दिल्ली के चोदू लड़के से गांड चुदवा ली-1

(Dilli Ke Chodu Ladke Se Gand Chudwa li-1)

नमस्ते दोस्तो, कैसे हो आप लोग? मैं नक्श एक बार फिर से हाजिर हूं अपनी नयी कहानी के साथ. मगर शुरूआत करने से पहले मैं आप सभी पाठकों का शुक्रिया करता हूं कि आप लोगों की ओर से मुझे इतना प्यार मिला है मेरी पिछली एनल सेक्स कहानी
बांके जवान दोस्त से पहली बार गांड मराई
पर. साथ ही मैं उन पाठकों से क्षमा भी चाहता हूं जिनके मैसेज का मैं रिप्लाई नहीं कर पाया हूं.

अब ज्यादा समय नहीं लेते हुए मैं अपनी कहानी पर आता हूं. अपने बारे में एक बार फिर से बता दूं कि मैं एक साधारण सा दिखने वाला शहरी लड़का हूं. मेरा कद 5.6 फीट है. मेरा रंग गेहुंआ है. मुझे बचपन से ही लड़कों में ज्यादा इंटरेस्ट रहा है. मुझे सपने भी अक्सर लड़कों के ही आते थे.

जब भी मैं किसी अच्छे दिखने वाले लड़के की तरफ देखता था तो मेरा ध्यान सबसे पहले उसकी पैंट की ओर चला जाता था. मैं सोचने लगता था कि इसका लंड कैसा होगा! कितना मजा आयेगा इसके लंड के साथ खेलने में!

दोस्तो, पता नहीं क्यों, मुझे लंड चूसना बहुत ही ज्यादा पसंद है. मैं कई घंटों तक लंड को लगातार चूस सकता हूं. एक बार गांड मरवाने के बाद तो जैसे फिर रह पाना बहुत मुश्किल हो जाता है.

मेरी आज की ये गे सेक्स कहानी मेरे साथ हुई दो साल पहले की घटना है. उस वक्त मैं काम के सिलसिले में दिल्ली में था और यहीं पर रहने लगा था. मैंने सुना था कि दिल्ली में लड़कों के साथ में रिलेशन बनाना काफी आसान होता है जबकि इसके विपरीत हरियाणा में किसी लड़के को पटाना काफी मुश्किल होता है.

एक दिन मैं ऐसे ही खाली बैठा हुआ था. मैंने गूगल पर गे सेक्स और डेटिंग सर्च कर लिया. दिल्ली के रिजल्ट्स देखे तो मैं तो हैरान ही हो गया. मुझे अब पता लगा कि यहां तो सब आसानी से मिल जाता है. यहां के लड़के तो दूसरे लड़कों की गांड मारने के लिए तैयार बैठे होते हैं.

ऐसे ही एक लोकल गे डेटिंग साइट के जरिये मेरी बात एक लड़के से शुरू हुई. उसका नाम राहुल था और वो दिल्ली का ही रहने वाला था. मैं कॉल के बजाय मैसेज करने में ज्यादा कम्फर्टेबल होता था. इस तरह हमारे बीच में चैट शुरू हुई.

कुछ दिन तो नॉर्मल बातें होती रहीं. एक दिन फिर राहुल ने शुरूआत की- कैसे हो नक्श?
मैं- ठीक हूं. तुम बताओ.

राहुल- मैं भी ठीक हूं. अच्छा ये बताओ कि तुम्हें सेक्स में क्या क्या करना पसंद है?
मैं बोला- मुझे लंड चूसना सबसे ज्यादा पसंद है. अपने निप्पल्स चुसवाना और लंड से खेलना भी बहुत पसंद है.

राहुल- यार मजा आ गया तेरी बात सुनकर. मुझे भी अपना लंड चुसवाना पसंद है. जब मिलेगा तो अंदर तक डाल दूंगा तेरे मुँह में. यार अपने निप्पल्स दिखा. मेरे मुंह में तो अभी से पानी आ रहा है. मुझे भी बूब्स पीना पसंद है. मेरा लंड भी काफी बड़ा है, पूरा 7 इंच का है. अपनी फोटो दिखा दे यार निप्पल्स की.

राहुल की बात पर मैं बोला- ओह्ह, फिर तो मजा आयेगा मिलकर.
फिर थोडा़ सा नाटक करते हुए मैं बोला- यार मैं अभी निप्पल्स नहीं दिखा सकता हूं. बाद में भेज दूंगा पिक्स.
राहुल- एक बार दिखा दे प्लीज।
उसी मैसेज के साथ राहुल ने अपने लंड की कुछ फोटोज भी दे दीं.

उसका लंड देख कर मजा आ गया. फिर मैंने भी उत्तेजना में आकर अपने बूब्स की कुछ फोटो भेज दी. मैं अक्सर लड़कों को अपने बूब्स दिखाया करता था. मौका मिलते ही चुसवाता भी बहुत था जिसके कारण मेरे बूब्स का आकार नॉर्मल से थोड़ा बड़ा हो गया था. राहुल मेरे बूब्स देख कर काफी एक्साइटेड हो गया और मुझसे मेरी गांड की फोटो भी मांगने लगा.

राहुल- यार … मस्त चूचे हैं तेरे तो. मैं रगड़ डालूंगा इनको. इनमें से दूध ना निकाल दूं तो कहना. यार अपनी गांड भी दिखाओ ना प्लीज.
मैं- नहीं यार, वो मिलकर देख लेना. अभी इन्हीं से काम चला लो.
मगर राहुल जिद करने लगा और बार बार गांड दिखाने के लिए कहने लगा. मुझे कुछ पिक्स देनी पड़ीं उसे.

गांड देख कर राहुल बोला- यार तेरी गांड तो बड़ी मस्त है. मन करता है कि इसको तो खूब चांटे मार मार कर चोदूं. मेरा पूरा लंड इसके अंदर तक डालूंगा. मैं गांड बहुत मारता हूं और छोड़ता नहीं हूं दो तीन बार चोदने से पहले. तेरी गांड देख कर मन कर रहा है कि अभी आ जाऊं और चोद डालूं तुझे.

उसकी सेक्सी बातें सुन कर मेरा भी मन कर रहा था उससे मिलने का!
लेकिन दिक्कत जगह की थी कि उससे मिला कहां पर जाये.

मैंने अपनी प्रॉब्लम उसको बताई और इसके बारे में पूछा कि क्या करना चाहिए.
राहुल- मेरे दोस्त का फ्लैट है. मैं वहां लेकर जाना चाहता हूं तुम्हें ताकि कोई हमें डिस्टर्ब ना करे. मैं पूरा दिन तुम्हारे साथ रहना चाहता हूं और तुम्हारी सारी प्यास बुझा देना चाहता हूं ताकि मेरे बाद तुम किसी और से ना मिलो.

फिर उसने पूछा- यार एक बात और बताओ कि तुमने कभी ग्रुप सेक्स किया है?
मैं- नहीं यार, ग्रुप तो कभी नहीं किया और कभी सोचा भी नहीं इस बारे में. अगर मौका मिलेगा तो जरूर करना चाहूंगा. मगर फिलहाल तो ये बताओ कि कैसे और कब मिल रहे हो? मैं तुम्हारा लंड चूसने के लिए मरा जा रहा हूं.

फिर हम लोगों ने शनिवार को मिलने का प्लान बनाया. राहुल सुबह ही अपनी गाड़ी लेकर आ गया और हम उसके दोस्त के फ्लैट के लिए चल पड़े. रास्ते में भी उसने मेरे बूब्स को खूब दबाया. हम दोनों लड़के थे तो कोई शक नहीं कर सकता था.

राहुल मेरे बूब्स दबा रहा था और मैं उसका लंड मसल रहा था. एक दो बार मैंने उसके लंड को किस भी कर लिया.
इस बात पर राहुल खुश हो गया और बोला- कि आज तो सच में बहुत मजा आने वाला है. तू मुझे आज के बाद हमेशा याद रखेगा.

ऐसे ही मस्ती करते हुए हम उसके दोस्त के यहाँ पहुंच गए.
उसने जाकर बेल बजायी तो अंदर से एक सुन्दर सा लड़का निकला जिसको देखकर ही मैं हैरान रह गया. मैंने आज तक इतना हैंडसम लड़का नहीं देखा था.

मगर मैं राहुल के साथ था तो मैंने कुछ ज्यादा रिएक्ट नहीं किया. फिर राहुल उसके साथ गले मिला और हम तीनों अंदर चले गये.

राहुल ने उसका परिचय करवाया और मेरे बारे में भी बताया. वो लड़का मेरी तरफ देखकर बार बार मुस्करा रहा था. मुझे लगा कि राहुल ने मेरे बारे में इसे सब कुछ पहले से ही बता रखा है जबकि मैंने उसको मेरे बारे में बताने से मना किया हुआ था.

उस लड़के का नाम राहुल ने जय बताया. वो 6 फीट की हाइट वाला एकदम लम्बा और दिखने में बहुत ही स्मार्ट लड़का था. राहुल भी कुछ कम नहीं था मगर उसके सामने थोड़ा फीका था. राहुल ने फिर जय के कान में कुछ फुसफुसाया और जय अंदर चला गया.

उसके जाते ही वहीं पर राहुल ने मुझे पकड़ लिया और मेरे बूब्स दबाने लगा.
मुझे ऐसे ठीक नहीं लग रहा था. मैंने उसे रोक कर रूम में चलने के लिए कहा और बोला- यहां करना ठीक नहीं है, अगर तुम्हारे दोस्त ने देख लिया तो?

मेरी बात पर वो हंसने लगा और बोला- कोई बात नहीं, अगर देख लिया तो वो भी तुम्हें चोद लेगा मेरी जान!
फिर राहुल ने मेरा हाथ पकड़ा और रूम की ओर ले गया. वो कुछ ज्यादा ही उतावला हो रहा था. उसने रूम को भी अच्छे से बंद नहीं किया और मुझे किस करना चालू कर दिया.

मैं भी गर्म हो गया था क्योंकि काफी दिन से मैंने भी सेक्स नहीं किया था. पहले उसने मेरा माथा चूमा, मेरी नाक और फिर गाल और फिर मेरे होंठों को चूसने लगा. वो एक पल का भी विराम नहीं दे रहा था. मैं भी उसका साथ दे रहा था और राहुल का लंड तन कर मेरी बॉडी पर यहां वहां टच होने लगा था.

राहुल ने मेरे होंठों को लॉक किया हुआ था. कभी वो मेरे नीचे वाले होंठ को चूस रहा था तो कभी ऊपर वाले होंठ को खींच कर काट रहा था. फिर मेरी जीभ को अपने मुंह में लेकर खींचने लगा. मुझे पहली बार किसी लड़के से ऐसा प्यार मिल रहा था.

इसी बीच राहुल ने मेरी शर्ट को उतार दिया था. फिर उसने मेरी बनियान भी उतार दी. उसके बाद मैंने भी राहुल की शर्ट और बनियान निकाल दी. अब वो मेरे कान के पास आकर चूमने लगा. मैं भी उसे चूमने लगा. मुझे तो सच में बहुत दिनों के बाद ऐसा मजा मिल रहा था. हम दोनों इसी तरह काफी देर तक एक दूसरे के साथ चूमा-चाटी करते रहे.

अब मेरा मन भी कर रहा था कि राहुल थोड़ा सा और आगे बढ़े. मैंने उसे अपने हाथ से थोड़ा नीचे धकेला और वो मेरा इशारा समझ गया. वो मेरे गले से होता हुआ मेरे बूब्स पर आ गया.

मेरे बूब्स को वो ध्यान से देखने लगा और बोला- यार तेरी चूचियां तो फोटो से भी कहीं ज्यादा मस्त लग रही हैं रियल में देखने पर. अब तो ये सिर्फ मेरी हैं. आज से मैं ही इनका मालिक हूं. अब तू हमेशा मेरी रंडी बन कर रहेगा. तू देखना कि कुछ ही दिनों में मैं तेरी इन चूचियों को दबा दबा कर लड़कियों के साइज की कर दूंगा.

ये सुन कर मुझे भी शर्म आने लगी.
वो बोला- शरमा मत जान. अभी तो हमें बहुत कुछ करना बाकी है.

फिर वो हंसने लगा. उसके बाद वो धीरे धीरे मेरे बूब्स को छेड़ते हुए दबाने लगा. मुझे अच्छा लगने लगा. किसी लड़के के छूने से मुझे मेरे बूब्स पर बहुत अच्छी फीलिंग आती थी. मैं अपना आपा खोने लगा था.

राहुल मेरे बूब्स पर नजर गड़ाये हुए था.
मैं बोला- आज सिर्फ देख देख कर हाथों से ही करता रहेगा क्या?
मेरी बात समझ कर राहुल अपनी जीभ निकाल कर मेरे निप्पल्स पर फेरने लगा. एक निप्पल को चूसते हुए दूसरे पर हाथ की उंगली चलाने लगा. ओह्ह .. क्या बताऊं दोस्तो, क्या मजा आ रहा था उस वक्त.

कुछ देर ऐेसे ही मेरे दोनों बूब्स को छेड़ने और चाटने के बाद उसने मेरे बूब्स को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया. पहले एक बूब्स को चूसने लगा और फिर दूसरे को चूसने लगा. मैं तो पागल होने लगा. वो ऐसे मेरे बूब्स को खींच खींच कर पी रहा था जैसे कोई बेबी अपनी मां के बूब्स पीता है.

मैं सिसकारने लगा- हां राहुल डार्लिंग … ऐसे ही चूसो इनको. आह्ह मजा आ रहा है जान. दूध निकाल ले यार इनका. आह्ह … और चूस।
राहुल भी पूरे मूड में था. मैं जानता था कि वो इतनी जल्दी से छोड़ने वाला नहीं है इनको. मेरी एक तरफ की चूची तो दुखने लगी थी. मैंने उसको रोक दिया. फिर वो दूसरे बूब्स पर टूट पड़ा.

उसने बदल बदल कर दोनों बूब्स को खूब पीया, चूसा, चूमा और चाटा. मैं तो जैसे निहाल ही हो गया था उससे मिलकर. जब राहुल मेरी बूब्स चूस रहा था तो मुझे लगा मेरा माल ना निकाल जाये. इतनी उत्तेजना में अक्सर मैं झड़ जाता था. मैंने राहुल को रोकना चाहा. वो समझ गया और रुक गया.

इसके बाद राहुल रुक कर साइड में लेट गया और मैं समझ गया कि अब मेरी बारी है उसे खुश करने की. मैं धीरे से उठा और उसके माथे को चूमा और उसे चूम चूम कर आई लव यू कहा. राहुल बस मुस्कुरा रहा था और कुछ नहीं बोल रहा था.

मैं धीरे धीरे नीचे की तरफ बढ़ा और राहुल के गालों पर किस किया. फिर होंठों पर और फिर नीचे उसकी छाती पर आ गया. क्या सीना था उसका यार, बस मजा ही आ गया. मैंने उसके पेट को, उसकी कमर को और उसके बदन के हर एक अंग को चूमा.

वो खुश हो गया और बोला- यार तू कहां था आज तक? अब मिला है मुझे और वादा कर कभी छोड़ कर नहीं जायेगा.
मैंने हाँ में सर हिलाया और फिर से उसको चूमने लगा. धीरे से मैंने उसकी पैंट को नीचे किया तो उसके कच्छे में उसका लंड अलग ही चमक रहा था. मुझसे कण्ट्रोल नहीं हुआ तो मैंने सीधा उसका कच्छा भी हटा दिया और उसका लंड अब मेरे सामने था.

मैंने राहुल का लंड चूमा और उसे सहलाने लगा. उसे अच्छा लगा. उसके लंड में बार बार झटके लग रहे थे. उसके लंड के टोपे पर काफी चिपचिपा सा पदार्थ लग गया था. वो मेरे मुंह को लंड की ओर दबाने लगा. मैं समझ गया कि वो लंड चूसने का इशारा कर रहा है.

उसके लंड को मैंने हाथ में लेकर दबाया और फिर से किस किया. अब मैं उसके लंड को मुंह में लेने के लिए नीचे झुकने लगा कि तभी वहां पर जय आ गया.

कहानी अगले भाग में जारी रहेगी.
मुझे अपने कमेंट्स में बतायें कि आपको मेरी यह स्टोरी कैसी लगी. मैंने अपना ईमेल नीचे दिया हुआ है. मुझे आपके मैसेज का इंतजार है.
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कहानी का अगला भाग: दिल्ली के चोदू लड़के से गांड चुदवा ली-2

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