भाई के लंड से दीदी की चुत गांड चुदाई- 2

(Sexy Didi ki Gand Mari)

सुभाष बवालिया 2021-04-27 Comments

मैंने अपनी सेक्सी दीदी की गांड मारी. मैंने कैसे अपनी दीदी को नंगी देखा, उसके बाद दीदी को पटाया. फिर मैंने कैसे दीदी की चूत और गांड मार कर मजा लिया.

दोस्तो, सेक्सी दीदी की कहानी के पहले भाग
बड़ी बहन को नंगी नहाती देखा
में अब तक आपने पढ़ा था कि मैं अपनी बहन की चुदाई के लिए गर्म होने लगा था और मेरा लंड खड़ा होने लगा था. जिसे दीदी ने महसूस कर लिया था और वो मुझसे नहाने और खाने के लिए कहने लगी थीं.

अब आगे सेक्सी दीदी की गांड की कहानी:

फिर मैं नहाया और हम दोनों ने दोपहर का खाना खाया.
उसके बाद दीदी काम करने लगीं. मैं कमरे में चला गया.

दीदी भी काम खत्म करके आ गईं. दीदी कमरे में आकर सो गईं.

मैं सोते वक्त सिर्फ चड्डी पहनकर ही सोता हूँ. लेकिन आज तो मेरा बड़ा लंड चड्डी के बाहर मुँह निकाल कर देख रहा था.

हम दोनों सो रहे थे.
तभी दीदी ने करवट बदली और वो मेरी ओर मुँह करके सो गईं. उनके चुचे उनकी बड़े गले के कुर्ते से बाहर निकलते हुए दिखने लगे थे.

मैंने दीदी के आम देखे तो मन ललचा गया. मैं सोचने लगा कि जब बाहर से आधे ही इतने मस्त दिख रहे हैं तो अन्दर से पूरे कितने मस्त और बड़े आकार के होंगे.

मैं ध्यान से मम्मों को देखने लगा. दीदी की ब्रा की पट्टी साफ दिख रही थी.

थोड़ी देर के बाद मैंने दीदी को कसके पकड़ लिया. मेरे और दीदी के होंठ आमने सामने आ गए.
अभी तक हम दोनों आपस में ऐसे कई बार मजाक करते रहते थे. पर दीदी को नहीं पता था कि आज मैं किस तरह का मजाक करने वाला हूँ.

मैंने दीदी के होंठों पर किस कर दिया.

दीदी इस वजह से जाग गईं और बोली- ये क्या कर रहे हो तुम?

मैंने अपने लंड से दीदी को झटका मारा और बोला- आज यही करना है.
दीदी- तुम पागल हो गए हो, मैं तुम्हारी दीदी हूँ.
मैं- दीदी, आज मुझे यही करना है.

वो कुछ नहीं बोलीं.

तो मैंने उनको पकड़ लिया और अपनी बांहों में खींच लिया. मेरा खड़ा लंड दीदी की गांड में चुभ रहा था.

दीदी की बड़ी-बड़ी चूचियों को मैंने पकड़ लिया और दीदी कहने लगीं- छोड़ दो यार … बहन भाई आपस में ऐसा नहीं करते.

मगर मुझे बहुत मजा आ रहा था. मैंने कहा- दीदी मुझे मजा आ रहा है … आपको भी तो आग लगती है न. मैंने देखा है.
दीदी एकदम से चौंक गईं और बोलीं- तूने कब देखा है?
मैंने कहा- जब आप बाथरूम में अपने दोनों छेदों की प्यास बुझाती हैं.

अब दीदी कुछ नहीं बोलीं और न ही उन्होंने मेरे हाथों को रोकने का प्रयास किया.

मैं उनकी गर्दन पर चूमने लगा और उन्हें गर्म करने लगा.

थोड़ी देर के बाद दीदी भी मान गईं. उन्होंने बोला कि चल आज हम दोनों ये भी कर लेते हैं.

दीदी खड़ी हो गईं और उन्होंने अपनी कुर्ती को निकाल फेंका.

आह दीदी क्या मस्त लग रही थीं. गुलाबी रंग की छोटी सी तंग ब्रा में उनकी चूचियां इतनी कसी हुई और भरी हुई लग रही थीं कि लंड हाय हाय करने लगा.

मैंने दीदी को अपने सामने इस अवस्था में पहली बार देखा था, तो उनकी चूचियों को देखकर मैं पागल होने लगा.

दीदी को मैंने अपनी बांहों में भर लिया और दीदी ने भी मुझे अपने अंक में समेट लिया.
हम दोनों यूं ही पांच मिनट तक खड़े-खड़े किस करते रहे.

दीदी ने मुझसे बोला कि आगे भी कुछ करोगे … या यूं ही समय गुजार दोगे?
मैंने कहा- दीदी मुझे तो कुछ समझ ही नहीं आ रहा है कि अब क्या करना है. मुझे तो आप इतनी खूबसूरत लग रही हो कि बस क्या बताऊं.

दीदी- ओके अब तुम मेरे पीछे आ जाओ और मेरी ब्रा का हुक खोलो.

मैं उनके पीछे गया और दीदी की पीठ पर किस करके उनकी ब्रा का हुक खोल दिया.
ब्रा ढीली हुई तो दीदी के चुचे खुली हवा में सांस लेने लगे.

मैंने दीदी को अपनी तरफ घुमा कर उनके मम्मों को देखा तो क्या उठान था … दीदी के मम्मे एकदम तने हुए मुझे ललचा रहे थे.

मैं दीदी की बड़ी-बड़ी भरी हुई चूचियां देख कर पागल हो गया और मैंने एक चूची के निप्पल को अपने मुँह में दबा कर निप्पल को खींच लिया.

दीदी की मदभरी आह निकल गई- आह आराम से चूस बेटू … लगती है … आराम से कर … आज ये दोनों आम तुम्हारे लिए ही हैं.

अब दीदी मेरे मुँह से निप्पल खींच कर बिस्तर पर लेट गईं तो मैं भी उनके बाजू में कोहनी टिका कर बैठ गया और दीदी के मम्मों से खेलने लगा.

दीदी भी मस्ती से मुझे अपनी औलाद के जैसे दूध पिलाने लगीं और मेरे सर पर हाथ फेरने लगीं.
फिर दीदी बोलीं- चल अब बहुत हो गया … अब आगे का काम देख.

मैं समझ गया और मैंने अपना लंड बाहर निकालकर दीदी के सामने लहराने लगा.

मेरा मोटा लंड देख कर दीदी की आंखें चमक उठीं और उन्होंने खुद को चित पोजीशन में करते हुए मुझे ऊपर चढ़ने का इशारा कर दिया.

मैं दीदी की टांगों के बीच में आकर उनके ऊपर बैठ गया. मैं दीदी के दोनों चुचों के बीच लंड फंसा दिया और दीदी ने अपनी दोनों चुचियों को दबाते हुए लंड को कस लिया.

मैंने अपना लंड दीदी के चुचों के बीच रगड़ते हुए दीदी को बूब फक का मजा देने लगा.

दीदी- आह मेरे दो चुचों के बीच तेरा लंड कितना गर्म लग रहा है.
मैंने कहा- हां दीदी, मुझे भी मजा आ रहा है.
दीदी बोलीं- और मजा लेना है.

मैंने समझा दीदी कि चुत में लंड के लिए कह रही हैं.

मैंने कहा- वो मजा भी लूंगा पहले आपकी चूचियों से लंड को चिकना कर लूं.
दीदी- आह लव यू मेरी जान … मगर चूचियों से गीला कैसे करेगा.

मैंने दीदी के एक चुचे पर थप्पड़ मारा और कहा- मार से अच्छे अच्छे पानी छोड़ देते हैं दीदी, ये तो साले मम्मे ही हैं.
दीदी हंस पड़ीं और बोलीं- ये ऐसे गीला नहीं होगा. मैं बताती हूँ कि लंड को कैसे रसीला किया जाता है.

उन्होंने लंड को मम्मों के बीचे तेजी से आगे पीछे करने का कहा, तो मैं करने लगा.
इस समय मेरा लंड दीदी के मुँह तक जा रहा था.

दीदी ने अपनी जीभ निकाली और लंड के आगे आते ही उसके सुपारे पर अपनी जीभ फेर दी.

आह … मुझे मानो करंट सा लगा. मैं समझ ही नहीं सका कि दीदी ने ऐसा क्या कर दिया था.
अब इस खेल का गणित मुझे अच्छे से समझ आ गया था मैंने अपने लंड को दीदी के मुँह में देते हुए बाहर खींचने लगा.

कुछ देर बाद सीधे सीधे मैंने दीदी के मुँह में लंड दे दिया और वो मेरे लंड की गोटियों को सहलाते हुए लंड चूसने लगीं.

मैं दीदी के गले तक लंड पेलने लगा.

तभी दीदी की कराह निकल गई- उउउउ उउउफ्फ ईई इ!
मैं- क्या हुआ दीदी!

दीदी- कुछ नहीं … ज्यादा अन्दर मत कर.
मैंने ओके कहा.

कुछ देर बाद दीदी ने मेरे लंड को हटा दिया और बोलीं- अब तेरी बारी है.
मैं समझ गया और मैंने दीदी को खड़ा कर दिया.

मैंने दीदी की तरफ देखा तो वो पजामी को उतारने का इशारा करने लगीं. मैंने अपने लंड में उनकी सलवार का नाड़ा बांधकर खींचा तो दीदी नीचे से नंगी हो गईं. उन्होंने नीचे पैंटी नहीं पहनी थी. दीदी ने अपनी चुत हाथों से छुपा ली.

मैंने उनके दोनों हाथों को हटा दिया. उनकी चुत पर छोटे छोटे बाल थे. मैंने खड़े खड़े ही चुत को रगड़ने लगा,

दीदी- उउउफ्फ क्या कर रहा है साले आग लग रही है.

मैंने अपने होंठ उनकी तरफ कर दिए, तो दीदी मुझे होंठों पर किस करने लगीं.

कुछ देर बाद दीदी बोलीं- अब नीचे आ जा … और मुझे जन्नत की सैर करा दे.

मैंने दीदी को 69 की पोजीशन में लेटा दिया और दीदी को अपने नीचे कर लिया. मैं उनके ऊपर चुत की तरफ मुँह करके लेट गया.

दीदी ने एक बार फिर से मेरा लंड मुँह में भर लिया और मैंने दीदी की चुत पर जीभ फिरा दी.
हम दोनों एक दूसरे के लंड चुत की चुसाई के मजे लेने लगे.

कुछ देर बाद दीदी ने मुझे चुदाई करने के लिए कहा.
मैंने सीधा होकर उनके दोनों पैर फैला दिए और उनकी चुत पर अपना लंड सैट करके अपनी बहन चोदने को रेडी हो गया.

दीदी ने गांड उठा कर शुरू करने का इशारा दिया.
और मैंने उसी समय एक झटका दे दिया. मेरा आधा लंड चुत में घुस गया.

दीदी चिल्ला पड़ीं- आआह मर गई … मम्मी रे … आह मेरी फाड़ दी साले इतना बड़ा लंड एकदम से पेल दिया हरामी उउउफ्फ मर गई.

मैंने दीदी की चिल्लपौं को नजरअंदाज किया और दूसरा झटका दे मारा.
इस बार मेरा पूरा लंड चुत की जड़ तक घुस गया.

दीदी चीखीं- ओओह आआ मर गई आह साले धीरे चोद मां के लवड़े … क्या आज ही बच्चा पैदा करके मानेगा आह फाड़ दी साले.

अपनी दीदी के मुँह से गाली सुनकर मुझे और भी अधिक जोश आ रहा था.

फिर मैं धीरे धीरे दीदी की चुत में लंड ठोकने लगा.

थोड़ी देर के बाद दीदी को भी मजा आने लगा- आउउफ्फ आआह बहुत मजा आ रहा है.

धकापेल चुदाई शुरू हो गई थी. दीदी की बड़ी बड़ी चुचियां भी हिल रही थीं.

कुछ देर बाद मैं दीदी के ऊपर लेट गया और दीदी ने मुझे बांहों में पकड़ लिया.

हम दोनों ने होंठों पर किस की.

मैंने दीदी को घोड़ी बनने के लिए कहा तो दीदी घोड़ी पोजीशन में हो गईं.

मैंने पीछे से दीदी की गांड में लंड डाला और उनके बाल पकड़कर चोदने लगा.

दीदी की चुचियां बड़ी होने की वजह से बहुत उछल रही थीं- आई उफ्फ साले गांड में पेल दिया … बहुत दर्द रहा है.
मैं- दीदी आपकी चुचियां बहुत उछल रही हैं. आपको दर्द हो रहा हो तो लंड बाहर निकाल लूं?
दीदी- नहीं … मुझे गांड में प्लग लेने की आदत है. तू कर … कुछ देर में दर्द चला जाएगा. तू पेलता रह … और चूचियां उछलेगी नहीं तो और बड़ी कैसी होंगी … तो उन्हें उछलने दे.

दस मिनट तक दीदी की गांड मारने के बाद दीदी बोलीं- तेरा हुआ नहीं? अब तक मेरा दो बार हो गया है.
मैंने कहा- मेरा अभी और चलेगा.
दीदी बोलीं- चल अब तू मुँह में आ जा.

फिर मैंने दीदी के मुँह में लंड दे दिया.

दीदी ने पांच मिनट में मेरे लंड का रस निचोड़ कर पी लिया और लंड चाटते हुए बोलीं- आह मजा आ गया. अब तू रोज मेरे मुँह में लंड देना.

कुछ देर बाद हम दोनों अलग हो गए और दीदी ने मुझसे एक सिगरेट जलाने के लिए कहा.

हम दोनों नंगे लेट कर सिगरेट का मजा लेने लगे.
इस तरह से मैंने सेक्सी दीदी की गांड मारी.

ऐसे ही मैंने दीदी से कहा- दीदी, आज रात को तो पार्टी हो जाए.
दीदी बोलीं- मतलब बियर के साथ!

मैंने कहा- नहीं आज तो व्हिस्की का मजा लेने का मन है.
दीदी बोलीं- तू तो पीता नहीं था.
मैंने कहा- मैंने आपसे झूठ बोला था.

दीदी हंस दीं और उन्होंने हां कह दी.
उस समय हम दोनों सो गए.

शाम को दीदी ने मुझे पैसे दिए तो मैं बोतल ले आया. उस रात हम दोनों ने नंगे होकर दारू पी और उस रात को दीदी की चुत में, गांड में,चुचियों में मुँह में … पर सब जगह लंड पेला और ऐसे ही एक हफ्ते तक मैंने दीदी को जमकर चोदा.

अब दीदी और मैं रोज रात में चुदाई करते हैं.

मेरी सेक्सी दीदी की गांड मारी कहानी आपको कैसी लगी. मुझे मेल करके जरूर बताना.
[email protected]

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