मम्मी चुद गई फार्म हाउस पर-2

इस सेक्सी कहानी के पहले भाग
मम्मी चुद गई फार्म हाउस पर-1
में आपने पढ़ा कि कैसे मेरी मम्मी मेरे मामा के दोस्त से फार्महाउस पर चुदी.

>मेरी नंगी मम्मी की गांड चुदाई का यह सीन देख कर मेरा लंड फिर खड़ा हो गया. बीच में मम्मी के दर्द को देख कर मेरा लंड बैठ गया था. मैंने दोबारा मुट्ठी मारनी शुरू कर दी. अब वह जोर-जोर से मम्मी की गांड को मार रहा था.

फिर अंकल ने लंड मम्मी की गांड से बाहर निकाल कर चूत में डाल दिया और जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए. फिर कुछ देर बाद उसने फिर से लंड चूत में से निकल कर गांड में डाल दिया और धक्के मारने शुरू कर दिए. 2 मिनट बाद वह मम्मी की गांड में ही झड़ गया.

फिर अंकल बेड पर लेट गये और मम्मी को अपने पास ही नंगी लिटा लिया. अपनी नंगी मम्मी को देख कर मैंने भी तभी झड़ गया.< अब आगे: इसके बाद मैं अपने कमरे में आ गया क्योंकि मैं थक गया था. उस पूरी रात से मम्मी को अंकल ने पता नही कितनी बार चोदा होगा. फिर सुबह 7:00 बजे के करीब मैं जागा तो देखा कि मम्मी वापिस नहीं आयी थी, मैं अकेला ही सो रहा था. मैं उठकर अंकल के कमरे में गया मम्मी को उठाने के लिए ... तो जैसे ही मैंने कमरा खोला, तो मैंने देखा कि अंकल कमरे में नहीं थे, मेरी मम्मी नंगी पड़ी हुई थी और वह अभी भी सोई हुई थी. मम्मी की गांड के पास से हल्का सा खून निकल रहा था जिसे देखकर मैं समझ गया था कि मम्मी की गांड फट चुकी है. अपनी नंगी मम्मी की ऐसी जवानी देख कर मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. मैंने सोचा कि एक बार मैं भी मम्मी को चोद लेता हूं लेकिन फिर मैंने अपने ऊपर कंट्रोल रखा और मम्मी को हिलाने लगा. मम्मी जैसे ही जागी, अपने आप को ऐसे नंगी देखकर वे बहुत शर्मिंदा हो गई और मुझे बाहर जाने के लिए बोला. फिर 10 मिनट बाद मम्मी बाहर आयी लेकिन उनसे ठीक से चला नहीं जा रहा था. तभी अंकल भी बाहर से आते हुए दिखे. उस वक्त मम्मी और मैं दोनों कमरे के बाहर खड़े हुए थे. अंकल ने मुझे कहा- बेटा जाकर गाड़ी में से कुछ सामान ले आओ. और उसने मुझे भेज दिया. जब मैं जा रहा था तो उसने मम्मी को पकड़ा और कमरे के अंदर ले जाने लगा. मैंने सोचा कि अब फिर से मेरी मम्मी की चुदाई होगी तो मैं वापिस आकर अंदर देखने लगा. अंकल ने मम्मी को बांहों में पकड़ा तो मम्मी ने कहा- अब मत करो, बहुत दर्द हो रहा है. लेकिन अंकल सुन ही नहीं रहा था, उसने मम्मी के होंठों को चूसना शुरू कर दिया और साड़ी उतारने के लिए जैसे ही उसने साड़ी को पकड़ा तो मम्मी ने बोला- साड़ी मत उतारो, ऐसे ही ऊपर उठा कर कर लो. फिर अंकल ने मम्मी की साड़ी को ऊपर उठा दिया और मम्मी को घोड़ी बना दिया. अंकल ने मेरी मम्मी की चूत में लंड लगाकर एक झटके में अंदर डाल दिया. मम्मी के मुंह से चीख निकली. अंकल ने लगातार मम्मी की चूत में धक्के लगाने शुरू कर दिए. वह किसी मशीन की तरह चोद रहा था. लगभग 10 मिनट की चुदाई के बाद वो मम्मी की चूत में ही झड़ गया. फिर वह अपने कपड़े पहनने लगा, मम्मी को बोला- चलो अब तुम लोगों को बस अड्डे छोड़ आता हूँ. लेकिन मम्मी को देखकर लग रहा था कि वे अभी जाना नहीं चाहती थी. मम्मी ने बहुत ही बुझे मन से कहा- ठीक है, चलो. अंकल मम्मी को देखकर समझ गया और बोला- मेरी जान, और चुदना चाहती हो क्या? तभी मम्मी के चेहरे पर एक हल्की सी हंसी आ गई लेकिन वह कुछ बोली नहीं! तभी अंकल बोले- अगर रुकना चाहती हो तो रुक जाओ, आज तुम्हें जन्नत की सैर कराऊंगा. मम्मी ने कुछ सोचा और बाहर आई और मुझे बोली- बेटा हम 2 दिन के लिए और घूमने चलेंगे अभी. हम अंकल के साथ ही चलेंगे. मैं समझ गया था कि मम्मी की चूत की आग अभी बुझी नहीं है. मम्मी की बात सुनकर अंकल भी हंसने लगे और धीरे से उसने मम्मी की गांड पर हाथ मार दिया. जिसे देखकर मम्मी ने हंसते हुए गुस्से में उनको ऐसा ना करने का इशारा किया. फिर हम वहां से घूमने के लिए निकल गए. वहां हम तीनों साथ में घूमे. रात को हम बाहर खाना खाने के बाद फार्म हाउस में आ गए. उसके बाद मम्मी ने मुझे सोने के लिए कमरे में भेज दिया और खुद अंकल के कमरे में चली गई. मम्मी ने उस वक्त नाइटी पहन रखी थी. मैं अपने कमरे में आकर सो गया था. फिर लगभग 11:00 बजे के करीब मेरी अचानक आंख खुली तो मैंने सोचा कि मेरी मम्मी की चुदाई तो शुरू हो गई होगी. मैं जल्दी से उठकर उनके कमरे की तरफ गया. तो वहां का नजारा देखकर मैं बहुत चौंक गया. वहां पर अंकल के साथ एक आदमी और था. वह पूरा काला था जैसे अफ्रीका का ... लेकिन वह इंडिया का ही बहुत ही गंदा सा दिखने वाला आदमी था. उसने अपना लंड मम्मी के मुंह में डाला हुआ था. मम्मी उस समय नंगी पड़ी हुई थी और अंकल मम्मी की चूत चाट रहे थे. फिर 2 मिनट बाद ही मम्मी ने अपनी चूत को अंकल के मुंह पर मारना शुरू कर दिया. मैं समझ गया था कि मम्मी झड़ने वाली हैं. लगभग 1 मिनट बाद ही मम्मी की चूत से सारा पानी निकल गया जिसे अंकल ने पी लिया. जो दूसरे वाले अंकल थे, जो नए आए थे, उन्होंने मम्मी को घोड़ी बनाकर चूत में लंड डाल दिया. आगे जाकर पहले वाले अंकल ने लंड मम्मी के मुंह में डाल दिया और धक्के लगाने शुरू कर दिए. अब एक लंड मम्मी के मुंह में था और एक लंड मेरी मम्मी की चूत में था. मम्मी की ऐसी चुदाई तो मैंने कभी सोची भी नहीं थी. मुझे नहीं पता था कि मेरी मम्मी इतनी बड़ी वाली रंडी हो सकती हैं, दो दो लंड ही साथ ले रही थी. फिर अंकल की स्पीड बढ़ गई, वह जोर-जोर से मम्मी की चूत में झटके देने लगे. तभी पहले वाले अंकल ने दोनों को रोका और खुद नीचे लेट गए और उनकी चूत में लंड डालकर उन्हें अपने ऊपर लेटा लिया और दूसरे वाले अंकल को पीछे से गांड में लंड डालने के लिए बोला. तो दूसरे वाले अंकल ने पीछे से मम्मी की गांड में लंड डाल दिया. अब मम्मी की चूत में और गांड में एक साथ डाला तो मम्मी बहुत जोर जोर से चीख रही थी. लेकिन उनकी चीख में दर्द से ज्यादा सिसकारियां थी, मजे की चीख थी. अब दोनों अंकल ने लगभग 15 मिनट तक मम्मी की उसी पोजीशन में चुदाई करी. इस बीच मम्मी एक बार झड़ चुकी थी. दोनों अंकल शायद कोई गोली खाकर आए थे, तभी इतनी देर से चोदे जा रहे थे. फिर दोनों ने अपनी पोजीशन बदली और दूसरे वाले काले अंकल ने नीचे लेट कर मम्मी को अपने ऊपर बिठा लिया और लंड उनकी चूत में डाल दिया. पहले वाले अंकल ने लंड मम्मी की गांड में डाल दिया और 5 मिनट तक ऐसे ही चुदाई करी. काले वाले अंकल झड़ने वाले थे तो उन्होंने चूत में झटके देने शुरू कर दिए और 2 मिनट बाद लंड का पानी मम्मी की चूत में डाल दिया. पहले वाले अंकल अभी भी मेरी मम्मी गांड मारने में लगे हुए थे. वह झड़ने वाले थे तो उन्होंने लंड निकालकर मम्मी के मुंह में डाल दिया जिसे मम्मी बहुत जोर जोर से चूस रही थी. 2 मिनट बाद ही अंकल ने अपना पानी छोड़ दिया और सारा लंड का पानी मुंह में निकल गया जिसे मम्मी ने पी लिया। तीनों ऐसे ही नंगे पड़े हुए बिस्तर पर! उस रात पूरी रात दोनों ने मिलकर मम्मी को कई बार चोदा होगा. पता नहीं उस दिन कितनी बार चुदाई होगी! मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि मेरी मम्मी इतनी बड़ी वाली रंडी हो सकती हैं. कहते हैं ना कि चूत और लंड कुछ भी करवा सकते हैं. सुबह 5:00 बजे तक मम्मी की खूब चुदाई हुई, फिर तीनों नंगे ऐसे ही सो गए, मैं भी अपने बिस्तर पर जाकर सो गया. जब मेरी आंख खुली तो वे तीनों बाहर बैठे हुए चाय पी रहे थे. मम्मी दोनों के बीच में बैठी हुई थी और दोनों मम्मी की जाँघें सहला रहे थे. मम्मी ने उस वक्त भी नाइटी पहनी हुई थी. तभी जब मैं वहां पहुंचा तो उन दोनों ने मम्मी की जाँघ पर से हाथ हटा लिया. यह देखकर मुझे बहुत गुस्सा भी आ रहा था और मजा भी बहुत आ रहा था. फिर मैंने सोचा कि मम्मी और पापा के तलाक के बाद से मम्मी की चुदाई हुई नहीं है इसीलिए उनकी चूत में खुजली होना स्वाभाविक था. इसीलिए मैंने उनके इस दर्द को समझ के बात को दबा देना सही समझा फिर हम चारों जने साथ में घूमने चले गए. हम अब एक पार्क में घूम रहे थे. तभी मैंने देखा कि दूसरे वाले अंकल और मम्मी कहीं दिखाई नहीं दे रहे थे. मैंने पहले वाले अंकल से पूछा कि मम्मी कहां गई? तो उन्होंने बोला- तुम्हारी मम्मी को कुछ काम था तो वह दूसरे अंकल के साथ गयी हैं. तभी पहले वाले अंकल के पास कोई फोन आया और वह बात करने के लिए साइड में हो गए. मैंने सोचा कि देखा जाए कि मम्मी क्या कर रही है. अभी मैं मम्मी को ढूंढ रहा था, तभी मैंने देखा दूर से मम्मी और वो अंकल आ रहे थे. मम्मी का हाथ उनके हाथ में था. दोनों हँसते हुए बात कर रहे थे. तभी मुझे देखकर मम्मी ने हाथ हटा लिया. और फिर हम सब साथ घूमने लगे. फिर रात को रोज की तरह चुदाई का माहौल बन गया और दोनों अंकल ने मम्मी को खूब दबाकर चोदा. जिससे उम्मीद है कि मेरी मम्मी की चूत की खुजली थोड़ी शांत जरूर हो गयी होगी. सुबह तक मम्मी की खूब चुदाई हुई. फिर चार बजे जब वो लोग सो गए तो मैं भी अपने कमरे में आकर सो गया. सुबह मम्मी ने मुझे उठाया. और जब हम जाने लगे तो पहले वाले अंकल ने मम्मी को कमरे में बुलाया. तो मम्मी ने मुझे बाहर सामान के साथ खड़े रहने को कहा और खुद अंदर चली गयी. मगर मुझे पता था कि अंदर क्या होने वाला है तो मैंने अपनी जगह जाकर देखना शुरू किया. दोनों अंकल आगे पीछे से मम्मी को मसल रहे थे. पीछे से एक अंकल ने मम्मी के बूब्स को बहुत मसला फिर पहले वाले अंकल बोले- मत जाओ न! लेकिन हमें जाना था तो मम्मी ने कहा- नहीं, अब मैं चलती हूं. फिर कभी ऐसे ही प्रोग्राम बना लेंगे और मस्ती करेंगे. अंकल ने रोकने की बहुत कोशिश की लेकिन मम्मी ने कहा- हमें अब जाना पड़ेगा. फिर मम्मी कपड़े ठीक करने लगी तो उसने मम्मी के दूध दबाने शुरू कर दिए. वो बहुत जोर जोर से दूध दबा रहा था जिससे मम्मी की चीख निकल रही थी. लेकिन उसने रहम नहीं खाया और दूध दबाने चालू रखें . कपड़े ठीक करने के बाद मम्मी ने उसको किस करना शुरू कर दिया और बहुत जोर जोर से किस करने लगी. मैं समझ गया था कि मम्मी को भी बहुत मजा आ रहा है. फिर उसने मम्मी की चूत को भी सहलाया और साड़ी उठाकर एक बार गांड की पप्पी भी ली. फिर अंकल ने हमें बस अड्डे पर छोड़ दिया. लेकिन छोड़ने से पहले उसने मौका देखकर मम्मी की गांड को सबके सामने दबा दिया जिसे मैंने देख लिया था. तभी मम्मी ने उसको मुस्कुरा कर देखा और बाय कर दिया। तो दोस्तो आप सबको कहानी कैसी लगी? ये आप सब मेल करके बता सकते हैं। आप सबके मेल का इंतज़ार रहेगा। [email protected] पर आप अपने विचार भेज सकते हैं। और जो लोग मुझसे फेसबुक पर जुड़ना चाहते है वो मुझे https://www.facebook.com/fehmina.iqbal.143 इसी ID को यूज करके जुड़ सकते हैं।

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