मेरा गांडू भाई और मेरे चोदू यार-5

( Mera Gandu Bhai Aur mere Yar- Part 5)

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सेक्स कहानी में अब तक आपने पढ़ा था कि मैं विक्की के कनाडा चले जाने के बाद लंड की भूखी हो गई थी, इसलिए मैंने विक्की के दोस्त कुमार के साथ चुदने का फैसला कर लिया था.
अब आगे:

कुमार- तुम अपने भाई को क्यों लेकर आई हो?
मैं- अरे बोला था न … मम्मी अकेले आने नहीं दे रही थीं. तुम बोलो क्या बात करनी थी?

कुमार मेरे हाथ को पकड़ कर बोला- आई लव यू तन्नू. मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ.
मैं- तुम पागल हो … मैं विक्की से प्यार करती हूं.
कुमार- पर वो तो नहीं करता है न … ये देखो उसकी बाकी लड़कियों के साथ पिक्स हैं.

उसने मुझे 3 लड़कियों के साथ विक्की की फोटो दिखाईं.

मैं- फिर भी यार उसे पता चलेगा, तब वो क्या सोचेगा मेरे बारे में?
कुमार- उसे कुछ पता नहीं चलेगा … प्रॉमिस.

ये कह कर उसने मुझे गले लगा लिया और मेरे गले पर किस करने लगा.
मैंने उसे दूर हटा दिया और कहा- आदी है बाहर … वो देख लेगा.
कुमार- कुछ नहीं होगा!
और उसने मुझे एक किस कर दिया. मैंने भी उसका साथ दे दिया.

फिर उसने मुझे एक गिफ्ट दिया और मैं बाहर आ गई. मैंने आदी को लिया और हम घर आ गए.
बाहर आकर आदी ने पूछा- क्या हुआ दीदी?
मैं बोली- कुछ नहीं हुआ, बस एक किस हुई … आज पहली ही बार था इसलिए ज्यादा नहीं हो सका.
आदी- ये क्या है?

उसने मेरे हाथ से सजा लिया हुआ गिफ्ट ले लिया और खोलने लगा.

उसमें एक बहुत अच्छी ड्रेस थी विद पैंटी … इस ड्रेस में ब्रा नहीं पहनते थे, इसलिए ब्रा नहीं थी.
ये देख कर आदी बहुत खुश हुआ.

तभी कुमार का कॉल आया- मेरा गिफ्ट कैसा लगा?
मैं- अच्छा है.
कुमार- तो मुझे पहन कर कब दिखा रही हो?
मैं- तुम वो ड्रेस पहन कर मुझे देखना चाहते हो? मुझे लगा कि उतार कर देखना चाहते हो.
कुमार- हा हा हा … तुम पहन कर आ जाओ … उतार मैं लूंगा.
उससे ऐसी ही बातें हुईं, फिर मैं फोन रख कर सो गई.

सुबह मैं कॉलेज गई. कॉलेज पहुंची ही थी कि कुमार का कॉल आ गया- कहां हो?
मैं- बस अभी कॉलेज के पास ही पहुंची हूँ.
कुमार- अन्दर मत जाओ, मैं तुम्हें लेने आ रहा हूँ … हम दोनों कहीं घूमने चलते हैं.
मैं- ओके … आ जाओ.

थोड़ी देर बार वो कार लेकर आ गया. मैं कार में बैठ कर चली गई.

तब वो सीधा मुझे अपने फ्लैट पर ले गया.
मैं बोली- यहां क्यों लाये हो?
कुमार- कल हम अच्छे से बात नहीं कर पाए थे … इसलिए.

हम दोनों अन्दर चले गए. थोड़ी देर ऐसे ही इधर उधर की बातें हुई.

फिर उसने कहा कि तुम मेरी कल वाली ड्रेस पहन कर दिखाने वाली थीं न!
मैं- सॉरी … मैं लाई नहीं.
कुमार- उसकी जरूरत नहीं है … ये लो इसे पहन कर दिखाओ.

उसने मुझे एक और गिफ्ट दिया. उसमें सिर्फ ब्रा पैंटी थी.
मैं- ये क्या है?
कुमार- मुझे पहन कर दिखाओ.

मैं उठी और लेकर उसके बेडरूम में आ गई.

मैं अपने कपड़े उतार कर नंगी हो गई और अभी उसके दिए हुए ब्रा पहन ही रही थी कि कुमार पीछे से आ कर मुझे पकड़ कर मेरे बूब्स दबाने लगा. वो मेरे कान में बोला- तुम ऐसे ज्यादा अच्छी लगती हो.
वो मुझे घुमा कर मुझे किस करने लगा और मेरे चूचे दबाने लगा.

मैं भी बहुत दिन से लंड की भूखी थी, तो मैं भी उसका साथ देने लगी.

उसने मुझे गोद में उठा कर जोर से बेड पर फेंक दिया और खड़ा हो कर अपने कपड़े उतारने लगा. तब मैंने उसका लंड पहली बार देखा था. उसका लंड अच्छा था … एकदम गोरा और 7 इंच का रहा होगा.

फिर वो मेरे ऊपर चढ़ गया और मेरे जिस्म से खेलने लगा. उसने मुझे लंड चूसने का कहा, तो मैंने मना कर दिया.
वो बोला- क्यों, विक्की का तो बहुत अच्छे से चूसती हो?

इस पर मैं कुछ नहीं बोली और उसका लंड मुँह में लेकर चूसने लगी.

थोड़ी देर बाद उसने मेरी चुत पर लंड रखा और एक धक्का दे दिया. मुझे थोड़ा सा दर्द हुआ उम्म्ह… अहह… हय… याह… क्योंकि मैं काफी दिन बाद चुद रही थी. उसने बिना रुके मुझे उसने चोदना चालू कर दिया.

मैं लंड के पूरे मज़े ले रही थी. कोई 20 मिनट तक वो मुझे चोदता रहा, फिर उसने धक्के चेज़ कर दिए. वो झड़ गया और मेरे ऊपर ही गिर गया. झड़ने के बाद ये भी विक्की जैसा ही था.

एक मिनट बाद वो मेरे बाजू में लेट गया. थोड़ी देर बाद वो मेरा हाथ पकड़ कर अपना लंड सहलवाने लगा. थोड़ी देर हिलाने से उसका लंड फिर खड़ा हो गया.
अब मैं बोली- तुम लेट जाओ … मैं ऊपर बैठती हूँ.
वो लेट गया. मैं उसके लंड को अपनी चुत पर लगा कर बैठ गई और गांड उछालने लगी. उम्म्ह… अहह… हय… याह… बहुत मज़ा आ रहा था.

करीब 15 मिनट ऐसे ही मैंने लंड पर उछल उछल कर चुत चुदाई का मजा लिया. मैं थक गई थी तो रुक गई. फिर कुमार खड़ा हुआ और मेरे दोनों पैर अपने कंधे पर रख कर मुझे चोदने लगा.
कोई दस मिनट बाद वो झड़ गया और उसी के साथ मैं भी झड़ गई. हम दोनों नंगे ही चिपक कर सो गए.

उसके घर में ही आराम करने के बाद मैं फ्रेश होकर कमरे से बाहर आ गई. कॉलेज खत्म होने समय मैं घर चली आई.
मम्मी का ऑफिस से आने का समय हो गया था. आदी स्कूल से आ गया था.
मैं जब घर गई, तो आदी रूम में बैठ कर पढ़ रहा था.

मैंने कपड़े उतारे और नहाने बाथरूम चली गई. अब आदी के सामने में नंगी भी हो जाती थी. मैं नहा कर नंगी ही बाहर आ गई. मैंने टॉवल से अपना शरीर पौंछा और तौलिया बेड पर डाल कर आईने के पास नंगी खड़ी होकर बाल सुखाने लगी.

तभी आदी मेरे हिलते हुए मम्मों को देखता हुआ बोला- कहां गई थीं दीदी?
मैं- कुमार के फ्लैट पर.
आदी- तो क्या हुआ आज?
मैं- आज मैंने चुदवा लिया … मुझे कुमार से चुद कर बहुत मज़ा आया … यार इतने दिन बाद चुद कर मेरी तो खुजली एकदम से मिट गई.

आदी बेड से उठ कर मेरे पास आया और बोला- दीदी, कुमार भैया को घर कब बुलाओगी.
मैं- देखती हूं … अभी तो कोई प्लान नहीं किया है. क्यों तुम्हें उसके साथ क्या करना है?
आदी- वही … जो तुम करती हो.
मैं- अच्छा … तो तुम्हारा भी मन हो रहा है क्या?
आदि- हां दीदी.

मैं- ठीक है, मैं उसे बुलाऊंगी और जैसा पहले विक्की और राहुल के साथ किया था … इस बार भी हम वैसे ही करेंगे.
आदी- नहीं … अब मैं सेक्स करना चाहता हूँ.
मैं- अच्छा तुम उसके साथ सेक्स करना चाहते हो … लेकिन तुम्हारा खड़ा तो होता नहीं है … कैसे करोगे और किसके साथ करोगे.

आदी- मैं अब चुदना चाहता हूँ … गांड मरवाना चाहता हूँ.
मैं- अरे ये कैसे होगा … मैं किसी को ये नहीं बता सकती कि मेरे भाई को लड़के पसंद हैं … ख़बरदार जो तुमने भी किसी को बताया या किसी के साथ सेक्स किया तो ठीक नहीं होगा. अभी तुम बस लंड चूस कर काम चला लो … मैं बाद में कुछ करती हूं ओके.
आदी- ठीक है दीदी. लेकिन मुझे लंड लेना ही है, मेरी खुजली जल्दी दूर करवा दो दीदी.
मैं- ओके … बोला न कि कुछ करती हूँ.

फिर कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा. जब मौका मिलता मैं कुमार से उसके फ्लैट पर जाकर चुदा लेती.

फिर एक दिन मुझे विक्की का कॉल आया- कहां हो बेबी?
मैं- घर पर … तुम कहां हो?
विक्की- बस आज ही आया हूँ.
मैं- अच्छा.
विक्की- तुम कल कॉलेज मत जाना, मैं तुम्हें लेने आ जाऊंगा.
मैं बोली- ठीक है.

अब मैं टेंशन में थी कि ये कहां से आ गया. उसके बाद मैंने कुमार को फोन किया.

कुमार- हां मेरी जान … बोलो क्या हुआ?
मैं- अरे यार विक्की ने कॉल किया था, वो इंडिया आ गया है और मुझे कल मिलने के लिए बोल रहा है.
कुमार- हां मुझे भी उसने कॉल किया था कि कल रूम पर आएगा और तान्या के साथ चुदाई करेगा. मुझे भी रूम पर ही रहने को कहा है.
मैं- तो अब क्या करूं?
कुमार- तुम क्या करना चाहती हो … उसके साथ रहो या मेरे साथ?
मैं बोली- अच्छा … तुम मुझे थोड़ा टाइम दो … मैं उसे सब बता दूंगी. तुम उसे कुछ मत बताना.
कुमार- हां मैं कुछ नहीं बताऊंगा.

दूसरे दिन विक्की आया, मैं उसके साथ चली गई. वो मुझे कुमार के फ्लैट पर ले गया.

मैं आज फिर ये सोच सोच कर बहुत ही ज्यादा गर्म हो रही थी कि आज उसी बेड पर विक्की मुझे चोदेगा, जिस पर कुमार इतने दिन से मुझे चोद रहा था.

हम दोनों अन्दर आ गए. विक्की कुमार से गले मिला. मैंने भी हैलो बोला. फिर हम तीनों बैठ कर बातें करने लगे.
तभी विक्की बोला- रुको यार … मैं कार में सामान भूल गया हूं … लेकर आता हूं.
इतना कह कर वो नीचे चला गया.

उसके जाते ही कुमार जल्दी से उठा और मुझे गले लगा कर मेरे मम्मों को दबाने लगा … मैंने भी उसका साथ दिया.
उसने कहा- तो मुझे अब कब मौका मिलेगा मेरी जान?
मैं बोली- अभी तो मुश्किल है, विक्की आ गया है.
कुमार- उसकी चिंता मत करो, बस तुम बताओ कब मिलोगी?
मैं बोली- बताउंगी बाद में.

तब हम सही हो गए और विक्की आ गया. उसने मुझे कुछ गिफ्ट्स दिए, पर मैंने नहीं खोले.
फिर कुमार वहां से चला गया.

विक्की ने बियर की कैन खोल कर मुझे दी. मैं बियर पीने लगी. थोड़ी देर बाद वो मुझे किस करने लगा.कुछ ही देर में हम दोनों में चुदास भड़क गई और उसने मुझे हचक कर चोदा. आज उसने मुझे एक बार आगे से चोदा और 2 बार गांड मारी.

मैंने भी उसके लंड के बहुत मज़े लिए. इतने दिन बाद विक्की से मिलने का मौक़ा जो मिला था. उसके बाद मैंने गिफ्ट्स वहीं कुमार के रूम में रख दिए और हम दोनों चले आए.

कुछ दिन ऐसे ही चलते रहे. मैं कभी कुमार के साथ चुद लेती थी, कभी विक्की के साथ … मैं दोनों से चुदवाती थी.

ये सिलसिला करीब 5-6 महीने तक चला. इस बीच मैंने आदी से काफी बार दोनों का लंड चुसवाया, पर आदी अब गांड चुदवाने के लिए तड़प रहा था.

लेकिन मैं नहीं चाहती थी कि किसी को ये बात पता चले कि मेरा भाई गांडू है. इसलिए मैं उसे बस लंड चुसवाने तक का अवसर दे रही थी. या रात में उसे लड़की जैसे रख कर लेस्बो करके उसे खुश कर देती थी.

फिर एक दिन मैं कुमार से उसके फ्लैट पर चुदवा रही थी. तब कुमार बाहर खाना लेने चला गया था और अपना मोबाइल घर पर ही भूल गया था.

मैं यूं ही उसका मोबाइल यूज करने लगी. उसमें विक्की और कुमार की चैट थी, वो पूरी चैट मैंने पढ़ डाली. तब मैं समझी कि कुमार और विक्की मिल कर मुझे फंसाए हुए हैं और उन दोनों को सब पता है कि मैं दोनों से चुदवाती हूँ.

इस बात को जानकर, पता नहीं क्यों मुझे बुरा नहीं लगा … क्योंकि मैं हमेशा सोचती थी कि जब विक्की को पता चलेगा, तो वो मेरे बारे में क्या सोचेगा.

अब मैंने सोच लिया था कि मैं इन दोनों से अब कभी नहीं मिलूंगी. इसकी एक वजह ये भी थी कि मैं अब उन दोनों से बोर हो गई थी. मुझे नया लंड चाहिए था.

कुछ देर बाद कुमार घर वापस आ गया और मैं उससे चुद कर घर आ गई.
अपने घर आकर मैंने उसको मैसेज करके सब बता दिया कि मुझे सब पता चल गया है कि तुम दोनों ने मिल कर मेरा शोषण किया है, मैं पुलिस में जाऊँगी.
मैंने ऐसी बहुत सारी बातें बोलीं.

इसके बाद विक्की को भी कॉल करके यही सब बोल दिया और कह दिया कि आज के बाद तुम दोनों मुझे दिखना भी नहीं.

उन दोनों ने एक दो दिन तक मुझे कॉल और मैसेज किए लेकिन मैंने उनसे कोई बात नहीं की … और उनसे मिलना भी छोड़ दिया.

कुछ दिन बाद उन दोनों ने भी कॉल और मैसेज करना बंद कर दिए. इस तरह से मेरा उन दोनों से ब्रेकअप कर लिया.

मैंने विक्की और कुमार से ब्रेकअप कर लिया था … तो अब मेरा कोई ब्वॉयफ्रेंड नहीं था. बस राहुल से मैं कभी कभी चुद लेती थी.

अब मैं और भी सेक्सी लगने लगी थी. मेरा साइज़ भी बड़ा हो गया था. मेरी गांड भी बाहर निकल आई थी. इस टाइम मेरा साइज 34-28-36 का हो गया था. मेरे चूचे बहुत बड़े थे.

इतने दिनों से लंड न मिलने से हुआ ये कि कुछ दिन बाद मेरी चुत में आग लगने लगी थी. अब में किसी अच्छे लंड वाले लड़के की तलाश में थी. इसलिए मैं अब कॉलेज में किसी अच्छे लड़के को ढूंढने लगी, पर उधर मेरे लायक कोई लंड मिला ही नहीं.

मुझे आशा है कि आपको मेरी इस सेक्स कहानी में मजा आया होगा. मुझे आपके मेल का इन्तजार रहेगा.
[email protected]

मैं अपनी चुदाई की आगे की कहानी जल्दी ही लेकर आऊंगी.

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