संदीप साहू

गीत की जवानी-6

मेरे तीनों छेदों की तीन लंड से भरपूर चुदाई हो रही थी. तीनों मर्द बेरहम होकर मेरे नाजुक बदन को भोग रहे थे. उनकी घमासान चुदाई ने मुझे कामरस त्यागने पर विवश कर दिया.

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गीत की जवानी-5

मेरी नोनवेज सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि मैं अपने सहेली के यार से बोली- हरामी … बातें ही करेगा या चोदेगा भी … कब से लंड के लिए तड़फ रही हूँ … अब और ना तड़पा मादरचोद!

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गीत की जवानी-4

इस पोर्न सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि मुझे लंड नहीं मिल रहा था तो मैं चुदाई के लिए तरस गयी थी. मेरी सहेली के जन्मदिन पर वो मुझे अपने साथ उसके बॉयफ्रेंड के फार्महाउस ले गयी.

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गीत की जवानी-3

इस गर्म सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि मेरी गांड में पूरा लंड क्या घुसा, मेरी आंखों के आगे अंधेरा छा गया … मुझे मृत्यु निकट नजर आने लगी. बेहोशी की हालत हो गई.

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गीत की जवानी-2

मैं अपनी सहेली को साथ लेकर अपने बॉयफ्रेंड के घर गयी. उसे देखते ही मेरा मन खिल उठा, दिल की धड़कनें तेज हो गईं. उसके बाद वहां क्या क्या हुआ? पढ़ कर आनन्द लें.

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गीत की जवानी-1

हम तीनों सहेलियां लेस्बियन सेक्स के मजे और डिल्डो से चरमानंद की प्राप्ति कर चुकी थी. मेरा मन अब किसी लड़के के संग कामुक पलों उसके लंड के लिए मचलने लगा था.

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गीत मेरे होंठों पर-9

डिल्डो मेरी चूत में आधा घुस गया. दर्द के मारे मेरी भयानक चीख निकल पड़ी, आंखों के आगे अंधेरा छा गया. अभी-अभी जवान हुई मेरी फूल सी चूत में मानो चाकू से चीरा लगा दिया.

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गीत मेरे होंठों पर-7

मैं हॉस्टल में रहती थी, मेरा एक बॉयफ्रेंड था. मैंने उसके साथ जिंदगी के सारे मजे किए लेकिन वो छोड़ गया. एक सहेली ने डिल्डो लाकर दिया और खुद से प्यार करना सिखाया.

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गीत मेरे होंठों पर-6

मेरा हाथ मेरे मम्मे, चूत सहला कर मुझे उत्तेजित कर रहा था. मैं बड़ी शिद्दत से केले को मुँह में चूसने लगी. मैंने उसे इतना चूसा कि सच का लंड होता तो पानी छोड़ चुका होता.

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गीत मेरे होंठों पर-5

हमने उसके लंड की जड़ पर घुंघराले बाल देखे, उसके नीचे एक थैली में भरे दो नींबू जैसी गोलियां लटक रही थीं, जिन्हें आंड कहते हैं. ये सब हम पोर्न देख कर सीख चुकी थी.

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गीत मेरे होंठों पर-4

हमारी चूत भी कुलबुलाने लगी थी. हम लोगों ने आज तक इतने करीब से किसी मर्द का लंड नहीं देखा था. पेंट की जिप नीचे खिसकने लगी और हमारी धड़कनें तेज होने लगीं.

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गीत मेरे होंठों पर-3

मासिकधर्म मां बनने के लिए जरूरी है. यह जवानी की दहलीज पर पहला कदम है. मासिक शुरू होने के बाद लड़कियों में निखार आता है, शरीर स्त्रीत्व को स्वीकार करने लगता है.

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गीत मेरे होंठों पर-2

आराम से तो पति भी चोदता है. थोड़ा रगड़ के गहरी चुदाई हो, थ्रीसम, ग्रुप हो तो मजा आये। मैं चाहती हूँ कि मैं बड़े-बड़े लंड से घंटों चुदूं जब तक मैं थक कर गिर ना जाऊं।

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मामा से चुदाई की भानजी की व्यथा कथा-2

मामा भानजी की चुदाई की इस हिंदी एडल्ट स्टोरी में पढ़ें : मामा जी ने नीचे मेरी चूत पर अपने चूतड़ उछाल कर लंड से एक जोर का धक्का लगाया तो उनका आधा लंड मेरी बेचारी मासूम सी चूत की फांकों को अलग करता हुआ खून खराबे के साथ अन्दर जा चुका था.

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मामा से चुदाई की भानजी की व्यथा कथा-1

मेरे पड़ोस की एक लड़की मेरी क्लास में पढ़ती थी, हमारी आपस में दोस्ती थी. एक बार उसने मुझे बताया कि उसका मासिक धर्म रुक गया है. सुन कर मैं डगमगा गया और लगभग गिरने जैसी हालत हो गई।

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सम्भोग से आत्मदर्शन-25

तभी छोटी ने अचानक मेरा गाल चूम लिया और खुश होकर दूसरी तरफ देखने लगी, मुझे उसका इशारा समझ आ गया था, और यहाँ साथ आने का कारण भी समझ आ गया, और मेरे लंड देव ने भी सलामी दे दी।

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सम्भोग से आत्मदर्शन-24

बाबा के डेरे में साधवी बनाने के लिए क्या क्या कारनामे किये जाते थे, इस ग्रुप सेक्स स्टोरी में पढ़ें. एक लड़की को कई कई मर्दों से सेक्स करना होता था. भुक्त भोगी लड़की के मुख से सुनें!

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