कनाडा से आई देसी चूत का मजा- 3

(Canada Se Aayi Desi Chut Ka Maja- Part 3)

रवि स्मार्ट 2020-09-13 Comments

This story is part of a series:

हम चारों दोस्तों ने एक दूसरे को खूब चूसा, जवानी का रस पीया. उसके बाद हमने दोनों लड़कियों की चूत और गांड डिल्डो और लंड से कैसे चोदी?

दोस्तो, मैं रवि स्मार्ट एक बार फिर से आपके सामने हाजिर हूं अपनी कहानी का तीसरा भाग लेकर. इस गर्म सेक्स कहानी के दूसरे भाग
दो लड़कियों के साथ ओरल सेक्स किया
में आपने पढ़ा था कि कैसे संजय और मैंने गीत और नेहा की चूत को चूस चूस कर उनको पागल कर दिया और वो दोनों बुरी तरह से झड़ गयीं.

उसके बाद हम चारों लेट कर आराम करने लगे लेकिन किसी को भी नींद नहीं आ रही थी और मैंने नेहा के होंठों को फिर से चूसना शुरू कर दिया.

अब आगे की कहानी:

हम चारों बेड पर लेटे हुए थे. संजय ने गीत को अपनी बांहों में लपेटा हुआ था और मैंने नेहा को अपने आगोश में लिया हुआ था. यहाँ एक बात बता दूँ कि हम सभी नंगे ही थे. हमने कोई भी कपड़ा अभी तक अपने जिस्म पर नहीं पहना था.

मैंने अपनी एक टांग को नेहा की टांग से लिपटा रखा था और मेरे सामने संजय भी गीत को लिपट कर उसके मम्मों को अपने होंठों में लेकर लेटा हुआ था.

मैंने नेहा को किस करते हुए कहा- दिल करता है कि आज तेरी जवानी को चोद दूँ.
नेहा भी बोली- रोका किसने है तुम्हें?
पीछे हमारी बातों को गीत और संजय दोनों सुन रहे थे तो गीत पीछे से बोली- साली आराम कर ले थोड़ा, नहीं तो फिर बाद में बोलेगी कि गांड फाड़ दी इन्होंने।

गीत की गांड से गांड भिड़ाते हुए नेहा बोली- यदि आराम करने को दिल न करे फिर?
गीत बोली- तो चुद ले फिर साली, मेरा क्या जाता है!

संजय ने इतने में ही चाय ऑर्डर कर दी और हम सभी को कुछ देर सुस्ताने को बोल दिया. हम सभी ने कुछ देर रेस्ट किया और जब चाय आई तो किसी को ये ध्यान ही नहीं था कि कपड़े पहन लें.

तभी वेटर ने डोर बेल बजा दी और सभी इधर उधर अपने कपड़े देखने लगे. मैंने कम्बल को खींचा और गीत और नेहा को कम्बल में ले लिया और अपना मुंह बाहर निकाल कर संजय को कपड़े पहन कर चाय पकड़ने को बोला.

संजय ने मुंह बनाते हुए अपने ऊपर के कपड़े पहने और धीरे से थोड़ा सा दरवाजा खोल कर वेटर से चाय की कैटल पकड़ ली और उसे वापस जाने को बोल दिया. संजय दरवाजा लॉक करके हमारे पास आ गया. नेहा ने सभी को चाय सर्व की और हम सभी चाय पीने लगे और बातें करने लगे.

फिर संजय ने दोबारा अपने कपड़े उतार दिए.
गीत बोली- अब बताओ, अब कैसे करना है?
मैंने संजय और नेहा की तरफ़ सवालिया देखते हुए कहा- इन दोनों से पूछ लो.

नेहा बोली- ये काम ब्वॉयज़ का है, आप ही बनाओ प्लान!
संजय बोला- हम प्लान बना दें और आपको मज़ा न आये फिर क्या करोगी? ये काम हम सभी का है, मिल जुल कर बना लो.
गीत बोली- 1 ब्वॉय, 2 गर्ल चलेगा क्या?

मैंने कहा- क्यों नहीं, जरूर चलेगा. तुम लड़कियां ये डिसाइड करो कि पहले कौन चुदवायेगी?
नेहा तुरंत बोली- गीत.
उसके साथ ही गीत भी ने बोल दिया था- नेहा.

संजय बोला- क्यों तुम एक दूसरी का नाम ले रही हो? तुम्हें खुद चुदने से डर लगता है क्या?
गीत बोली- डर नहीं, हमारा प्यार ही इतना है कि हम अपनी दोस्त को मज़ा पहले दिलवाना चाहती हैं.

मैंने और संजय ने आपस में बात की और हमने पहले नेहा को हम दोनों के बीच में आने को बोला. गीत ने पास खड़ी नेहा को धक्का देकर हमारे बीच गिरा दिया और साथ ही गीत बोली- मज़ा पूरा आना चाहिए इसे, नहीं तो मैं नहीं चुदवाने वाली सालों हा हा हा।

गीत की इस बात का जवाब संजय ने दिया- पहले कौन सा हमने कम मज़ा दिया है?
हम दोनों के बीच बेड पर सेट होती हुई नेहा बोली- ये तो है, आप के साथ एन्जॉय करके मज़ा बहुत आता है. तभी तो हम यहाँ हैं.

नेहा के होंठों को संजय ने अपने होंठों में ले लिया और मैंने नेहा के मम्मे को पकड़ लिया और सहलाने लगा. मैंने अपना मुंह ऊपर उठाया और गीत ने झुक कर मेरे होंठों को अपने होंठों में ले लिया.

अब मैं गीत के होंठ चूस रहा था और नेहा के मम्में दबा रहा था. नेहा के होंठों को संजय ने अपने होंठों में ले रखा था. नीचे नेहा की चूत पर मैंने अपना हाथ रख हुआ था और उसकी चूत को सहलाने लगा था. इतने में गीत ने मेरी जीभ पर अपनी जीभ रख दी और मैं गीत की जीभ चूसने लगा.

हम सब अब दोबारा गर्म हो चुके थे. संजय ने भी अपना एक हाथ नेहा के एक मम्मे पर रख दिया और नेहा के होंठों और जीभ को चूसने लगा. तभी मैंने गीत के होंठों को छोड़ा और अपनी जीभ नेहा की अंगारा बन चुकी दहकती चूत पर रख दी.

उधर ऊपर से गीत ने नेहा का दूसरा मम्मा पकड़ा और पकड़ कर दबाती हुए वो बोली- साली ने कितने बड़े बड़े कर रखे हैं, आधे मुझे दे दे कुतिया.

मैंने अपना खाली हाथ गीत की चूत पर रख दिया और दो उँगलियाँ गीत की चूत के अंदर डाल दीं और मेरे हाथ के ऊपर गीत ने अपना हाथ रख कर मेरी उँगलियों को अपनी चूत के और अंदर कर दिया.

अब पोजीशन ये थी कि नेहा बेड पर लेटी हुई थी और संजय उसका सिर गोद में रख कर नेहा के होंठ और जीभ चूस रहा था और वो एक हाथ से नेहा के मम्मों को भी मसले और सहलाए जा रहा था. मैं अपने होंठों से नेहा की चूत को चूस रहा था.

नेहा की दोनों टांगों के बीच सामने गीत दीवार का सहारा लेकर खड़ी थी और मैंने अपने एक हाथ की दो उंगलियाँ उसकी चूत में डाल रखी थीं और मैं गीत की चूत को उँगलियों से चोदे और सहलाये जा रहा था.

इधर नीचे मैं नेहा की चूत के अंदर कभी जीभ डाल देता और कभी उसके लाल रंग के भाग के ऊपर अपनी जीभ से लार टपका टपका कर उसकी चूत का दाना चूस लेता.

कभी कभी उसकी चूत की दोनों फांकों को अपने दूसरे हाथ से अलग अलग करके उनकी साइड पर जीभ से चूस लेता तो कभी कभी मैं नेहा की चूत और गांड के बीच के भाग पर जीभ से चाट लेता.

मेरे ऐसा करने से नेहा सिसकारने लग गयी. नेहा से बोला तो नहीं जा रहा था मगर उसके मचलने और सिकुड़ने से अंदाजा हो गया था कि नेहा को बहुत मज़ा आ रहा है. ऊपर खड़ी खड़ी गीत भी मेरी उँगलियों की चुदाई वजह से सिसकारने लगी थी- ऊईई … आह्ह … आईई … याहह … स्स्स … आह्ह।

अब मैंने गीत को उसके बैग से डिल्डो निकालने को बोला. हमारे पास तीन तरह के वाइब्रेटर और डिल्डो थे जो हम आते वक्त साथ लेकर आये थे. गीत जल्दी से घूमी और बेड से उतर कर बैग से सामान निकालने लगी.

इधर मैंने अपने दोनों हाथों से नेहा के चूतड़ों को ऊपर किया और उसकी चूत और आस पास के एरिया को अच्छे से चूसने लगा. गीत ने तीनों वाइब्रेटर और डिल्डो निकाल कर बेड पर रख दिए. ऊपर से संजय ने भी नेहा के होंठों को छोड़ कर उसके मम्मों और चूचियों को चूसना शुरू कर दिया.

मैंने सिर उठा कर पैंटी जैसे पहनने वाला डिल्डो उठाया और गीत को पहनने को बोला. इस डिल्डो में डबल साइड लंड था जिसे लेस्बियन सेक्स के टाइम पर लड़कियां इस्तेमाल किया करती हैं. गीत ने उस डिल्डो के एक साइड के लंड को अपनी चूत में लिया और उसकी बैल्ट को पैंटी जैसे अपने चूतड़ों पर पहन लिया.

पहनने के बाद देखने में ऐसा लग रहा था जैसे गीत की चूत पर एक लंड उग आया हो. अब नेहा नीचे से उठी और उसकी जगह मैंने संजय को लेटने को बोला. गीत ने संजय के लंड पर क्रीम लगा दी ताकि वो चिकना हो जाये.

अब संजय जैसे ही लेटा तो मैंने नेहा को संजय की टांगों की तरफ़ मुंह करके संजय के लंड के ऊपर अपनी गांड रख कर बैठने को बोल दिया और नेहा ने भी बिलकुल वैसे ही किया.

गीत नीचे से संजय का लंड पकड़ कर नेहा को लंड पर बैठने में मदद कर रही थी. साथ ही गीत भी अपनी टांगों को सिकोड़ रही थी क्योंकि उसकी चूत में पहले से ही डिल्डो घुसा हुआ था. डिल्डो घुसा होने की वजह से जब गीत हिलती तो वो चूत के अंदर हिल डुल कर हलचल कर रहा था जिससे गीत को मजा भी आ रहा था.

नेहा की गांड में गीत ने अपने हाथ से संजय का लंड टच करवाया और मैंने ऊपर से नेहा के दोनों कंधे पकड़ कर उसे धीरे धीरे नीचे कर दिया. अब नेहा की गांड में संजय का लंड घुस रहा था और नेहा संजय के लौड़े के ऊपर बैठती ही जा रही थी.

नेहा की गांड में संजय का पूरा लंड घुस चुका था और नेहा आँखें कभी बंद करती और कभी खोल ले रही थी. ऐसा लग रहा था जैसे उसे थोड़ा थोड़ा दर्द हो रहा हो.

अब पोजीशन ये थी कि संजय नीचे लेटा हुआ था और उसकी टांगों की तरफ़ मुंह करके नेहा अपनी गांड में संजय का लौड़ा डलवा कर बैठी हुई थी. नेहा की चूत सामने से हमें दिख रही थी. अब मैंने गीत को डिल्डो की दूसरी साइड से नेहा की चूत चोदने को बोला.

गीत मुझे फॉलो करती जा रही थी और जैसे मैंने गीत को बताया वैसे ही गीत ने नेहा की दोनों टांगों को अपने कन्धों पर रख लिया. तभी नेहा की गांड में संजय ने एक झटका लगाया जिससे नेहा की चीख निकल गयी और वो बोली- उफ्फ्फ … आह्ह्ह … मर जाऊँगी मैं सालों, गीत साली रहने दे तू!

मैंने संजय को झटका लगाने से मना किया और नेहा को बोला- साली पहले भी तो तूने बहुत बार गांड और चूत एक साथ चुदवाई है, आज क्या हो गया?

नेहा बोली- आ जाओ, लंड डाल दो, मना नहीं करुँगी … अह्ह्ह … उफ्फ्फ … ये डिल्डो की बात और है.. अह्ह्ह.. डिल्डो और लंड में फर्क होता है लेने में।

तब तक गीत ने नेहा के दोनों कन्धों को पकड़ कर नेहा की चूत में डिल्डो डाल दिया था और गीत अब अपना डिल्डो नेहा की चूत के अंदर ही अंदर करती जा रही थी. जिससे नेहा और गीत दोनों को मज़ा आने लगा था.

गीत और नेहा दोनों सिसकार रही थीं और गीत बोली- उई अह्ह्ह … ले साली … चुद … अह्ह्ह्ह … म … ज़ा..आआ … र..हा … है.. उफ्फ्फ्फ़।
नेहा भी गीत के नीचे अपनी गांड और चूत चुदवाते हुए बोली- अह्ह्ह … उफफ्फ … हाँ … साली … चोद … दे … अब।

नेहा की गांड में लंड डाल कर लेटा हुआ संजय भी उसकी गांड में झटके लगा रहा था. जिससे नेहा की दोनों तरफ़ से चुदाई हो रही थी. गीत ने नेहा को अपनी बांहों में भींच लिया तो दोनों के मम्में आपस में टकराने लगे.

वो भी एक दूसरी के मम्मों से अपने मम्में जानबूझ कर आपस में रगड़ने लगीं, शायद ऐसा करने से उन दोनों को और मज़ा आ रहा था. मैं घूम कर गीत के सामने आ गया और मैंने अपना लंड गीत के मुंह के पास कर दिया.

गीत ने मुंह खोल कर मेरे लौड़े को अपने मुंह में ले लिया और जीभ से मेरे लंड को चूसने लगी. उनकी ऐसी चुदाई अपने सामने देख कर और दूसरी तरफ गीत की चुसाई से बौखला कर मेरा लौड़ा बुरी तरह से कड़क होता हुआ गीत के मुंह में फूलने लगा.

मैंने अपना लंड गीत के मुंह से निकाला और घूम कर गीत के पीछे आ गया और उसके चूतड़ों को अपने दोनों हाथों से सहलाने लगा जिससे गीत भी और उतेजित होकर मुंह से सिसकारियां निकालने लगी.

अब मैंने अपना एक हाथ गीत के चूतड़ों पर जोर से मारा और फिर दोनों हाथों से उसके दोनों चूतड़ों को फैला दिया. अब उसकी गांड का छेद मेरे बिल्कुल सामने था.

फिर मैंने उसकी गांड के छेद को उँगलियों से खोला और संजय को बोला- एक मिनट रुको सभी, अब चुदाई का असली आसन बनेगा.
ऐसा कहते हुए मैंने ऊपर होकर अपना लंड गीत की गांड के छेद के ऊपर रख दिया और गीत ने भी मुझे पूरा सहयोग दिया और अपने जिस्म को अकड़ा कर रखा, जिससे मैं उसकी गांड के अंदर पूरा लंड डाल सकूँ.

मैंने तीन चार झटके लगाए जिससे मेरा पूरा लौड़ा गीत की गांड के अंदर चला गया और मेरे टट्टे गीत के चूतड़ों को टच करने लगे थे. अब मैं ऊपर से झटके लगाने लगा और नीचे से संजय नेहा की गांड में झटके लगा रहा था.

हम दोनों के झटकों की वजह से हमारी महारानियों की चूतें भी आपस में टकराती और उनके अंदर लिया हुआ दो तरफी डिल्डो भी दोनों की चूतों में हलचल मचा कर उनकी चूतों को चोद देता. ऐसा करने से हम चारों को बहुत मज़ा आ रहा था.

मैंने और संजय ने अपने अपने लंडों को नेहा और गीत की गांड के अंदर बाहर करना शुरू कर दिया था. संजय के टट्टे नेहा के चूतड़ों से टकरा रहे थे. हम चारों के मुंह से सिसकारियां निकल रही थीं और चारों ही चुदाई में पूरी तरह से लीन हो गये थे.

गीत की गांड में झटके लगाते हुए मैंने नेहा और गीत को कहा- उफ्फ्फ … अह्ह्ह … साली … हमारे लंडों की रानियों … चुदो … बहनचोद … हमारे टट्टों … से … फुद्दी … मरवाओ साली रंडियों … बहन की लौड़ियों … अह्ह लो … और चुदो साली रंडियों … लो … आह्ह और लो … हमारे लौड़े … आह्ह।

नीचे से नेहा की गांड में अपना लौड़ा आगे पीछे करते हुए संजय भी बोल रहा था- ऊह्ह … ले चुद साली मादरचोद … गांड मरवाओ साली रांड की औलादों … चुदवा भोसड़ी वाली कुतिया.. तेरी गांड को चोद चोद कर कुआं बना दूंगा मैं … आह्ह … साली रांड … तेरी चूत फाआआड़ … दूंगा … आज … आह्ह।

ऊपर से मेरा लौड़ा गांड में लेकर, अपनी चूत में डिल्डो डालकर नेहा की चूत चोद रही गीत भी हमारी बातों का जवाब देती हुई बोली- ओह्ह … फक … आह्ह … फक माय … एस्सस … आह्ह … चोदो … आह्ह.. चोदो सालों … चोदो हमआआरी … गांड को … और चोदो..आह्ह। हमारी फुद्दियों की भी मां चुद रही है. आह्ह सालों … निकाल दो हमारी जवानी।

ऐसे बोलते हुए वो भी डिल्डो को अपनी चूत में लेकर नेहा की चूत को चोद रही थी और साथ साथ ही दोनों ने आपस में एक दूसरी को लपेट रखा था और दोनों आपस में एक दूसरी के मम्मों को भी आपस में रगड़ रही थी.

एक बार तो गीत ने नेहा की चूची को अपने मुंह में भी ले लिया और फिर नेहा के मुंह में भी अपनी चूची को दे दिया. इस तरह हम सभी चुदाई में मस्त थे.

हम भी दोनों नीचे और ऊपर से झटके लगा रहे थे जिसकी वजह से नेहा और गीत को झटके लगाने की जरूरत नहीं हो रही थी. वो ऐसे ही एक दूसरी की चूत में जोर से टकरा जाती थीं.

हमारी बातों को सुन कर नेहा भी चूत और गांड चुदवाती हुई बोली- फक मी … आह्ह … फक मी फास्ट … आह्ह … साली गीत … तू भी चोद मुझे … कुतिया साली … तू भी मेरी चूत में डिल्डो घुसाती रह … साले संजय जोर से चोद … तेरे लौड़े को निचोड़ कर रख दूंगी मैं … आह्ह.. हए … और चोद साले … और चोद मुझे … लौड़ा मेरी गांड में अअंदर तक … जाना चाहिए … आह्ह … उफ्फ … फट गयी … आह्ह.. चोद आह्ह।

इतना कहते ही नेहा की चूत ने पानी छोड़ दिया. उसकी चूत से इतनी तेज और इतना ज्यादा पानी निकला जैसे नेहा पेशाब कर रही हो. उसकी चूत का गर्म पानी सीधा गीत की चूत पर निकला.

चूत पर नेहा का गर्म पानी लगने की वजह से गीत भी सिसकारते हुए बोली- आह्हह साली चुद गयी तू … भोसड़ी की … आह्ह … मैं भी गयी रे … आह्ह … ऊई मां … गईई मैं … आह्ह … ओह्ह गॉड … आह्ह माआआ … करते हुए गीत की चूत ने भी पानी छोड़ दिया.

नेहा और गीत के ऐसे पानी छोड़ने से नेहा की चूत और संजय के टट्टे तक भीग गये और इन दोनों की चूतों के गर्म पानी की गर्माहट महसूस करते ही संजय के टट्टे भी जवाब दे गये और वो बोला- आह्हह … साली.. मादरचोद … ले … मेरी जवानी का रस … आह्ह … अपनी गांड में पी जा इस रस को … साली रांड … आह्ह … ले साली।

ऐसे सिसकारते हुए संजय ने भी अपने लौड़े का पानी नेहा की गांड में छोड़ दिया. अब संजय नीचे से निकलना चाहता था. तो फिर मैंने अपना लंड गीत की गांड से निकाल लिया.

अगर मैं अपना लौड़ा उस वक्त गीत की गांड से न निकालता तो मेरा लंड भी वहीं उसकी गांड में खाली हो जाना था. जैसे ही गीत की गांड से मैंने लौड़ा निकाला तो सभी वहां से उठ गये और गीत और नेहा ने अपनी चूतों से डिल्डो भी निकाल दिया.

कहानी अगले भाग में जारी रहेगी.
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