मकान मालकिन की भतीजी को चोदा उसकी मर्जी से

(Makan Malkin Ki Bhatiji Ko Choda Uski Marji se)

नमस्कार दोस्तो, मैं राहुल, वाराणसी का रहने वाला हूँ। वैसे तो मैं मिर्ज़ापुर का हूँ लेकिन यहाँ रहकर पढ़ाई कर रहा था। पहले मैं अपने बारे में बता दूँ; जुलाई में मैं 20 साल का हो गया हूँ।
मैं 5 फीट 7 इंच का हूँ और मेरा लंड 6.5″ लंबा और 4.5″ मोटा है।

अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम पर आपका स्वागत है! यह कहानी एक महीने पहले की है जब मेरी मकान मालकिन की भतीजी मुझसे चुदी।

वैसे तो यह मेरी पहली चुदाई की कहानी है, लेकिन दोस्तों की संगत में मैं काफी पहले से ही मुठ मार रहा हूँ और पॉर्न देखना भी शुरू कर दिया था जिसके प्रताप से मेरा लौड़ा इतना बड़ा हो गया है।

बात कुछ इस तरह शुरू हुई जब मई महीने में मेरी मकान मालकिन के मायके से उनकी भाभी यहाँ आईं क्योंकि उनके घर पर जून में शादी थी तो उन्हें कुछ खरीददारी करनी थी।
यहाँ आने पर उनके मोबाइल में कुछ समस्या हो गई, जैसा कि आप सभी जानते हैं आजकल सभी के पास जियो है और उसमें कभी कभी फोन नहीं लगता तो उन्होंने मुझे इसे ठीक करने को कहा।
मैंने देखा तो उसमें कुछ छोटी सी समस्या थी जो मैंने फटाफट ठीक कर दी।

उनके मोबाइल स्क्रीन पर उनकी बेटी का फोटो लगा हुआ था जो दिखने में मस्त लग रही थी।
मैंने उन्हें बताए बिना सारी फोटो देखीं।

फिर मैंने इन्टरनेट हिस्ट्री भी देखी जिसमें कई सारी पॉर्न साईट पड़ी थीं। मैंने उनसे पूछा कि क्या वो इन्टरनेट चलाती हैं?
तो उन्होंने कहा कि उनकी बेटी चलाती है।
मैंने फिर उन्हें उनका फोन वापस कर दिया।

अगले दिन वो वापस अपने घर चली गईं। लेकिन फिर अगले ही हफ्ते वो वापस आईं और इस बार साथ में उनकी बेटी भी थी। बातों बातों में पता चला कि उसका नाम काजल है। उसकी लम्बाई लगभग 5 फीट 3 इंच थी। फिगर का अंदाज़ा लगाना मेरे लिए थोड़ा मुश्किल होता है, मगर उसकी चुचियाँ कम से कम 34″ की तो थी ही।
खैर, इस बार वो आईं और बातों ही बातों में पता चला कि वो इस बार एक हफ्ता रुकने वाली हैं।

चूँकि शादी को 15 दिन बचे थे तो उन्हें इस बार पूरी खरीदारी करनी थी। मैंने सोचा शायद इस बार बात बन जाये।

अगले दिन सुबह पापा और मेरे मकान मालिक अपने अपने दफ्तर चले गए। और उसके बाद मकान मालकिन ने मेरी मम्मी से भी खरीदारी के लिए चलने का अनुरोध किया।
पहले तो मेरी मम्मी थोड़ा हिचकीं क्योंकि घर में मैं और काजल अकेले बचते, लेकिन मकान मालकिन के ज़ोर देने पर वो तैयार हो गईं।

करीब 11 बजे वो तीनों औरतें गोदौलिया के लिये निकल गईं। पापा और मकान मालिक पहले ही काम पर जा चुके थे और काजल से मैंने अब तक कोई बात नहीं की थी तो एक तरह से मैं अकेला था।
मैं नहाने चला गया।

थोड़ी देर बाद जब मैं नहा कर वापस आया और सीधे अपने कमरे में चला गया।
यहाँ आपको बता दूं कि मेरे घर में एक ही तल है, तो सारे कमरे अगल बगल ही थे।

मैं अपने कमरे में सिर्फ अंडरवियर पर खड़ा था, अपने शरीर और लौड़े में तेल लगा रहा था। शायद इसी वजह से वो कुछ आकार ले चुका था।
तभी पीछे से आवाज़ आई- सुनिये?
मैं हड़बड़ी में लौड़ा अंदर करके पीछे घूमा, वो काजल थी।
मैंने झटपट तौलिया लपेटा।
उसे मेरी रसोई में से कुछ चाहिए था।

मैं गया और रसोई में ऊपर आलमारी से उसे निकाल कर जैसे ही पीछे घूमा तो देखा वो मेरे लौड़े की तरफ घूर रही थी।
खैर, ये बात बीत गई।

मैं अपने कमरे में आ गया और कुछ काम करने के बाद लैपटॉप चलाने लगा।
जल्दी ही मन ऊब गया तो मैंने ब्लू फिल्म देखनी शुरू कर दी, और बैठ कर अपना लौड़ा धीरे धीरे हिलाने लगा।

मैंने कान में इयरफोन लगाए थे तो मेरा ध्यान नहीं था, पर थोड़ी देर बाद मुझे दरवाज़े पर कुछ हलचल लगी, मैं घबरा गया और सोचा कहीं ये काजल तो नहीं है।
मैं बाहर आया तो देखा काजल भाग कर अपने कमरे में जा रही थी।
मैं दौड़ कर वहाँ गया और उससे माफ़ी मांगने लगा।
तो उसने कहा कि वो अपनी मामी (मकान मालकिन) को बता देगी कि मैं क्या कर रहा था।

मैं विनती करने लगा क्योंकि अगर मेरी मम्मी को कुछ पता चलता तो मेरा घर से निकलना भी मुश्किल हो जाता।
मैंने उससे कहा कि वो जो कहेगी मैं वो करूंगा।

यह सुनते ही उसने कहा- ठीक है, अभी जो तुम देख रहे थे वो मुझे भी देखना है।

यह सुनते ही मैं बहुत खुश हुआ कि चलो अब तो ये पक्का चुदेगी… और बला टली वो अलग!

वो भी मेरे कमरे में आ गई और मैंने फ़िल्म शुरू कर दी। हम दोनों बैठ कर देखने लगे। वो एकटक देखे जा रही थी, उसकी पलकें भी नहीं बन्द हो रही थीं।

मैंने देखा कि उसका चेहरा बिल्कुल लाल हो गया है।
मैंने धीरे से कहा- तुम भी तो इंटरनेट पर ये सब खोजती रहती हो।
यह सुनकर वो एक बार पीछे मुड़ी, मुझे घूरा, और फिर से देखने लगी।

यह देखकर मैंने धीरे से उसकी गर्दन पर एक किस किया, उसने अपनी आंखें बन्द कर लीं।
यह देखकर मैंने अपना एक हाथ उसके पेट पर और दूसरा उसकी छाती पर रख दिया।

अगले ही पल मैंने लैपटॉप बन्द कर दिया और उसको अपनी तरफ घुमाकर उसके होंठ चूसना शुरू कर दिया, वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। जैसे ही मैंने उसकी कुर्ती को उतारना शुरू किया, वो अचानक दूर हट गई।

मैंने पूछा क्या हुआ तो बोली- इससे बच्चा हो जाएगा।
मैं- चिंता मत करो, कुछ नहीं होगा।
काजल- अगर कुछ गड़बड़ हो गई तो मम्मी छोड़ेंगी नहीं।
मैं- मेरा भरोसा करो, मैं कुछ नहीं होने दूंगा। ये राज़ हमारे बीच रहेगा।

यह सुनते ही वो मुझ पर टूट पड़ी और पागलों की तरह चूमने लगी। अगले ही पल उसने मेरी टी शर्ट उतार दी। मैं उसकी चुचियाँ दबाने लगा तो वो हल्के हल्के सिसकारियां लेने लगी।
मैंने भी देर ना करते हुए उसकी कुर्ती को उतार दिया।

अब सफेद रंग की ब्रा में उसकी 34″ की चुचियाँ आज़ाद होने को मचल रही थीं। अगले ही पल वो ब्रा भी हट गई। उसके चूचे बिल्कुल सुडौल और कसे हुए थे।

मैंने एक निप्पल को अपने मुँह में भर लिया और एक को अपने हाथ से दबाने लगा।
नीचे उसकी जीन्स को हाथ लगाया तो वो पूरी गीली हो चुकी थी, शायद वो एक बार झड़ चुकी थी।

वो मेरा सर अपने सीने पर दबाए जा रही थी और लगातार मादक आवाज़ निकाल रही थी।
मैंने अब उसकी जीन्स का बटन खोल दिया। उसने तुरंत ही खड़े होकर उसे उतार दिया। अब वो मेरे सामने केवल एक छोटी सी पैंटी में खड़ी थी।

मैंने भी तुरन्त उसे उतार दिया।
क्या बताऊँ… एकदम से मेरी आँखें खुली रह गईं।
पहले तो ब्लू फिल्मों में बहुत देखा था पर आज एक असली चूत पहली बार देख रहा था।
गुलाबी रंग की चूत पर हल्के हल्के बाल थे।

वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी खड़ी थी, उसने कहा- तुमने मुझे तो देख लिया और खुद पैंट पहने खड़े हो। शर्म नहीं आती?
इस पर हम दोनों ही हंसने लगे।

मैंने कहा तो वो तुरंत मेरी पैंट का बटन खोलने लगी। अगले ही पल उसने पैंट और अंडरवियर दोनों ही निकाल दिए।
मेरा हथियार पहले से ही खड़ा था, एक झटके में लहराकर उसके मुंह के पास आ गया, वो उसे देखती ही रह गई।
फिर इससे पहले कि मैं कुछ बोलता, उसने गप्प से पूरा लौड़ा अपने मुंह में ले लिया।

मैंने सोचा कि ये तो पूरी मजी हुई खिलाड़ी लगती है, और अभी थोड़ी देर पहले झूठ मूठ के नखरे दिखा रही थी। अब मैं भी जन्नत में था और मज़ा ले रहा था।

थोड़ी देर बाद उसने मेरा लौड़ा अपने मुंह से निकाला, मैंने पूछा- पहले भी ले चुकी हो क्या?
तो उसने कहा- नहीं।
मैंने फिर पूछा- इतना अच्छा चूसना कहाँ से सीखा, वो भी पहली ही बार में?
मुझे आश्चर्य हो रहा था।

तो उसने कहा- मेरी सहेली अपने बॉयफ्रेंड से चुदती रहती है। उसके साथ कभी कभी लेस्बियन सेक्स कर लेती हूँ। कभी कभी तो उसकी चुदाई के वीडियो भी देखे हैं।

अब मेरी बारी थी, मैंने अब उसकी चूत पर नज़र घुमाई। पहली बार होने के बाद भी मुझे सेक्स का काफ़ी ज्ञान था। वैसे भी मैं कई सालों से अन्तर्वासना पढ़ रहा हूँ।

उसकी गुलाबी चूत पर हल्के हल्के बाल थे, बिल्कुल फूली हुई और चुदने को तैयार थी पर मैंने जल्दबाज़ी नहीं दिखाई।
मैं उसकी चूत चाटना चाहता था, उसको बिस्तर पर पीठ के बल लिटाकर मैंने उसकी टांगें फैलाई, अगले ही पल मैंने उसकी चूत पर मुंह लगा दिया।
मेरी जीभ छूते ही वो सिसकारियां लेने लगी।

एक अजीब सा लेकिन मज़ेदार स्वाद था उसके पानी में…
मैं चूत चाटते हुए उसके चूतड़ भी दबा रहा था।
लगभग पाँच मिनट ऐसा करते करते उसने पानी छोड़ दिया। पर मैं अभी भी चाट रहा था। अब वो अपनी कमर को धक्का देने लगी, शायद उस पर चुदास हावी हो गई थी, उसने कहा- अब और देर मत करो राहुल, वैसे भी बाकी सब कभी भी आ सकते हैं। अब नहीं रह जाता।

मैंने भी यही ठीक समझते हुए उसके छेद पर अपने लौड़े का टोपा घिसना शुरू किया।
उसने कहा- आराम से करना।
मैं- चिंता मत करो जान मैं हूँ ना!
वो मुस्कुरा दी।

अगले ही पल मैंने हल्का सा धक्का लगाया तो उसके मुंह से एक आह निकली। उसने अपने दांतों से अपने होंठ को दबा रखा था।
मैंने उसे चूमना शुरू कर दिया, चूमते हुए एक तेज़ धक्का मारा तो लगभग 2 इंच लौड़ा अंदर चला गया।

वो दर्द से हाथ पैर पटकने लगी।
मैंने कहा- जान, बस थोड़ा सा दर्द सहना है, फिर तो मज़े होंगे।
करीब दो मिनट तक मैं उसे चूमता रहा, जब उसे कुछ आराम मिला तो मैंने पूछा- आगे बढूं?
तो उसने हल्के से सिर हिलाया।

उसके होंठों को अपने होंठों में दबाकर मैंने एक ज़ोरदार धक्का मारा तो पूरा लौड़ा अंदर चला गया। एक पल को ऐसा लगा जैसे उसकी आंखें बाहर आ जाएंगी।
आखिर साढ़े चार इंच का लौड़ा घुसा था।

मैंने वापस उसके चूचे चूसना शुरू कर दिया, दो मिनट में वो सिसकारियां लेने लगी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’
अब मैंने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू किए, वो भी मेरा साथ दे रही थी। इस बार करीब 20-25 धक्कों के बाद उसका बदन अकड़ने लगा।
अगले ही पल वो झड़ गई… वो बिल्कुल निढाल होकर पड़ गई।
पर मेरा अभी तक नहीं हुआ था तो मैं धक्के मारता रहा।

जल्दी ही वो फिर से गर्म हो गई।
इस बार वो और जोर से सिसकारियां ले रही थी। हम दोनों बीच बीच में एक दूसरे को चूम रहे थे।
लगभग 20 धक्कों के बाद उसने कहा- राहुल, ये मेरा पहली बार है, मैं चाहती हूँ तुम मेरे अंदर झड़ो, मैं तुम्हें अपने अंदर महसूस करना चाहती हूँ। मेरे साथ ही झड़ना।

उसकी बात सुनकर मैंने अपनी रफ्तार तेज कर दी, 10-12 धक्कों के बाद हम दोनों ही तेज आवाज़ के साथ झड़ गए।
अब उसकी चूत से मेरा और उसका रस एक साथ बह रहा था।

नीचे देखा तो बिस्तर पर खून लगा था… मैंने कहा- अब तुम कुंवारी नहीं रही।
तो उसने कहा- हाँ, अब मैं तुम्हारी हूँ, आई लव यू राहुल!
मैंने भी उसे ‘आई लव यू टू…’ कहा और उसके होंठ चूम लिये।

घर वाले कभी भी आ सकते थे, तो मैंने उसे सहारा देकर उठाया, उसे थोड़ी दिक्कत हो रही थी। फिर बाथरूम में ले जाकर उसकी चूत और उसका बदन साफ किया और उसे कपड़े पहनाए।

अपने कमरे में आकर मैंने बिस्तर की चादर बदल दी और पिछली वाली को धुलने के लिए डाल दिया।
उसके बाद मैं पास के मेडिकल गया और वहां से उसे एक आई-पिल और एक दर्द की दवा दी।

फिर मैं अपनी रसोई में चाय बनाने लगा। उसके बाद हमने साथ चाय पी।

करीब आधे घंटे बाद जब सभी लोग आए तो वो अपने कमरे में लेटी थी बुखार का बहाना करके!
उसकी मम्मी ने पूछा तो उसने कहा कि मैं उसके लिये दवा लाया और उसे चाय भी पिलाई।

उसकी मम्मी काफ़ी खुश हुईं और मेरी मम्मी से मेरी तारीफ करने लगीं।
जब मम्मी ने मुझसे चादर के बारे में पूछा तो मैंने बोल दिया कि चाय गिर गई थी।
और फिर सब सामान्य हो गया।

काजल यहां एक हफ्ते रही और मैंने दो बार उसे और चोदा। मैं उसकी गांड भी मारना चाहता था पर उसने मना कर दिया।

उसके जाने से पहले हम दोनों ने एक दूसरे के व्हाट्सएप्प नम्बर भी लिये।

अगली कहानी में बताउंगा कि कैसे मैंने काजल की गांड मारी, और उसकी सहेली को भी चोदा।

मेरे साथ हुए इस वाक़ये का वर्णन आपको कैसा लगा, जानने के लिए उत्साहित हूँ। मुझे मेल कीजिये [email protected]
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