मेरी बहन और जीजू की अदला-बदली की फैंटेसी-10

(Meri Bahan aur Jiju Ki Adla Badli Ki Fantasy-10)

This story is part of a series:

अब तक की इस फंतासी सेक्स कहानी में आपने पढ़ा कि रात को तीनों लड़कियों की चुदाई नहीं हो सकी थी. उन तीनों ने दारू की बोतल में वियाग्रा मिला कर पीने को दे दी थी. उधर लंड हाथ से हिलाते हुए मेरे मुँह से मेरी गर्लफ्रेंड जिया के बारे में निकल गया था.
जिया आकाश की बहन निकली और भाग्य से दूसरे दिन जिया और उसका पति नीरज, जो कि नताशा का भाई था. हमको वहीं मिल गए. हम सभी ने एक साथ रुकने का फैसला कर लिया.

अब उन दोनों को भी चुदाई में शामिल करना बाकी रह गया था.

अब आगे:

आकाश- नीरज यार, तुमसे एक बात कहनी थी.
नीरज- क्या?
आकाश- पहले वादा करो कि तुम बुरा नहीं मानोगे.
नीरज- ठीक है.

आकाश- दरअसल हम यहां पर तीनों कपल साथ मिलकर स्वैपिंग कर रहे हैं.
नीरज- क्या … कब से!
आकाश- कल से पहली बार. हम सभी की इच्छा है कि तुम दोनों हमारे साथ ज्वाइन करो.
नीरज- जीजा जी, आप क्या बोल रहे हो. आप मजाक तो नहीं कर रहे हो?
आकाश- नहीं.
नीरज- सीरियसली?
आकाश- देख नीरज सभी इसके लिए तैयार हैं. इसमें बहुत मजा आएगा.

नीरज- मगर हम भाई-बहन कैसे!
आकाश- वो चारों भी भाई-बहन हैं.
नीरज- जीजा जी, यह गलत है.

आकाश- कुछ गलत नहीं है. तुम्हारी बहन भी तुम्हें पसंद करती है. आज तक मैंने तुमसे कुछ नहीं मांगा है, लेकिन इस बार मांग रहा हूँ. प्लीज़ हमारे खातिर मान जाओ.
नीरज- लेकिन जीजा जी यह गलत है.
आकाश- इसमें कोई गलत नहीं है.
नीरज- लेकिन जिया!

आकाश- उसकी चिंता तुम मत करो. वो तुम्हारी दीदी जिया को मना लेगी.
नीरज- ठीक है. मुझे तो यकीन नहीं हो रहा है कि हम सभी भाई-बहन मिलकर स्वैपिंग करेंगे.
आकाश- थैंक्स.

फिर आकाश हम दोनों को बता दिया और नताशा को मैसेज कर दिया. अब बस जिया को मनाना बाकी था … लेकिन आखिरकार वो भी मुझे देख कर मान गई.

उसके बाद हम उन दोनों का सामान होटल से लेकर आ गए और सभी ने एक अच्छे होटल में डिनर किया. हमारे पास दो कारें थीं, जिसमें एक कार में हम जेन्टस थे और दूसरे कार में सभी लेडीज थीं. हम सभी पूरा दिन घूमने के बाद पेन्ट हाउस वापस आ गए.

मैं सोच रहा था कि हम सब कल ही उन दोनों के बारे में बात कर रहे थे और आज वो हमारे साथ हैं.

कुछ देर हम सभी पेन्ट हाउस पहुंच गए.

जीजा जी- पहले हम सभी फ्रेश हो जाओ … फिर मिलते हैं.
दीदी- ओके.
जीजा जी- आज सभी लेडीज कल की तरह टी-शर्ट और शॉर्ट पहनकर आएंगी और हम सभी जेन्टस टी-शर्ट और लोवर में.
मैं- ओके डन.
दीदी- पहले तुम जेन्टस तैयार हो लो, तब तक हम लोग बात करते हैं.
जीजा जी- ठीक है.

हम सभी जेन्टस, कमरे में गए और फ्रेश होकर बाहर आ गए. उसके बाद वो सभी अन्दर चली गईं. हम सभी बाहर समुद्र किनारे पर आ गए. इधर मौसम बड़ा सुहाना था.

जीजा जी- राज, तुम बहुत किस्मत वाले हो, जिसे तुम पसंद करते हो, वो आज तुम्हारे साथ है.
आकाश- अब आगे का क्या प्लान है?
जीजा जी- आज कोई प्लान नहीं … सिर्फ चुदाई होगी.
मैं- दो दिन से हम तड़प रहे हैं … आज पूरा हिसाब लेंगे.

तभी वो चारों लेडीज आ गईं और उनको इस तरह से देखकर हमारा लंड खड़ा हो गया. उन चारों ने मम्मों तक ढंकने वाली बिना आस्तीन की चुस्त टी-शर्ट और शॉर्ट पहने हुए थे.

हम सभी साथ मिलकर पैग बनाने लगे और साथ में चियर्स कहकर पैग मारने शुरू कर दिए. मैंने सिगरेट सुलगा ली और प्यार से जिया को देखने लगा. वो भी वासना से मुझे देख रही थी.

हम सभी एक दूसरे को देख रहे थे. हम सभी गोला बनाकर जोड़ी में बैठे थे. बीच में स्कॉच की दो बोटल रखी थीं और सभी के हाथ में गिलास थे.

आलिया ने सिगरेट जलाते हुए कहा- राज, तुमने कभी जिया के बारे में बताया नहीं.
मैं- सॉरी.

आकाश- तुम दोनों हमारे ग्रुप में नए हो इसलिए यहां के रुल बता दूं. सबसे पहले तो यह बात सिर्फ यहीं तक रहनी चाहिए. दूसरा रिकॉर्डिंग करना मना है और कभी किसी के साथ चीटिंग मत करना. तुम दोनों जिसके साथ चाहो, उसके साथ मजा कर सकते हो … और हां अब शर्म छोड़ देना.

जीजा जी- नीरज, चल तू बता … सबसे पहले जिया के अलावा तू किसके साथ मजा करना चाहेगा?

नीरज हिचकिचाने लगा, वो जिया की तरफ देख रहा था.

आकाश- अब शर्म छोड़ … और जल्दी बता.
नीरज- आलिया.
चित्रा- जिया तुम?
जिया- राज.
आकाश- मेरे लिए चित्रा सही है.
जीजा जी- नताशा तैयार हो न … तो अब चलें अन्दर?
दीदी- तुम्हें बहुत जल्दी है.
जीजा जी- क्या करूं … अब कन्ट्रोल नहीं हो रहा है.

सबसे पहले जीजा जी नताशा को उठाकर अन्दर ले गए. उसके बाद आकाश दीदी को उठाकर ले गए, फिर नीरज और आलिया अन्दर गए. मैं खड़ा होकर जिया के पास बैठ गया.

जिया- सॉरी राज, मैं मजबूर थी.
मैं- इट्स ओके. मुझे मालूम है.
उसने मेरी तरफ देखा तो मैंने बताया कि आकाश ने मुझे सब बता दिया.

वो मेरी गोद में आ गई और मुझे किस करने लगी.

हम दोनों ने वहीं पर ही किस करना शुरू कर दिया. हम दोनों धीमे धीमे गरम हो रहे थे और ऊपर से शराब का असर होने लगा था. उसके बाद हम दोनों ने अपनी टी-शर्ट निकाल दी.

जिया- आई लव यू राज.
मैं- आई लव यू टू जिया.

तभी जिया मेरे ऊपर आ गई और हम दोनों किस करने लगे. मैं जिया को किस करते हुए उसकी गांड को सहला रहा था.
वो बोली- यहीं करोगे?
मैंने कुछ नहीं कहा और जिया को उठाकर हॉल में ले आया.

उधर दीदी आकाश का लंड चूस रही थीं. जीजा जी नताशा के मम्मों को दबा रहे थे और वो दोनों अभी किस कर रहे थे. मैंने जिया की ब्रा को खोल दी और पीछे से उसके रसीले मम्मों को दबाने लगा.

दीदी मेरी ओर सेक्सी नजरों से देख रही थीं. तभी जीजा जी ने नताशा को बेड पर लेटा दिया और पूरे नग्न होकर ड्रावर से कंडोम निकालकर पहन लिया. फिर जीजा जी ने नताशा की पैंटी निकाल कर उसे भी पूरा नंगा कर दिया.

अगले ही पल जीजा ने नताशा के ऊपर चढ़कर चुदाई शुरू कर दी.

उनके पास ही नीरज आलिया की चूत चाट रहा था. उधर आकाश ने भी दीदी को नग्न करके बेड पर लेटा दिया और उन्होंने ड्रावर से दो कंडोम निकाल कर एक नीरज को दे दिया और दूसरा अपने लंड पर लगा लिया.

दीदी और आकाश दोनों चुदाई में शुरू हो गए. साथ में नीरज ने भी आलिया की चुदाई शुरू कर दी. इधर हम दोनों अब भी किस करने में मशगूल थे.

जीजा जी जिसे चोद रहे थे, उसका भाई जीजा जी की बहन को पेल रहा था. पूरे कमरे में कामुक आवाजें और फच फच फच की आवाजें गूंज रही थीं. फिर मैंने भी जिया को दीदी के पास बेड पर लेटा दिया.

मैंने ड्रावर से कंडोम लेकर लंड पर लगा लिया और उसके बाद जिया के ऊपर चढ़कर उसके बदन को चूमने लगा.

आलिया- आहहह याह ओह उम्मह आहहह ओह …
नताशा- आहहह ओह गॉड याहह ओह अविनाश यू आर सो हार्ड … फक मी …
चित्रा- आहहह ओह या याह उम्मह यस आकाश याह आह या आहहह. …

अभी मैं जिया के बदन को चूम रहा था और उसके मम्मों को सहला रहा था.

दीदी ने गांड उठाते हुए आकाश का लंड अन्दर लिया और कहा- राज … अब जिया को और मत तड़पा … जल्दी से उसे चोद डाल.

जिया भी अब पूरी तरह से चुदाई के लिए तैयार थी, इसलिए बिना देरी के मैंने अपना लंड जिया की चूत पर सैट कर दिया और धीमे से धक्का लगा दिया. जिससे मेरा थोड़ा लंड चूत में घुस गया. जिया मेरे मोटे लंड से कराह उठी.

चुदाई की वजह से जिया भी कामुक आवाजें निकालने लगी थी.

मैंने अपने धक्कों की स्पीड को बढ़ा दिया, जिससे जिया चिल्लाने लगी. इस दौरान नीरज झड़ चुका था और जीजा जी भी झड़ गए थे. तभी कुछ सेकंड में आकाश भी झड़ गया. अब वो सभी मिलकर हम दोनों की चुदाई देखने लगे.

जिया- आहह राज ओह याह उम्म्ह… अहह… हय… याह… राज सो हार्ड! प्लीज धीरे चोदो.
नीरज- राज … धीमे यार … जिया को दर्द हो रहा है.

आकाश- साले साहब तुम सिर्फ चुदाई देखो. अपनी बीवी को उसके पुराने यार से चुदने का मजा लेने दो.
अविनाश जीजा ने भी कह दिया- हां आकाश, तेरी बहन अपने यार से चुद रही है … बड़ा मजा आ रहा है.

ये सुन कर नीरज मुस्कुरा दिया.

मैं उन लोगों को देखकर तेजी से चोदने में लग गया. जिया बस दर्द को सहते हुए सीत्कार कर रही थी. वो अब तक दो बार झड़ चुकी थी.

करीब पंद्रह मिनट बाद मैं झड़ गया. फिर कंडोम निकालकर मैंने दीदी को दे दिया और जिया के पास लेट गया. दीदी ने कंडोम को डस्टबिन में फेंक दिया. कुछ पल बाद जिया उठ कर बाथरूम चली गई.

फिर जीजा जी ने स्कॉच की बोतल उठा ली … और हम सभी पैग मारने लगे.

तभी जिया भी बाथरूम से आ गई. फिर वो भी पैग लगाने लगी. मैं सिगरेट पी रहा था वो मेरे बगल में बैठी थी. उसने मेरे हाथ से सिगरेट ले ली और धुंआ उड़ाने लगी.

नताशा- जिया मजा आया न … अपने भूतपूर्व ब्वॉयफ्रेंड से चुदने में?
जिया- क्या भाभी आप भी ना!

जीजा जी- चलो अब दूसरा राउंड शुरू करते हैं. इस बार हम अपनी बहन की गांड मारेंगे.
जिया- अभी मुझसे नहीं होगा, दर्द हो रहा है.

आकाश- अभी तो पार्टी शुरू हुई है बहना.
मैं- दीदी आप तैयार हो न.
दीदी- हां मेरे प्यारे भाई.
जीजा जी- चलो लेडीज सब घोड़ी बन जाओ.

सबसे पहले दीदी घोड़ी बन कर हिनहिनाने लगीं. उसके बाद आलिया उनके बाजू में बन गई, फिर नताशा और आखिर में जिया घोड़ी बन गई.

हम सभी मर्दों ने ड्रावर से कंडोम निकाल कर लंड पर पहन लिए.

सबसे पहले जीजा जी ने शुरुआत की. उसके बाद आकाश, फिर मैं और आखिर में नीरज भी शुरू हो गया. हम सभी अपनी बहनों की गांड मार रहे थे और वो कामुक आवाजें कर रही थीं.

सबसे ज्यादा जिया की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं, शायद उसने अभी तक अपनी गांड नहीं मरवाई थी.

पूरे कमरे में चुदाई से फच फच फच की आवाजें गूंज रही थीं.

दीदी- आहह राज फक मी हार्ड, कब से तुम्हारा लंड लेने के लिए तड़प रही थी.
आलिया- आहह ओह भाई याह अम्मह आह ओह भैया आपने तो मेरी गांड की मां चोद दी.
नताशा- आहह नीरज और जोर से पेल … कम ऑन आहह आह उहह ओह आह.
जिया- आहह अम्मह ओह … भाई प्लीज़ स्टॉप इट … मुझे दर्द हो रहा है.

तभी आकाश ने जिया को पलटकर लेटा दिया और उसकी चूत चोदने लगे.

नीरज- दीदी मुझे आपकी चूत चोदनी है.
नताशा- ठीक है. आजा अब आगे पेल दे.

नीरज भी अपनी बहन नताशा की चूत चोदने लगा. इस समय चारों औरतें अपने अपने भाइयों से चुद रही थीं. मैं लंबे झटके के साथ दीदी की गांड में लंड पेल रहा था.
जीजा जी- देखो साले साहब … मैं कैसे तेरी गर्लफ्रेंड को चोद रहा हूँ.
मैंने दीदी की गांड पर चपत लगाकर कहा- आप अपनी बीवी को देखो कैसे मस्त गांड चुदवा रही है.

कमरे में घमासान चुदाई के बाद करीब दस मिनट बाद वो तीनों झड़ गए और मैं दो मिनट बाद झड़ गया. फिर हम सभी मिलकर आराम करने लगे. बाद में हम सब सोने के लिए अपने अपने पार्टनर के साथ कपड़े लेकर चले गए.

मैं और आलिया कमरे में आकर एक दूसरे के होंठों को चूमने लगे. फिर दोनों नग्न अवस्था में एक दूसरे से चिपककर बातें करने लगे.

मैं- बेबी मजा तो आया न?
आलिया- मजा इस समय तुम कर रहे हो.
मैंने मजाक करते हुए कहा- क्यों तुम्हारे भाई ने तुमको अच्छे से नहीं चोदा?

आलिया- शटअप … वैसे तो तुम चारों जेन्टलमैन लगते हो … लेकिन रात को एकदम हरामजादे बन जाते हो. जो अपनी बहन को चोदते हैं और दूसरी की बीवी को भी चोदते हो.
मैं- तुम चारों भी तो रांड की तरह चुदवाती हो.
आलिया- अब हम तुम्हें रांड लगे … कल भाभी को बताना पड़ेगा.
मैं- सॉरी बेबी … मैं तो मजाक कर रहा था.

आलिया- कल रात तो याद है न कैसे तड़प रहे थे.
मैं- वैसे कल रात का प्लान किसका था?
आलिया- वैसे तो हम तीनों का था, लेकिन यह प्लान देने वाली तुम्हारी दीदी थीं.
मैं- दीदी को कल देख लूंगा लेकिन तुम्हें अभी इसकी सजा मिलेगी.
आलिया- कैसी सजा!
मैं- चुदाई की.
आलिया ने चूत मसलते हुए कहा- मैं सजा के लिए तैयार हूँ.

उसने अपनी चूत मसली, तो मैं आलिया के ऊपर चढ़ गया और लंड सैट करके जोर का झटका दे मारा. आलिया के कंठ से एक आह निकली और आलिया की चुदाई शुरू हो गई. मैं इस समय पूरे जोश में आलिया को पेल रहा था. आलिया चुदाई का आनन्द लेते हुए सीत्कार कर रही थी.

आलिया- आहह याह या अम्मह ओह राज फक मी हार्ड … और जोर से चोदो राज … जैसे अपनी दीदी को चोदते हो.
मैं- आह चुद साली.
आलिया- आह … हां चोद मादरचोद.

मैं आलिया के मम्मों पर एक हाथ रखकर उसके दोंनो पैर ऊंचे करके चोद रहा था. इस बार मैं जल्द ही थक गया और करीब पांच मिनट चुदाई के बाद हम दोनों शांत हो गए.

आलिया- राज, मुझसे शादी कब करनी है?
मैं- इस बार जाकर मॉम-डैड से बात करता हूं.
उसने मुझे चूम लिया.

हम एक दूसरे के चिपक कर सो गए.

करीब रात के चार बजे जब मेरी नींद खुल गई. मुझे पानी की तलब लगी. इस समय कमरे में पानी मौजूद नहीं था, इसलिए में पानी पीने के लिए किचन में गया. मैं फ्रिज से पानी की बोतल लेकर पानी पीने लगा, तभी दीदी भी नग्न अवस्था में ही किचन में आ गईं.

मैं- दीदी आप!
दीदी- हां यार, पानी की तलब लगी थी.

मैंने दीदी को पानी की बोतल दी और फिर दीदी ने पानी पीकर पानी की बोटल फ्रिज में रखकर मेरी ओर सेक्सी स्माइल करने लगीं. हम दोनों किस करने लगे और मेरा लंड फिर से जाग गया.

मैं- दीदी, मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया है.
दीदी- तुम सभी मर्द को बस मौका मिलना चाहिए और चूत पेलने लगते हो. वैसे भी मैं अपने प्यारे भाई को मना भी तो नहीं कर सकती.

मैं दीदी को झुकाकर उसकी गांड मारने लगा. दीदी के दोनों हाथ किचन की स्लैब पर टिक गए थे. वहां सभी कमरे में सो रहे थे और इधर किचन में इतनी रात को मैं अपनी दीदी को पेल रहा था.

करीब दस मिनट चोदने के बाद मैं दीदी की गांड के ऊपर झड़ गया.

दोस्तो, फंतासी सेक्स कहानी में चुदाई का मजा अभी और भी है. तब तक आप मुझे मेल करके बताएं कि आपको यह अदलाबदली कहानी कैसे लग रही है?
[email protected]
कहानी जारी है.

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