछ ही देर में खाना आ गया, तो सब खाना खाने लगे. फिर अपनी अपनी बीवी के साथ कमरों में चले गए.

आलिया थकावट की वजह से सो गई थी. उसने मुझसे चुदाई की मना कर दी.

फिर रात को हम सब सभी ड्रिंक्स करके हॉल में ग्रुप सेक्स करने में लग गए. उस रात हम सभी ने एक दूसरे को देख देख कर चुदाई का मजा लिया. मैं चारों लेडीज को चोदा.

फिर सुबह हम सभी ने उठकर नाश्ता किया और तैयार होकर अपना सामान लेकर माले एयरपोर्ट पर पहुंच गए. नियत समय पर हम सभी फ्लाईट में अपनी सीट पर बैठ गए.

इन दिनों में हम सभी वे बहुत मजे किए थे. मालदीव के इस ट्रिप में हमने चुदाई का बहुत मजा किया था.

दोस्तों आखिर में हम सभी भाई-बहन की यह ग्रुप चुदाई की फिल्म अब पूरी हो गई है. इतने दिनों में वो चारों हमारे लंड लेने की आदी हो गई थीं. इस ट्रिप के दौरान मेरी और एक दोस्त बन गई थी और वो अलीना थी. लेकिन मैं उसे चोद न सका था. कभी मौका मिला, तो उसके साथ चुदाई की पूरी कोशिश करूंगा.

अब हम सभी हमारी शादी के बाद मिलेंगे अगर किस्मत ने चाहा, तो फिर कभी चुदाई का मजा होगा. अब तक तो मैंने उन चारों के साथ बहुत चुदाई का आनन्द लिया था, लेकिन अब घर जाकर मेरे लिए थोड़ा मुश्किल होने वाला था.

इस सेक्स कहानी का मजा यहीं पर समाप्त होता है. आप सभी मुझे मेल करके जरूर बताएं कि इस सेक्स कहानी का आपको सबसे ज्यादा कौन सा सीन पसंद आया है. मुझे तो सबसे ज्यादा मजा अपनी दीदी को गर्लफ्रेंड बनाकर चुदाई करने में आया था.

इस ग्रुप चुदाई की कहानी का अगला अंक जल्द ही आप अभी के सामने आएगा. आप सभी गैस करके मुझे मेल करके जरूर बताना कि इस कहानी के अगले भाग में क्या होने वाला है.

इसमें मैं आपको कुछ हिन्ट नहीं दे रहा हूँ.. जिससे आप खुद ही अनुमान लगा कर मुझे लिख सकते हैं.

अगली और एक रोमांचक कहानी के साथ फिर मिलूंगा, तब तक लिए नमस्कार मेरी चुदाई की कहानी पढ़ने के लिए धन्यवाद दोस्तो.

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