बहन के साथ प्रेमलीला-9

Bahan Ke Sath Prem-leela-9
मैंने देखा भाई के लण्ड पर अभी भी कुछ बूंदें माल की उनके लण्ड पर रह गई थी। इसलिए मैंने अपनी जीभ निकली और भाई का लण्ड चाट चाट कर साफ़ कर दिया क्योंकि मैं अपने भाई का माल बर्बाद नहीं होने दे सकती थी।

मैं साजन- उसके बाद मैंने अपना लोअर ठीक किया और प्रिया से बोला– अब ऊपर चलते है क्योंकि हमें बहुत देर हो गई है।

प्रिया- हाँ भाई, ऊपर चलते हैं बहुत देर हो गई हैं। पर एक बात तो बताओ आप मेरी मसाज कब करोगे?

प्रिया ने कहा- वैसे भाई खाने का भी टाइम हो गया है आप कहो तो पहले खाना लगा दूँ?

मैंने कहा- अभी नहीं, भूख भी नहीं लग रही और फिर पहले यह काम ख़त्म कर लेते हैं, कहीं कोई आ गया तो यह भी अधूरा रह जाएगा।

प्रिया ने कहा- सही कह रहे हो भाई आप !

फिर मैंने प्रिया को तेल लाने को कहा तो प्रिया सरसों के तेल की शीशी ले आई।

मैंने प्रिया को कहा- अब तुम अपने कपड़े उतार कर इस चादर पर लेट जाओ।

मेरी बात सुन कर प्रिया अपने कपड़े उतारने लगी पर उससे कपड़े उतर नहीं रहे थे, अब उसको मेरे सामने शर्म आ रही थी उसे अपने कपड़े उतारते हुए।

मैं प्रिया की उलझन को समझ रहा था, और वैसे भी जब लड़की गर्म होती है और सेक्स के अधीन होती है तो उसकी शर्म गायब हो जाती है पर अब प्रिया को फिर से गर्म करना पड़ेगा तभी यह खुल कर मज़े दे पाएगी, इसलिए मैंने उससे कहा- एक काम करो, तुम मेरे मोबाईल में कोई मूवी देखो, तब तक मैं अपने कपड़े चेंज कर लेता हूँ, नहीं तो ये भी तेल में हो जायेंगे।

मैंने अपने फ़ोन में फिर वही फ़ोल्डर ओपन कर के प्रिया को दे दिया फिर मैं उसके सामने ही अपने कपड़े चेंज करने लगा।

मैंने पहले अपनी टी शर्ट उतारी, फिर मैंने अपना बनियान ऊपर दिया, फिर उसके बाद मैंने अपने लोअर भी उतार भी उतार दिया।

मैं प्रिया के सामने बिल्कुल नंगा खड़ा था और प्रिया मुझे एकटक देखे जा रही थी।

मैंने प्रिया से कहा- ऐसे क्या देख रही हो? वो जो तौलिया रखा है वो दे दो।

प्रिया मेरे खड़े होते हुए लण्ड को अपनी प्यासी निगाहों से देखते हुए अपने होठों पर अपनी जीभ फिरा रही थी।

जब प्रिया ने मुझे तौलिया नहीं दिया तो मैं नंगा ही उसके सामने पहुँच गया जैसे ही में उसके करीब पहुँचा तो प्रिया ने मेरा लण्ड अपने हाथ में पकड़ लिया।

मैंने अपने लण्ड को उसके हाथों से छुड़ाते हुए कहा- इसको बाद में पकड़ लेना, पहले मुझे वो तौलिया दो।

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तो प्रिया बोली- भाई, आप ऐसे ही अच्छे लग रहे हो, और फिर तौलिया तो आपको उतरना ही पड़ेगा। तो उसे रहने ही दो।

मुझे उसकी बात ठीक लगी।

मैंने प्रिया को देखा, उसकी शर्ट के बटन सारे खुले हुए थे, उसके दोनों बूब्स सही से दिखाई दे रहे थे।

प्रिया के जिस्म पर अभी उसकी शर्ट मौजूद थी और उसका एक पैर दूसरे पैर पर रखा था जिससे उसकी योनि का क्या हाल है यह मुझे नजर नहीं आ रहा था।

प्रिया की गोदी में मेरा फ़ोन रखा हुआ था, मैंने देखा, फ़ोन में उस वक़्त चुदाई का सीन चल रहा था और प्रिया भी अब तक गर्म हो चुकी थी, वो मेरे लण्ड को ऊपर के नीचे अपने हाथ से कर रही थी।

मैंने प्रिया के कंधे पर अपना एक हाथ रखा तो उसका शरीर कांपने लगा।

अब मैं भी ज्यादा देर न करते हुए प्रिया की शर्ट उतारने लगा जिसमें प्रिया ने मेरी मदद की।

जब मैं प्रिया की शर्ट उतार रहा था तो उसने मोबाईल फ़ोन बंद करके एक तरफ रख दिया और फिर उसने अपनी आँखें बंद कर ली थी।
अब प्रिया ऊपर से पूर्ण रूप से नग्न हो चुकी थी, प्रिया के बूब्स मुझे साफ साफ दिखाई दे रहे थे।

उसके बूब्स तो पहले से ही सख्त थे पर वो अब और भी सख्त दिखाई दे रहे थे, उसके बूब्स की गुलाबी निप्पल तन चुकी थी।

मैंने अपने दोनों हाथ प्रिया के दोनों बूब्स पर रखते ही प्रिया के मुंह से स्स्स्सीईईईइ की आवाज आई।

उसके बाद मैं उसके बूब्स को सहलाने लगा और उनको हल्का हल्का दबाने भी लगा।

कमरे में प्रिया की आवाज ‘ऊउअन्न्हाह्ह्ह’ और भी ज्यादा होने लगी थी।

प्रिया की चूची पर मेरा हाथ लगते ही मेरा लण्ड भी सलामी देने लगा था और काफी हद तक तन गया था जो प्रिया अभी भी प्रिया के हाथों में था।

कुछ देर ऐसे ही प्रिया के बूब्स दबाता रहा, फिर मैंने प्रिया को उस चादर पर चलने के लिए कहा जो कुछ देर पहले ही प्रिया ने बिछाई थी।

अब प्रिया मेरी हर बात को सहजता से मान रही थी उसने अपनी आँखें खोली और उठ कर उस चादर पर जाकर खड़ी हो गई और मेरी तरफ़ देखने लगी जैसे मुझसे पूछ रही हो की उसको कैसे लेटना है।

मैं प्रिया की मौन भाषा को समझ गया और उसको बोला- रुको, पहले तुम्हारे बचे हुए कपड़े निकाल देता हूँ।

प्रिया मेरी बात सुनकर हल्की सी मुस्कुराई और फिर उसने अपनी आँखें बंद कर ली।

दोस्तो, मैंने उसकी एक बात नोटिस की वो यह कि अब प्रिया मुझसे बात नहीं कर पा रही थी जैसा वो पहले कर रही थी, बस अपनी आँखों के इशारे से ही मुझे बता देती थी।

मैं भी प्रिया के पास पहुँच गया, उसके चेहरे को देखा तो उसकी आँखें बंद थी।

मैंने अपने दोनों हाथ उसकी कमर पर रखे तो उसकी सांसें थोड़ी ओर जोर से चलने लगी।

फिर मैंने प्रिया के स्कर्ट के हुक को खोल दिया और आहिस्ता आहिस्ता उसकी स्कर्ट को नीचे की ओर सरकने लगा।

जैसे जैसे मैं उसकी स्कर्ट को नीचे कर रहा था वैसे वैसे प्रिया की चूत बेपर्दा हो रही थी।

मुझे यह देखकर हैरानी हुई कि अभी कुछ देर पहले तो उसने पेंटी पहनी हुई थी पर अब उसके जिस्म पर पेंटी नहीं थी।

मैंने प्रिया से पूछा- तुमने पेंटी कब उतार दी?

तो प्रिया शर्माते हुए बोली- भाई, जब नीचे मैं मूवी देख रही थी वो मैंने तभी उतार दी थी।

इतना कह कर वो फिर चुप हो गई और मैं उसकी नंगी चूत देख रहा था।

बड़ा ही मस्त नजारा था उस वक़्त, जब उसकी स्कर्ट पूरी नीचे हो गई तो मैंने प्रिया को कहा- अपना पैर उठाओ, स्कर्ट निकालनी है।

जैसे प्रिया ने मेरी आवाज सुनी तो वो जैसे होश में आई हो, उसने मेरी तरफ देखा और फिर अपनी तरफ देखा और जैसे ही उसने अपने आपको देखा तो उसको अहसास हुआ कि वो पूरी नंगी मेरे सामने खड़ी है।

तुरन्त ही उसने अपने एक हाथ से अपने वक्ष को ढक लिया और दूसरे हाथ से अपनी योनि को छुपा लिया जबकि एक एक हाथ से बूब्स और योनि को छुपा पाने में असमर्थ हो रही थी।

उसकी आँखें मुझे ही देख रही थी और मैं तो प्रिया के यौवन को निहार रहा था।

मैंने अब बिना कुछ कहे उसके पैर को अपने एक हाथ से पकड़ा और उसको थोड़ा सा ऊपर उठाने लगा।

अब की बार प्रिया ने अपना पैर थोड़ा सा ऊपर किया तो मैंने उसकी स्कर्ट एक पैर से निकाल दी, फिर वैसा ही मैंने उसके दूसरे पैर को ऊपर किया और पूरी स्कर्ट उसके जिस्म से अलग करके एक तरफ रख दी।

अब वो सम्पूर्ण रूप से मेरे सामने नंगी खड़ी थी अपने यौवन के खजाने को छुपाये हुए।

मेरा लण्ड उतेजना के मारे ऊपर नीचे हो रहा था जोकि उसे साफ़ साफ़ दिखाई दे रहा था क्योंकि मैं तो पहले से ही नंगा हो चुका था।
कहानी जारी रहेगी।

 

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