शिक्षक ने गांड चुदाई का सुख लेना सिखाया

(Sikshak Ne Gand Chudai Ka Sukh Lena Sikhaya)

रोहण कपूर 2018-11-16 Comments

दोस्तो, मेरा नाम रोहन है और काफ़ी टाइम से मैं सेक्स कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ. मुझे चुदाई की कहानी पढ़ने में बहुत मज़ा आता है. मेरी उम्र 20 साल की है, औसत दुबला सा शरीर है और मैं बाइसेक्सुअल हूँ. मतलब लड़की की चूत भी पसंद है और लड़कों की गांड और लंड भी!

बहुत सोचने के बाद आज मैंने कोशिश की कि आज अपनी पहली कहानी आप लोगों के सामने रखूँ.

यह बात उन दिनों की है, जब मैं 19 साल का हो चुका था, मेरा कलर फेयर और बॉडी स्लिम थी और आज भी है. मैं नया ही जवान हुआ था और अभी सेक्स के बारे भी में भी ज्यादा कोई जानकारी भी नहीं थी. उस वक़्त मैं 12 वीं क्लास में था. मेरे एक टीचर थे, जो मुझे गणित पढ़ाते थे. उनकी उम्र लगभग 30 साल की थी. देखने में वो फिट और अच्छे कसरती शरीर वाले थे.

मुझे उस टाइम पर कोई गे सेक्स का आइडिया नहीं था कि ऐसा भी कुछ होता है.

मेरे सर की निगाहें हमेशा मेरे ऊपर रहती थीं, वो कैसे भी मेरी गांड पाना चाहते थे. इसलिए हमेशा मेरे आस पास ही ज्यादा मंडराते रहते थे. सर मुझसे बातें करते, मुझे एग्जाम में अच्छे नंबर्स देते थे.

धीरे धीरे वो मेरे पास और नज़दीक आने लगे.. कभी मेरे गाल पकड़ लेते, कभी मेरी गांड पर हाथ मार देते, कभी मेरी जांघों पर हाथ मार देते. फिर उन्होंने एक दिन मुझे कहा कि एक्सट्रा क्लासेस के लिए मैं उनके घर पर आकर पढ़ सकता हूँ. वो मुझे पढ़ा देंगे.
मैंने भी हां कर दी.

अब मैं उनके घर एक्सट्रा क्लास लेने के लिए जाने लगा. उनके घर में हम दोनों एक ही सोफे पर बैठ कर पढ़ाई करते थे. वो हमेशा मुझसे चिपक कर बैठते थे और अपना हाथ मेरी पीठ पर रख कर सहलाते रहते थे. मुझे भी अच्छा लगता था तो मैं कुछ नहीं कहता था.

एक दिन मैंने उनसे पानी पीने की लिए माँगा तो वो पानी ग्लास में लेकर आए और जानबूझ कर मेरे ऊपर पानी गिरा दिया. मेरी शर्ट भीग गई.
फिर उन्होंने कहा कि मैं अपनी शर्ट को सूखने डाल दूं. पर मैंने मना कर दिया. सर के ज्यादा बोलने पर मैं मान गया और मैंने अपनी शर्ट उतार दी.

मेरी शर्ट उतारने के बाद उनकी में आंखों में चमक आ गई. मेरी फेयर और स्लिम बॉडी देखकर.. सर एकदम मस्ती में आ गए, तब मेरी बॉडी पर बाल भी नहीं थे.

हम फिर पढ़ने के लिए बैठ गए, उन्होंने धीरे धीरे बांह पर अपना हाथ फेरा और अब वो मेरी बॉडी सहलाने लगे. मुझे अच्छा भी लग रहा था. पर मैं उनसे कह नहीं पा रहा था. काफ़ी देर सहलाने के बाद उन्होंने मुझसे पूछा कि मुझे अच्छा लग रहा है क्या?
मैंने हां में अपना सिर हिला दिया. उससे उनकी हिम्मत और बढ़ गई.
फिर उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैंने कभी किसी से प्यार किया है?
तो मैंने ना में सिर हिला दिया.

फिर उन्होंने मेरे गाल पकड़ कर उस पर किस कर दिया. मैं बस हल्के से मुस्कुरा दिया. उससे उन्हें और हिम्मत मिल गई. फिर उन्होंने मुझे अपनी तरफ को किया और बोले कि मुझे तुम बहुत अच्छा लगते हो और मैं तुम्हें प्यार करना चाहता हूँ.
मुझे लगा कि वो मुझे बस किस करेंगे, तो मैंने भी हां कर दी.
फिर वो बोले कि चलो रूम में चलते हैं.

हम दोनों बेडरूम में चले गए. उन्होंने कहा- तुम बेड पर लेट जाओ.
मैं बिस्तर पर आ गया. वो भी अपनी टी-शर्ट उतार कर बेड पर आ गए. मुझे अब भी सिर्फ चूमाचाटी का ही अंदाजा था. मैंने उनसे कहा- सर प्लीज़ लाइट बंद कर दीजिए.. मुझे शरम आएगी.
तो वो बोले- जलने दो.. यही तो मज़ा है. पर अगर तुम चाहो तो अपनी आंखें बंद कर लो.
मैंने कहा- ओके..
मैं अपनी आंखें बंद करके लेट गया.

फिर सर मेरे ऊपर आए.. मुझे प्यार से मेरे गालों पर किस करने लगे. मेरे होंठों को चूमने लगे.. और उन्हें चूसने लगे. बीच बीच में मुझसे पूछ रहे थे कि मुझे कैसा लग रहा है, तो मैं बस हां में अपना सिर हिला देता.

काफ़ी देर मेरे चेहरे को प्यार करने के बाद में वो मेरी गर्दन पर किस करने लगे. इससे मेरी सांसें और तेज़ हो गईं.. और मुझे मज़ा भी आ रहा था. उसके बाद वो मेरे पेट पर, मेरी कमर पर किस करने लगे. प्यार से काटने लगे. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, मेरे मुँह से ‘आहहहह.. ऊह्ह..’ की आवाजें निकल रही थीं. उससे उन्हें और जोश आ रहा था, उन्होंने मुझे कहा- तुम उल्टा लेट जाओ.

मैं औंधा हो गया. अब वो मेरी पीठ पर किस करने लगे.. चाटने लगे. मेरी पूरी पीठ.. पूरी कमर तक खूब चूम रहे थे. इससे मेरी सांसें बहुत तेज़ हो गई थीं. मेरे मुँह से ‘आहह.. अहह..’ की आवाजें निकल रही थीं, मुझे बहुत मजा आ रहा था.

अचानक वो रुक गए.. तो मैंने पूछा क्या हुआ सर?
वो मुझसे पूछने लगे- कैसा लग रहा है?
मैंने शरमाते हुए कहा- सर हां अच्छा लग रहा है.. मुझे बहुत मज़ा आ रहा है.
उन्होंने कहा कि अगर और ज्यादा मज़ा लेना है.. तो तुमको पूरा नंगा होना पड़ेगा.
उस वक़्त मैं पूरी मदहोशी में था, तो मैंने शरमाते हुए कह दिया- सर ओके ठीक है.
उन्होंने कहा- तुम अपनी पैंट और अंडरवियर दोनों उतार दो.
पर मुझे बहुत शरम आ रही थी.. तो मैंने कहा- सर आप खुद उतार दो.

उन्होंने मेरी पैंट उतार दी और मेरा अंडरवियर भी निकाल फेंका.
अब सर ने कहा कि तुम उल्टा लेट जाओ.. अब तुम्हें और मज़ा आने वाला है. बस जैसे जैसे मैं बोलूँ तुम करते जाओ.

मैंने हां में सर हिला दिया. उन्होंने मुझे औंधा कर दिया और मेरी गांड पर किस किया, हल्के से उस पर काटा. मैं गनगना गुआ, तभी सर ने मेरी जांघों को चाटना शुरू कर दिया. जब उन्होंने मेरी जांघों को चाटा.. मेरी तो सिसकारी निकल गई. मैं बस ‘आअहह अहह..’ ही कर रहा था.
सर ने धीरे धीरे मेरी टांगों पर किस किया. मैं तो जैसे 7 वें आसमान पर उड़ रहा था.. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. इससे अच्छा मज़ा कभी नहीं मिला था. मेरे मुँह से बस ‘अहह..’ की आवाज ही निकल रही थी. ऐसा मैंने अब तक कभी फील नहीं किया था. मुझे इसके बाद लगा कि अब सब खत्म हो गया है.. सब कुछ हो चुका है.

मैं उठने लगा, पर वो बोले- रुको अभी.. अभी तो और बाकी है.
सर ने मुझसे फिर से उल्टा लेटने को कहा तो मैं लेट गया.

फिर सर मेरी टांगों से किस करते हुए मेरी गांड के पास आए और उन्होंने मेरी गांड खोली. फिर धीरे से अपनी जीभ मेरी गांड के छेद पर रख कर चाटने लगे. उसके बाद तो जैसे मैं पागल हो गया. कुछ ही पलों में पूरा कमरा मेरी ‘आआहह अहह..’ की आवाजों से गूँज उठा. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. वो गांड के छेद को लगातार ज़ोर ज़ोर से चाटते जा रहे थे. इस क्रिया से मानो जैसे मेरे अन्दर कोई आनन्द की लहर दौड़ रही थी. उन्होंने लगभग 20 मिनट तक गांड का छेद चाटा. मेरी हालत गांड को चाटने से बहुत खराब हो गई थी.. पर मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. ऐसा मैंने पहले कभी अनुभव नहीं किया था.

मेरी गांड चाटने के बाद उन्होंने कहा- अब सीधा लेट जाओ.

मेरी आंखें बंद थीं. उन्होंने मेरा छोटा सा लंड पकड़ा जो कि अब खड़ा हो चुका था. सर मेरे लंड पर किस करने लगे.. और उसे अपने मुँह में लेकर चूसने लगे. मैं पागलों की तरह चिल्लाने लगा.. ‘अहह अहह..’ करने लगा. मुझे बहुत आनन्द आ रहा था. वो मेरे पूरे लंड को अपने मुँह में ले चुके थे और मज़े से चूस रहे थे. सर मेरी गोलियां चाटने लगे. सच में मैं स्वर्ग में पहुंच गया था.. ऐसा लग रहा था. थोड़ी देर बाद में मेरा वीर्य उनके मुँह में निकल गया.. और वो सारा माल पी गए.

उसके बाद मैं थोड़ी देर लेटा रहा, अपने आनन्द में कुलबुलाता रहा. ऐसा मजा मुझे पहले कभी नहीं आया था.

दस मिनट बाद जब मैं थोड़ा जगा, तो मैंने देखा सर मेरे पास ही लेटे हुए हैं और मेरी गांड पर हाथ फेर रहे हैं. मैं समझ गया कि अब उनको आनन्द दिलाने का मेरा नंबर है.

फिर उन्होंने अपनी पैंट उतारी और अंडरवियर भी, तब मैंने पहली बार किसी बड़े आदमी का लंड देखा था. सर का लंड तो बहुत बड़ा था. लगभग सात इंच लंबा और चार इंच मोटा.

सर ने मुझे घुटनों के बल बैठने को कहा और अपना लंबा और मोटा लंड मेरे मुँह के सामने रख दिया और चूसने को बोला. मैं बेचारा क्या करता, लंड चूसना ही था. उन्होंने भी मुझे बहुत मज़ा दिया था. तो मैंने उनका लंड मुँह में ले लिया और जीभ से चाटने लगा. जैसे मैंने अपने मुँह में उनका लंड लिया, उनके मुँह से अहह की आवाज़ निकल गई. जैसे मानो वो कब से भूखे थे लंड चुसवाने के लिए.

धीरे धीरे मुझे भी लंड चूसने में आनन्द आ रहा था, पर उनका मोटा लंड मेरे मुँह में पूरा नहीं घुस पा रहा था. अचानक उन्होंने मेरे सिर को पकड़ कर एक ज़ोर से झटका मेरे मुँह में मार दिया और अपना पूरा लंड मेरे मुँह में गले तक घुसेड़ दिया. मेरी तो जैसे सांसें ही अटक गई थीं. मुझे बहुत तेज़ खाँसी आ गई.
सर बोले- ऐसा बस एक दो बार ही होता है, फिर जब तुम पूरा मुँह में लेने लगोगे, तब कोई तकलीफ नहीं होगी.

मैं सर का लंड पन्द्रह मिनट तक चूसता रहा, फिर अचानक वो अकड़ने लगे और सर ने लंड से अपने वीर्य की ज़ोरदार पिचकारी मेरे मुँह ही निकाल दी. मैंने पहली बार किसी का वीर्य मुँह में लिया था.. पर अच्छा लगा था तो मैं सारा नमकीन रस पी गया.

उसके बाद वो थोड़ी लेट गए और मैं भी उनके पास ही लेट गया.

करीब दस मिनट के बाद वो मेरे करीब आए और बोले- अभी और मज़ा रह गया है.
मैंने पूछा- कैसे?
तो बोले- बताता हूँ.

वो उठ कर गए और अपनी किचन से एक कटोरी में ऑलिव आयिल और वैसलीन लेकर आ गए. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि सर ये सब कुछ क्यों लेकर आए हैं.
फिर उन्होंने कहा- तुम अपनी गांड मेरे मुँह पर रख दो और मैं तुम्हारा लंड चूसूँगा.

मैंने वैसे ही किया, अब हम 69 की पोज़िशन में थे. वो मेरी गांड चाट रहे थे और मैं उनका लंड चूस रहा था.

इस बार उनका लंड जब खड़ा हुआ तो पहले से भी ज्यादा बड़ा और मोटा लग रहा था. मुझे अपनी गांड चटवाने में और साथ में उनका लंड चूसने में बहुत मज़ा आ रहा था.

फिर वो बोले कि तुम डॉग की पोज़िशन में आ जाओ.

मैं कुता बन गया और सर मेरे पीछे आ गए. उसके बाद वे अपनी एक उंगली ऑलिव आयिल में डुबो के मेरी गांड छेद पर लगाने लगे.
मैंने पूछा- सर ये क्या कर रहे हैं?
तो वो बोले- अब तुम्हें असली मज़ा आने वाला है.

एक मिनट तक मेरी गांड के फूल को सहलाने के बाद उन्होंने अपनी बीच वाली लम्बी उंगली मेरी गांड में घुसा दी. मुझे ठीक लगा, कोई ज्यादा दर्द नहीं हुआ. क्योंकि मुझे आने वाले तूफ़ान का कोई अनुमान ही नहीं था. सर मेरी गांड में अपनी उंगली धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगे.

शुरुआत में तो मुझे कुछ पता नहीं चला, पर थोड़ी देर में मुझे उंगली के अन्दर बाहर होने से अच्छा लगने लगा.. कुछ मज़ा सा आने लगा. मेरे मुँह से ‘अहह आह आहह..’ की आवाजें निकलने लगीं.

फिर उन्होंने दो उंगलियां घुसा दीं.. तो मुझे हल्का दर्द हुआ पर… अच्छा लग रहा था. थोड़ी देर बाद उन्होंने अपने लंड पर बहुत सारा आयिल लगाया और मेरी गांड के अन्दर भी थोड़ा सा तेल डाल दिया. वैसे भी उनकी उंगलियों के तेल से भीगे होने के कारण मेरी गांड अन्दर तक तेल से सन चुकी थी.

अब उन्होंने मेरी कमर पकड़ी और धीरे से अपने लंड का टोपा मेरी गांड में घुसाने लगे. मुझे मोटे सुपारे से बहुत दर्द हो रहा था. मैं सर से मना कर रहा था कि मत करो.. मत डालो…
पर वो बोले- शुरू में दर्द होगा, पर बाद में मज़ा आएगा तो थोड़ा सहन करो.

मैंने थोड़ा किया, पर बहुत दर्द हो रहा था.. दर्द के मारे मेरी चीख निकल रही थी. पर उन्होंने मुझे बहुत कसके पकड़ा हुआ था. सर ने धीरे धीरे अपना लंड मेरी गांड में पेलना चालू रखा. करीब आधा लंड घुसेड़ने के बाद वो थोड़ा रुक गए.. और उन्होंने छेद पर तेल टपकाया ताकि लंड को मेरी गांड में घुसने में दिक्कत न हो.

मेरी गांड के छेद में ऐसा लग रहा था जैसे कोई मोटा सरिया घुसेड़ा जा रहा हो. मैं रो रहा था.. और कह रहा था- सर प्लीज़ छोड़ दो..
पर वो लगे हुए थे.. धीरे धीरे करके उन्होंने पूरा लंड मेरी गांड में घुसा दिया और थोड़ी देर ऐसे ही छोड़ दिया ताकि मेरी गांड का छेद खुल जाए.

करीब पांच मिनट के बाद वो धीरे धीरे लंड अन्दर बाहर करने लगे. पर मुझे दर्द अब भी हो रहा था. मैं चिल्ला रहा था. दस मिनट के बाद मुझे भी थोड़ा मज़ा आने लगा.. और उन्होंने भी थोड़ा तेज़ तेज धक्के मारने शुरू कर दिए. अब मैं भी उनका साथ दे रहा था. मुझे ऐसा लग रहा था मानो जैसे गरम लकड़ी मेरी गांड में घुसेड़ दी हो. उसकी गर्माहट मेरी गांड को बहुत सुकून दे रही थी. मुझे अब यूं लग रहा था, जैसे मेरी गांड की कोई खुलजी मिटा रहा हो. सर नीचे से मेरे लंड भी हिला रहे थे.. उससे मुझे और भी मजा आ रहा था.

लगभग पन्द्रह मिनट की गांड चुदाई के बाद उन्होंने सारा वीर्य मेरे गांड के अन्दर ही निकल जाने दिया.. और लेट गए. मैं भी के उनके पास में ही लेट गया. मेरी गांड से उनका वीर्य रिस रहा था.

तो ये थी दोस्तो मेरी पहली गांड चुदाई.
जल्दी ही आपको अपनी नई कहानी सुनाऊंगा.

आ जा.. आ आ जा मेरी प्यास बुझा जा..
आपका रोहन
[email protected]

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