मेरी बहन और जीजू की अदला-बदली की फैंटेसी-11

(Meri Bahan aur Jiju Ki Adla Badli Ki Fantasy-11)

This story is part of a series:

अब तक की मेरी इस इन्सेस्ट सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा कि मैंने अपनी भूतपूर्व गर्लफ्रेंड की चुदाई की. उसी रात को मैंने अपनी गर्लफ्रेंड आलिया को चोदा और सुबह चार बजे मैंने किचन में अपनी दीदी की गांड मारी.
मैं झड़ कर दीदी को चूमने लगा था.

अब आगे:

मैं- आई लव यू दीदी.
दीदी- आई लव यू टू भाई.
मैं- दीदी आपको चुदते हुए देखकर मुझे बहुत मजा आता है.
दीदी- हां कमीने, तुझे तो अपनी बहन चुदते देख कर मजा ही आएगा न?
मैं कहा- हां और मुझे अपनी बहन चोदने में भी मजा आता है.
दीदी हंस पड़ीं और बोलीं- मुझे भी तेरे लंड से चुदने में बहुत मजा आता है.

फिर मैं अपने लंड को टिश्यू पेपर से साफ करने लगा और दीदी ने भी टिश्यू पेपर से अपनी गांड साफ कर ली. बाद में हम दोनों अपने कमरे आकर सो गए.

जब सुबह के नौ बजे मेरी आंख खुली, तब आलिया कमरे में मौजूद नहीं थी. मैं खड़ा हुआ और बाथरूम में चला गया.

करीब आधे घटे बाद नहाकर मैं बाथरूम से बाहर आया और कपड़े पहनकर तैयार हो गया. मैं रूम से बाहर आ गया. वो सभी नाश्ता कर रहे थे, इसलिए मैं भी उन सभी के साथ ज्वाइन करके नाश्ता करने लगा.

जीजा जी- राज, आज इतनी देर से क्यों उठे हो. कहीं आलिया को पूरी रात तो नहीं पेला.
आलिया- क्या भाई आप भी ना!
राज- वो जीजा जी कल रात को चुदाई करके मैं ज्यादा थक गया था इसलिए सो रहा था.

नताशा- जिया तुम दोनों तो कोई प्रॉब्लम नहीं है न!
नीरज- नो दीदी.
जिया- मैंने तो कभी स्वप्न में भी नहीं सोचा था कि राज से दोबारा मुलाकात होगी.
आलिया- मुलाकात के साथ चुदाई भी हो गई.

आलिया की बात पर हम सभी हंसने लगे.

मैं- आज का क्या प्लान है?
जीजा जी- चलो घूमने चलें.
चित्रा- नो यार … मेरा मूड नहीं है.
नताशा- मेरा भी.
आलिया- मैं भी आज घूमने जाना नहीं चाहती हूँ.
जिया- और ना मैं.

आकाश- तो पूरा दिन क्या करेंगे?
नीरज- क्यों न हम इधर कोई गेम खेलते हैं.
जीजा जी- गुड आईडिया.
नताशा- कैसा गेम?
मैं- मेरे पास एक आईडिया है.
चित्रा- कैसा आईडिया?

मैं- हम सभी दो टीम में बंट जाएंगे. एक जेन्टस का और एक लेडीज.
जीजा जी- ठीक है फिर क्या?
मैं- हम दोनों टीम एक-एक कमरे में कुल दस क्लू ढूंढने होंगे. जो सबसे पहले ढूंढ लेंगे, वो टीम विजेता रहेगी.
नीरज- गुड आईडिया.
मैं- कल सुबह तक हारने वाली टीम को जीतने वाली टीम की बात मानने पड़ेगी.

आलिया- वो तो ठीक है लेकिन क्लू में छुपाएंगे क्या?
मैं- कोई भी दस चीज और उस चीज को ढूंढने के लिए कोई पहेली.
आलिया- लेकिन हमें कैसे पता चलेगा कि वो पहेली का जवाब यही चीज होगी?

जीजा जी- एक ऐसा एप है, जिसमें एक फोल्डर के अन्दर हम कई फोल्डर बना सकते हैं … और हर फोल्डर के लिए हम अलग पासवर्ड सैट कर सकते हैं … और हर फोल्डर हम कुछ भी नोट कर सकते हैं. यानि हम उस एप के जरिये दस फोल्डर बताएंगे और हर फोल्डर में उस पहेली का जवाब होगा. अगली पहेली तभी मिलेगी, जब हम आगे की पहेली का जवाब दे देंगे.
जिया- और टाइमलाइन!

मैं- आधे घंटे में जो ज्यादा क्लू ढूंढेगा, वो जीत जाएगा.
आलिया- आधा घंटा बहुत कम समय है.
मैं- तो एक घंटे का टाइम कर लेते हैं.

अविनाश- पहले आप लेडीज डिसाइड करके बताएं कि आप क्लू किस कमरे में छुपाओगी, फिर हम बताएंगे.
चित्रा- ओके डन.

हम सभी ने नाश्ता करने के अपनी अपनी टीम में मीटिंग की. उन सभी लेडीज ने डिसाइड कर दिया.

दीदी- वो क्लू मेरे कमरे में होंगे.
मैं- ओके … हमारी टीम मेरे कमरे में क्लू छिपाएगी.

इसके बाद हम सभी अपने अपने तय किये हुए कमरे में जाकर उधर की चीजों को देखा और दस क्लू के लिए पहेली बना ली.

उस पहेली को एक फोल्डर में नोट कर ली और पासवर्ड सैट कर लिया. फिर हम सभी बाहर आ गए और दोनों टीमों ने मोबाइल चेंज कर लिए.

जीजा जी- जीतेंगे तो हम ही.
दीदी- वो तो वक्त ही बताएगा.
मैं- टाइम स्टार्ट नाओ.

हम दोनों उन कमरों में चले गए. हम सभी जेन्टस दीदी के कमरे में आ गए थे और वो लेडीज मेरे कमरे में घुस गई थीं.

जीजा जी- हम सभी एक पहेली को पढ़कर ढूंढना शुरू करते हैं.
नीरज- उसमें टाइम लगेगा.
मैं- हम एक के बाद एक क्लू ढूंढने का काम शुरू करते हैं.
आकाश- तो पहली पहेली कौन सी है.

मैं- दिखने में मुलायम है, लेकिन वो औरतों के लिए ढाल है. हमेशा छुपी रहती है … लेकिन हर मर्द की नजर वहां पर पड़ती जरूर है.
आकाश- ऐसी कैसी पहेली?
जीजा जी- इसे ही तो पहेली कहते हैं.

आकाश- दिखने में मुलायम है … लेकिन वो औरतों के लिए ढाल है. हमेशा छुपी रहती है … लेकिन हर मर्द की नजर वहां पर पड़ती जरूर है.
नीरज- पैड.

मैंने उस एप पर पहले फोल्डर पर पैड लिख कर देखा, लेकिन उत्तर गलत हो गया.

जीजा जी- लड़की के लिए सबसे बड़ी ढाल कपड़े हैं … जो मुलायम होते हैं.
मैं- वो छुपे कहां रहते हैं?
जीजा जी- पैंटी वो औरत के लिए ढाल है और हम मर्द की नजर जरूर पड़ती है.

लिख कर देखा तो ये जवाब भी गलत निकला और अब एक ही उत्तर बाकी था, जो सही होना चाहिए.

मैं- ब्रा!

इस बार सही जवाब हुआ और दूसरी पहेली को मैंने पढ़ना शुरू किया.

मैं- ऐसी कौन सी चीज है, जिसके लिए हम सभी यहां पर मौजूद हैं और जिसका अस्तित्व इस कमरे में मौजूद है.
नीरज- यह पहेली तो पहले से भी खतरनाक है.
जीजा जी- रुको उस रात को उन तीनों ये हमारा वीडियो रिकॉर्ड किया था, जो एक पेनड्राइव में है और वो यहां पर मौजूद होगा.

लेकिन ये जवाब गलत था यानि हमें उसको सोचते हुए ढूंढना पड़ेगा. हमने बहुत ढूंढा और करीब पंद्रह मिनट बाद हमारा जवाब सही आ गया. जब हम दोबारा ढूंढ रहे थे, तब मुझे वीडियो की सीडी मिल गई, जो हमारी दूसरी पहेली का जवाब था.

करीब एक घंटे में हम चार पहेली का जवाब ढूंढ पाए थे. हम उस कमरे में गए, जहां वो सभी अभी भी आंसर ढूंढ रही थीं.

हम सब बाहर आ गए.

दीदी- कितने क्लू ढूंढ पाए हो?
मैं- पूरे चार क्लू.

तभी सभी लेडीज हंसने लगीं यानि उन लोगों हमसे ज्यादा क्लू ढूंढ लिए थे.
जीजा जी- आप लोगों ने कितनी पहेली का जवाब ढूंढ लिया है?

आलिया- सात क्लू.
नीरज- क्या!
अविनाश- तुम लोगों ये सात क्लू ढूंढ लिए.
चित्रा- तुम लोग सिर्फ चुदाई ही कर सकते हो.
अविनाश- हां चुदाई में तो हम माहिर हैं.

आलिया- आप लोगों को याद है न … हारने पर क्या करना पड़ेगा.
मैं- हां याद है.
अविनाश- तो बताएं महारानी हमारे लिए क्या हुक्म है?
चित्रा- तो लड़कियों बताओ … पहले कौन सा टास्क देना है.
आलिया- मुझे पानी की तलब लगी है.
नताशा- मुझे भी.

चित्रा- पानी पीने से क्या होगा. हम तो शरबत पीना चाहेंगे … तो हमारा पहला टास्क यह है कि तुम चारों हमें शरबत बनाकर दो.
मैं- रुको मैं लेकर आया.
जिया- नहीं तुम चारों अपने हाथों से लेकर आओगे.
अविनाश- चलो ब्वॉय्स.

हम चारों किचन में गए और मैंने उन चारों के लिए शरबत बनाया. हम सभी अपने हाथ में गिलास लेकर गए. वो चारों लेडीज टीवी देख रही थीं. हमने उन्हें शरबत दिया, तो उन्होंने दूसरा काम पकड़ा दिया.

चित्रा- मेरे कंधे दर्द कर रहे हैं … तुम में से कोई मसाज कर देता, तो अच्छा रहता.
आलिया- हम सभी को भी मसाज चाहिए.
नताशा- मैं तो अपने भाई के हाथ से मसाज चाहती हूँ.
चित्रा- मैं भी ऐसा सोच रही थी. वैसे भी राज चुदाई तो बहुत अच्छी करता है … तो मसाज भी अच्छी करेगा.
आलिया- भाई आप रेडी हो न!

फिर हम सभी सोफे के पीछे खड़े होकर अपनी बहन के कंधों को दोनों हाथ मसाज करने लगे. वो चारों आराम से बैठकर टीवी देख रही थीं और हम चारों खड़े रहकर मसाज कर रहे थे.

दीदी- राज सो गुड.
नताशा- सच में हमारे भाई हमारी कितनी अच्छी मसाज करते हैं.
आकाश- हम तो चुदाई भी अच्छी करते हैं.
नताशा- शटअप.
जिया- भाई हाथ में भी मसाज कर देना.

हम सभी मसाज करते हुए एक दूसरे को देख रहे थे. तभी मुझे मस्ती सूझी और मैंने दीदी के कंधों को मसाज करते हुए उनके मम्मों को दबाने लगा.

तभी दीदी ने मुझे रोक दिया- आलिया तुम्हारा ब्वॉयफ्रेंड तो बहुत शरारती हो गया है.
आलिया- क्या हुआ भाभी?
दीदी- देखो ना वो कंधे की मसाज करते हुए मेरे बूब्स सहलाने लगा.
आलिया- राज, भाभी को तंग मत कर.
जीजा जी- उसे तंग करना नहीं, मसाज करना कहते हैं.

आलिया- भाई थोड़ी हाथ की मसाज भी कर दो.
जीजा जी- जो हुक्म मेरी प्यारी बहना.
दीदी- राज, मेरे पैर की भी मसाज कर देना.
नताशा- गुड आईडिया. भाई तुम भी पैर की मसाज कर दो.

फिर हम दोनों नीचे बैठकर पैर दबाने लगे. वो चारों हमारी मजबूरी का पूरा लुफ्त उठा रही थीं. आलिया और जिया के कहने पर वो दोनों भी पैर दबाने लगे.

करीब आधे घंटे से हम मसाज कर रहे थे, जिसकी वजह से हमारे हाथ दर्द करने लगे थे.

दीदी- बस भाई आज के लिए इतना बहुत है.
नताशा- वैसे भी तुम लोग अब थक चुके हो.
आलिया- आज हम तुम लोगों के हाथ की रसोई खाएंगे.
चित्रा- आलिया सही बोल रही है.
अविनाश- खाने में क्या पसंद करोगे.
चित्रा- कुछ भी अच्छा चलेगा.
मैं- हम चलते हैं.

आलिया- सुनो ड्रिंक्स खत्म हो गई है. तो दो लोग ड्रिंक्स लेने चले जाओ.
चित्रा- हां और भी कई चीजें लानी हैं.
अविनाश- नीरज, तुम्हें खाना बनाना आता है?
नीरज- जिया से भी अच्छा.
जिया- शटअप.
अविनाश- राज तुम दोनों खाना बना लो … हम दोनों बाहर से आते हैं.
मैं- ठीक है.

हम दोनों किचन में आ गए और वो दोनों बाहर चले गए. हम दोनों खाना बनाना शुरू कर दिया.

नीरज- राज सॉरी.
मैं- किस लिए.
नीरज- वो मैंने तुम्हारी गर्लफ्रेंड को अपनी बीवी बना ली … उस लिए.
मैं- वो मेरी गर्लफ्रेंड थी, लेकिन अब आलिया मेरी गर्लफ्रेंड है.
नीरज- कल तुम जिया को ऐसे चोद रहे थे … मानो बदला ले रहे हो.
मैं- वो हॉट माल को देखकर मैंने अपना काबू खो दिया था.

नीरज- वैसे मैं लक्की हूँ कि मुझे आलिया के साथ सेक्स करने का मौका मिला.
मैं- लक्की तो मैं भी हूँ, जो मुझे जिया के साथ सेक्स करने का मौका मिला. जिया बिल्कुल मुझे आलिया भट्ट जैसी लगी.
नीरज- और आलिया एकदम दिशा पटनी जैसी लगी. वैसे तुम दोनों ने अभी तक शादी क्यों नहीं की?
मैं- वो ऐक्चुली मैंने अभी तक घर पर बात नहीं की है … लेकिन इस साल हम जरूर शादी करेंगे.

नीरज- गुड … आज का दिन हमारे लिए बहुत मुश्किल से कटेगा.
मैं- तुम्हारे लिए यह पहली बार है … लेकिन हमारे लिए यह दूसरी बार है.
नीरज- मतलब!
मैं- जब हमने पहली बार यह अदला-बदली का खेल शुरू किया था, तब से हम इस परिस्थिति से अच्छी तरह से वाकिफ हैं … लेकिन इस बार थोड़ा ज्यादा मुश्किल होने वाला है.
नीरज- मैंने सोचा आज तुम्हारी बहन के साथ मजा करूंगा … लेकिन मजा तो वो चारों कर रही हैं.
मैं- डोन्ट वरी … अभी हमारे पास बहुत दिन हैं. जल्द ही मेरी दीदी तुम्हारे नीचे होगी.

नीरज- यह कितना अजीब है कि हम भाई-बहन में स्वैपिंग कर रहे हैं.
मैं- मैं जब भी अपनी दीदी को चोदता हूँ, तो ऐसा लगता है कि मानो में साउथ की हीरोइन काजल अग्रवाल को चोद रहा हूँ.
नीरज- और मुझे अपनी दीदी को चोदते समय जेकलीन फर्नांडीज की याद आ गई. काश यह सच होता.
मैं- हमारे लिए यह चारों ही हमारी हीरोइन हैं.
नीरज- यू आर राइट.

फिर हम इधर-उधर की बातें करते हुए खाना बनाने में लगे रहे. तभी वो दोनों भी आ गए. जीजा जी के हाथ में ड्रिंक्स थी, वो फ्रिज में रखने लगे.

आकाश- खाने की सुंगध तो अच्छी आ रही है.
मैं- हमने जो बनाया है.

फिर हम चारों खाना डाइनिंग टेबल पर ले गए. वो चारों भी आ गईं और हम साथ में बैठ गए.

आलिया- खाना तुम दोनों ने काफी अच्छा बनाया है.
जिया- अब से तुम दोनों ही खाना बनाना.
नीरज- नो वे.

हम सभी हंसते हुए खाना शुरू कर दिया और साथ में बातें भी करते रहे.

चित्रा- तुम चारों के लिए एक सरप्राइज है.
अविनाश- कैसी सरप्राइज?
नताशा- वो रात को पता चलेगा.
आकाश- अभी बता दो.

जिया- भाई रात तक इन्तजार कर लो.
आकाश- ठीक है.
अविनाश- आप चारों की सरप्राइज कामयाब नहीं होगी.
आलिया- क्यों?
अविनाश- वो हमें पता है आपकी सरप्राइज क्या होगी. हम एक बार गलती कर सकते हैं … दोबारा नहीं.
मैं- जीजा जी आप किस सरप्राइज की बात कर रहे हैं.

दोस्तो, भाई बहन, गर्लफ्रेंड की अदलाबदली करके चुदाई का मजा आ रहा है ना? अपने विचार कमेंट्स में लिखें और मुझे मेल भी करें.
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कहानी जारी है.

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